पेट्रोल-डीज़ल के लगातार
बढ़ते दाम को लेकर सरकार ने कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की बढ़ती
क़ीमतों की वजह से है.
वित्त मंत्री निर्मला
सीतारमण ने शनिवार को चेन्नई में कहा, “तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) ने उत्पादन का जो अनुमान लगाया था वह भी नीचे आने की
संभावना है जो फिर से चिंता बढ़ाने वाला है. तेल के दाम पर सरकार का नियंत्रण नहीं
है, इसे तकनीकी तौर पर मुक्त कर दिया गया है. तेल कंपनियाँ कच्चा तेल आयात करती
है, रिफ़ाइन करती हैं और बेचती हैं.”
फिलहाल देश के कई शहरों में पेट्रोल की क़ीमत 100 रुपये के करीब पहुँच गई है.
उन्होंने आगे कहा, “यह एक गंभीर मुद्दा है जिसपर क़ीमतें कम करने के अलावा कोई
भी जवाब किसी को संतुष्ट नहीं कर सकता. केंद्र और राज्य सरकार दोनों को ही खुदरा
तेल की क़ीमतों को उचित स्तर पर लाने के लिए बात करनी चाहिए.”
वहीं बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा है कि सरकार खाड़ी के देशों से बात कर रही है, तेल का उत्पादन बढ़ेगा तो फिर से तेल की कीमतों में गिरावट होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने इससे पहले बुधवार को कहा था कि अगर पिछली सरकारों ने कच्चे तेल पर देश की
निर्भरता कम की होती तो देश को महंगे तेल का बोझ नहीं सहना पड़ता.
उन्होंने तमिलनाडु में एक
प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के उद्घाटन के मौके़ पर कहा था, “क्या हमें आयात पर
इतना निर्भर होना चाहिए? मैं किसी की आलोचना नहीं
करना चाहता लेकिन यह ज़रूर कहना चाहता हूँ कि यदि हमने इस विषय पर ध्यान दिया होता
तो हमारे मध्यम वर्ग को बोझ नहीं उठाना पड़ता. स्वच्छ और हरित ऊर्जा के स्रोतों की
दिशा में काम करना और ऊर्जा निर्भरता को कम करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है.”
लेकिन तेल की क़ीमतों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. शनिवार को दिल्ली में युवा कांग्रेस ने पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन भी किया.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर चुटकी ली है. उन्होंने कहा कि, “भाजपा सरकार को सप्ताह के उस दिन का नाम ‘अच्छा दिन’ कर देना चाहिए जिस दिन डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोत्तरी ना हो. क्योंकि महंगाई की मार के चलते बाक़ी दिन तो आमजनों के लिए ‘महंगे दिन’ हैं.”
वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों पर कहा है, “जिस समय पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है, उसी समय महंगाई बढ़ जाती है. महंगाई बढ़ाकर इन्होंने पूरे मध्यम वर्ग, गरीब, किसान, नौजवान सबके ऊपर भार डाला है. बेजीपी ने इतनी महंगाई कर दी कि गरीब ये सोच रहा है कि हम बचाएँ क्या...खाएं क्या? और वो तर्क दे रहे हैं कि इससे देश बनेगा.”
वहीं आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढ़ा ने भी चुटली लेते हुए ट्वीट
किया है, “अब शादी ब्याह में शगुन देने के लिए 101 रुपये के छुट्टे न हो तो
चिंता न करें, मोदी सरकार ने पेट्रोल ही ₹101 का कर दिया है. सीधा शगुन की जगह एक लीटर पेट्रोल की बोतल
दे सकते हैं.”
समाचार एजेंसी
एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा है, “भारतीय जनता पार्टी जिस प्रकार से इस देश
को लूट रही है, जिस प्रकार से गरीब लोगों की कमर तोड़ रही
है और लोगों की जेब पर डाका डाल रही है, मुझे नहीं लगता
है इस देश के इतिहास में इस तरह से किसी भी सरकार ने किया होगा.”