इस लाइव ब्लॉग को रोकने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता को दीजिए इजाज़त. कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर मुलाक़ात होगी.
तब तक आप बीबीसी हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि आई-पैक के दफ़्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर ईडी के तलाशी अभियान के दौरान वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष के नाते मौक़े पर गई थीं.
चंदन कुमार जजवाड़े और सुरभि गुप्ता
इस लाइव ब्लॉग को रोकने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता को दीजिए इजाज़त. कल एक नए लाइव ब्लॉग के साथ फिर मुलाक़ात होगी.
तब तक आप बीबीसी हिन्दी पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को उनके साथ दिए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.

इमेज स्रोत, ANI
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि आई-पैक के दफ़्तर और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर ईडी के तलाशी अभियान के दौरान वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अध्यक्ष के नाते मौक़े पर गई थीं.
ममता बनर्जी ने कहा कि मौके पर जाकर उन्होंने कोई अन्याय नहीं किया.
उन्होंने कहा, "मैं राजनेता के तौर पर गई थी, मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं."
ममता बनर्जी ने कहा, "आई-पैक के दफ़्तर से दस्तावेज चोरी हो रहे थे. इसी वजह से मैं मौके पर गई. ईडी सुबह छह बजे तलाशी के लिए पहुंची थी. मैं वहां दोपहर पौने 12 बजे पहुंची. साढ़े पांच घंटे के दौरान बहुत कुछ चोरी हो गया."

इमेज स्रोत, PRABHAKAR MANI TIWARI
इससे पहले ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी के विरोध में जादवपुर विश्वविद्यालय से हाजरा मोड़ तक जुलूस निकाला.
ममता बनर्जी ने आई-पैक के दफ़्तर और प्रतीक जैन के आवास पर ईडी के तलाशी अभियान के विरोध में ईडी और सीआरपीएफ़ के कुछ अनाम अधिकारियों के ख़िलाफ़ दो अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है.
उन्होंने कहा कि 'केंद्र सरकार की उपेक्षा, अपमान और दो करोड़ लोगों से मताधिकार छीनने की कोशिश' के विरोध में अब उनके सामने सड़क पर उतरने का ही एकमात्र विकल्प बचा है.

इमेज स्रोत, ANI
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन को लिखा है कि कर्नाटक कासरगोड ज़िले के कन्नड़ मीडियम स्कूलों में मलयालम को पहली भाषा के तौर पर 'थोपने' का विरोध करेगा.
केरल का कासरगोड ज़िला कर्नाटक से सटा हुआ है.
सीएम सिद्धारमैया ने कहा, "कर्नाटक भाषाई अल्पसंख्यकों और हमारे गणतंत्र की बहुलवादी भावना की रक्षा में, हमारे पास उपलब्ध हर संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करेगा."
सिद्धारमैया ने अपने पत्र में कहा, "यह रुख़ टकराव से नहीं, बल्कि संविधान और उन लोगों के प्रति हमारे कर्तव्य से आता है जिनकी आवाज़ को कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए."
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि समझदारी, बातचीत और संवैधानिक मूल्य हमें एक ऐसे समाधान की ओर ले जाएंगे जो हर भाषा को आज़ादी से फलने-फूलने का मौका दे."
केरल मलयालम भाषा विधेयक, 2025, अक्तूबर में विधानसभा में पारित किया गया था. इस विधेयक को विषय समिति के पास भेजा गया था, जिसने तीन दिन बाद इसे मंज़ूरी दे दी थी.
यह विधेयक केरल के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में 10वीं कक्षा तक मलयालम को अनिवार्य पहली भाषा बनाता है.
इस विधेयक को अभी केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर की मंज़ूरी मिलना बाकी है.
5 अक्तूबर को केरल विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए कानून मंत्री पी राजीव ने कहा था कि यह विधेयक भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना चाहता है, जिसमें वे नागरिक भी शामिल हैं जो तमिल, कन्नड़, तुलु और कोंकणी को अपनी मातृभाषा मानते हैं.
हालांकि, सिद्धारमैया ने विजयन को लिखा, "भाषाई अल्पसंख्यक समुदायों के लिए, भाषा सिर्फ़ एक अकादमिक पसंद नहीं है; यह पहचान, गरिमा और अवसरों तक पहुंच है."
"कोई भी नीति जो एक ही भाषाई रास्ते पर चलने के लिए मजबूर करती है, बच्चों पर अनुचित बोझ डाल सकती है, अल्पसंख्यक-संचालित शैक्षणिक संस्थानों को कमज़ोर कर सकती है और लंबे समय से चले आ रहे शैक्षणिक तंत्र को अस्थिर कर सकती है जिसने इन समुदायों को विश्वास के साथ निरंतर सेवा दी है."

