फ़लस्तीनियों के मुद्दे पर सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन और क़तर की बैठक में क्या हुआ?

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ग़ज़ा से फ़लस्तीनियों को बाहर निकालने और दूसरी जगह ले जाने के मुद्दे पर मिस्र, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, क़तर, फ़लस्तीनी प्राधिकरण और अरब लीग के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात हुई है.
काहिरा में हुई एक बैठक में इन सभी देशों के विदेश मंत्रियों का कहना है कि वो फ़लस्तीनियों को जबरन ग़ज़ा से बाहर निकालने और कहीं और बसाने के ख़िलाफ़ हैं.
बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि फ़लस्तीनियों को ग़ज़ा से निकाल कर मिस्र और जॉर्डन में बसाया जाना चाहिए.
अब इन देशों के नेताओं का कहना है कि मिस्र और जॉर्डन से ग़ज़ा के लोगों को स्वीकार करने को लेकर जो बात कही गई थी वो सही नहीं. उन्होंने दावा किया है कि इससे इलाक़े की स्थिरता के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार एक साझा बयान में इन नेताओं ने कहा कि "फ़लस्तिनीयों को विस्थापन के ज़रिए एक जगह से निकालने या उन्हें उनकी ज़मीन से निकालने को बढ़ावा देना" फ़लस्तीनी नागरिकों के "अधिकारों का हनन होगा."
मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी ने कहा कि "फ़लस्तीनी लोगों को उनकी ज़मीन से निकालना अन्याय है और हम इसमें हिस्सा नहीं ले सकते."
इन नेताओं का कहना था कि वो ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने को तैयार हैं ताकि मध्य पूर्व में शांति स्थापित की जा सके और दो राष्ट्र सिद्धांत के आधार पर इस मुश्किल का हल निकाला जा सके.


























