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शुभेन्दु के सांसद भाई ने बीजेपी में जाने की अटकलों पर मुँह खोला

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लाइव कवरेज

  1. कार्टून: इतनी नाराज़गी क्यों है भाई?

  2. शुभेन्दु के सांसद भाई ने बीजेपी में जाने की अटकलों पर मुँह खोला

    पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम सीट से मुख्यमंंत्री ममता बनर्जी को चुनौती देने वाले उन्हीं के पूर्व सहयोगी शुभेन्दु अधिकारी के भाई ने अपने बीजेपी में जाने की अटकलों पर स्थिति स्पष्ट की है.

    तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर सांसद चुने गए शुभेन्दु के भाई दिब्येन्दु अधिकारी ने कहा कि बीजेपी आलाकमान ने उनके पास न्यौता भेजा है पर उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है.

    उन्होंने कहा कि ये कहना मुश्किल है कि वो टीएमसी सांसद हैं क्योंकि उन्हें पिछले 4-5 महीनों से पार्टी के कार्यक्रमों में नहीं जाने दिया जा रहा.

    उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता कहते हैं कि उन्हेें हर कार्यक्रम में बुलाया जाता है जो कि एक झूठ है.

  3. प. बंगालः बीजेपी ने 148 उम्मीदारों की जारी की सूची, जानिए किस सीट से चुनाव लड़ेंगे मुकुल रॉय

    भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 148 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है.

    बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय कृष्णा नगर उत्तर और राहुल सिन्हा हावड़ा से चुनाव लड़ेंगे.

  4. अभिनेता अरुण गोविल हुए बीजेपी में शामिल

    पश्चिम बंगाल मे होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अभिनेता अरुण गोविल गुरुवार को बीजेपी में शामिल हुए. टीवी सीरियल रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए उन्हें जाना जाता है.

    इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- ममता जी को 'जय श्री राम' के नारे से दिक्कत हो गई है, लेकिन ये नारा नहीं है ये एक उद्घोष है, हमारा जीवन है. ये वाकया मेरे लिए ट्रिगर प्वाइंट जैसा साबित हुआ.

  5. जिस पार्टी की सोच ही स्थिर न हो, वो क्या असम में स्थिर सरकार देगी- मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में अपनी चुनावी सभाओं का आगाज़ बराक वैली से किया.

    जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘’आज असम में विकास की लहर है, विश्वास की लहर है. आज असम में शांति का विश्वास है, समृद्धि का विश्वास है.’’

    ‘’कांग्रेस सरकारों और उनकी नीतियों ने असम को सामाजिक, सांस्कृतिक, भौगोलिक और राजनीतिक, हर तरह से नुकसान पहुंचाया.कांग्रेस की सरकारें बराक वैली के लिए डिविजनल कमिश्नर गुवाहाटी से चलाती रहीं, ये कितना बड़ा अन्याय था. एनडीए सरकार ने इस अन्याय को दूर किया.’’

    ‘’असम को मेघालय से जोड़ने के लिए इससे भी बड़े धुबरी-फूलबारी ब्रिज का निर्माण कौन करवा रहा है? भाजपा की सरकार पूरा करा रही है.देश का सबसे लंबारिवर रोप-वे असम को किसने दिया? भाजपा की सरकार ने पूरा किया.’’

    ‘’कांग्रेस ने असम को हर प्रकार से बांटा, भाजपा ने असम को हर प्रकार से जोड़नेकरने का प्रयास किया. बराक-ब्रह्मपुत्र, पहाड़-भैयाम हर क्षेत्र का एक समान विकास, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास- यही भाजपा का विकास मंत्र है.’’

    ‘’यहां जो जचाय बागान में काम करने वाले साथी हैं, उनके विकास के लिए असम की सरकार विशेष प्रयास कर रही है.असम की भाजपा सरकार ने लाखों भूमिहीन साथियों को पट्टे दिए हैं, बच्चों की पढ़ाई के लिए नए स्कूल खोले हैं और ये काम लगातार चल रहा है.’’

    ‘’चाय बगान में काम करने वाली गर्भवती महिलाओं को हजारों रुपए की मदद दी जा रही है, ताकि वो खुद की और बच्चों की सेहत का ध्यान रख सकें.हाल में केंद्र सरकार ने बजट में चाय बगान में काम करने वाले साथियों के लिए 1000 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया है.’’

    ‘’आज एक तरफ भाजपा की नीति है, भाजपा का नेतृत्व है और भाजपा की नेक नीयत है.वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस है- जिसके पास ना तो नेता है, ना ही नीति है और ना ही विचारधारा है.’’