इमेज स्रोत, Getty Images
ब्रिटेन की कंज़र्वेटिव पार्टी की सांसद प्रीति पटेल ने बांग्लादेश के हालात पर चिंता जताई है. उन्होंने इस बारे में ब्रिटेन के विदेश मंत्री को एक पत्र लिखा है.
ब्रिटेन की गृह मंत्री रह चुकीं प्रीति पटेल ने एक्स पर पोस्ट किया, "बांग्लादेश में हालात बहुत चिंतित करने वाले हैं. धार्मिक आज़ादी की रक्षा होनी चाहिए. हिंदुओं की हत्या और उन पर हो रहा अत्याचार ग़लत है और इसे रोकना चाहिए."
"ब्रिटेन की सरकार को बांग्लादेश में स्थिरता लाने और एक ऐसे भविष्य के निर्माण के लिए, जिसमें धार्मिक आज़ादी सुरक्षित हो और हिंदू सुरक्षित रहें, अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना चाहिए."

इमेज स्रोत, PRITI PATEL

इमेज स्रोत, Samir Jana/Hindustan Times via Getty Images
आई-पैक ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर बयान जारी किया है. संगठन ने कहा कि गुरुवार को ईडी के अधिकारियों ने कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के निवास पर तलाशी अभियान चलाया.
आई-पैक ने इसे एक कठिन और दुर्भाग्यपूर्ण दिन बताया है.
बयान में कहा गया है कि 'यह कार्रवाई गंभीर चिंताएं पैदा करती है.'
संगठन ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान उसने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया है और आगे भी कानून के प्रति पूरे सम्मान के साथ प्रक्रिया में शामिल रहेगा.
आई-पैक ने यह भी कहा कि उसने अपने काम में हमेशा 'व्यावसायिक सत्यनिष्ठा के ऊंचे मानकों का पालन किया है.'
संगठन का कहना है कि जो कुछ हुआ, उसके बावजूद उसका काम बिना किसी बाधा के जारी रहेगा.
आई-पैक ने साफ़ किया है कि वह उन्हीं उद्देश्यों, निरंतरता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ता रहेगा, जो शुरुआत से उसके काम का आधार रहे हैं.

इमेज स्रोत, ANI
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर ज़िले में एक बस हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई है.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ सिरमौर ज़िले में हरिपुरधार के पास कुपवी से शिमला जा रही एक प्राइवेट बस सड़क से नीचे गिर गई.
सिरमौर के एसडीएम सुनील कुमार कैथ ने कहा, "इस दुर्घटना में 12 लोगों की मृत्यु हो गई है. बस में 45 लोग सवार थे. सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भेजा गया है."
उन्होंने कहा, "अभी यह नहीं बताया जा सकता कि दुर्घटना किस वजह से हुई है. इसकी गहन जांच की जाएगी."
सिरमौर बस हादसे पर भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय ने संवेदना ज़ाहिर करते हुए मृतकों के परिजन और घायलों के लिए मदद राशि का ऐलान किया है.
पीएमओ ने एक्स पर पोस्ट किया, "जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ़) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे."

इमेज स्रोत, Rubaiyat/BBC Hindi
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में एक रैली निकाली.
उनकी ये रैली आई-पैक कंपनी पर हुई ईडी की छापेमारी के विरोध में थी. आई-पैक टीएमसी की राजनीतिक सलाहकार कंपनी है.

