-बांग्लादेश
ने आरोप लगाया है कि त्रिपुरा के डंबूर बांध के गेट खोलने से वहाँ भयानक बाढ़ आई है.
भारत और बांग्लादेश के बीच विवाद की वजह बनी डंबूर बांध से जुड़ी पूरी कहानी यहाँ पढ़ें.
-बांग्लादेश
ने अगर शेख़ हसीना को वापस भेजने के लिए कहा तो भारत क्या करेगा पढ़िए इस विश्लेषण में.
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 23 अगस्त को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाक़ात की है. पीएम
मोदी की यूक्रेन यात्रा पर यूक्रेन और रूस की मीडिया में कैसी चर्चा हुई है. जानिए इस ख़बर में.
धन्यवाद! शुभरात्रि
पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा पर ज़ेलेंस्की बोले- मोदी, पुतिन से ज़्यादा शांति पसंद करते हैं
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पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाक़ात पर
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने बयान दिया है.
उन्होंने कहा है कि यह एक अच्छी शुरुआत है, यह
यात्रा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक है और मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त
करता हूं.
उन्होंने कहा, " हम किसी की वजह से अपनी सीमा नहीं बदलते. पीएम मोदी पुतिन से ज़्यादा शांति पसंद
करते हैं. लेकिन पुतिन ऐसा नहीं चाहते. मुझे नहीं पता कि जब उनकी बैठक हुई तो
उन्होंने क्या बात की थी. अगर प्रधानमंत्री की आधिकारिक यात्रा के दौरान आप
अस्पताल में बच्चों पर हमला करते हैं, तो उन्हें यह पहचानना होगा कि पुतिन भारत का
सम्मान नहीं करते हैं. या वो अपनी सेना को नियंत्रित नहीं करते हैं.
पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा पर रूस मामलों के विशेषज्ञ और जेएनयू के स्कूल
ऑफ़ इंटरनेशनल स्टडीज़ में प्रोफ़ेसर राजन कुमार से बीबीसी हिन्दी के कार्यक्रम 'दिनभर' में अपनी राय रखी है.
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प्रोफ़ेसर राजन कुमार के मुताबिक़, “रूसी अख़बारों की बात करें तो पुतिन नाराज़ तो हैं लेकिन वो अपनी नाराज़गी जा़हिर नहीं कर रहे हैं. कुछ अख़बार इस दौरे को कवर ही नहीं कर रहे हैं. ये मानकर चलें कि रूस बिल्कुल खुश नहीं है और अपनी नाराज़गी कई तरीके से बता सकता है लेकिन फिलहाल वो कोई बयान देकर भारत को नाराज़ नहीं करना चाहेगा.
उनका मानना है, “भारत को लेकर बयान देने के मामले में रूस सतर्क रहता है हालांकि वो ये बोलने की कोशिश कर सकता है भारत पश्चिमी मुल्कों के दवाब में ऐसा कर रहा है. लेकिन हो सकता है कि कुछ दिनों बाद रूस भारत को शांतिवार्ता में शामिल होने के लिए कह सकता है."
"ये भी हो सकता है कि पाकिस्तान से साथ रिश्ते और बेहतर करने की कोशिश करे और चीन जिसके साथ उसके संबंध पहले से अच्छे हैं, उसे और बेहतर करने की कोशिश करे.”
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते महीने यानी जुलाई में रूस की यात्रा पर गए थे. पीएम मोदी की इस यात्रा पर यूक्रेन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.
पीएम मोदी ने युद्ध पर भारत की नीति के बारे में यूक्रेन में क्या कहा
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यूक्रेन
की यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्ध के मुद्दे पर बयान दिया है.
जिस समय भारत के प्रधानमंत्री अपना पक्ष रख रहे थे, उस समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की भी उनके साथ मौजूद थे.
यूक्रेन
की राजधानी कीएव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है, "हमने जो दूसरा
रास्ता चुना है, वह युद्ध से दूर रहना है, हम बहुत दृढ़ता के साथ युद्ध से दूर रहे हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि
हम तटस्थ थे, हम तटस्थ नहीं थे.
