गृह मंत्रालय ने राज्यों से अनलॉक-3 के दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा
कोरोना वायरस की इस वैक्सीन के लिए कीड़ों की कोशिकाओं का इस्तेमाल कर प्रोटीन बनाया गया है.
लाइव कवरेज
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गृह मंत्रालय ने राज्यों से अनलॉक 3 के दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा

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गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर राज्यों से गुज़ारिश की है कि वो अनलॉक के तीसरे चरण में एक राज्य से दूसरे राज्य और राज्यों में अलग-अलग इलाक़ों के बीच लोगों और वस्तुओं एवं सेवाओं की आवाजाही सुचारू रूप से होने दें.
अपने आदेश में मंत्रालय ने कहा है कि अलग-अलग ज़िले और राज्य अपने स्तर पर आवाजाही पर पाबंदियां लगा रहे हैं जिससे राज्यों के भीतर सामान लाने ले जाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं और इसका असर सप्लाई चेन पर भी पड़ रहा है.
इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है और साथ ही रोज़गार में भी रुकावटें पैदा हो रही हैं. गृह मंत्रालय ने आदेश में स्पष्ट किया है कि स्थानीय स्तर पर लगाई पाबंदियां आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के तहत मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है.
मंत्रालय के अनुसार इस दौरान राज्यों के बीच और ज़िलों के बीच लोगों और चीज़ों की आवाजाही पर भी कोई पाबंदी नहीं होगी. इस तरह की आवाजाही के लिए अलग से अनुमति या ई-परमिट लेने की कोई ज़रूरत नहीं होगी.
मंत्रालय के अनुसार पड़ोसी देशों के साथ की गई संधियों के तहत सीमा पार व्यापार के लिए वस्तुओं और लोगों की आवाजाही प भी इस दौरान पाबंदी नहीं लगाई जाएगी.
29 जुलाई को गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर ‘अनलॉक-3’ के लिए दिशा-निर्देशों बताए थे और कहा था कि देश में 1 अगस्त से अनलॉक का तीसरा चरण लागू किया जाएगा जिस दौरान कई पाबंदियां हटाने की कोशिश की जाएगी.
कोरोना काल में ऐसे मनाई जा रही गणेश चतुर्थी
कोरोना वायरस से जुड़े प्रतिबंधों के बीच पूरे भारत में साल के सबसे बड़े हिंदू त्यौहारों में से एक, गणेश चतुर्थी मनाई जा रही है.
आम तौर पर लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर गणेश चतुर्थी का त्यौहार धूम-धाम से मनाते हैं और फिर हिंदू देवता गणेश की मूर्ति को विसर्जित किया जाता है.
लेकिन इस साल इस त्यौहार का रंग फीका है, क्योंकि लोगों के बड़ी संख्या में इकट्ठा होने पर रोक है.
इस बीच भारत में आज संक्रमण के मामलों में रिकॉर्ड बढ़त दर्ज की गई, जिसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या तीस लाख के क़रीब पहुंच गई.

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इमेज कैप्शन, इस साल हिंदू देवता गणेश की कुछ ऐसी मूर्तियां बनाई गई हैं, जिनमें वो कोरोना वायरस का संहार करते दिखाए गए हैं. उनके चेहरे पर मास्क है और हाथों में सैनिटाइज़र. अहमदाबाद में एक ऐसी ही गणेश मूर्ति के साथ महिला श्रद्धालु. 
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इमेज कैप्शन, मुबंई में भी कई ऐसी मूर्तियां दिखीं, जिसमें हिंदू देवता गणेश कोरोना वायरस का संहार कर रहे हैं. 
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इमेज कैप्शन, मंदिरों में पुजारियों ने मास्क पहनकर पूजा की. 
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इमेज कैप्शन, श्रद्धालुओं ने मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया. खाने के पैकेट से संक्रमण के ख़तरे पर क्या है वैज्ञानिक?