इमेज स्रोत, Rubaiyat/BBC Hindi
गुरुवार को ईडी ने आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफ़िस पर छापा मारा था. इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गई थीं.
सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि ईडी ने उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की हार्ड डिस्क, दस्तावेज़ और संवेदनशील डेटा को ज़ब्त करने की कोशिश की.

इमेज स्रोत, Rubaiyat/BBC Hindi
वहीं ईडी ने आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दख़ल का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है.
कलकत्ता हाई कोर्ट ने ईडी की याचिका पर सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है.

इमेज स्रोत, Rubaiyat/BBC Hindi
शुक्रवार की रैली में अपने संबोधन के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी के राजनीतिक हथियार के तौर पर काम कर रही है.
ममता बनर्जी ने कहा, “आज सुबह हमारे सांसद ईडी की रेड का विरोध कर रहे थे, और पुलिस उन्हें घसीटकर ले गई. उन्होंने (बीजेपी ने) सभी सरकारी एजेंसियों पर कब्ज़ा कर लिया है."
सीएम ममता बनर्जी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, "उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार और कई दूसरे राज्यों में जबरन सरकारें बनाई हैं. अब, उनकी नज़र बंगाल पर है."

इमेज स्रोत, ANI
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी मर्डर केस की सीबीई जांच कराने की सिफ़ारिश की है.
अंकिता भंडारी मामले में लंबे समय से सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी. विपक्षी दल और सामाजिक संगठन लगातार इस मामले की नई और स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे थे.
शुक्रवार को सीएम धामी ने कहा, "मैंने उनके (अंकिता भंडारी के) माता-पिता से बात की. उन्होंने कहा सीबीआई जांच होनी चाहिए. हम इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर रहे हैं."
सीएम धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने एसआईटी बनाकर कार्रवाई की थी.
उन्होंने बताया, "सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई. अदालत ने अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है."
"हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर आए ऑडियो के संबंध में अलग-अलग एफ़आईआर दर्ज की गई है. इसकी जांच जारी है."
सीएम धामी ने कहा, "कुछ लोगों ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भ्रामक स्थिति पैदा करने का प्रयास किया है. सरकार का दायित्व है कि जनता को इस स्थिति से निकाला जाए उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाए."
सीएम के फ़ैसले पर क्या बोली कांग्रेस?
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, "सरकार ने सीबीआई जांच की मांग मानकर यह साबित किया है कि उसने अतीत में ग़लतियां की हैं."
"यह प्रदेश के तमाम लोगों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और अंकिता के माता पिता के सब्र और संघर्ष का ही परिणाम है कि सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं."
"लेकिन इस सीबीआई जांच में यह भी देखना होगा कि क्या इस जांच का जिम्मा सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज को सौंपा गया है या नहीं. हम यह मांग करते हैं कि यह जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जस्टिस की देखरेख में हो."
2022 में हुई थी अंकिता भंडारी की हत्या
अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र के वनंतरा टूरिस्ट रिसोर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं.
साल 2022 में उनकी हत्या हो गई थी. इस मामले में मुख्य अभियुक्त पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को मई 2025 में दोषी ठहराया गया था और अब वे जेल में उम्र क़ैद की सज़ा काट रहे हैं.
- ईरान के कई शहरों में हुए भारी विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारी कर रहे सत्ता में बदलाव की मांग.
- आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी के सर्च ऑपरेशन के विरोध में कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने किया विरोध मार्च
- आज से शुरू हो रहे वीमेन प्रीमियर लीग में क्या होगा ख़ास
दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर सुनिए मानसी दाश से.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त