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प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक़, “हम पहले दिन से ही एक पक्ष में रहे हैं और हमारा पक्ष है शांति. हम बुद्ध की भूमि से आते हैं जहां युद्ध के लिए कोई जगह नहीं है. हम महात्मा गांधी की धरती से आते हैं जिन्होंने पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया है."
“कुछ समय पहले जब मैं समरकंद में
राष्ट्रपति पुतिन से मिला था तो मीडिया के सामने मैंने उनसे कहा कि यह युद्ध का समय
नहीं है.”
मोदी ने कहा, “हाल ही में मैं एक बैठक के लिए रूस गया था. वहां भी मैंने यह बात स्पष्ट
शब्दों में कही थी कि युद्ध के मैदान में किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता. समाधान
का रास्ता बातचीत और कूटनीति से ही निकलता है और हमें बिना समय बर्बाद किए उस दिशा
में आगे बढ़ना चाहिए.”
मोदी ने कहा है, "मैं यूक्रेन की धरती पर शांति का संदेश लेकर आया हूं. मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि शांति की हर कोशिश में भारत अपनी सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है. एक मित्र के तौर पर व्यक्तिगत तौर पर मैं भी इसमें योगदान करने को तैयार हूं."
इससे पहले पिछले महीने पीएम मोदी रूस यात्रा पर थे.
रूस और यूक्रेन के बीच करीब ढाई साल से जंग जारी है. इस जंग को लेकर भारत ने कभी भी रूस का सीधा विरोध नहीं किया है.
भारत ने दोनों ही पक्षों से बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की लगातार अपील की है.
आज का कार्टून: नेशनल स्पेस डे
गुजरात विधानसभा में ड्रग्स के कारोबारियों और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ नया क़ानून पारित
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इमेज कैप्शन, गुजरात के मुख्यमंत्री के साथ गृह मंत्री
गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने बताया है कि गुजरात विधानसभा ने ड्रग्स का कारोबार करने
वाले और भ्रष्टाचार करने वालों के ख़िलाफ़ एक क़ानून पारित किया है.
उनके
मुताबिक़ यह एक ऐतिहासिक कदम है. इस क़ानून में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं.
इस क़ानून के तहत भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई भी
ऐसा अपराध जिसमें तीन साल से ज़्यादा की सज़ा का प्रावधान है उसपर यह क़ानून लागू होगा.
इसके अलावा भ्रष्टाचार से जुड़ा कोई
भी मामला जिसमें किसी ने 1 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की हो, या पहले भी भ्रष्टाचार
के ज़रिए एक करोड़ तक की संपत्ति या अन्य कुछ भी ख़रीदा हो तो उसे ज़ब्त करने का
अधिकार सरकार और जाँच एजेंसी के पास होगी.
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गृह मंत्री हर्ष सांघवी नेे कहा, "किसी को भी तुरंत न्याय मिल सके उसके लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसके लिए ख़ास कोर्ट बनाए जाएंगे."
उन्होंने दावा किया है कियह क़ानून आने वाले दिनों में बहुत महत्वपूर्ण और असरदार होगा.
इस क़ानून के तहत भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए व्यक्ति पर एक साल के अंतर मुक़दमा चलाना होगा और इसके लिए विशेष अदालत बनाई जाएगी.
इसके लिए जज और विशेष अधिकारी होंगे जो ऐसे मामलों में उनकी संपत्ति सील करने की कार्रवाई करेंगे.
दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर - मानसी दाश, और सुमिरन प्रीत कौर के साथ
विदेश मंत्री ने पीएम मोदी और वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की मुलाक़ात के बारे में क्या बताया
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इमेज कैप्शन, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से मुलाक़ात की है. दोनों नेताओं
की मुलाक़ात के बाद भारत के विदेश मंत्री ने एस जयशंकर ने पत्रकारों से बातचीत की.
एस
जयशंकर ने कहा है
कि यूक्रेन के साथ बातचीत में दोनों देशों के आपसी संबंधों पर चर्चा हुई है.
उन्होंने
कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में व्यापार, आर्थिक, रक्षा, दवाएं, कृषि और
शिक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.