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चीन में हाल ही में दक्षिण अमरीका से आए फ्रोज़न (जमे हुए) झींगों और चिकन विंग्स पर कोरोना वायरस पाया गया था.
बाज़ार में कई ऐसे सामान हैं जो पैकेट में मिलते हैं और बताया जाता है कि वायरस भी किसी सतह पर लंबे समय तक ज़िंदा रह सकता है. ऐसे में फिर से सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या खाने के पैकेट से भी कोरोना वायरस फैल सकता है?
लैब आधारित अध्ययन दिखाते हैं कि वायरस कई घंटों तक ज़िंदा रह सकता है. ख़ासतौर पर कार्डबोर्ड और कई तरह के प्लास्टिक पर.
ये वायरस कम तापमान पर लंबे समय तक ज़िंदा रह सकता है और खाने के कई सामाना कम तापमान पर ही एक से दूसरी जगह पहुंचाए जाते हैं. हालांकि, कुछ वैज्ञानिक ये भी सवाल करते हैं कि क्या लैब के बाहर भी इन स्थितियों में यही नतीजे आएंगे.
यूनिवर्सिटी ऑफ लिसेसटर में रेसपीरेट्री साइंसेज़ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर जूलियन टैंग कहती हैं कि लैब के बाहर की दुनिया में वातावरण लगातार बदलता है जिसका मतलब है कि वायरस ज़्यादा समय तक ज़िंदा नहीं रह सकता.
रटगेर्स यूनिवर्सिटी में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर इमैनुएल गोल्डमैन बताते हैं कि लैब में किए गए अध्ययनों में 10 मिलियन वायरल पार्टिकल्स को सैंपल के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जबकि छींकने से सतह पर पड़े एक ऐरोसोल ड्रॉपलेट में सिर्फ 100 के क़रीब वायरस पार्टिकल्स होते हैं.
जुलाई में लैंसेट में लिखते हुए उन्होंने कहा था, “मेरी राय में, निर्जीव सतहों के माध्यम से संक्रमण की संभावना बहुत कम है, और सिर्फ़ उन्हीं स्थितियों में ऐसा संभव है जब किसी संक्रमित व्यक्ति के किसी सतह पर खांसने और छींकने के तुरंत बाद कोई दूसरा व्यक्ति उस सतह को छू लेता है (एक या दो घंटे के अंदर).”
पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
कीड़ों की मदद से बनाई जा रही चीन की वैक्सीन के ट्रायल को मंज़ूरी

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चीन ने कीड़ों की मदद से बनाई जा रही एक संभावित कोरोना वैक्सीन के इंसानों पर ट्रायल को मंज़ूरी दे दी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, ये जानकारी शनिवार को चंगडू शहर के स्थानीय प्रशासन ने दी.
चीन कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए सस्ती वैक्सीन बनाने की वैश्विक दौड़ में शामिल है.
सोशल मीडिया वी-चैट पर चंगडू के शहरी प्रशासन ने एक नोटिस साझा किया, जिसके मुताबिक़ कोरोना वायरस की इस वैक्सीन के लिए कीड़ों की कोशिकाओं का इस्तेमाल कर प्रोटीन बनाया गया है. चीन में इस तरह की ये पहली वैक्सीन है.
नोटिस के मुताबिक़, चंगडू की सचुआन यूनिवर्सिटी के वेस्ट चीन हॉस्पिटल में तैयार की गई इस वैक्सीन को नेशनल मेडिकल प्रोडक्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन से क्लीनिकल ट्रायल के लिए मंज़ूरी मिल गई है.
नोटिस में ये भी लिखा है कि जब इस वैक्सीन का बंदरों पर परीक्षण किया गया तो देखा गया कि बिना किसी स्पष्ट दुष्प्रभाव के इससे SARS-CoV2 इंफेक्शन से बचाव हुआ.

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चीनी वैज्ञानिक पहले से ही कम से कम आठ अन्य संभावित कोरोना वायरस वैक्सीन पर काम कर रहे हैं, जिनका अलग-अलग स्तर का क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है.
जर्मनी और अमरीका की कुछ कंपनियां एक्सपेरिमेंटल वैक्सीन के परीक्षण में चीन की स्थानीय कंपनियों की मदद कर रही हैं.
कोरोना सीरो सर्वेः क्या एंटीबॉडी बनने से वायरस संक्रमण नहीं होगा?

