न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का एलान, गिल के साथ श्रेयस अय्यर को भी मिली कमान
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इमेज कैप्शन, न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए पहले तीन वनडे मैचों में शुभमन गिल कप्तान होंगे
भारतीय पुरुष चयन समिति ने न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए भारत की वनडे और टेस्ट टीम का एलान कर दिया है.
टी20 सिरीज़ पूरी होने के बाद भारत न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलेगा.
पांच मैचों की वनडे सिरीज़ 4 नवंबर से 15 नवंबर के बीच खेली जाएगी. वहीं पहला टेस्ट मैच 19 नवंबर से वेलिंगटन में और दूसरा टेस्ट मैच 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में खेला जाएगा.
ख़ास बात ये है कि वनडे सिरीज़ में टीम मैनेजमेंट ने दो कप्तानों को आज़माने का फ़ैसला किया है.
पहले तीन वनडे मैचों में शुभमन गिल कप्तानी की कमान संभालेंगे, जबकि बाक़ी दो वनडे में श्रेयस अय्यर कप्तान होंगे.
पहले तीन वनडे के लिए भारत की टीम
शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, अंशुल कंबोज, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कुलदीप यादव.
चौथे और पांचवें वनडे के लिए भारत की टीम
श्रेयस अय्यर (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर, उप-कप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, नमन धीर, औक़िब नबी, गुरनूर बराड़, ऋतुराज गायकवाड़, अर्शदीप सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, यश ठाकुर, कुलदीप यादव.
टेस्ट टीम
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उप-कप्तान), देवदत्त पडिक्कल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, अंशुल कंबोज, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, साई सुदर्शन, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज.
ट्रंप की ओर से आलोचना के बाद ज़ेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन को अपनी रक्षा का अधिकार, टिफ़नी वेर्दाइमर
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इमेज कैप्शन, ज़ेलेंस्की ने अमेरिका और रूस के बीच डीज़ल समझौते का विरोध किया है
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तीखी आलोचना के बाद कहा है कि वह "सिर्फ यूक्रेन के हितों की रक्षा कर रहे हैं."
ट्रंप ने कहा था कि ज़ेलेंस्की के साथ बातचीत करना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत के मुक़ाबले भी "ज़्यादा मुश्किल" है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में रूस के साथ डीज़ल आयात करने के लिए एक विवादास्पद समझौता किया है. उन्होंने रूस की तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों की नई लहर को “शर्मनाक” बताया.
ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह डीज़ल समझौते को स्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि इसके बाद गैस आपूर्ति को लेकर भी समझौता हो सकता है.
ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ (ईयू) के शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा, "अगर मैं इसके ख़िलाफ़ खड़ा नहीं होता तो फिर यह कौन करेगा?"
डीज़ल समझौते और यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले सैटेलाइट नेटवर्क (स्टारलिंक) पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर अमेरिका और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है.
हालांकि, ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और यूक्रेन के वार्ताकार जल्द ही "किसी न किसी स्तर पर" बैठक करने पर सहमत हो जाएंगे.
कनॉट प्लेस में सीजेपी और बीजेपी सपोर्टर आए आमने-सामने, बीबीसी संवाददाता ने क्या देखा
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इमेज कैप्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग करतीं प्रदर्शनकारी को हिरासत में ले कर जाती पुलिस
शुक्रवार शाम को कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और छात्र संगठन आइसा की प्रमुख नेहा बोरा को डिटेन किए जाने के बाद भी काफ़ी देर तक प्रदर्शन होते रहे.
घटनास्थल पर मौजूद बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ने बताया, "कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में सेंट्रल पार्क के आसपास, पालिका बाज़ार के गेट नंबर एक के पास बहुत बड़ी भीड़ थी."
"यहां दो गुटों के लोग नज़र आ रहे थे. एक गुट एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ नारे लगा रहा था, वहीं दूसरा गुट पीएम मोदी और बीजेपी के समर्थन में नारे लगा रहा था."
उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम इस दौरान पुलिस काफ़ी देर तक कोई दखल देती नज़र नहीं आई.
हालांकि, क़रीब आधे घंटे बाद पुलिस ने पहले बीजेपी के समर्थन में नारे लगाने वालों को वहां से हटाया. इसके बाद दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने सीजेपी समर्थकों को वहां से हटाने की कोशिश शुरू की.