एस
जयशंकर ने बताया है, “यह
एक ऐतिहासक यात्रा है. भारत के किसी प्रधानमंत्री ने साल 1992 के बाद पहली बार यूक्रेन की यात्रा की है. प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति को भारत
आने का न्यौता दिया है. हम आशा करते हैं कि अपनी सुविधा के मुताबिक़ राष्ट्रपति
ज़ेलेंस्की भी भारत की यात्रा करेंगे.”
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एस जयशंकर के मुताबिक़ प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक तौर पर कई बार कहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है. भारत का नज़रिया यही है कि दोनों देशों को आपस में बातचीत करनी चाहिए.
रूस और यूक्रेन के बीच क़रीब ढाई साल से जंग जारी है. इस जंग को लेकर भारत ने कभी भी रूस का सीधा विरोध नहीं किया है. भारत ने दोनों ही पक्षों से बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की लगातार अपील की है.
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन की यात्रा पर हैं. इस यात्रा में पीएम मोदी और ज़ेलेंस्की उस जगह पर भी गए, जहाँ रूसी मिसाइल हमले में कई बच्चों की मौत हो गई थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट भी किया है और बच्चों के परिवार वालों के लिए प्रार्थना की है कि उन्हें यह दुख सहने की ताक़त मिले.
एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ज़ेलेंस्की के कंधे पर काफ़ी देर तक हाथ रखे हुए दिख रहे हैं.
पीएम मोदी ने यूक्रेन में मारे गए बच्चों को दी श्रद्धांजलि, ज़ेलेंस्की को लगाया गले
इमेज स्रोत, ANI/ X
इमेज कैप्शन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन पहुँच
गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से
मुलाक़ात की है. दोनों नेता उस जगह पर भी गए, जहाँ रूसी मिसाइल हमले में कई
बच्चों की मौत हो गई थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट
भी किया है और बच्चों के परिवार वालों के लिए प्रार्थना की है कि उन्हें यह दुख
सहने की ताक़त मिले.
एक वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी ज़ेलेंस्की के कंधे
पर काफ़ी देर तक हाथ रखे हुए दिख रहे हैं.
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यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने भी इस मुलाक़ात पर एक सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है.
इससे पहले पिछले महीने पीएम मोदी रूस यात्रा पर थे. उस दौरन मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के गले मिलने की तस्वीरों पर यूक्रेन के राष्ट्रपति ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी.
रूस और यूक्रेन के बीच क़रीब ढाई साल से जंग जारी है. इस जंग को लेकर भारत ने कभी भी रूस का सीधा विरोध नहीं किया है. भारत ने दोनों ही पक्षों से बातचीत कर शांतिपूर्ण तरीके से समाधान की लगातार अपील की है.
नेपाल ने हटाई टिक टॉक से पाबंदी लेकिन...
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इमेज कैप्शन, नेपाल ने 9 महीने के बाद टिक टॉक से पाबंदी हटा ली है
नेपाल ने 9 महीने बाद देश में टिक टॉक से पाबंदी
हटा ली है. नेपाल ने सामाजिक सद्भाव को बचाने का हवाला देकर इस वीडियो ऐप पर
पाबंदी लगा दी थी.
टिक टॉक के चीनी मालिक ने कहा है कि वो नेपाल के
इस कदम से खुश हैं.
टिक टॉक को इसके लिए कुछ शर्तों का पालन करना
होगा. उसे नेपाल में पर्यटन को बढ़ावा देना होगा, इसके अलावा टिक टॉक पर उचित भाषा का भी ध्यान रखना होगा.
नेपाल की पिछली सरकार ने देश में टिक टॉक पर पाबंदी
लगा दी थी. टिक टॉक पर उस वक़्त नफ़रत फैलाने वाली बातों को रोकने से इनकार करने का आरोप था.
नेपाल के नए
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन के साथ बेहतर संबंधों के समर्थक हैं. जानकारों का
मानना है कि वो आगे अपनी इसी नीति पर चलते रहेंगे. ओली पिछले महीने यानी जुलाई में चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे.
कमला हैरिस का शिकागो में ऐतिहासिक भाषण, क्या-क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने गुरुवार को डेमोक्रेटिक
पार्टी के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनना स्वीकार कर लिया है.
कमला हैरिस ने ‘आगे बढ़ने का नया रास्ता’ देने का वादा किया और मतदाताओं से डोनाल्ड ट्रम्प को खारिज करने का आग्रह किया.