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राजधानी दिल्ली में दूसरे सीरो सर्वे की रिपोर्ट जारी की गई है. गुरुवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दूसरी सीरो सर्वे की रिपोर्ट जारी की.
इस रिपोर्ट के मुताबिक़, 29 फ़ीसदी दिल्लीवासियों के शरीर में कोरोना वायरस के एंटीबॉडी मिले हैं. इसका मतलब यह हुआ कि इन लोगों को कोरोना संक्रमण हो चुका है और उनके शरीर ने उसके ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित कर ली है.
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली में एक से सात अगस्त तक सीरो सर्वे के लिए सैंपल लिये गए थे. इसमें 29.1 फ़ीसदी लोगों में एंटीबॉडी पाई गई है.
यह दूसरे सीरो सर्वे की रिपोर्ट है. पहला सीरो सर्वे जुलाई में किया गया था जिसमें पाया गया था कि एक-चौथाई से ज़्यादा दिल्लीवासी संक्रमित हो चुके हैं. इस सर्वे के लिए 21,387 सैंपल लिए गए थे, जिसमें 23.48 फ़ीसदी लोगों में विकसित एंटीबॉडी पाई गई थी.
लेकिन इस बार यह सैंपल साइज़ 15 हज़ार लोगों तक ही सीमित था. दूसरे सर्वे में 32.2 फ़ीसदी महिलाओं में और 28 फ़ीसदी पुरुषों में विकसित एंटीबॉडी मिली. इसका एक सीधा मतलब ये भी है कि दो करोड़ की आबादी वाली राजधानी में क़रीब साठ लाख लोग संक्रमण के बाद ठीक हो चुके हैं.
हालांकि दिल्ली अभी भी हर्ड इम्यूनिटी विकसित करने से दूर है. सत्येंद्र जैन ने कहा कि जब किसी जगह पर 40 से लेकर 70 फ़ीसदी लोग एंटीबॉडी विकसित कर लेते हैं तो वहां हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाती है.
सीरो सर्वे रिपोर्ट के अनुसार मुंबई और पुणे में भी चालीस प्रतिशत के क़रीब लोगों में विकसित एंटीबॉडी मिली है.
लेकिन क्या एंटीबॉडी विकसित हो जाने से दोबारा संक्रमण नहीं होगा? पढ़िए भूमिका राय की रिपोर्ट.

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ब्रेकिंग न्यूज़, दक्षिण कोरिया फिर से देश में लगाएगा कड़े प्रतिबंध

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इमेज कैप्शन, दक्षिण कोरिया के स्वास्थ्य मंत्री पार्क न्यूंग हो दक्षिण कोरिया ने कहा है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राजधानी सोल में लगाई गई पाबंदियों को वो पूरे देश में लगाने जा रहा है. देश फिलहाल करोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहा है.
शनिवार को देश में कोरोना संक्रमण के तीन सौ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं जो कि मार्च के बाद से सबसे अधिक हैं.
ताज़ा प्रतिबंधों में अधिक संख्या में लोगों के एक जगह इकट्ठा होने, चर्च में सामूहिक सभा करने, नाइटकल्ब और काराओके बार पर पाबंदी रहेगी.
देश के स्वास्थ्य मंत्री पार्क न्यूंग हो ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “देश में कोरोना महामारी की स्थिति के बारे में कहा जा सकता है कि हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं. अगस्त की पंद्रह तारीख के बाद से देश में रोज़ाना सौ से अधिक मामले आ रहे थे. अब एक सप्ताह से कोरोना संक्रमण के तीन सौ से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “रविवार से हम देश भर में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों को और मज़बूती से लागू करेंगे. केवल राजधानी क्षेत्र में नहीं बल्कि दूसरे शहरों और प्रांतों में भी कड़ाई से इन्हें लागू किया जाएगा. अभी राजधानी में जिस तरह के प्रतिबंध हैं वही दूसरी जगहों पर भी लागू होंगे.”
देश में सख्ती से लॉकडाउन लगा कर दक्षिण कोरिया ने कोरोना वायरस की पहली लहर पर काबू किया था लेकिन जैसे-जैसे यहां लॉकडाउन में राहत दी जाने लगी, संक्रमण के मामले बढ़ने लगे.
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और उनकी पत्नी कोरोना पॉज़िटिव