राघवेंद्र राव ने बताया, "इस दौरान कई लोग वहीं नारे लगाते हुए बैठ गए. पुलिस ने क़रीब 45 मिनट की कार्रवाई में इन्हें वहां से हटाया. जो लोग वहां बैठने की कोशिश कर रहे थे, पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया."
इस इलाक़े में देर शाम तक सुरक्षा बलों की मौजूदगी दिखी, हालांकि प्रदर्शन का माहौल धीरे-धीरे ख़त्म होता नज़र आया.
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा, 'दिल्ली पुलिस दीपके को किसी अज्ञात जगह पर ले गई है'
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके तिरंगा लेकर निकले ही थे कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि अभिजीत दीपके को उनके वकीलों से बात नहीं करने दी जा रही है.
सीजेपी ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली पुलिस अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है. हमारा उनसे संपर्क टूट गया है. उन्हें वकीलों से बात करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है. आख़िर यह सरकार युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों करती है?"
"हम भारत के समान अधिकारों वाले नागरिक हैं और संविधान से मिले सभी सुरक्षा और अधिकारों के हक़दार हैं. दिल्ली पुलिस अभिजीत को आप कहाँ ले गए हैं? आपको हमें इसका जवाब देना होगा."
सीजेपी ने लिखा, "अभिजीत तो बस हाथ में तिरंगा लेकर अपने घर से बाहर निकले थे. आख़िर हाथ में तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे हो सकता है?"
शुक्रवार शाम को दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया.
दीपके दिल्ली में जिस घर में रह रहे थे, वहां से जैसे ही 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के लिए हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ''हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.''
दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे.
कर्नाटक में सीजेपी समर्थकों ने निकाली तिरंगा यात्रा, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिन्दी के लिए
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इमेज कैप्शन, बेंगलुरु के टाउन हॉल में 'इंकलाब ज़िंदाबाद' और 'जय भीम' जैसे नारे लगाए गए
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों और उसके सहयोगी संगठनों ने बेंगलुरु में तिरंगा मार्च निकाला. हालांकि, इसके लिए यह शर्त रखी गई थी कि केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ कोई नारे नहीं लगाए जाएंगे.
शुरुआत में पुलिस ने मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि शहर में विरोध-प्रदर्शनों के लिए केवल फ्रीडम पार्क को निर्धारित स्थल बनाया गया है.
हालांकि, पुलिस तब अनुमति देने के लिए तैयार हो गई, जब यह आश्वासन दिया गया कि सरकार के खिलाफ कोई भाषण या राजनीतिक नारेबाजी नहीं होगी.
मूसलाधार बारिश के बीच टाउन हॉल से शुरू हुआ यह प्रदर्शन शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर स्थित उस स्मारक तक पहुँचा, जिसे भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की याद में बनाया गया है.
टाउन हॉल में 'इंकलाब ज़िंदाबाद' और 'जय भीम' जैसे नारे लगाए गए.
भारत छोड़ो आंदोलन के स्मारक पर सभा को संबोधित करते हुए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की इतिहास की पूर्व प्रोफेसर जानकी नायर ने कहा कि संघर्ष इसलिए जारी है, क्योंकि "हमारी स्वतंत्रता, हमारे जीवन के अधिकार और हमारे वोट देने के अधिकार ख़तरे में हैं."
उन्होंने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में युवाओं को देखकर मुझे बेहद खुशी हो रही है, क्योंकि अब समय आ गया है कि युवा आगे आएँ और उन चीज़ों की रक्षा करें, जिन्हें मौजूदा परिस्थितियों में शायद हम आपको सुनिश्चित नहीं कर पाए हैं."
जानकी नायर ने दिल्ली पुलिस की तरह व्यवहार न करने के लिए कर्नाटक पुलिस का धन्यवाद किया.
केजरीवाल ने कहा, 'अपने देश में नहीं तो क्या पाकिस्तान में तिरंगा लहराएंगे'
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इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि 'जिन्हें तिरंगे से परेशानी हो, वे पाकिस्तान चले जाएं.'
केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हम अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे? जिन्हें भारतीय तिरंगे से परेशानी है, वो पाकिस्तान चले जाएं."
इससे पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो शेयर करते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा, "ये तो सरासर तानाशाही है. क्या तिरंगा लहराना जुर्म है? अभिजीत की गिरफ़्तारी दिखाती है कि मोदी जी इनसे कितने डरते हैं."
