इमेज कैप्शन, सोरोका अस्पताल को ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है
इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग में दोनों तरफ से हमला जारी है. ईरान के मिसाइल हमले में आज इसराइल के एक अस्पताल को काफी नुकसान पहुंचा है.
अस्पताल सहित इसराइल के कई हिस्सों में हुए इसराइली हमले में 271 लोग घायल हुए हैं.
ईरान ने अभी घायलों की सूची जारी नहीं की है. आज दोनों देशों के बीच और दोनों देशों को लिए दुनिया भर में क्या घटनाक्रम रहा, आइए डालते हैं एक नज़र...
इसराइल में
दक्षिणी इसराइल के बेर्शेबा में सोरोका अस्पताल को मिसाइल हमले से नुकसान पहुंचा है. ईरान का कहना है कि वह अस्पताल के पास एक सैन्य स्थल को निशाना बना रहा था.
इस हमले के बाद इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता को "अब बचने नहीं दिया जाना चाहिए".
इसराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस हमले में 71 लोग घायल हुए हैं. इसराइल के कई अन्य इलाकों में भी रात भर हमले हुए हैं.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह ईरान के परमाणु ख़तरों को पूरी तरह से "ख़त्म" कर देंगे.
ईरान में
बीबीसी को दिए गए एक साक्षात्कार में ईरान के उप विदेश मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी कि वे इस संघर्ष में शामिल न हों. उन्होंने कहा कि यह "अमेरिका का युद्ध नहीं है."
इसराइली सेना ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला किया, जिसमें अराक रिएक्टर भी शामिल था.
ईरान में इंटरनेट की पहुंच प्रतिबंधित कर दी गई है, जिससे विदेश में रहने वाले लोगों के लिए देश में किसी से संपर्क करना मुश्किल हो गया है
आगे क्या?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से पीछे हटने का आग्रह किया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी के साथ मुलाकात करेंगे. इसमें ईरान और इसराइल के बीच संघर्ष के बारे में चर्चा होने की उम्मीद है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची शुक्रवार को यूरोपीय यूनियन के कई विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात करेंगे.
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी से शुक्रवार को परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करेंगे ईरान के विदेश मंत्री
इमेज स्रोत, EPA
इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची
इसराइल और ईरान जंग के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची शुक्रवार को यूरोपीय यूनियन के कई विदेश मंत्रियों से मुलाक़ात करेंगे.
ईरानी समाचार एजेंसी इरना ने बताया कि शुक्रवार को जिनेवा में यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कालास के साथ-साथ ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे.
ईरानी प्रतिनिधिमंडल और यूरोपीय विदेश मंत्रियों के बीच बैठकों के बारे में सोशल मीडिया पर लगाई जा रही अटकलों के बाद विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने एजेंसी के साथ एक साक्षात्कार में इन बैठकों की पुष्टि की है.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा करेंगे.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एयर इंडिया की केबिन क्रू रहीं लैमनुनथेम का शव आज पहुंचेगा मणिपुर, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Dileep Kumar Sharma
इमेज कैप्शन, एयर इंडिया फ्लाइट 171 की क्रू मेंबर रहीं 25 साल की लैमनुनथेम सिंगसन
एयर इंडिया फ्लाइट 171 में क्रू मेंबर रहीं 25 साल की लैमनुनथेम सिंगसन का शव आज मणिपुर स्थित उनके मूल निवास लाया जा रहा है.
कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन सदर हिल्स के एक नेता ने बताया कि परिवारवालों के साथ आज दोपहर करीब 1 बजे लैमनुनथेम के पार्थिव शरीर को नागालैंड के दीमापुर हवाई अड्डे पर प्राप्त किया और अब सड़क मार्ग से कांगपोकपी लाया जा रहा है.उनके परिवार के लोगों के अनुसार शुक्रवार को मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
कांगपोकपी शहर के वार्ड नंबर 8 में लैमनुनथेम के घर पर मौजूद स्थानीय पत्रकार केबी चोंगलोई ने बीबीसी को बताया,"जातीय हिंसा के चलते पैदा हुए मौजूदा माहौल के कारण लैमनुनथेम के शव को इंफाल की बजाय नागालैंड के दीमापुर के रास्ते लाया जा रहा है अभी उनके पार्थिव शरीर को घर पहुंचने में 3 से 4 घंटे और लगेंगे. कल दोपहर के बाद ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा."
12 जून को गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी जिसमें लैमनुनथेम बतौर क्रू मेंबर सवार थीं.