  6. बीजेपी दंगे कराती है, मैं शेर हूं जनता के साथ मिलकर लड़ूंगी- ममता

    पश्चिम बंगाल के अमलासुली में एक रैली के दौरान ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि हमने अंफ़ान तूफ़ान के बाद लोगों को करोड़ों रुपये की मदद दी, बीजेपी तब कहां थी? वो लोग नेताओं की खरीदफ़रोख्त करने के लिए पैसों का इस्तेमाल करते हैं.

    आप लोग जब खाना पकाते हैं तो बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं. जब ये लुटेरे आपके पास आएं तो इन्हें इन्हीं बर्तनों से खदेड़िएगा और बोलिएगा कि हम दंगे नहीं चाहते.

    मैं एक शेर की तरह हूं और मैं अपना सिर नहीं झुकाऊंगी. मैं केवल जनता के सामने अपना सिर झुकाती हूं. लेकिन भाजपा जैसी पार्टी महिलाओं, दलितों पर अत्याचार करती है. मैं उनका समर्थन नहीं करती.

    अगर आज यहां कोई लेफ्ट या कांग्रेस को मानने वाला साथी मौजूद है तो मैं उनसे कहना चाहती हूं- लेफ्ट और कांग्रेस को वोट ना दें इससे बीजेपी को ही फ़ायदा होगा और वो दंगे कराती है. उऩ्हें पता है कि ममता बनर्जी का मतलब है लोगों की ऊर्जा और वो हमेशा लोगों के साथ मिलकर लड़ेगी, भागेगी नहीं.

    मेरी आप सभी से एक अपील है, चुनाव के दौरान अगर भाजपा पैसे बांटती है तो उस पैसे के सामने अपना सिर मत झुकाना, याद रखना, ये जनता का पैसा है.

    गुरुवार को बंगाल के पुरुलिया में मोदी ने रैली में कहा था कि अंफ़ान तूफ़ान के वक्त ममता कहां थी? उनकी सरकार तोलाबाजी और कमीशन लेने की सरकार है.

  7. टीएमसी बोले खेला होबे, बीजेपी बोले विकास होबे: पीएम मोदी

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरुलिया में चुनावी रैली को संबोधित किया है.

    पीएम मोदी ने कहा, ‘’ये धरती भगवान राम और मां सीता के वनवास की भी साक्षी रही है. यहां अजुध्या पर्वत है, सीता कुंड है और अजुध्या नाम से ग्राम पंचायत है. कहते हैं कि जब मां सीता को प्यास लगी थी, तो राम जी ने जमीन पर बाण मारकर पानी की धारा निकाल दी थी.लेकिन आज पुरुलिया में पानी का संकट बहुत बड़ी समस्या है. यहां के किसानों, आदिवासी-वनवासी भाई-बहनों को इतना पानी भी नहीं मिलता कि वो सही से खेती कर सकें

    टीएमसी सरकार सिर्फ अपने खेल में लगी है. इन लोगों ने पुरुलिया को दिया जल संकट. इन लोगों ने पुरुलिया को दिया पलायन, इन लोगों ने पुरुलिया के गरीबों को दिया भेदभाव भरा शासन. इन लोगों ने पुरुलिया की पहचान देश के सबसे पिछड़े क्षेत्र के रूप में बनाई है.

    "इस बार टीएमसी कहती हैं खेला होबे, बीजेपी कहती है विकास होबे. मैं कहता हूं लोकसभा में टीएमसी हाफ़, विधानसभा में पूरी साफ़."

    ''अभी कल रात ही 24 उत्तर परगना में दर्जन से ज्यादा जगहों पर बमबाजी हुई है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया है. ये स्थिति ठीक नहीं है. ये बदले की हिंसा, ये अत्याचार, ये माफियाराज और नहीं चलेगा.''

    "टीएमसी के तोलाबाज हर योजना में लूटमारी करते हैं. दीदी ने तुष्टीकरण के लिए घुसपैठ को हवा दी. इस बार आतंक से बंगाल को मुक्त करने का अवसर है. आपके पास राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने का सुनहरा मौका है. इस बार कमल खिलाएंगे और सोनार बांगला बनाएंगे."

    क्या हालत बना दी है दीदी ने बंगाल की? क्राइम है, क्रिमिनल है, लेकिन जेल में नहीं है.माफिया हैं, घुसपैठिए हैं, लेकिन खुलेआम घूम रहे हैं.सिंडिकेट है, स्कैम है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती है.