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद एक्स पर एक पोस्ट में सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है.
ममता बनर्जी ने लिखा, "दिल्ली पुलिस आख़िर कर क्या रही है. अभिजीत दीपके को भारतीय राष्ट्रीय झंडा थामने के लिए हिरासत में लिया गया है. ज़रा इस बात पर गौर कीजिए. आज़ाद भारत में हमारे युवाओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण ढंग से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है."
उन्होंने लिखा, "यह किसी अघोषित आपातकाल से कम नहीं है. असहमति से डरने वाली सरकार अब पूरी एक पीढ़ी को डराकर खामोश करने की कोशिश कर रही है. यह एक फासीवादी शासन का आचरण है, जो उस आवाज़ को बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिसे वह नियंत्रित नहीं कर सकता."
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है (फ़ाइल फ़ोटो)
राजनीति कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा, "पहले 50 साल तिरंगे से ‘द्वेष’ फिर 25 साल तिरंगा ढोने का ‘ढोंग’ अब देशभक्त युवाओं के हाथ में तिरंगा देखकर ‘डर’. यह है आरएसएस और बीजेपी की तिरंगा यात्रा."
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को उसी जगह जाकर हिरासत में ले लिया, जहां वो दिल्ली आकर ठहरे हुए थे. जबकि छात्र संगठन आइसा की प्रमुख नेहा बोरा को मंडी हाउस इलाक़े से हिरासत में लिया गया है.
अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने पर संजय सिंह ने कहा, 'विनाश काले विपरीत बुद्धि'
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया है लेकिन सीजेपी समर्थन तिरंगा लहरा रहे हैं
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. इस मामले पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है.
संजय सिंह ने लिखा, "विनाश काले विपरीत बुद्धि. मोदी जी आप तिरंगे से इतना क्यों डरते हैं? अभिजीत दीपके को हिरासत में लेकर क्या हासिल करोगे आप? आंदोलन और बढ़ेगा तिरंगा और लहराएगा."
इससे पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम ने अभिजीत दीपके को उसी जगह जाकर हिरासत में ले लिया, जहां वह ठहरे हुए थे.
दीपके जैसे ही प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के लिए हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ''हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.''
दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे. सीजेपी ने शुक्रवार शाम को दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के तहत प्रदर्शन का आवाह्न किया था.
दिल्ली पुलिस ने आइसा की प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया है. उन्हें दिल्ली के मंडी हाउस इलाक़े से हिरासत में लिया गया है.
इससे पहले नेहा बोरा और उनके कई साथियों ने मंडी हाउस इलाक़े से तिरंगा मार्च शुरू किया था.
पुलिस ने नेहा बोरा के साथ ही आइसा और लेफ़्ट पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.
नेहा बोरा के एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया है, "नेहा को अकेले ही डिटेन किया गया है और उन्हें अज्ञात जगह पर ले गए हैं. उनके पास उनका फ़ोन नहीं है. दिल्ली पुलिस बताए कि नेहा कहां है. एक बार फिर से उनका अपहरण किया गया है, यह डिटेंशन नहीं है."
नेहा बोरा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग में प्रदर्शन कर रही थीं.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया.
दीपके दिल्ली में जिस घर में रह रहे थे, वहां से जैसे ही सीजेपी के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के लिए हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ''हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.''
दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे.
जम्मू-कश्मीर: वायरल वीडियो में महिला अधिकारी से अनुचित व्यवहार के आरोपों की जांच के आदेश, जहांगीर अली, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
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इमेज कैप्शन, इस सप्ताह की शुरुआत में एक आधिकारिक बैठक के दौरान कुमार राजीव रंजन को एक महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ कथित तौर पर अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था
जम्मू-कश्मीर सरकार ने शुक्रवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी कुमार राजीव रंजन के कथित दुर्व्यवहार की जांच के आदेश दिए हैं.
इस सप्ताह की शुरुआत में एक आधिकारिक बैठक के दौरान रंजन को एक महिला अधिकारी के ख़िलाफ़ अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शेयर किया.
शुक्रवार को जारी आदेश में सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस अधिकारी मंदीप कौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है. उन्हें कुमार राजीव रंजन के कथित दुर्व्यवहार के मामले की "गहन जांच" कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.
