लाइव, अमेरिका-ईरान के बीच जिनेवा में होगी अगले दौर की बैठक

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का कहना है कि वह गुरुवार, 26 फ़रवरी को जिनेवा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से मुलाक़ात कर सकते हैं.

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. अमेरिका-ईरान के बीच जिनेवा में होगी अगले दौर की बैठक

    अब्बास अराग़ची

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    इमेज कैप्शन, इससे पहले दोनों देशों के बीच मस्कट और जिनेवा में भी बैठक हो चुकी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची का कहना है कि वह गुरुवार, 26 फ़रवरी को जिनेवा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से मुलाक़ात कर सकते हैं.

    वहीं, ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने एक्स पर पुष्टि की कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा.

    बीबीसी फारसी के मुताबिक़, ईरान और अमेरिका ने पिछले दो हफ़्तों में दो दौर की बातचीत की है, एक बार ओमान की राजधानी मस्कट में और एक बार स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में.

    दोनों देशों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर बातचीत चल रही है. इस बीच अमेरिका मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा रहा है.

  2. मणिपुरी फ़ीचर फ़िल्म 'बूंग' ने बाफ़्टा अवॉर्ड जीतकर रचा इतिहास

    बाफ़्टा के साथ फ़रहान अख़्तर और लक्ष्मीप्रिया देवी

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    बाफ़्टा (ब्रिटिश एकेडमी ऑफ़ फ़िल्म एंड टेलीविज़न आर्ट्स) अवॉर्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा हो चुकी है. भारत की ओर से मणिपुरी भाषा की फ़ीचर फ़िल्म 'बूंग' को यह अवॉर्ड मिला है.

    'बूंग' ने 'बेस्ट चिल्ड्रेन्स एंड फ़ैमिली फ़िल्म' कैटेगरी में यह अवॉर्ड जीता है. इसके साथ ही यह इस कैटेगरी में बाफ़्टा अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय फ़िल्म बन गई है.

    यह फ़िल्म फ़रहान अख़्तर के 'एक्सेल इंटरटेनमेंट' प्रोडक्शन हाउस के तहत बनाई गई थी. इसकी डायरेक्टर लक्ष्मीप्रिया देवी हैं.

    लंदन के रॉयल फ़ेस्टिवल हॉल में आयोजित समारोह में अवॉर्ड लेने के लिए फ़रहान अख़्तर, रितेश सिधवानी, लक्ष्मीप्रिया देवी और एलन मैकएलेक्स मौजूद थे.

  3. पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का लंबी बीमारी के बाद निधन, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिन्दी के लिए

    मुकुल रॉय

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    इमेज कैप्शन, मुकुल रॉय को ममता बनर्जी का बेहद क़रीबी माना जाता था

    तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय का रविवार देर रात निधन हो गया है.

    रॉय 71 साल के थे. कई तरह की बीमारियों के कारण वह लंबे समय से कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे.

    अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि रॉय का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ.

    वह लंबे समय से बीमार थे और अक्सर अस्पताल आते-जाते थे. उनके निधन की ख़बर मिलते ही उनके घर के सामने पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है.

    तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता ने बताया कि रॉय का शव दोपहर क़रीब 12 बजे विधानसभा परिसर ले जाया जाएगा. वहां विधानसभा अध्यक्ष समेत तमाम लोग उनको श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे.

    इसके बाद शव को उत्तर 24 परगना ज़िले के कांचरापाड़ा स्थित उनके आवास पर ले जाया जाएगा.

    रॉय साल 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर कृष्णनगर उत्तर सीट से जीते थे. बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में लौट आए थे. लेकिन विधायक पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया था.

    वह साल 2012 में केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार में क़रीब छह महीने तक रेल मंत्री रहे थे.

    अभिषेक बनर्जी ने जताया शोक

    रॉय के निधन पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने संवेदना जाहिर करते हुए कहा कि बंगाल के राजनीतिक इतिहास का एक दौर समाप्त हो गया.

    उन्होंने कहा, "वह व्यापक अनुभव वाले वरिष्ठ नेता थे. उनके योगदान ने बंगाल की सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण फेज़ को आकार देने में अहम भूमिका निभाई."

    अभिषेक बनर्जी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन के प्रति मुकुल रॉय की प्रतिबद्धता को सम्मान के साथ याद किया जाएगा.

  4. अमेरिकी विशेष दूत विटकॉफ़ को ईरान के विदेश मंत्री अराग़ची ने दिया यह जवाब

    अब्बास अराग़ची और स्टीव विटकॉफ़

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    इमेज कैप्शन, ईरान और अमेरिका के बीच समझौते को लेकर बातचीत भी जारी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने मध्य-पूर्व मामलों के अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

    विटकॉफ़ ने फ़ॉक्स न्यूज़ से शनिवार को कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह सवाल कर रहे हैं कि मध्य-पूर्व में अमेरिका की सैन्य तैनाती बढ़ने के बावजूद ईरान ने अब तक "आत्मसमर्पण" क्यों नहीं किया.

    विटकॉफ़ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने उस बयान के बाद ईरान के रुख़ को लेकर "जिज्ञासु" थे, जिसमें उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं होने पर सीमित सैन्य कार्रवाई की बात कही थी.

    अमेरिकी दूत के इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने लिखा, "आप जानना चाहते हैं कि हम आत्मसमर्पण क्यों नहीं करते? क्योंकि हम ईरानी हैं."