इमेज स्रोत, REUTERS
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को "बदमाशों का समूह" बताया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "खुश" करना चाहते हैं.
नेशनल टीवी पर एक संबोधन में, ख़ामेनेई ने कहा, "तेहरान और दूसरी जगहों पर बदमाशों का एक समूह निकला और उन्होंने सिर्फ़ अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपने ही देश की इमारतों को नुक़सान पहुंचाया."
"ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने (ट्रंप ने) कहा था कि वह दंगाईयों और देश को नुक़सान पहुंचाने वाले लोगों का समर्थन करते हैं. अगर वह काबिल हैं, तो उन्हें अपना देश चलाना चाहिए."
ख़ामेनेई ने आगे कहा कि ट्रंप के हाथ "12 दिन के युद्ध (इसराइल के साथ) के दौरान शहीद हुए एक हज़ार से ज़्यादा ईरानियों के खून से सने हैं."
"कुछ अनुभवहीन और लापरवाह लोग उन पर भरोसा करते हैं और उनकी इच्छा के मुताबिक़ काम करते हैं."
ईरान में बीते कई दिनों से सरकार के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. इसकी शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को तेहरान में हुई थी. इस दिन सैकड़ों दुकानदार और कारोबारी सड़कों पर उतरे थे.

बिहार की तर्ज़ पर असम में भी महिलाओं के लिए स्कीम पर आज का कार्टून.

इमेज स्रोत, ANI
भारत ने शुक्रवार को अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के इस दावे को "ग़लत" बताते हुए ख़ारिज कर दिया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इसलिए नहीं हुआ क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे बात नहीं की थी.
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2025 में आठ बार बातचीत हुई.
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफ़िंग में उन्होंने कहा, "हमारे प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच 2025 के दौरान आठ बार फ़ोन पर बातचीत हुई है, जिसमें हमारी व्यापक साझेदारी पर दोनों नेताओं ने चर्चा की."
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक की टिप्पणियों को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने इन टिप्पणियों को देखा है. भारत और अमेरिका पिछले साल 13 फ़रवरी से ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध थे."
"तब से दोनों पक्षों ने एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापारिक समझौते पर पहुंचने के लिए कई दौर की बातचीत की है. कई मौकों पर हम समझौते के बहुत क़रीब पहुंचे हैं."
"रिपोर्ट की गई टिप्पणियों में इन चर्चाओं का जो विवरण दिया गया है, वो ठीक नहीं है. हम दो पूरक अर्थव्यवस्थाओं के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते में रुचि रखते हैं और इसे संपन्न करने की आशा करते हैं."

इमेज स्रोत, ANI
रूस से तेल ख़रीदने वाले देशों पर 500 फ़ीसदी तक टैरिफ़ लगाने वाले अमेरिका के नए बिल पर भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है.
भारत के विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफ़िंग में अमेरिका के इस नए बिल को लेकर सवाल किया गया.
इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जवाब दिया, "जिस बिल की आप बात कर रहे हैं, जो प्रस्तावित बिल है उसके बारे में हमको ज्ञान है."
उन्होंने कहा कि इस पर ध्यान दिया जा रहा है.
रणधीर जायसवाल ने कहा, "जहां तक ऊर्जा स्रोतों का सवाल है उससे आप वाकिफ़ हैं कि हमारा क्या रवैया है. इस संदर्भ में जैसा कि आप जानते हैं जो हमारा अप्रोच होता है, वो वैश्विक बाज़ार में क्या परिस्थिति है उसको मद्देनज़र रखते हुए. साथ ही साथ जो हमारे अपने 1.4 अरब लोग हैं, उनको किस प्रकार से सस्ते दाम पर ऊर्जा मुहैया कराया जाए, इन दोनों चीज़ों से हम अपनी रणनीति को तय करते हैं."