सरकार के सचिव एम राजू की ओर से जारी आदेश के मुताबिक़, सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव अमित वर्मानी इस मामले में प्रेज़ेंटिंग ऑफ़िसर होंगे.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वीडियो की जांच कराने को कहा है.
साल 2010 बैच के आईएएस अधिकारी रंजन जम्मू-कश्मीर के श्रम और रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव के रूप में कार्यरत हैं.
उन्हें 14 अक्तूबर को ‘मिशन युवा’ की समीक्षा बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) की अधिकारी बीनिश वानी पर चिल्लाते और उनके ख़िलाफ़ अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करते हुए देखा गया था.
मिशन युवा जम्मू-कश्मीर सरकार की प्रमुख उद्यमिता और स्वरोजगार पहल है.
ऑनलाइन बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक नेताओं ने नाराज़गी जताई और संबंधित आईएएस अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.
इस घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्य सचिव अटल डुल्लू को पत्र लिखकर अधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की.
अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे सरकारी ऑनलाइन बैठक के वीडियो को देखा है."
"पहली नज़र में वरिष्ठ अधिकारी का व्यवहार एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से जैसी अपेक्षा की जाती है, उसके मुताबिक़ नहीं था. इसके बाद एक जूनियर अधिकारी को दी गई धमकियों ने मामले को और गंभीर बना दिया है."
रंजन का नाम साल 2020 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से उजागर किए गए हथियार लाइसेंस घोटाले के मामले में भी है.
इस मामले में आरोप है कि साल 2012 से 2016 के बीच जम्मू-कश्मीर के 22 ज़िलों में एक बड़े आपराधिक गिरोह के ज़रिए 2.78 लाख अवैध और फ़र्ज़ी हथियार लाइसेंस जारी किए गए थे.
कार्टून: तुमने भी प्रोटेस्ट किया था?
इमेज कैप्शन, दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ कॉकरोच का पुतला जलाए जाने की घोषणा पर आज का कार्टून.
तिरंगा लेकर निकले अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया
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दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया है.
दीपके दिल्ली में जिस घर में रह रहे थे, वहां से जैसे ही सीजेपी के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के तहत हाथ में तिरंगा लेकर बाहर निकले, वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, “हम आपको प्रिवेंटिव डिटेन कर रहे हैं.”
दीपके तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जा रहे थे.
पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा कि वे न तो सेंट्रल पार्क जा सकते हैं और न ही नई दिल्ली में कहीं और जा सकते हैं. इसके जवाब में दीपके ने पूछा, “तो फिर कहां जाकर तिरंगा फहरा सकता हूं?”
पुलिस अधिकारी ने कहा, “मैं आपको बता दूंगा. अभी हम आपको डिटेन कर रहे हैं.”
दीपके ने कहा, “लेकिन अभी तो मैंने कोई क़ानून तोड़ा भी नहीं है.”
दीपके बार-बार पूछते रहे कि उन्होंने कौन सा क़ानून तोड़ा है, लेकिन पुलिस अधिकारी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया.
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर ये मांग की
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इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर 'परिसीमन' के मुद्दे पर जल्दबाज़ी नहीं करने को कहा है
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर परिसीमन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है.
खड़गे ने पत्र में लिखा, "संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद अब 64 दिन हो चुके हैं, लेकिन संसद के दोनों सदनों का अब तक अनिश्चितकाल के लिए सत्रावसान नहीं किया गया है. यह स्थिति अभूतपूर्व है."
पत्र में लिखा गया है, "आपको याद होगा कि मैंने परिसीमन पर किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को लाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए 11 अप्रैल 2026 को आपको पहला पत्र लिखा था. आपने ऐसा नहीं किया."
"इसके बाद आपने 14 अप्रैल 2026 की देर शाम विधेयकों को सार्वजनिक किया और 16 अप्रैल 2026 को विशेष सत्र बुलाया. परिसीमन पर संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा और बड़े अंतर से गिर गया."
खड़गे ने लिखा है, "इसके बाद मैंने 16 जुलाई 2026 और 27 अगस्त 2026 को फिर से आपको पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध दोहराया. अब मैं चौथी बार ऐसा कर रहा हूं."
"कृपया आपके नए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएं, ताकि संसद में विचार के लिए उन्हें अंतिम रूप दिए जाने से पहले चर्चा हो सके. सभी राजनीतिक दलों को आपस में, एक-दूसरे के साथ और सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए."
कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की, "कृपया पहले की तरह एक बार फिर व्यापक प्रभाव वाले संविधान संशोधन विधेयक को संसद में जल्दबाजी और दबाव के साथ पारित कराने की कोशिश न करें. आपने पहले भी ऐसा करने का प्रयास किया था और उस विधेयक को उसके उचित परिणाम का सामना करना पड़ा था."
ध्रुव राठी ने अपने से संबंधित इस ख़बर को बताया फ़ेक
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इमेज कैप्शन, ध्रुव राठी कई सालों से जर्मनी में रहते हैं, यूट्यूब पर उनके वीडियो को लाखों लोग देखते हैं
मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अपनी गिरफ़्तारी से जुड़ी ख़बरों का खंडन किया है.
ध्रुव राठी ने इस तरह की ख़बरों को फ़ेक न्यूज़ बताया है.
इससे पहले सोशल मीडिया पर कई यूजर दावा कर रहे थे कि ध्रुव राठी को नोएडा पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. ध्रुव राठी ने ऐसी ही एक ख़बर को शेयर कर उस पर टिप्पणी की है.
ध्रुव राठी कई सालों से जर्मनी में रहते हैं. कॉकरोच जनता पार्टी ने जब अपने दूसरे दौर के आंदोलन का आह्वान किया, तो वो भारत आ गए.
बीते दिनों बेंगलुरु में हुए एक कार्यक्रम में वो सीजेपी के नेताओं के साथ मंच पर खड़े नज़र आए. मगर 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में उन्हें शामिल होना था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में ले लिया.
प्रदर्शन शुरू होने से पहले अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस का नोटिस
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इमेज कैप्शन, अभिजीत दीपके दिल्ली में जहां ठहरे हुए हैं, वहां पुलिस बल भी मौजूद है (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को नोटिस दिए जाने पर एनसीपी शरद पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गावंडे ने कहा, "मुझे अभी पता चला है कि पुलिस मेरे घर आई है. मुझे अभी नहीं पता कि पुलिस क्यों आई है."
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ तिरंगा यात्रा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "बिल्कुल. हम सभी को तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहिए."
उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती और मार्च में शामिल होने से रोके जाने की आशंका पर उन्होंने कहा, "अगर पुलिस हमें जाने नहीं देती है, तो यह सरकार की कायरता दिखाएगा. जो लोग 'हर घर तिरंगा' की बात करते हैं, उन्हें तिरंगे से डरना नहीं चाहिए."
अभिजीती दीपके रानी झांसी रोड पर मौजूद एनसीपी शरद पवार गुट के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास पर ठहरे हुए हैें.
समाचार एजेंसी एएनआई ने पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा है कि नोटिस में दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस में लहरा दो तिरंगा कार्यक्रम करने से मना किया है.
दीपके ने आज शाम को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के ज़रिए विरोध प्रदर्शन की अपील की है.
अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.
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दीपके ने आज शाम को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' कार्यक्रम के ज़रिए विरोध प्रदर्शन की अपील की है.
इससे पहले सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित नहीं होता, बल्कि शहर बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और लोगों की आवाज़ाही पर पाबंदी लगाने से नुक़सान होता है.
दरअसल, दीपके ने दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस पर शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने का एलान किया था. इस दौरान यहां के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रभाव पड़ने की बातें सामने आई थीं.
दीपके ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "क़ारोबार को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों से नुक़सान नहीं होता. उन्हें तब नुक़सान होता है, जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और अपने ही नागरिकों की आवाज़ाही पर रोक लगाने का फ़ैसला करती है और शहर को युद्ध के मैदान में बदल देती है."
'लहरा दो तिरंगा' रैली से ठीक पहले अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार से जवाब मांगना अराजकता नहीं है (फ़ाइल फ़ोटो)
कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित नहीं होता, बल्कि शहर बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और लोगों की आवाज़ाही पर पाबंदी लगाने से नुक़सान होता है.
दरअसल, दीपके ने दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस पर शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने का एलान किया था. इस दौरान यहां के व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रभाव पड़ने की बातें सामने आई थीं.