    अमेरिका मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है. उसने अपने दो बड़े युद्धपोतों के नेतृत्व वाले विशाल नौसैनिक बेड़े तैनात किए हैं.

    इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच समझौते को लेकर बातचीत भी जारी है.

  5. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया भारत किन ग़लतियों की वजह से दक्षिण अफ़्रीका से मैच हारा

    सूर्यकुमार यादव

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    इमेज कैप्शन, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उनकी टीम मज़बूती से वापसी करेगी

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत को पहली बार हार का सामना करना पड़ा. सुपर-8 के मुक़ाबले में उसे दक्षिण अफ़्रीका से करारी हार मिली है.

    इस हार के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा कि उनकी टीम मज़बूती से वापसी करेगी.

    आईसीसी के मुताबिक़, मैच के बाद जब उनसे पूछा गया कि टूर्नामेंट के बाक़ी के मैचों में भारत को क्या बेहतर करना होगा, तो सूर्यकुमार ने जवाब दिया, "अच्छी बल्लेबाज़ी करें, अच्छी गेंदबाज़ी करें और अच्छी फील्डिंग करें. बस इतना ही."

    उन्होंने कहा, "हम चीज़ों को सरल रखने की कोशिश करेंगे. उसी तरह का क्रिकेट खेलेंगे जैसा हम खेलना चाहते हैं और मुझे लगता है कि हम मज़बूती से वापसी करेंगे."

    188 रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने पावरप्ले में अपने तीन विकेट गंवा दिए थे. शुरुआत में ही टीम के लड़खड़ाने और फिर मैच हार जाने पर सूर्यकुमार यादव ने अफ़सोस जताया.

    उन्होंने कहा, "कभी-कभी आपको सोचना होता है कि अगर आप 180-185 रन का पीछा कर रहे हैं तो आप पावरप्ले में मैच नहीं जीत सकते, लेकिन पावरप्ले में मैच हार सकते हैं."

    भारतीय कप्तान ने कहा, "हमने पावरप्ले में बहुत ज़्यादा विकेट गंवा दिए. फिर हम छोटी-छोटी साझेदारियां नहीं बना पाए, जैसा हम 180-185 रन का पीछा करते समय करना चाहते थे."

    उन्होंने कहा, "लेकिन यह खेल का हिस्सा है. हमने इससे सीखा है, हम बैठकर समीक्षा करेंगे और फिर मज़बूती से वापसी करेंगे."

  6. नेतन्याहू बोले- प्रधानमंत्री मोदी इसराइल आएंगे, पीएम मोदी ने दिया यह जवाब

    बिन्यामिन नेतन्याहू और नरेंद्र मोदी

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    इमेज कैप्शन, बिन्यामिन नेतन्याहू के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है (फ़ाइल फ़ोटो)

    इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि बुधवार को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसराइल दौरे पर आ रहे हैं.

    नेतन्याहू ने रविवार को कैबिनेट मीटिंग की शुरुआत में यह घोषणा की. साथ ही उन्होंने इस दौरे के 'ऐतिहासिक महत्व' पर बात की.

    इस दौरे को लेकर इसराइली प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, "इसराइल और भारत के बीच संबंधों का आधार विश्व के दो नेताओं के बीच मज़बूत गठबंधन है. हम इनोवेशन, सिक्योरिटी और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में साझेदार हैं."

    उन्होंने कहा, "हम साथ मिलकर ऐसे देशों का गठबंधन बना रहे हैं जो स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं. एआई से लेकर क्षेत्रीय सहयोग तक, हमारी साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है."

    नेतन्याहू ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी, यरूशलम में आपसे मुलाक़ात का इंतज़ार है!"

    बिन्यामिन नेतन्याहू के इस सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने भारत-इसराइल संबंधों पर नेतन्याहू के शब्दों का समर्थन किया.

    पीएम मोदी ने कहा, "भारत इसराइल के साथ मज़बूत और स्थायी दोस्ती को बहुत महत्व देता है. यह दोस्ती आपसी भरोसे, इनोवेशन और शांति और प्रगति की साझा आकांक्षा पर आधारित है."

    पीएम मोदी ने पुष्टि की कि वह जल्द ही इसराइल दौरे पर जाने वाले हैं. हालांकि, उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर इस दौरे के समय या तारीख़ का ज़िक्र नहीं किया.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी अब तक प्रधानमंत्री मोदी के इसराइल दौरे को लेकर जानकारी नहीं दी है.

  7. अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों पर भारत ने जारी किया बयान

    रणधीर जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के समर्थन की बात कही है (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारत ने अफ़ग़ानिस्तान में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी किया है.

    बयान में कहा गया, "भारत अफ़ग़ान क्षेत्र में पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है. इसकी वजह से पवित्र रमज़ान के महीने के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिकों की जान गई है."

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "यह पाकिस्तान की अपनी आंतरिक नाकामियों का दोष दूसरों पर डालने की एक और कोशिश है. भारत अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के प्रति अपना समर्थन दोहराता है."

    पाकिस्तान ने शनिवार को दावा किया था कि उसने अफ़ग़ान सीमा क्षेत्र में 'सात आतंकवादी शिविरों' को निशाना बनाया है.

    अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार के रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह 'उचित समय पर' इसका जवाब देगा.

  8. नमस्कार!

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