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कोरोना: डॉक्टर फ़ाउची को जान से मारने की धमकी
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लाइव कवरेज
अमरीका के कोरोना विशेषज्ञ डॉक्टर फ़ाउची ने कहा, उन्हें धमकी मिल रही है

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अमरीका के वरिष्ठ कोरोना विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस कोरोना वायरस टास्क फ़ोर्स के सदस्य डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि उन्हें धमकी दी जा रही है और उनकी बेटियों को परेशान किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अमरीका में कोरोना वायरस से निपटने के लिए क्या किया जा रहा है उसपर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है.
उन्होंने सीएनएन से बातचीत में कहा, "मुझे और मेरे परिवार को जान से मार डालने की धमकी, मेरी बेटियों को इस क़दर परेशान करना कि मुझे अपने लिए सुरक्षाकर्मी रखना पड़े, यह तो अपने आप में ग़ज़ब है."
डॉक्टर फ़ाउची ने आगे कहा, "काश उन लोगों (मेरे परिवार वालों) को ये सब नहीं झेलना पड़ता. मैं दूर-दूर से ख़्वाब में भी नहीं सोच सकता कि जो लोग मेरी बातों से इत्तफ़ाक़ नहीं रखते जो कि पूरी तरह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, वो इस हद तक चले जाएंगे कि वो मुझे जान से मारने की धमकी देंगे."
कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टर एंथनी फ़ाउची का चेहरा घर-घर में पहचाना जाने लगा है और कई बार उन्होंने कोरोना के मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी असहमति को सार्वजनिक किया था.
कोरोना महामारी के दौरान 'जेंडर गैप बढ़ा' है: यूएन रिपोर्ट

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संयुक्त राष्ट्र ने तुर्की में किए गए अपने एक अध्ययन में पाया है कि कोरोना महामारी के दौरान कुछ मर्दों ने अपने घर के काम-काज में ज़्यादा हिस्सा लिया है लेकिन इसके बावजूद औरतों पर घर के काम का बोझ बहुत ज़्यादा है.
अप्रैल के आख़िर में क़रीब 1500 मर्द और औरतों से बातचीत के आधार पर सर्वे किया गया है.
उस वक़्त तुर्की में लॉकडाउन लागू था.
रिपोर्ट में पाया गया है कि महामारी के दौरान घर के काम-काज में मर्द और औरतों दोनों ने पहले की तुलना में बहुत बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया.
लेकिन क़रीब 78 फ़ीसद महिलाओं ने कहा कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान कपड़े धोने या घर की साफ़-सफ़ाई में ज़्यादा वक़्त दिया, जबिक उन्हीं घरों में केवल 47 फ़ीसद मर्दों ने कहा कि उन्होंने घर के कामों में ज़्यादा समय दिया.
उसी तरह क़रीब 60 फ़ीसद महिलाओं ने कहा कि उन्होंने खाना बनाने और उसे परोसने में ज़्यादा वक़्त दिया जबकि केवल क़रीब 24 फ़ीसद मर्दों ने ऐसा किया.
यूएन ने इन आँकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यह उसी नतीजे को और मज़बूत करते हैं कि महामारी के दौरान घर के काम-काज का बोझ मर्दों की तुलना में औरतों पर ज़्यादा है.
रिपोर्ट का कहना है कि कोरोना वायरस से पैदा हुए संकट ने जेंडर गैप को और बढ़ाया है, उसे कम नहीं किया है.
'ईसाइयों को कोरोना नहीं होगा' कहने वाले पादरी गिरफ़्तार

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म्यांमार में एक कनाडाई पादरी को कोरोना वायरस से संबंधित नियम तोड़ने के जुर्म में तीन महीने क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
डेविड ला एक कनाडाई पादरी हैं जो म्यांमार में रह रहे हैं. वो ये प्रचार कर रहे थे कि ईसाई धर्म के मानने वालों को कोरोना से कुछ नहीं होगा. हालांकि वो ख़ुद भी कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.
गुरुवार को म्यांमार की एक अदालत ने उन्हें कोरोना वायरस के कारण जो नियम लागू किए गए हैं, उन नियमों को तोड़ने का दोषी पाया और उन्हें तीन महीने क़ैद बामुशक़्क़त की सज़ा सुनाई.
कनाडाई पादरी ने यंगून में ईसाइयों की एक बड़ी सभा को संबोधित किया था.
43 साल के डेविड ला का जम्म म्यांमार में ही हुआ था, लेकिन बाद में कनाडा चले गए थे.
उन्होंने अप्रैल में ये धार्मिक आयोजन किया था जब पूरे म्यांमार में भीड़ जमा करने पर पाबंदी लगा दी गई थी.
इस आयोजन के बाद पादरी और उनके 20 समर्थक कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे.
उन्होंने कोरोना के बारे में अपने भाषण में कहा था, "अगर आपके दिल में ईसा मसीह बसते हैं तो आपको कभी भी बीमारी( कोरोना) नहीं होगी."
उनका ये भाषण सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हुआ था.
जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार म्यांमार में फ़िलहाल 357 कोरोना पॉज़िटिव मामले हैं और अब तक कोरोना से वहां छह लोगों की मौत हुई है.
पश्चिम बंगाल: पूर्व मंत्री श्यामल चक्रवर्ती का कोरोना से निधन