लैमनुनथेम के शव को उनके भाई से डीएनए पुष्टि के बाद बुधवार को उनके परिवार को सौंप दिया गया था. लैमनुनथेम के परिवार में मां के अलावा दो बड़े भाई और एक छोटा भाई है.उनके एक रिश्तेदार ने मीडिया को बताया कि दीमापुर से कोहिमा होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 2 से वे लोग आज रात कांगपोकपी पहुंचेंगे.
दीमापुर से कांगपोकपी तक का सफ़र क़रीब 250 किलोमीटर है. लिहाजा परिवार के लोगों ने शुक्रवार को कंगपोकपी के एक सार्वजनिक क़ब्रिस्तान में अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है.
लैमनुनथेम का शव पहुंचने के बाद घर पर संवेदना सेवा के लिए कुछ कार्यक्रम रखे गए हैं. इसलिए उनका अंतिम संस्कार कल दोपहर बाद किया जाएगा.
इमेज स्रोत, Dileep Kumar Sharma
इस समय लैमनुनथेम के घर पर सैकड़ों की भीड़ जुटी है. लोग उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा के साथ कई तरह के प्रोग्राम कर रहें है.
इस प्लेन हादसे में जान गंवाने वाली सिंगसन की सहकर्मी 20 वर्षीय केबिन क्रू नगंथोई शर्मा का शव अब तक परिवारवालों को नहीं मिला है.
राजधानी इंफाल से महज 23 किलोमीटर दूर थौबल में नगंथोई के घर पर उनकी मां को रो रो कर बुरा हाल हो गया है.
मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखने वाली नगंथोई के एक रिश्तेदार का कहना है कि नगंथोई की बड़ी बहन गीतांजलि 13 जून से अहमदाबाद में है और डीएनए मिलाए जाने का इंतजार कर रही है.
गुजरात सरकार की एक जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए 210 मृतकों का डीएनए मैच कर लिया गया है और 187 शव उनके परिजन को सौंप दिए गए हैं.
इसराइल और ईरान के हमले में दोनों देशों के कितने लोगों की जान गई और कितने ज़ख़्मी
इमेज कैप्शन, ईरान के मिसाइल हमले के बाद इसराइल में बड़ी संख्या में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं
इसराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि गुरुवार सुबह ईरान के हमलों में 271 लोग घायल हुए हैं.
इसमें 71 लोग सोरोका अस्पताल पर हुए हमले में ज़ख़्मी हुए हैं. मंगलवार को इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं और 592 अन्य घायल हुए हैं.
वहीं मंगलवार को ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि संघर्ष शुरू होने के बाद इसराइली हवाई हमलों में कम से कम 224 लोग मारे गए हैं और 1,200 से अधिक घायल हुए हैं.
ईरान पर नज़र रखने वाली वॉशिंगटन स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) ने बताया है कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 639 लोग मारे गए हैं.
इसराइली पीएम नेतन्याहू ने अमेरिका के युद्ध में शामिल होने और ख़ामेनेई पर क्या कहा?
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह ईरान के परमाणु ख़तरों को पूरी तरह से "ख़त्म" कर देंगे.
सोरोका अस्पताल में नेतन्याहू ने पत्रकारों से कहा, "इस ऑपरेशन के अंत तक इसराइल के लिए कोई परमाणु ख़तरा नहीं रह जाएगा और न ही बैलिस्टिक मिसाइल का ख़तरा होगा."
नेतन्याहू ने कहा कि इसराइल ने पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को "बहुत बुरी तरह" नुकसान पहुंचा दिया है.
पत्रकारों के यह पूछे जाने पर कि क्या ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई संभावित निशाना थे, नेतन्याहू ने कहा कि "कोई भी इससे अछूता नहीं है."
सोरोका अस्पताल के क्षतिग्रस्त स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेतन्याहू ने इसराइल के साथ डोनाल्ड ट्रंप के साझेदारी की प्रशंसा की.
उन्होंने कहा कि यह "अविश्वसनीय" है और अमेरिकी राष्ट्रपति से क़रीब हर दिन बात होती है.
नेतन्याहू ने कहा, "मुझे लगता है कि यह उनका दृढ़ संकल्प, उनकी दृढ़ता और उनकी स्पष्टता है, जब वे कहते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता है और ऐसा होने के लिए ईरान यूरेनियम का संवर्धन नहीं कर सकता है."