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन कोरोना से संक्रमित हो गए हैं. साथ ही उनकी पत्नी रूपी सोरेन का कोविड-19 टेस्ट भी पॉज़िटिव आया है.
शिबू सोरेन के बेटे और झारखंड के मौजूदा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज सुबह ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी और बताया कि दोनों फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं.
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देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.87 फीसदी
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्ष वर्धन ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में देश में मृत्यु दर 1.87 फीसदी तक हो गई है जो काफी कम है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार देश में कोरोना से रिकवरी की दर 75 फीसदी है जो विश्व में सबसे बेहतर है. स्वास्थ्य मंत्री का कहना है की देश में कोरोना की टेस्टिंग के लिए क]रीब 1,500 लैब्स हैं.
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भारत में सीवर के पानी में मिला कोरोना वायरस कितना घातक?
सख़्त क्वॉरन्टीन नियम लागू होने से पहले घर लौटने लगे ब्रितानी पर्यटक
विदेशों में मौजूद ब्रितानी नागरिक जल्द से जल्द घर लौटने की कोशिशों में जुट गए हैं. वे नए यात्रा नियमों के लागू होने से पहले ब्रिटेन लौट जाना चाहते हैं क्योंकि सरकार क्वॉरन्टीन नियम सख़्त कर रही है. ऐसे में पर्यटन के लिए विदेश गए ब्रितानी हज़ारों पाउंड के महंगे टिकट करवा रहे हैं या फिर सड़क के माध्यम से ही लंबी यात्राएं कर रहे हैं.
नए नियमों के तहत क्रोएशिया, ऑस्ट्रिया, त्रिनिदाद और टोबैगो से लौटने वाले ब्रितानी यात्रियों को 14 दिनों तक अनिवार्य तौर पर क्वॉरन्टीन रहना पड़ेगा क्योंकि सरकार का कहना है कि इन देशों में कोरोना के मामलों में बढ़ोत्री देखी गई है.
जिन परिवारों के बच्चे लौट नहीं पाए हैं, वे इंग्लैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में शुरू हो रहे स्कूल जॉइन नहीं कर पाएँगे. चूंकि पुर्तगाल सुरक्षित जगहों की सूची में है, इसलिए वहाँ जाने वाले विमानों को खूब सर्च किया जा रहा है.
इस बीच कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए उत्तरी-पश्चिमी इंग्लैंड में अतिरक्त पाबंदियाँ लगाई गई हैं.

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24 घंटों में भारत में कोविड-19 के रिकॉर्ड नए मामले
पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना वायरस के 69,878 नए मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 947 लोगों की मौत हुई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक कोरोना के 29,75,702 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 6,97,330 एक्टिव हैं. 22,22,578 लोग ठीक हो चुके हैं और कुल 55,794 लोगों की जान गई है.
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अब तक तीन करोड़ 44 लाख सैंपल टेस्ट किए गए
आईसीएमआर के मुताबिक, भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के लिए 10,23,836 सैंपल टेस्ट किए गए. अब तक देश में 3,44,91,072 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं.
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भारत में एक दिन में 10 लाख से ज़्यादा टेस्ट
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत ने एक दिन में कोविड-19 के 10 लाख से ज़्यादा टेस्ट करने की क्षमता हासिल कर ली है. पिछले 24 घंटों में देशभर में 10 लाख से ज़्यादा लोगों के सैंपल टेस्ट किए गए.
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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना से मरने वालों की संख्या 7.97 लाख तक पहुंची