    आपका ये जोश, हर सिंडिकेट, हर टोलाबाज का होश उड़ा रहा है.दीदी को आपके जनधन खातों से डर लगता है.बंगाल में खुले करोड़ों जनधन खाते, आपका हक़ आपको ही मिले, इसकी गारंटी है.साथियों, आपकी ये गर्जना बताती है की दीदी की सरकार जाने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है.

    भाजपा की केंद्र सरकार की नीति है- DBT- यानि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर'. पश्चिम बंगाल में दीदी सरकार की दुर्नीति है- TMC- यानि 'ट्रांसफर माय कमीशन.

    जब अम्फान साइक्लोन आया तो दीदी ने क्या किया था? अगर सहायता राशि चाहिए तो एक हिस्सा पार्टी ऑफिस में जमा करवाइए.नुकसान न भी हुआ हो तो भी आपको सहायता राशि मिल सकती है, बस एक ही शर्त है पार्टी ऑफिस में पैसा जमा कर दीजिए.

  8. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अगर तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द किये गए तो यह ‘गंभीर मामला’ है

    सर्वोच्च न्यायालय ने आधार कार्ड से ना जुड़े होने के कारण क़रीब तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द किये जाने को ‘अत्यंत गंभीर’ मामला बताया है.

    न्यायालय ने इस मामले पर केंद्र सरकार एवं सभी राज्यों से जवाब माँगा है.

    मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना एवं जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यन की पीठ ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये बात कही.

    इस याचिका में याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्विस ने कहा कि ‘आधार कार्ड से ना जुड़ा होने के कारण उनका राशन कार्ड स्थानीय प्राधिकारियों ने रद्द कर दिया था, जिसकी वजह से मार्च 2017 में उनके परिवार को राशन मिलना बंद हो गया था और पूरे परिवार को भूखे रहने पर मजबूर होना पड़ा था.’

    याचिकाकर्ता ने न्यायालय से कहा कि ‘उनकी बेटी संतोषी की भोजना ना मिल पाने की वजह से मौत हो गई थी.’ झारखण्ड से आने वाली 11 वर्षीय संतोषी की भूख के कारण 28 सितंबर 2018 को मौत हुई थी. संतोषी की बहन गुड़िया देवी इस मामले में संयुक्त याचिकाकर्ता हैं.

    याचिका में यह भी कहा गया कि ‘संतोषी की मौत के दिन भी उनकी माँ चाय के साथ उसे केवल नमक दे सकी थीं, क्योंकि रसोई में सिर्फ़ वही मौजूद था. इसके बाद उसी रात संतोषी की मौत हो गई.’

    सुनवाई की शुरुआत में ही वकील कोलिन गोंजाल्विस ने कहा कि ‘ये याचिका एक बड़े मामले को उठाती है.’ उन्होंने कहा, “यह मामला महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि केंद्र सरकार ने इसी तरह क़रीब तीन करोड़ राशन कार्ड रद्द कर दिये हैं.”

    हालांकि, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने कहा कि ‘कोलिन गोंजाल्विस का यह दावा ग़लत है कि केंद्र सरकार ने राशन कार्ड रद्द कर दिये हैं.’

    पीठ ने कहा कि ‘हम आपसे (केंद्र से) आधार कार्ड मामले के कारण जवाब माँग रहे हैं. यह विरोधात्मक मुक़दमा नहीं है. हम अंतत: इस पर सुनवाई करेंगे. नोटिस जारी किए जायें, जिनपर चार सप्ताह में जवाब दिया जाए, क्योंकि यह बहुत गंभीर मामला है.’

    शीर्ष अदालत ने 9 दिसंबर, 2019 को वैध आधार कार्ड नहीं होने पर राशन आपूर्तियों से वंचित किये जाने के कारण लोगों की मौत होने के आरोप को लेकर सभी राज्यों से जवाब माँगा था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पीठ ने कहा था, ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की धारा-14, 15 और 16 में शामिल शिक़ायतों के निवारण तंत्र के कार्यान्वयन के लिए उन्होंने जो क़दम उठाये हैं, उन पर प्रतिक्रिया देने वाले राज्यों को चार सप्ताह में जवाब देने योग्य नोटिस जारी करें. राज्य के स्थायी वकील को नोटिस दिया जा सकता है.’

    इससे पहले केंद्र ने कहा था कि रिपोर्ट से पता चलता है कि मौतें भूख से नहीं हुई थीं.

    केंद्र ने कहा था कि ‘वैध आधार कार्ड की कमी के कारण किसी को भी भोजन से वंचित नहीं किया गया था.’

  9. नमस्कार!

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