इमेज स्रोत, Ali Imran Chattha
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नागरिक सरबजीत कौर को भारत वापस भेजने के बजाय उनके वीज़ा की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है.
इससे पहले आई ख़बरों में कहा गया था कि पाकिस्तान में वीज़ा की मियाद ख़त्म होने के कारण सरबजीत को डिपोर्ट कर दिया जाएगा.
हालांकि, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफ़िकेट' (एनओसी) न मिलने के कारण, उन्हें वाघा बॉर्डर से वापस कर दिया गया था.
इसके बाद उन्हें लाहौर के एक महिला शेल्टर (दार-उल-अमन) में रखा गया.
पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने बीबीसी से कहा कि सरबजीत का कहना है कि उन्होंने इस्लाम अपना लिया है.
तलाल चौधरी ने दावा किया, "भारत में मुसलमानों के लिए ज़िंदगी बहुत मुश्किल है, इसलिए सरबजीत को डिपोर्ट नहीं किया जाना चाहिए."
जब उनसे सरबजीत के संभावित डिपोर्टेशन के बारे में सरकार के फ़ैसले के बारे में पूछा गया, तो चौधरी ने कहा, "मानवीय आधार पर इस मामले की सावधानी से समीक्षा की जा रही है. यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि उन्हें (सरबजीत को) वापस न भेजा जाए."
चौधरी ने कहा कि सरबजीत ने औपचारिक रूप से पाकिस्तानी सरकार से अपील की थी कि उन्हें डिपोर्ट न किया जाए, क्योंकि उन्हें भारत में अपनी सुरक्षा का डर था.
सरबजीत ने इसी आधार पर लाहौर हाई कोर्ट में एक याचिका भी दायर की है.
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से इनपुट लेकर सरबजीत के मामले पर कुछ टिप्पणियां की हैं और गृह मंत्रालय इन सभी बातों पर विचार करने के बाद अंतिम फ़ैसला लेगा.
जासूसी के शक में सरबजीत कौर की जांच की ख़बरों पर चौधरी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की तरफ़ से ऐसी जांच होती है और सरकार अभी उनकी अपील और उनके अल्पसंख्यक होने के स्टेटस पर ध्यान दे रही है.
उन्होंने कहा, "वह अभी एक महिला शेल्टर में रह रही हैं. गृह मंत्रालय सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही फ़ैसला लेगा."
उन्होंने आगे कहा कि फ़िलहाल, सरबजीत कौर का वीज़ा बढ़ाया जा सकता है, और आगे भी वीज़ा की सुविधाएं दी जा सकती हैं.

इमेज स्रोत, ANI
कलकत्ता हाई कोर्ट ने आई-पैक के दफ़्तरों पर ईडी की छापेमारी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी है.
ईडी ने आई-पैक से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दख़ल का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है.
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक़ ईडी की याचिका पर सुनवाई कोर्ट रूम में हंगामे के बाद टाल दी गई. यह मामला जस्टिस सुव्रा घोष के सामने लिस्ट किया गया था, इस पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी.
मामला क्या है?
पश्चिम बंगाल में गुरुवार को टीएमसी की राजनीतिक सलाहकार कंपनी आईपैक के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर ईडी का सर्च ऑपरेशन चल रहा था. इसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं.
सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि ईडी ने उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की हार्ड डिस्क, दस्तावेज़ और संवेदनशील डेटा को ज़ब्त करने की कोशिश की.
ईडी ने हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में इसे सीएम की ओर से उसके काम में "बाधा और रुकावट" बताया है.

इमेज स्रोत, ANI
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के ऑफ़िस के बाहर अपने सांसदों पर पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है.
सीएम ममता बनर्जी ने एक्स पर पोस्ट किया, "मैं हमारे सांसदों के साथ किए गए शर्मनाक और अस्वीकार्य बर्ताव की कड़ी निंदा करती हूं."
"गृह मंत्री के ऑफ़िस के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों को सड़कों पर घसीटना क़ानून लागू करना नहीं है- यह वर्दी का घमंड है. यह लोकतंत्र है, बीजेपी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं."
तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफ़िस के बाहर प्रदर्शन किया है. इस प्रदर्शन के दौरान टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए लिखा, "लोकतंत्र सत्ता में बैठे लोगों की सुविधा या आराम से नहीं चलता. जब बीजेपी नेता विरोध करते हैं, तो वे रेड कार्पेट और खास सुविधाओं की उम्मीद करते हैं. जब विपक्षी सांसद आवाज़ उठाते हैं, तो उन्हें घसीटा जाता है, हिरासत में लिया जाता है और अपमानित किया जाता है."
उन्होंने लिखा कि कोई सरकार, कोई पार्टी और कोई गृह मंत्री यह तय नहीं कर सकता कि लोकतंत्र में सम्मान का हक़दार कौन है.
गृह मंत्री के ऑफ़िस के बाहर टीएमसी ने प्रदर्शन क्यों किया?
गुरुवार को टीएमसी की राजनीतिक सलाहकार कंपनी आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर पर ईडी की कार्रवाई चल रही थी, ठीक इसी समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंच गईं.
टीएमसी का आरोप है कि केंद्र सरकार ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल कर पार्टी के राजनीतिक दस्तावेज़ छीनने गई थी.
आईपैक पर छापे के विरोध में टीएमसी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के ऑफ़िस के बाहर प्रदर्शन किया.