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दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या आठ लाख के क़रीब पहुंच चुकी है.
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के कोरोना डैशबोर्ड के मुताबिक शनिवार की सुबह दुनिया भर में कोरोना से मरने वालों की संख्या सात लाख 97 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है.
वहीं दुनिया भर में कोरोना की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या दो करोड़ 28 लाख से ज़्यादा हो चुकी है.
अमरीका सबसे प्रभावित देश बना हुआ है. यहां कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 56 लाख से ज़्यादा हो चुकी है जबकि कोरोना की चपेट में यहां अब तक एक लाख 75 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
ब्राज़ील में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 35 लाख 32 हज़ार से ज़्यादा है. ब्राज़ील में अब तक एक लाख 13 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
भारत में कोरोना संक्रमण 29 लाख को पार कर चुका है, जबकि कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या 55 हज़ार को पार कर चुकी है.
कोरोना से मौत के लिहाज से मैक्सिको तीसरे पायदान पर हैं, यहां अब तक 59 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. हालांकि अभी भी यह माना जा रहा है कि मैक्सिको में कोरोना को लेकर वास्तविक आंकड़े सामने नहीं आए हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कहा गया है कि मैक्सिको अभी भी एक लाख लोगों पर महज तीन लोगों का टेस्ट हो पा रहा है. जबकि अमरीका में प्रति एक लाख की आबादी पर 150 लोगों का टेस्ट किया जा रहा है. भारत में प्रति लाख लोगों में औसतन 45 लोगों का टेस्ट किया जा रहा है.
दो साल से कम समय में दुनिया कोरोना से उबर जाएगी: WHO

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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्मीद जताई है कि दो साल से कम समय में दुनिया कोरोना वायरस से फैली महामारी से उबर जाएगी.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ टेड्रोस एडनॉम गेब्रियेसस के मुताबिक 1918 के स्पेनिश फ़्लू की तुलना में कोरोना वायरस से फैली महामारी पर जल्दी काबू पाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि ग्लोबलाइजेशन और पूरी दुनिया का एक दूसरे से संपर्क में होने के चलते कोविड-19 संक्रमण दुनिया भर में तेज़ गति से फैला. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बेहतर तकनीक होने के चलते ही इस महामारी पर स्पेनिश फ़्लू की तुलना में कहीं जल्दी क़ाबू पाया जाएगा.
स्पेनिश फ़्लू के चलते फरवरी, 1918 से अप्रैल, 1920 यानी दो साल से ज़्यादा वक्त में दुनिया भर में करीब दो करोड़ लोगों की मौत हुई थी.
कोरोना संक्रमण को लेकर शुक्रवार को जो कुछ हुआ

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कोरोना वायरस को लेकर शुक्रवार को जो कुछ दुनिया भर में हुआ है, उसकी प्रमुख बातें निम्न रहीं हैं-
लेबनान में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए दो सप्ताह का आशंकि लॉकडाउन लागू किया गया है. इसमें रात में क़र्फ्यू लागू किया गया है. चार अगस्त को बेरूत में हुए धमाके के बाद बेरूत की चिकित्सीय व्यवस्था चरमरा गई और उसके बाद से ही कोरोना संक्रमण के मामले दोगुनी रफ़्तार से बढ़े हैं.
कीनिया की राजधानी नैरोबी के अधिकांश सार्वजनिक अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं. ये डॉक्टर बकाए वेतन की भुगतान के साथ साथ कोरोना संक्रमण से सुरक्षात्मक उपकरणों की मांग कर रहे हैं.
शुक्रवार को साउथ कोरिया, पोलैंड और स्लोवाकिया में एक दिन में सबसे ज़्यादा संक्रमण के मामले सामने आए हैं. साउथ कोरिया में 324, पोलैंड में 903 और स्लोवाकिया में 123 नए मामले मिले हैं. यूरोप के देशों ख़ासकर स्पेन और फ्रांस में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में फिर से तेज़ी देखने को मिल रही है.
अमरीका में बीते 24 घंटे के दौरान एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है. कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख 75 हज़ार तक पहुंच गई है. अमरीकी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के मुताबिक अगले चार सप्ताह के दौरान अधिकतम 30 हज़ार लोगों की मौत हो सकती है.
हॉन्गकॉन्ग एक सितंबर से अपने देश के सभी लोगों को यानी करीब 74 लाख की आबादी को मुफ्त में कोरोना टेस्ट मुहैया कर रहा है. हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कितने लोग इस पेशकश का फायदा उठाकर अपना टेस्ट कराएंगे.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी पर कोरोना संक्रमण पर लाइव अपडेट्स और विश्लेषण का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहेगा. शुक्रवार को देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण को लेकर क्या कुछ हुआ, उसे आप इस लिंक पर देख सकते हैं.
