बांसवाड़ा ज़िले की बागीदौरा विधानसभा सीट से विधायक भारत आदिवासी पार्टी केजयकृष्ण पटेल को रविवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बीस लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है.
राजस्थान में यह पहली बार है जब कोई विधायक रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार हुआ है.
एसीबी डीजी रवि प्रकाश मेहरड़ा ने विधायक के गिरफ़्तार होने के बाद प्रेस वार्ता में बताया, "शिकायतकर्ता रविंद्र कुमार ने बताया था कि विधायक जयकृष्ण पटेल अवैध खनन का आरोप लगाते हुए विधानसभा में बार-बार प्रश्न लगाकर हम पर दबाव बना रहे हैं और रिश्वत की मांग कर रहे हैं."
"शिकायत के आधार पर एसीबी इंटेलिजेंस जयपुर की टीम ने शिकायत का वेरिफिकेशन किया. जिसमें पाया गया कि विधायक की ओर से ढाई करोड़ रुपए की रिश्वत मांग की गई और रिश्वत की राशि को किस्तों में देने के लिए दबाव बनाया गया."
एसीबी डिजी मेहरड़ा ने आगे बताया, "विधायक ने दस करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी और डील ढाई करोड़ रुपए में तय हो गई. पहली किश्त के बीस लाख रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ़्तार किया है. हालांकि, पैसा लेकर एक शख़्स फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है."
डीजी मेहरड़ा ने बताया, "रिश्वत की पहली किश्त लेने के लिए विधायक जयकृष्ण पटेल रविवार को जयपुर आए थे. इस दौरान विधायक के सरकारी आवास पर एसीबी की टीम ने विधायक जयकृष्ण पटेल और विजय कुमार पटेल को ट्रैप कर गिरफ़्तार किया है."
बांसवाड़ा की बागीदौरा सीट पर कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने 2023 में जयकृष्ण पटेल को चुनाव हराया था. लेकिन, साल 2024 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए मालवीय के विधायक पद से इस्तीफ़ा देने के बाद खाली हुई बागीदौरा सीट पर उपचुनाव में जयकृष्ण पटेल ने चुनाव जीता.
विधायक की गिरफ़्तारी पर भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और डूंगरपुर-बांसवाड़ा सीट से लोकसभा सांसद राजकुमार रोत ने कहा, "हमें पहले से ही ऐसा डर था, हमारे विधायक को साजिश कर फंसाया गया है. राजस्थान में यह हो रहा है कि तीसरी पार्टी अगर मजबूती से उभरती है तो उसकी छवि ख़राब करने का षड्यंत्र रचा जाता है, जयकृष्ण पटेल उसी का शिकार हुए हैं."