संघर्ष में अमेरिका की संभावित भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा, "यह निर्णय राष्ट्रपति को लेना है लेकिन वे पहले से ही काफ़ी मदद कर रहे हैं."
इसराइली हमले के बाद ईरानी टीवी स्टेशन तस्वीरों में
ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के टीवी चैनल की इमारत पर 17 जून को इसराइली विमानों ने हमला किया.
इस हमले के बाद टीवी चैनल पर चल रहा लाइव प्रसारण कुछ देर के लिए बाधित हुआ.
विस्फोट की आवाजों के बाद स्टूडियो की लाइटें बंद हो गईं और ईरानी मीडिया के अनुसार, कम से कम एक स्टाफ की इस हमले में मौत हो गई.
मुख्यालय पर हमले को लेकर कुछ तस्वीरें सामने आई हैं...
इमेज स्रोत, EPA
इमेज स्रोत, EPA
इमेज स्रोत, EPA
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने ईरान के लोगों से की ये अपील
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई 86 साल के हैं और बीते साढ़े तीन दशकों से ईरान के सर्वोच्च नेता हैं.
इसराइल के ख़िलाफ़ जारी जंग में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने ईरान के लोगों को संबोधित करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है.
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने लिखा है, "अगर दुश्मन को यह अहसास हो गया कि आप उनसे डरते हैं, तो वे आपको नहीं छोड़ेंगे."
उन्होंने कहा, "आपने आज तक जो व्यवहार किया है, उसे मज़बूती के साथ जारी रखें."
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद ख़तीबज़ादेह ने बीबीसी से बात की है. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में "समझौते पर पहुंचने के कगार पर था."
इससे पहले ही इसराइल ने "पूरी प्रक्रिया को विफल करने" के लिए अपना आक्रमण शुरू कर दिया.
ईरान ने पिछले रविवार को अमेरिका के साथ वार्ता रद्द कर दी थी और कहा था कि उन्हें इसराइल के हमले का जवाब देना होगा.
यह पूछे जोन पर कि ईरान का क्या मतलब है कि अगर ट्रंप युद्ध में अमेरिका को लाते हैं तो सभी विकल्प खुले हैं.
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद ख़तीबज़ादेह ने कहा, "ईरान कूटनीति चाहता है लेकिन जब तक उसके ख़िलाफ़ बममारी जारी रहेगी, कोई बातचीत नहीं होगी."
उन्होंने कहा, "यह अमेरिका का युद्ध नहीं है और ट्रंप इसमें शामिल होते हैं तो उन्हें हमेशा एक ऐसे राष्ट्रपति के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने एक ऐसे युद्ध में प्रवेश किया, जिसमें उनका कोई स्थान नहीं है."
उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि यह युद्ध अमेरिकी युद्ध नहीं है.यह एक दलदल और यह पूरे क्षेत्र के लिए नरक होगा."
इसराइल में अस्पताल पर ईरानी मिसाइल हमले के बाद की तस्वीरें
इसराइल-ईरान संघर्ष में गुरुवार को ईरान ने इसराइल के कई ठिकानों पर हमला किया. इस हमले में इसराइल के कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है.
इसकी चपेट में सोरोका अस्पताल भी आ गया. इसके कारण यहां के कई वॉर्ड पूरी तरह से नष्ट हो गए.
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, सोरोका अस्पताल के निदेशक ने बताया है कि अस्पताल के कई वॉर्ड पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, इसराइली अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह होलोन में ईरानी मिसाइल हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, इसराइली आपातकालीन सेवा मैगन डेविड एडोम के अनुसार, ईरानी हमलों में घायलों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है
इमेज स्रोत, EPA
इमेज कैप्शन, होलोन में हमले के बाद फ्लैटों के एक ब्लॉक की छत गिर गई है और यहां बचावकर्मी मलबे की तलाशी ले रहे हैं
ईरान के मामले में रूस ने अमेरिका को किया आगाह
इमेज स्रोत, AFP
इमेज कैप्शन, रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप "भयानक" होगा
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूसी समाचार एजेंसी तास से कहा है कि इसराइल और ईरान के बीच जंग में अमेरिकी हस्तक्षेप से "एक और भयानक उग्रता पैदा होगी."
अमेरिका और रूस इस संघर्ष में अलग-अलग पक्षों का समर्थन कर रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” की मांग कर रहे हैं और कथित तौर पर उसके ख़िलाफ़ हमले का भी विचार कर रहे हैं. वहीं रूस ईरान को एक प्रमुख सहयोगी के रूप में देखता है.