दीपके ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "क़ारोबार को शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों से नुक़सान नहीं होता. उन्हें तब नुक़सान होता है, जब सरकार पूरे शहर को बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और अपने ही नागरिकों की आवाज़ाही पर रोक लगाने का फ़ैसला करती है और शहर को युद्ध के मैदान में बदल देती है."
"सीजेपी की शुरुआत से ही हमने यह कहा है कि हम हमेशा गांधी जी के शांति और अहिंसा के रास्ते पर चलेंगे और हम अपने इस वादे पर कायम रहे हैं. हमने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में विरोध-प्रदर्शन किए हैं और इनमें से हर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है. जयपुर में मुझ पर खुद हमला किया गया था, लेकिन तब भी मैंने जवाबी हमला नहीं किया."
"सरकार से जवाब मांगना अराजकता नहीं है, सड़कों पर अन्याय के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करना अराजकता नहीं है और सरकारी पदों पर बैठे लोगों से सवाल करना तो बिल्कुल भी अराजकता नहीं है. ये लोकतंत्र को ज़ाहिर करने के सबसे बुनियादी तरीके हैं."
अभिजीत दीपके ने लिखा, "आज जो पार्टी सत्ता में है, उसने विपक्ष में रहते हुए दशकों तक विरोध-प्रदर्शन किए, सड़कों पर उतरकर आंदोलन किए और उस समय की सरकारों से सवाल पूछे. अगर उनके ख़िलाफ़ भी इसी तरह की पाबंदियां लगाई गई होतीं, उन्हें डराया गया होता और पुलिस ने सख़्ती की होती, तो हो सकता है कि आज सत्ता में बैठे कई लोग कभी इस मुक़ाम तक नहीं पहुंच पाते."
दीपके ने कहा कि लोगों की ओर चुनी गई सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह लोगों की बात सुने, न कि उनकी आवाज़ दबाए.
कांग्रेस बोली- मीडिया ने फ़ेक ख़बर चलाई, राहुल गांधी को कोर्ट से फटकार नहीं लगी
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस पार्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी राहुल गांधी पर नहीं थी (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को फ़र्ज़ी बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को फटकार लगाई है.
पार्टी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अदालत की टिप्पणी याचिकाकर्ता संख्या 6 पर थी, न कि राहुल गांधी पर.
कांग्रेस ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "कल मीडिया ने ख़बर चलाई कि सुप्रीम कोर्ट ने नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को 'फटकार' लगाई है. जबकि ये ख़बर पूरी तरह से फ़ेक है."
"सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी वादी नंबर 6 पर की थी, न कि राहुल गांधी जी पर. कोर्ट ने ऑर्डर डिक्टेट करते समय भी राहुल गांधी जी का नाम नहीं लिया था, फिर भी जबरन, बदनीयती से यह झूठ खूब फैलाया गया."
"इस फे़क न्यूज़ के लिए मीडिया संस्थानों को माफ़ी मांगनी चाहिए. नेता विपक्ष राहुल गांधी जी 'वोट चोरी' के ख़िलाफ़ एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं, और हर हाल में जीतेंगे."
कांग्रेस ने कहा, "कांग्रेस पार्टी उच्चतम न्यायालय का सम्मान करती है और हमें विश्वास है कि लोकतंत्र में वोट के अधिकार को बचाए रखने की लड़ाई में हमें न्याय मिलेगा."
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ही विपक्षी नेताओं की एसआईआर से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की थी. इस दौरान कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता के आचरण पर सवाल उठाया था, लेकिन उसका नाम नहीं लिया.
पीएम मोदी 11 और 12 दिसंबर को कनाडा दौरे पर रहेंगे
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (फ़ाइल फ़ोटो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 और 12 दिसंबर 2026 को कनाडा का दौरा करेंगे. कनाडा में भारत के उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी है.
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हाल ही में हुई बातचीत के बाद यह घोषणा की गई है.
पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच 13 अक्तूबर को फ़ोन पर बातचीत हुई थी.
भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक़, "दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में आई सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने और व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में ठोस नतीजे हासिल करने पर सहमति जताई."
कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, "दोनों नेताओं ने भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत जल्द पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई. इस समझौते का उद्देश्य 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की दिशा में आगे बढ़ना है."
बयान में यह भी कहा गया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रभावों पर चर्चा की. दोनों नेताओं ने ऊर्जा और कृषि के क्षेत्र में भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत पर भी जोर दिया.