प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से
सीपीएम के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल की वाममोर्चा सरकार में 1982 से 1996 तक परिवहन मंत्री रहे श्यामल चक्रवर्ती (76) का कोरोना से गुरुवार को कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया.
कोरोना पॉज़िटिव होने के बाद उनको 30 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सकी और आख़िरकार गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी ने चक्रवर्ती के निधन पर गहरा दुख जताया है.
चक्रवर्ती वर्ष 1982 से 1996 तक तीन बार राज्य के परिवहन मंत्री रहे. इसके अलावा वे दो बार राज्यसभा सदस्य और ट्रेड यूनियन के नेता भी रहे.
चक्रवर्ती के परिवार में उनकी पुत्री ऊषसी चक्रवर्ती अभिनेत्री हैं.
पश्चिम बंगाल में संक्रमण से जान गंवाने वाले चक्रवर्ती दूसरे बड़े नेता हैं.
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के विधायक तमोनाश घोष का इस महामारी से जून में निधन हो गया था.
पश्चिम बंगाल में गुरुवार को एक दिन में सबसे अधिक 2954 मामले आए और 56 लोगों की मौत हुई है.
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि राज्य में 50 हज़ार से ज़्यादा कोरोना के एक्टिव मामले हैं लेकिन डिसचार्ज रेट 70 फ़ीसद है जो कि मुख्यमंत्री के अनुसार बहुत अच्छा है.
थाईलैंड ने ट्रैवेल बबल्स योजना फ़िलहाल रोकी

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पर्यटन पर आधारित देश थाईलैंड ने सोचा था कि कुछ चुने हुए देशों के साथ और कुछ ख़ास जगहों के लिए वो एयर बबल्स का समझौता कर लेगा ताकि उसकी संघर्ष करती अर्थव्यवस्था थोड़ी संभल जाए.
लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एशिया के कुछ हिस्सों में कोरोना की बढ़ती संख्या के कारण सरकार ने फ़िलहाल इस योजना पर रोक लगा दी है.
जून में थाईलैंड ने एयर बबल्स की घोषणा की थी. अगर ये अमल में आता तो जहां कोरोना के मामले कम हैं वहां केे पर्यटक थाईलैंड में आसानी से दाख़िल हो सकते थे और उन्हें क्वारंटीन के लिए भी नहीं कहा जाता.
थाईलैंड कोरोना वायरस टास्कफ़ोर्स के प्रवक्ता ने कहा, "जापान, हॉन्ग कॉन्ग और दक्षिण कोरिया को इस काम के लिए चुना गया था क्योंकि वहां कोरोना के मामले बहुत कम हैं लेकिन अब वहां भी मामले बढ़ रहे हैं तो फ़िलहाल उनसे बातचीत रोक दी गई है."
थाईलैंड में अब तक केवल 3300 मामले सामने आए हैं और पिछले 10 हफ़्तों से एक भी नया मामला सामने नहीं आया है.
ब्रिटेन: विपक्ष ने कहा, फ़ेस मास्क की ख़रीदारी की जांँच हो

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ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी ने कहा है कि फ़ेस मास्क की ख़रीदारी की जाँच होनी चाहिए.
लेबर पार्टी के नेता सर स्टार्मर ने पत्रकारों से कहा, "महीनों तक हमें ये बताया जा रहा था कि सरकार कोरोना से लड़ाई में फ़्रंटलाइन में खड़े लोगों के लिए सही साज़-ओ-सामान ख़रीद रही है. लेकिन अभी तक यह नहीं हो पाया."
उन्होंने आगे कहा, "अब इसकी जाँच होनी चाहिए कि आख़िर कहां गड़बड़ी हुई, क्योंकि ये सही नहीं है कि जिन लोगों को उस सुरक्षा कवच की ज़रूरत है वो उन्हें नहीं मिल रहा है."
सरकार का कहना है कि 'ये एक जटिल प्रक्रिया है, और हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सरकार जो भी सामान ख़रीदने का ऑर्डर करे वो उच्च क्वालिटी का हो और सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरे.'
कोरोना मरीज़ों पर प्लाज़्मा थेरेपी से ज़्यादा फ़ायदा नहीं: एम्स
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ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) ने कोरोना संक्रमित मरीज़ों पर प्लाज़्मा थेरेपी के ट्रायल के बाद कहा है कि इससे बहुत ज़्यादा फ़ायदा देखने को नहीं मिला है.
एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ये अभी शुरुआती विश्लेषण है.
प्लाज़्मा थेरेपी के प्रभाव को समझने के लिए 15-15 मरीज़ों के दो समूह बनाए गए थे जिन पर ये ट्रायल किया गया था.
इनमें से एक समूह को कोरोना का सामान्य निर्धारित इलाज दिया गया था, जबकि दूसरे समूह को प्लाज़्मा थेरेपी दी गई.