इस साल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपतिमसूद पेज़ेश्कियान के साथ एक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं.
इस समझौते में कहा गया है कि दोनों रक्षा सहयोग विकसित करने की इच्छा रखते हैं.
ईरान ने रूस को शाहेद ड्रोन भी उपलब्ध कराए हैं. इसने यूक्रेन के ख़िलाफ़ रूस के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने इसराइली हमलों की निंदा करते हुए इसे अकारण बताया है.
बुधवार को रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने अमेरिका से कहा था कि वो इसराइल को सैन्य सहायता न दे.
उन्होंने कहा था, "इससे पूरी स्थिति नाटकीय रूप से अस्थिर हो जाएगी."
इसराइल और ईरान के टकराव से रूस और अमेरिका में भी तनातनी दिख रही है.
ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद रूस के साथ अमेरिका के संबंध सुधरने की बात की जा रही थी लेकिन इसराइल-ईरान में जारी टकराव से चीज़ें तेज़ी से बदलती दिख रही हैं.
ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री से इसराइल पर क्या कहा?
इमेज स्रोत, @IRIMFA_EN
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसहाक़ डार से गुरुवार को टेलीफोन पर बातचीत की है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि इस दौरान अब्बास अराग़ची ने इसहाक़ डार से ईरान के प्रति पाकिस्तान के एकजुटता की सराहना की है.
अब्बास अराग़ची ने इसहाक़ डार को ईरान के सरकारी ढांचों, परमाणु सुविधाओं, घरों, अस्पतालों, और आईआरआईबी पर इसराइली हमलों की जानकारी दी.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसहाक़ डार से कहा, "इसराइल की युद्ध उन्मादी और विस्तारवादी प्रकृति इस क्षेत्र में असुरक्षा का प्रमुख कारण है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सर्वसम्मति से ईरान के ख़िलाफ़ इसराइली शासन की आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए."
ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया है कि पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने ईरान के ख़िलाफ इसराइल के सैन्य आक्रमण की निंदा करते हुए पाकिस्तानी सरकार और आवाम के पूर्ण समर्थन को फिर से दोहराया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि दोनों विदेश मंत्रियों ने इसराइल की 'आक्रामकता' से निपटने के लिए आपसी सहयोग पर भी बात की है.
इसराइली हॉस्पिटल पर ईरान का हमला: एक चश्मदीद ने क्या बताया
इमेज कैप्शन, ईरानी मिसाइल हमले के बाद इसराइल में सोरोका अस्पताल
इसराइल के बेर्शेबा में तीसरे वर्ष की मेडिकल छात्रा एरियल हार्पर ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के न्यूज़डे को बताया कि जब ईरान का हमला हुआ, तब वह सोरोका अस्पताल के पास ही थीं.
वह कहती हैं, "पूरी इमारत में ज़बरदस्त धमाके के साथ कंपन हुआ. अब तक मैंने इतना ज़ोरदार धमाका नहीं सुना था.'
हार्पर ने यह भी कहा कि इसराइली सेना के होम फ्रंट कमांड ने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किया है, अलर्ट भेजा है और आश्रय स्थलों के बारे में जानकारी साझा की है.
बीबीसी संवाददाता टॉम बेनेट ने बताया, "मैं अभी होलोन पहुंचा हूँ, जहाँ इसराइली अधिकारियों ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं."
फ्लैटों के एक ब्लॉक की छत गिर गई है. दर्जनों पुलिस और बचावकर्मी मलबे की तलाशी कर रहे हैं. जैसा कि हमने लगभग सभी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में देखा है, 200 मीटर दूर स्थित इमारतों की खिड़कियां और शटर शॉकवेव से उड़ गए हैं.
अभी तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक ख़बरें पहुंचा रही थीं.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता आनंद मणि त्रिपाठी आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
आसिम मुनीर की ट्रंप से मुलाक़ात को कांग्रेस ने भारतीय कूटनीति के लिए 'झटका' बताया
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता जयराम रमेश (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मुलाक़ात को 'भारतीय कूटनीति के लिए एक बड़ा झटका' कहा है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, "फील्ड मार्शल आसिम मुनीर न तो किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष है, न ही किसी सरकार का प्रमुख. वह पाकिस्तान का सेना प्रमुख है. इसके बावजूद उसे राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में लंच पर आमंत्रित किया और उसकी जमकर तारीफ़ की."