शिकागो में उन्होंने कहा है कि नवंबर का चुनाव "अतीत की कड़वाहट, संशय और विभाजनकारी लड़ाइयों से आगे बढ़ने का मौका है."
उन्होंने अमेरिका में किसी प्रमुख पार्टी के राष्ट्रपति पद का
उम्मीदवार बनकर पहली अश्वेत और एशियाई-अमेरिकी महिला के रूप में इतिहास रचा है.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने
राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से अपना नाम वापस ले लिया था.
बाइडेन ने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए
कमला हैरिस के नाम का समर्थन किया था.
नमस्कार
अभी तक बीबीसी संवाददाता अभिषेक पोद्दार इस लाइव पेज
के ज़रिए आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
आज भारत समेत दुनिया की कुछ अहम ख़बरों पर हमारी नज़र
है. इसी लाइव पेज में इनमें से कुछ ख़बरें आप नीचे की तरफ़ जाकर पढ़ भी सकते हैं.
नेपाल में पोखरा से काठमांडू जा रही एक भारतीय नंबर प्लेट वाली मर्स्यांगी
नदी में गिर गई. बस में 40 लोग सवार थे. ज़्यादा जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट
पार्टी ने कहा है कि भारत शेख़ हसीना को सौंप दे. इस पूरी ख़बर को आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन की राजधानी किएव पहुंच गए हैं. 1991 के बाद
पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने यूक्रेन की यात्रा की है. इस यात्रा से लगभग
डेढ़ महीने पहले पीएम मोदी ने रूस का दौरा भी किया था.
ऐसे में पीएम के दौरे को लेकर रूस और यूक्रेन की मीडिया में किस तरह की चर्चाएं
हो रही हैं. ये जानने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.
शिकागो में डेमोक्रेटिक पार्टी के कन्वेंशन में कमला हैरिस ने राष्ट्रपति पद
के उम्मीदवारी के लिए अपनी मंज़ूरी ज़ाहिर कर दी है. अपने भाषण में कमला ने क्या
कुछ कहा इसके लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.
आप इसी तरह बीबीसी हिंदी के इस लाइव पेज के साथ बने रहिए. हम आप तक देश, दुनिया की अहम ख़बरों को
पहुंचाते रहेंगे.
अब इस लाइव पेज को बीबीसी संवाददाता चंदन कुमार जजवाड़े संभालेंगे.
शुक्रिया.
ब्रेकिंग न्यूज़, पोखरा से काठमांडू जा रही भारतीय बस नदी में गिरी, 40 लोग थे सवार
इमेज स्रोत, Rupesh Tamang
इमेज कैप्शन, नेपाल में दुर्घटाग्रस्त हुई भारतीय बस
नेपाल में भारतीय नंबर प्लेट वाली एक बस मर्स्यागंदी
नदी में गिर गई.
बस पोखरा से काठमांडू के लिए जा रही थी. पुलिस के मुताबिक़ बस में 40 लोगों के सवार होने का अनुमान है. कहा जा रहा है कि बस उत्तर प्रदेश की है.
प्रशासन मौक़े पर पहुंच गया है. राहत और बचाव कार्य
को शुरू कर दिया गया है. कई लोगों के हताहत होने की आशंका है.
हादसे की वजह अभी तक
सामने नहीं आई है.
तनाहू के चीफ़ डिस्ट्रिक्ट ऑफ़िसर ने जनार्दन गौतम ने बताया कि बस के 15 यात्रियों को होश आ गया है. वहीं 14 यात्री अभी भी बेहोशी की हालत में हैं. जबकि दर्ज़नों यात्री लापता हैं.
जनार्दन गौतम दुर्घटना स्थल पर ही मौजूद हैं. हालांकि अभी तक अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि इस हादसे में कितने लोगों की जान गई है.
जब तक मेडिकल टीम कोई पुष्टि नहीं कर देती तब तक अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या के बारे में कुछ भी बताने से मना किया है.
नेपाल से पिछले महीने भी बस हादसे की दो ख़बरें सामने
आई थीं.
पिछले महीने चितवन के सिमलताल में दो यात्री बसें
भूस्खलन के चलते त्रिशूली नदी में गिर गईं थीं,जिससे दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी.
