असम विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार
को पार्टी का 'संकल्प-पत्र' जारी किया.
इनमें सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मुताबिक़ एनआरसी लागू करने, असम में रह रहे ‘घुसपैठियों’ को बाहर करने, अवैध कब्ज़ों को हटाने, असम को बाढ़ मुक्त बनाने, उद्योगों को बढ़ावा देने समेत 10 वादे किए गए हैं.
इन संकल्पों में सीएए यानी विवादित नागरिकता क़ानून का ज़िक्र नहीं था. जब
जेपी नड्डा से पूछा गया कि बीजेपी सीएए पर बच क्यों रही है? तो जवाब में उन्होंने कहा कि ‘सीएए यानी नागरिकता संशोधन क़ानून को संसद ने पारित किया है और इसे लागू किया
जाएगा.’
अपने संकल्प पत्र में बीजेपी ने कहा है कि हम असम की सुरक्षा के लिए एक सही एनआरसी पर काम करेंगे. असली भारतीय नागरिकों की सुरक्षा करेंगे और घुसपैठियों को बाहर
करेंगे. बीजेपी ने सीमांकन की प्रक्रिया को तेज़ करने का वादा भी किया है.
संकल्प पत्र में असम को देश का सबसे ज़्यादा तेज़ी से रोज़गार पैदा करने वाला
राज्य बनाने का वादा किया गया है. असम के युवाओं को सरकार क्षेत्र में दो लाख और निजी
क्षेत्र में 8 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया है और कहा गया है कि 31 मार्च
2022 तक 1 लाख लोगों को नौकरी दी जाएगी.
असम के लोगों को ज़मीन का अधिकार देने की बात कही गई है. कहा गया है कि भूमिहीनों
को ज़मीन का पट्टा दिया जाएगा.
असम में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या को ख़त्म करने का वादा भी इसमें शामिल है. इसके लिए ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के अतिरिक्त पानी का संग्रह करने के लिए जलाशय बनाने की बात कही गई है.
बीजेपी ने राज्य के 30 लाख लोगों को ओरुनोडोई योजना के तहत हर महीने तीन-तीन हज़ार रुपये की आर्थिक मदद देने का वादा किया है.
जेपी नड्डा ने कहा, “पिछले 5 वर्षों में हमारा उद्देश्य जाति, माटी और बेटी को सशक्त करना रहा है. संस्कृति की रक्षा, असम की सुरक्षा और समृद्धि के लिए हम प्रतिबद्ध रहे हैं और इसे लेकर हम चले हैं.”