"यह वही व्यक्ति है, जिसके भड़काऊ और आपत्तिजनक बयानों की पृष्ठभूमि में 22 अप्रैल को पहलगाम में बर्बर आतंकी हमला हुआ - जिसे उसी सैन्य तंत्र ने अंजाम दिया, जिसका प्रमुख वह स्वयं है."
जयराम रमेश ने लिखा, "यह भारतीय कूटनीति (झप्पी कूटनीति के लिए भी) के लिए एक बड़ा झटका है !"
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने बुधवार को व्हाइट हाउट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की. उन्हें लंच पर आमंत्रित किया गया था.
इसराइल के सोरोका अस्पताल पर हमले को लेकर ईरान ने क्या कहा?
इमेज स्रोत, Reuters
ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि आज सुबह ईरान के मिसाइल हमले का टारगेट अस्पताल नहीं था.
ईरान का कहना है कि उसका टारगेट बेर्शेबा में सोरोका अस्पताल के बगल में एक सैन्य ठिकाना था.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक़ हमला इसराइली सेना के कमांड मुख्यालय और गाव-यम टेक्नोलॉजी पार्क में सेना के एक ख़ुफ़िया शिविर पर किया गया था.
रिपोर्ट में कहा गया है, "अस्पताल सिर्फ ब्लास्ट वेव के संपर्क में आया, कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. सैन्य बुनियादी ढांचा एक सटीक और सीधा टारगेट था."
इसराइल की इमरजेंसी सर्विस मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के मुताबिक़ ईरान के हालिया हमले के बाद कम से कम 65 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
इसराइल का आरोप है कि ईरान ने नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया और उसके मिसाइल हमले में बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल नुकसान पहुँचा है.
इसराइल के अस्पताल पर ईरान का मिसाइल हमला, नेतन्याहू बोले- क़ीमत चुकानी होगी
इमेज स्रोत, JOHN WESSELS/AFP via Getty Images
ईरान के मिसाइल हमले में एक इसराइली अस्पताल को नुकसान पहुँचा है और कई लोग घायल भी हुए हैं.
इसराइल का आरोप है कि ईरान ने अपने मिसाइल हमले में अस्पताल को सीधा निशाना बनाया.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट किया, "आज सुबह, ईरान के आतंकवादी तानाशाहों ने बेर्शेबा के सोरोका अस्पताल और नागरिक आबादी पर मिसाइलें दागीं."
नेतन्याहू ने कहा, "ईरान के तानाशाहों को इसकी पूरी कीमत चुकानी होगी."
इमेज स्रोत, Reuters
इसराइल की इमरजेंसी सर्विस मैगन डेविड एडोम (एमडीए) के मुताबिक़ ईरान के हालिया हमले के बाद कम से कम 32 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
एक इसराइली सैन्य अधिकारी ने कहा है कि ईरान ने अपने हालिया हमले में इसराइल पर दर्ज़नों मिसाइलें दागीं.
इसराइल का आरोप है कि ईरान ने नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया, जिसमें दक्षिणी इसराइल के बेर्शेबा स्थित सोरोका अस्पताल भी शामिल है.
ईरान से भारत वापस लौटे कश्मीरी स्टूडेंट्स को घर जाने में क्या समस्या हो रही है?
इमेज स्रोत, ANI
ईरान से दिल्ली पहुंचे कई कश्मीरी स्टूडेंट्स का कहना है कि उनके लिए जिन बसों की व्यवस्था की गई है, वे अच्छी हालत में नहीं हैं.
हालांकि, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ऑफिस के मुताबिक़, ये मुद्दा सामने आने के बाद छात्र-छात्राओं के लिए दूसरी बसों की व्यवस्था की गई है.
एक छात्रा ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "हम भारत सरकार के शुक्रगुज़ार हैं. हमें कोई परेशानी नहीं हुई. अभी हमें थोड़ी दिक्कत हो रही क्योंकि हमारे लिए बसों की व्यवस्था की गई है. हम तीन दिन से एक देश से दूसरे देश की यात्रा कर रहे हैं. हम बसों में जाने के लिए तैयार नहीं हैं और बसों की हालत भी उतनी अच्छी नहीं है."
छात्रा ने कहा, "हम अपने मुख्यमंत्री से यही अपील करेंगे कि हमारे लिए थोड़ी सी सहूलियत करें ताकि हम भी अपने पेरेंट्स से जल्द से जल्द मिल सकें."
वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ऑफिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया गया है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने स्टूडेंट्स की शिकायत का संज्ञान लिया है.