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डॉक्टर रणदीप गुलेरिया कहते हैं, "दोनों ही समूहों में मृत्यु दर एक जैसी थी और मरीज़ों को कोई बहुत ज़्यादा फायदा देखने को मिला."
"ये बात भी अहम हैं कि किसी आख़िरी नतीजे पर पहुंचने के लिए हमें और सबूतों की ज़रूरत है. मौजूदा साक्ष्यों से ये संकेत मिलते हैं कि प्लाज़्मा थेरेपी सुरक्षित है और इससे मरीज़ों को कोई नुक़सान नहीं है. लेकिन इसके साथ ही ये बहुत असरदार नहीं है, इसलिए इसका इस्तेमाल समझदारी से किया जाना चाहिए."
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कोरोना के इलाज से संबंधित दिशा निर्देशों में ये कहा था कि प्लाज़्मा थेरेपी अभी ट्रायल के स्तर पर ही है और इसके प्रभाव को परखा जाना बाक़ी है.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना संकट के साये में जापान में हिरोशिमा की बरसी

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जापान में आज हिरोशिमा की 75वीं बरसी मनाई जा रही है. द्वितीय विश्व युद्ध के समय आज ही के दिन जापान के हिरोशिमा शहर पर अमरीका ने एटम बम गिराया था.
हिरोशिमा की याद में होने वाले सालाना कार्यक्रम में यूं तो दुनिया भर में हज़ारों लोग हिस्सा लेते हैं लेकिन कोरोना संकट के कारण मुठ्ठी भर लोगों ने दो मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग के साथ इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया.
इनमें वो लोग भी थे जो उस दिन परमाणु हमले में ज़िंदा बच गए थे. उन्होंने कार्यक्रम में काले रंग के मास्क पहन रखे थे.

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हिरोशिमा के मेयर काज़ुमी मात्सुई ने अपने भाषण में राष्ट्रवाद के फिर से सिर उठाने को लेकर चेतावनी दी. उनका कहना था कि यही राष्ट्रवाद दूसरे विश्व युद्ध का कारण बना था.
उन्होंने अपील की दुनिया को कोरोना महामारी जैसे वैश्वक ख़तरों से मिलकर मुक़ाबला करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "तकलीफ़ में गुजरे बीते दिनों को हम वापस लौटने की इजाजत नहीं देंगे."
हिरोशिमा की घटना में बच गए एक महिला ने कहा कि उन्हें डर है कि जब वे और अन्य सर्वाइवर नहीं रहेंगे तो दुनिया हिरोशिमा के सबक भूल जाएगी.
तेलंगानाः कोरोना संक्रमण के 2092 नए मामले

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तेलंगाना में कोरोना संक्रमण के 2092 नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 73,050 हो गई है.
पिछले 24 घंटों में कोरोना महामारी ने 13 लोगों की जान भी ली हैय राज्य में संक्रमण के कारण मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 589 हो गई है.
राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक़ बुधवार को राज्य में 21,346 सैंपल्स टेस्ट किए गए थे.
कोरोना संकटः टोयोटा के मुनाफे में 98 फीसदी की गिरावट

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कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण ऑटोमोबाइल कंपनी की बिक्री और आर्थिक सेहत पर गहरा प्रभाव पड़ा है.
टोयोटा मोटर कोर्पोरेशन की वैश्विक बिक्री महामारी के कारण गिरकर आधी हो गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ साल की पहली तिमाही में टोयोटा के मुनाफे में 98 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.
जापान की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी को जून में ख़त्म हुई तिमाही में 13.9 अरब येन का मुनाफा हुआ है.
साल 2011 की पहली तिमाही के बाद से ये कंपनी का सबसे ख़राब प्रदर्शन है. टोयोटा की बैलेंस शीट के आंकड़ें दुनिया भर की ऑटोमोबाइल सेक्टर की ख़राब हालत को बयान कर रहे हैं.
कोरोना महामारी के कारण फैक्ट्रियां इस साल लंबे समय के लिए रहीं और ग्राहक डीलरशिप स्टोर्स से दूर रहे. इससे उत्पादन और बिक्री दोनों पर असर पड़ा है.
फ़्रांस और स्पेन में फिर बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर चिंता