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने बीबीसी न्यूज़ से कहा है कि उन्हें लगता है कि अब कोलंबिया के ख़िलाफ़ अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई का "असली ख़तरा" है.
पेट्रो ने कहा कि अमेरिका दूसरे देशों को अमेरिकी "साम्राज्य" का हिस्सा मान रहा है. वेनेज़ुएला पर अमेरिकी सेना की कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कोलंबिया को मिलिट्री कार्रवाई की धमकी दी थी.
राष्ट्रपति पेट्रो ने कहा है कि अमेरिका "दुनिया पर हावी होने" से "दुनिया से अलग-थलग" पड़ने का जोखिम उठा रहा है.
उन्होंने अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफ़ोर्समेंट (आईसीई) के एजेंट्स पर "नाज़ी ब्रिगेड" की तरह काम करने का भी आरोप लगाया.
उन्होंने कहा, “ट्रंप ने आईसीई के ऑपरेशन्स को काफ़ी बढ़ा दिया है, जिसे प्रशासन अपराध और गैर-क़ानूनी तरीके से अमेरिका में आए प्रवासियों पर कार्रवाई बता रहा है.
बीबीसी ने इस पर कमेंट के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है.
वेनेज़ुएला पर अमेरिकी हमलों और निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि कोलंबिया को टारगेट करने वाले मिलिट्री ऑपरेशन की बात सुनकर उन्हें "अच्छा लगता" है.
अब बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े दीजिए इजाज़त.
अब से रात 10 बजे तक इस लाइव पेज के ज़रिए बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.
क्या आप अभी-अभी बीबीसी हिन्दी के इस लाइव पेज से जुड़े हैं?
जानिए अब तक की 5 बड़ी ख़बरें, बस एक क्लिक में..

इमेज स्रोत, Getty Images
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार भारत में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में बोली लगाने के लिए चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदी हटा रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में तंज़ करते हुए लिखा कि "मैं देश नहीं झुकने दूँगा", लेकिन आज जो हो रहा है, वो बिल्कुल उसका उल्टा है.
उन्होंने लिखा, "दो ताज़ा उदाहरण- 5 साल से लगा चीनी कंपनियों पर लगा बैन हटाया जा रहा है. गलवान में भारतीय वीर सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान तो मोदी जी ने चीन को क्लीन चिट थमाकर किया था.."
15 जून 2020 को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी.
खड़गे ने आगे लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रोज़ाना भारत के रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहे हैं पर मोदी जी चुप हैं.. 'सर' वाली बात 'सरेंडर' ज़्यादा दिखती है. हमारे लिए विदेश नीति मतलब, राष्ट्रहित सर्वोपरि होना ज़रूरी है.."
इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी ख़बरों के हवाले से दावा किया कि केंद्र सरकार चीनी कंपनियों पर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट में बोली लगाने पर लगी पाबंदी हटाने जा रही है.
साल 2020 में भारत सरकार ने जनरल फ़ाइनैंशियल नियम, 2017 में बदलाव कर भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों की ओर से सरकारी ख़रीद में बोली लगाने वालों को प्रतिबंधित कर दिया था.