यूक्रेन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से होगी मुलाक़ात
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इमेज कैप्शन, किएव में भारतीयों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूक्रेन की राजधानी किएव पहुंच गए हैं.
साल 1991 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला यूक्रेन दौरा है.
वहीं रूस और यूक्रेन की लड़ाई शुरू होने के बाद पहली बार पीएम मोदी यूक्रेन के
दौरे पर पहुंचे हैं.
अपनी यात्रा के पहले पड़ाव में पीएम मोदी पोलैंड पहुंचे थे. पोलैंड में
उन्होंने प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क से बातचीत के बाद कहा था, “किसी भी समस्या को लड़ाई
के मैदान में नहीं सुलाझाया जा सकता.”
पीएम मोदी ने यह भी कहा था कि हम इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए हर
संभव सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
पीएम मोदी के मुताबिक़, “यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष हम सभी के लिए
गहरी चिंता का विषय है.”
अपनी यूक्रेन यात्रा से लगभग डेढ़ महीने पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने रूस की
यात्रा भी की थी. वहीं पोलैंड से यूक्रेन तक का सफ़र उन्होंने ट्रेन से तय किया.
यूक्रेन और रूस के बीच पीएम मोदी के सामने संतुलन साधने की चुनौती
यूपी पुलिस में भर्ती परीक्षा आज से, जानिए क्या हैं बदलाव और पेपर लीक पर कैसी सख़्ती
पीसीबी के चेयरमैन ने क्यों की मोहम्मद रिज़वान की तारीफ़
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इमेज कैप्शन, मोहम्मद रिज़वान
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन
मोहसिन नक़वी ने मोहम्मद रिज़वान की तारीफ़ की है.
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रावलपिंडी में
खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में रिज़वान ने नाबाद 171 रनों की पारी
खेली.
एक वक़्त पर पाकिस्तान की टीम ने 16 रनों के
स्कोर पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे. इसमें टीम के सबसे अच्छे बल्लेबाज़ माने
जाने वाले बाबर आज़म भी शामिल थे.
लेकिन इसके बाद रिज़वान और सऊद शकील ने
पाकिस्तानी पारी को संभाला और एक बड़े स्कोर तक पहुंचाया.
सऊद शकील ने भी 141 रनों की शतकीय पारी खेली. पीसीबी
चेयरमैन मोहसिन नकवी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मोहम्मद रिज़वान को उनकी पारी के
लिए बधाई. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पाकिस्तान के लिए ख़ुद को नायाब साबित किया
है. उनकी पारी को देखना सुखद था. उम्मीद है वे आगे भी ऐसा ही शानदार खेल जारी
रखेंगे और पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसकों को गर्व करने का मौक़ा देंगे.”
मोहम्मद रिज़वान और सऊद शकील के शतकों की बदौलत
पाकिस्तान ने छह विकेट पर 448 रन बनाकर पारी घोषित की. हालांकि बाबर आज़म के शून्य पर
आउट होने की वजह से उनकी काफ़ी ट्रोलिंग भी हुई थी.
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ़्रेंस के गठबंधन पर बीजेपी ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, फ़ारुक़ अब्दुल्ला, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के तारीख़ की घोषणा हो चुकी है.
चुनाव से पहले नेशनल कॉन्फ़्रेंस के प्रमुख और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने एलान किया है कि राज्य की सभी 90 सीटों पर कांग्रेस के साथ गठबंधन पर
बात बन चुकी है.
इस एलान के ठीक पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस
अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने फ़ारूक़ अब्दुल्ला के घर पर बैठक की थी.
इस बैठक के बाद अब्दुल्ला ने कहा, “हमारी बैठक सार्थक रही. गठबंधन सही रास्ते पर और इंशाअल्लाह सब कुछ सही चलेगा.
हमारा गठबंधन तय हो गया है.”
जम्मू-कश्मीर बीजेपी अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा, “गुरुवार तक फ़ारूक़ अब्दुल्ला कह रहे थे कि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस ऐसा
दावा कर रही थी कि किसी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा. आख़िर रातोरात नेशनल कॉन्फ्रेंस
और कांग्रेस को यह क्या डर पड़ गया जो दोनों एक दूसरे के साथ हाथ मिलाने के लिए
मजबूर हो गए.”