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फ़्रांस, स्पेन और ग्रीस उन यूरोपीय देशों में शामिल हैं जहाँ बुधवार को कोरोना संक्रमण के नये मामलों में अच्छा ख़ासा उछाल दर्ज किया गया, जिसकी वजह से इन देशों में यह चिंता बढ़ी है कि ‘ये संक्रमण की दूसरी लहर तो नहीं!’
बीते 24 घंटे में फ़्रांस में 1695 नये मामले सामने आये जो बीते दो महीने में ‘संक्रमण के हर दिन सामने आने वाले नये मामले का सबसे बड़ा आंकड़ा’ है. अब तक फ़्रांस में दो लाख 28 हज़ार 576 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.
वहीं स्पेन में बीते 24 घंटे में 1772 नये मामले सामने आये जिनके बाद स्पेन में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर तीन लाख 5 हज़ार 767 हो गई है.
ग्रीस में भी बीते 24 घंटे में 124 नये केस आये हैं और वहाँ संक्रमण के कुल मामले अब 4,973 हो गये हैं.
यूरोप के अधिकांश देशों ने लॉकडाउन के प्रतिबंधों में काफ़ी ढील दी है और तभी से कोरोना संक्रमण के नये मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है.
झारखंड में कोरोना संक्रमण के 1060 नए मामले
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झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि राज्य में कोरोना संक्रमण के 1060 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं.
इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 15,130 हो गई है,
पांच अगस्त तक 22,149,351 सैंपल्स की कोरोना टेस्टिंग हुईः आईसीएमआर
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इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने बुधवार को बताया कि बुधवार तक देश भर 22,149,351 सैंपल्स के कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं.
आईसीएमआर ने बताया, "बुधवार को 664,949 सैंपल्स के कोरोना टेस्ट किए गए."
गुरुवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के 56,282 मामले रिकॉर्ड किए गए. साथ ही 904 लोगों की इस दौरान मौत भी हुई है.
इसके साथ ही देश भर में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 19,64,537 हो गई है और इस महामारी ने अब तक 40,699 लोगों की जान भी ली है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में 24 घंटे में 56,282 नए मामले, 904 की मौत
भारत में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 56,282 नए मामले सामने आए हैं और 904 लोगों की मौत हुई है.
देश में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या अब बढ़कर 19,64,537 हो गई है.
इनमें 5,95,501 लोगों का अभी भी इलाज हो रहा है.
13,28,337 लोग ठीक हो चुके हैं.
40,699 रोगियों की मौत हो चुकी है.
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ब्रेकिंग न्यूज़, फ़ेसबुक ने राष्ट्रपति ट्रंप की एक पोस्ट को हटाया

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फ़ेसुबक ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक पोस्ट को डिलीट कर दिया है. कोरोना वायरस को लेकर ट्रंप की पोस्ट को फ़ेसबुक ने पहली बार डिलीट किया है.
कंपनी का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की पोस्ट ग़लत सूचना शेयर करने के मामले में नियमों का उल्लंघन कर रही थी. ट्रंप की पोस्ट के साथ फॉक्स न्यूज़ को दिए ट्रंप के इंटरव्यू का एक वीडियो क्लिप था. ट्रंप इस वीडियो में दावा कर रहे हैं कि बच्चे कोविड-19 से लगभग इम्युन हैं.
फ़ेसबुक के प्रवक्ता ने कहा है, ''इस वीडियो में कोविड-19 को लेकर ग़लत दावा किया गया है और यह हमारी नीति का उल्लंघन है. हम कोरोना वायरस की संक्रामकता को लेकर ग़लत सूचना फैलाने के ख़िलाफ़ हैं.'' पूरे मामले पर अभी व्हाइट हाउस की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
हाथ कैसे धोना चाहिए? इस वीडियो से समझिए
वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस: बचाव के लिए हाथ धोने का सही तरीक़ा क्या है? ब्रेकिंग न्यूज़, डॉ एंथोनी फाउची ने बताया कि कब आने वाली है वैक्सीन

