लाइव, अमेरिका के छह सांसदों ने एसआईआर पर उठाया सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या कहा

अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों को लेकर चिंता जताई है.

सारांश

वीडियो छोड़ें और जारी रखें
  • अंकिता भंडारी के माता-पिता
  • animal
  • आशुतोष रांका और सौरव दास अचानक पहुंचे जंतर-मंतर
  • भारत, मदर ऑफ़ डेमोक्रेसी है- नरेंद्र मोदी
  • दिल्ली में कांग्रेस सहित विपक्ष का विरोध प्रदर्शन

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा

  1. अमेरिका के छह सांसदों ने एसआईआर पर उठाया सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या कहा

    अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल
    इमेज कैप्शन, अमेरिका की डेमोक्रेटिक सांसद प्रमिला जयपाल (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों को लेकर चिंता जताई है.

    सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से आग्रह किया है कि वह अपनी आगामी भारत यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ इन मुद्दों को उठाएं.

    दरअसल, रुबियो भारत आने वाले हैं और मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात करेंगे.

    शुक्रवार को रुबियो को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा, "दिल्ली समेत भारत के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग, ग़लत तरीक़े से हिरासत में लेने और दमन की घटनाएं सामने आई हैं."

    पत्र पर प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलीब, एलेनोर होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया ने हस्ताक्षर किए हैं. सांसदों ने अमेरिकी शहरों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शनों में शामिल लोगों की निगरानी के लिए फ़ोटोग्राफ़रों को तैनात किया.

    अमेरिकी सांसदों ने रुबियो से भारत सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघनों की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच शुरू करने के लिए दबाव बनाने की अपील की है.

    अपने पत्र में सांसदों ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र किया, जो उस समय के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ किए गए थे.

    उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया. सांसदों ने इन दोनों मामलों को प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पर ज़रूरत से ज़्यादा बल इस्तेमाल किए जाने के उदाहरण बताया.

    उन्होंने उन लोगों को रिहा करने की भी मांग की, जिन्हें हिरासत में लिया गया था.

    एसआईआर का ज़िक्र करते हुए प्रमिला जयपाल ने भारत 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई. उन्होंने इसे मतदाताओं को सूची से “बाहर करने” की कार्रवाई बताया और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया.

    इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रमिला जयपाल की टिप्पणियों की आलोचना की थी. उन्होंने उनकी टिप्पणियों को भारत के आंतरिक मामलों में 'अस्वीकार्य हस्तक्षेप' क़रार दिया था.

  2. अभिजीत दीपके की कोर्ट में होगी पेशी, सीजेपी ने दिया ये अपडेट

    अभिजीत दीपके
    इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस ने 16 अक्तूबर को तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया है कि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि दीपके को एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    रत्ना सिंह के मुताबिक़, अभिजीत दीपके को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

    दिल्ली पुलिस ने 16 अक्तूबर को तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था.

    बार एंड बेंच के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने बताया था कि दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/170 के तहत हिरासत में लिया गया था.

    पिछले छह दिनों में दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है. इससे पहले, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था. हालांकि, अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था.

    वहीं, सीजेपी से जुड़े आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.

    उन्हें 13 अक्तूबर की सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था.

  3. 'नौ लोगों का मर्डर करवाया' वाले बयान पर अनंत सिंह ने दी सफ़ाई

    अनंत सिंह
    इमेज कैप्शन, अनंत सिंह ने कहा कि उनके बयान को ग़लत तरीक़े से चलाया गया (फ़ाइल फ़ोटो)

    बिहार के मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक अनंत सिंह ने 'नौ लोगों का मर्डर करवाया' वाले बयान पर सफ़ाई दी है.

    अनंत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उनके बयान को ग़लत तरीक़े से चलाया गया, जबकि उन्होंने कहा था कि उनके लोग मारे गए थे.

    अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मेरे बयान को उल्टे तरीक़े से चलाया गया, लोगों ने समझा कि नीतीश जी के लिए नौ लोगों को मर्डर किया, जबकि मेरे नौ लोग मारे गए थे."

    उन्होंने कहा, "मैंने नीरज कुमार को जवाब दिया है कि मैंने कितनी क़ुर्बानी दी है. जब लालू यादव की सरकार थी तब हमारे नौ लोग मरवा दिए गए और मुझे गोली लगी. हम नीतीश कुमार के साथ हुए इसलिए लालू यादव ने मरवा दिए. हमारी इतनी क्षति हुई है. मेरे पिता की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई."

    गौरतलब है कि अनंत सिंह ने हाल के दिनों में जनसुराज पार्टी के समर्थन में भी कुछ बयान दिए हैं, जिसके बाद वो चर्चा में हैं.

  4. ध्रुव राठी पहुँचे लंदन, बोले- 'अब समय आ गया है कि...'

    ध्रुव राठी
    इमेज कैप्शन, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी लंदन पहुँच गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स के ज़रिए लोगों से लंदन में पार्लियामेंट स्क्वेयर पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.

    ध्रुव राठी ने शुक्रवार देर रात एक्स पर लिखा, “मैं लंदन पहुंचा हूँ. अब समय आ गया है कि दुनिया 'वोट चोर' और 'लोकतंत्र के हत्यारे' की असलियत देखे.”

    उन्होंने लिखा, “अब इंटरनेशनल डंका बजाने का टाइम आ गया है. अगर आप यहाँ हैं, तो शनिवार दोपहर 12 बजे पार्लियामेंट स्क्वेयर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हों.”

    इससे पहले ध्रुव राठी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्तूबर के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए थे. हालांकि, प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था.

    कुछ घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद ध्रुव राठी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनका 'किडनैप' करवाया.

  5. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के बयान पर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने दिया जवाब

    एलन मस्क
    इमेज कैप्शन, एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था कि स्टारलिंक की भारत में एंट्री को रोका जा रहा है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने कहा है कि वह भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है.

    कंपनी ने यह बयान रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के उस बयान के जवाब में दिया है, जिसमें रिलायंस ने कहा था कि वह प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती.

    स्टारलिंक ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "हमने भारत में रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ 5 साल से ज़्यादा समय तक मिलकर काम किया है."

    "हमने देश के भीतर ही सिस्टम, गेटवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का एक नेटवर्क तैयार किया है, ताकि भारतीय ट्रैफ़िक को पूरी तरह सुरक्षित तरीक़े से सेवा दी जा सके."

    स्टारलिंक ने कहा, "सबसे ज़रूरी बात ये है कि हमने इसे सरकारी मंज़ूरी के साथ किया है. स्टारलिंक भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है."

    इससे पहले, एलन मस्क की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कहा था कि वह कभी भी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरी है. कंपनी के मुताबिक़, प्रतिस्पर्धा की सबसे बड़ी कसौटी यह है कि ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा कौन देता है.

    रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कहा, "हर भारतीय कंपनी की तरह, रिलायंस भी ऐसे देश में आगे बढ़ी है, जहां देशी और विदेशी निवेश के साथ-साथ नए विचारों का स्वागत किया जाता है. ख़ासकर ऐसे कामों का, जिनसे लोगों की ज़िंदगी बेहतर होती है."

    एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था कि स्टारलिंक की भारत में एंट्री को रोका जा रहा है. उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें 'प्रधानमंत्री अंबानी' तक कह दिया था.