उन्होंने कहा, “नेशनल कॉन्फ्रेंस और
कांग्रेस का यह गठबंधन साफ़ दिखाता है कि उनको हार का डर सता रहा है. इन दोनों
पार्टियों के भारतीय जनता पार्टी से हार का डर सता रहा है.”
जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म
होने के बाद राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं.
बांग्लादेश ने अगर शेख़ हसीना को वापस भेजने के लिए कहा तो भारत क्या करेगा?
उत्तराखंड में फाटा हैलीपैड के पास मलबे में दबने से चार मज़दूरों की मौत, आसिफ़ अली उत्तराखंड से बीबीसी हिंदी के लिए
इमेज स्रोत, Asif Ali
इमेज कैप्शन, रेस्क्यू अभियान चलाते हुए एसडीआरएफ़ के कर्मी
गुरुवार देर रात भारी बारिश के कारण उत्तराखंड के केदारनाथ के पास फाटा
हेलीपैड के नज़दीक खाट गदेरे में मलबे में दबने से चार मज़दूरों की मौत हो गई.
चारों नेपाल के नागरिक थे.
ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया, “गुरुवार देर रात क़रीब 1:20 पर भारी बारिश से फाटा हेलीपैड के समीप खाट गदेरे
के पास चार लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना मिली थी.”
उन्होंने
कहा, “सूचना मिलते ही
घटनास्थल के लिए राहत एवं बचाव कार्य के लिए रेस्क्यू टीम को भेजा गया. डोलिया देवी
मार्ग अवरुद्ध होने के चलते एसडीआरएफ़ की टीम क़रीब दो कि.मी. पैदल चलकर घटनास्थल पर पहुंची.”
आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया, “घटनास्थल पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि भारी बारिश के कारण वहां जेसीबी मशीन का
पहुंच पाना संभव नहीं था. एसडीआरएफ़ के
जवानों ने खुदाई करके रेस्क्यू शुरू किया और चारों शवों को मलबे से बाहर निकाला.”
नंदन सिंह रजवार ने बताया कि एसडीआरएफ़ की टीम चारों शवों को रुद्रप्रयाग लेकर जा रही है.
इसराइल-फ़लस्तीन और रूस-यूक्रेन युद्ध पर कमला हैरिस ने क्या कहा
इमेज स्रोत, Reuters
इमेज कैप्शन, डेमोक्रेटिक कन्वेंशन के दौरान कमला हैरिस
अमेरिका के शिकागो में डेमोक्रेटिक पार्टी
का कन्वेंशन प्रोग्राम चल रहा है. इसी कन्वेंशन में कमला हैरिस औपचारिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाई गईं.
कन्वेंशन में कमला हैरिस ने अपना भाषण दिया और पार्टी की राष्ट्रपति पद की
उम्मीदवारी को स्वीकार भी किया.
अपने भाषण में कमला हैरिस ने इसराइल-फ़लस्तीन और रूस-यूक्रेन के मुद्दे पर बात
की. हालांकि जब हैरिस अपना भाषण दे रही थीं, उसी समय कुछ लोग ‘फ़्री फ़लस्तीन’ का नारा भी लगा रहे थे.
हैरिस ने हमेशा इसराइल को अपना समर्थन देने की बात कही. इसके अलावा उन्होंने ग़ज़ा
में लड़ाई को रोकने की अपील भी की.
कमला हैरिस ने कहा, “अब बंधकों को रिहा करने और युद्ध विराम समझौतों के पूरा करने का वक़्त आ
गया है.”
उन्होंने पिछले साल सात अक्टूबर में इसराइल में हुई हमास के हिंसा की निंदा भी
की. उन्होंने यह भी कहा, “पिछले 10 महीनों में ग़ज़ा में जो कुछ हुआ है, वह विनाशकारी
है.”
हैरिस ने यूक्रेन के लिए रूस के ख़िलाफ़ वैश्विक मदद
जुटाने की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने कहा, “मैं यूक्रेन और नेटो
सहयोगियों के साथ मज़बूती से खड़ी रहूंगी.”