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अमरीका के जाने-माने संक्रामक बीमारी विशेषज्ञ एंथोनी फाउची ने कहा है कि अमरीकी नियामकों ने वैज्ञानिकों को आश्वस्त किया है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर कोई राजनीतिक दबाव नहीं डाला जाएगा.
अमरीका में इसी साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव हैं और ऐसा कहा जा रहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि चुनाव से पहले कोई प्रभावी वैक्सीन आ जाए.
फाउची ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा, ''हमें आश्वस्त किया गया है कि वैक्सीन को लेकर कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा. वैक्सीन को लेकर हम पर कोई राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा. हमें बताया गया है कि वैक्सीन को लेकर सबसे अहम सुरक्षा और प्रभावी मानक हैं न कि राजनीतिक दबाव.''
तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले के ओपिनियन पोल में रिपब्लिकन ट्रंप डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन से पीछे चल रहे हैं. कोरोना वायरस से निपटने में ट्रंप की भूमिका की आलोचना हो रही है और इसका असर मतदाताओं पर भी पड़ा है. ऐसे में ट्रंप बाइडन के सामने अलोकप्रिय हुए हैं. अगर अक्टूबर महीने तक वैक्सीन आ जाती है तो ट्रंप को चुनावी मदद मिल सकती है.
कब आएगी वैक्सीन?
फाउची ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में शायद कोरोना वैक्सीन की करोड़ों डोज आ सकती है.
फाउची ने कहा, ''हमें मैन्युफैक्चरर्स ने बताया है कि 2021 के अंत तक वैक्सीन की करोड़ों डोज मिलेगी. ऐसे में मुझे लगता है कि चीज़ें हमारे नियंत्रण में हैं और वैक्सीन बनने की प्रक्रिया सकारात्मक है. मैं आशावान हूं लेकिन कुछ भी कहा नहीं जा सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीन को लेकर कुछ भी गारंटी नहीं दी जा सकती. वैक्सीन के बावजूद मुझे नहीं लगता है कि हम इसका जड़ से उन्मूलन करने जा रहे हैं क्योंकि कोरोना वायरस जैसा संक्रामक वायरस बहुत कम होते हैं.''
डॉ एंथोनी फाउची ने सीएनएन से कहा है कि कोरोना वायरस से जितनी तबाही अमरीका में हुई उतनी किसी भी मुल्क में नहीं हुई है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ऐसा नहीं मानते हैं.
फाउची ने कहा, ''कोराना ने पूरी दुनिया को तबाह किया है लेकिन अमरीका जितना झेल रहा है उतना किसी ने नहीं झेला. संक्रमितों की संख्या और मरने वालों की तादाद देखिए तो साफ़ पता चलता है. दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों और उससे होने वाली मौत के मामले केवल अमरीका में 20 से 25 फ़ीसदी हैं जबकि यहां की आबादी दुनिया की कुल आबादी के पाँच फ़ीसदी से भी कम है. संख्या से साफ़ है कि अमरीका में कोरोना का ज़ख़्म ज़्यादा गहरा और हरा है.''

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कोरोना की मार से लगातार 'दुबला' हो रहा दुबई

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कोरोना वायरस ने दुबई को आर्थिक रूप से दुबला कर दिया है. इस साल की पहली छमाही में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 74 फ़ीसदी की गिरावट आई है.
दुबई मध्य-पूर्व का वित्तीय और कारोबारी केंद्र है. दुबई सरकार ने अपने बयान में कहा है कि पिछले छह महीने में 30 जून तक यहां 12 अरब दिरहम का निवेश आया. बयान में पिछले साल का तुलनात्मक आँकड़ा नहीं बताया गया है लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि पिछले साल पहली छमाही में यहां 46 अरब दिरहम का निवेश आया था.
दुबई इन्वेस्टमेंट डिवेलपमेंट एजेंसी (दुबई एफडीआई) के चीफ़ एक्जेक्युटिव फ़हद अल-जरगावी ने कहा है कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण सप्लाई चेन पूरी तरह से बाधित है.
उन्होंने कहा कि कारोबारी गतिविधियों पर पाबंदी है और लोगों की आवाजाही बंद है. फ़हद ने कहा, ''कोविड 19 की चुनौती अभी ख़त्म नहीं हुई है लेकिन हम भविष्य को लेकर आशान्वित हैं.''
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दुबई में भी लॉकडाउन लागू किया गया था. इसका असर यह हुआ कि कई कारोबार बंद हो गए और अब तक पटरी पर नहीं आ पाए हैं.
संयुक्त अरब अमीरात में अब तक कुल 61,352 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और 351 लोगों की मौत हुई है. खाड़ी के इस देश ने ये नहीं बताया है कि किन हिस्सों में संक्रमण फैला है और लोगों की मौत हुई है.
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