पोस्ट में बताया गया, "रेज़िडेंट
कमिश्नर को जम्मू और कश्मीर सड़क परिवहन निगम (जेकेआरटीसी) से संपर्क कर डीलक्स बसों की व्यवस्था करने की ज़िम्मेदारी दी गई है."
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी इस मामले पर आपत्ति जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया था और कई वीडियो शेयर किए थे.
कुछ देर बाद एसोसिएशन ने एक्स पर ही पोस्ट किया कि स्टूडेंट्स के लिए अब नई स्लीपर बसों की व्यवस्था की गई है.
अमेरिका फिर शुरू करेगा विदेशी स्टूडेंट्स को वीज़ा देने की प्रक्रिया, लेकिन रखी ये शर्त
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अमेरिकी विदेश विभाग ने स्टूडेंट वीज़ा को लेकर प्रेस रिलीज़ जारी किया है.
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि वह इंटरनेशनल स्टूडेंट वीज़ा के लिए अपॉइंटमेंट शेड्यूल करना फिर से शुरू करेगा.
ये भी कहा गया है कि वीज़ा अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जाएगी. इसके लिए सभी आवेदकों को अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग 'पब्लिक' रखने का निर्देश दिया जाएगा.
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रेस रिलीज़ में कहा गया है, "हम अपनी वीज़ा स्क्रीनिंग में सभी उपलब्ध जानकारियों का इस्तेमाल करते हैं ताकि ऐसे आवेदकों की पहचान की जा सके जिन्हें अमेरिका में प्रवेश की मंज़ूरी नहीं दी जा सकती, ख़ासकर ऐसे लोग जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा हो सकते हैं."
विदेश विभाग ने कहा, "नई गाइडलाइन के तहत आवेदकों की ऑनलाइन मौजूदगी सहित विस्तृत और सघन जांच की जाएगी."
अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिक़ विदेशों में स्थित अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास जल्द ही इन वीज़ा आवेदनों की शेड्यूलिंग फिर से शुरू करेंगे.
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर में अपने दूतावासों को स्टूडेंट वीज़ा के लिए अपॉइंटमेंट बंद करने का आदेश दिया था.
ट्रंप सरकार ने कहा था कि वह आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट की गहन जांच के लिए एक योजना पर काम कर रही है.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश: गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ने डीएनए टेस्ट और शवों को लेकर क्या बताया?
इमेज स्रोत, Getty Images
इमेज कैप्शन, अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान 12 जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया है कि अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए 210 मृतकों का डीएनए मैच कर लिया गया है.
उन्होंने बताया कि 187 शव उनके परिजन को सौंप दिए गए हैं.
पटेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए 19 जून की सुबह साढ़े 8 बजे तक का अपडेट दिया और बताया कि बाकी बचे शव जल्द ही उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे.
12 जून को गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे.
हादसे में एक व्यक्ति को छोड़कर बाकी 241 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा, घटनास्थल पर मौजूद 29 अन्य लोग भी मारे गए थे.
ईरान से लौटे भारतीय स्टूडेंट्स ने सुनाया तेहरान का हाल
इमेज स्रोत, ANI
इमेज कैप्शन, भारतीय छात्रों को स्पेशल फ्लाइट से वापस लाया गया
ईरान से सुरक्षित निकाले गए 110 भारतीय छात्रों को लेकर पहली उड़ान गुरुवार को तड़के दिल्ली पहुंची.
एक छात्र यासिर गफ़्फ़ार ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "मैंने वहां बहुत कुछ देखा...मिसाइल हमले देखे...रात में तेज़ आवाजें सुनीं...मैं भारत पहुंचकर खुश हूं... जब हालात ठीक हो जाएंगे तब हम फिर से ईरान जाएंगे..."
एक छात्रा ग़ज़ल ने कहा, "वापस आकर हमें बहुत अच्छा लग रहा है...भारतीय दूतावास ने हमें बहुत अच्छे से रेस्क्यू किया. हम उनके बहुत आभारी हैं...तेहरान में स्थिति बहुत ख़राब थी, लेकिन हम जहां रहते थे, उर्मिया, वहां दूसरे शहरों की तुलना में स्थिति ठीक थी."
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ भारत ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन सिंधु' शुरू किया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 18 जून को बताया था कि 17 जून को ईरान के उत्तरी हिस्से से 110 स्टूडेंट्स को सुरक्षित निकाला गया.
स्टूडेंट्स को आर्मीनिया लाया गया और वहां से उन्हें स्पेशल फ्लाइट के ज़रिए दिल्ली लाया गया है.