लाइव, ईरानी मीडिया ने बताया होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल टैंकरों का जाना रुका

शिप-ब्रोकर एसएसवाई ने बीबीसी वेरिफ़ाई से पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में जहाज़ों को एक संदेश मिला है.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल को दीजिए इजाज़त.

    कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल, हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

  2. ईरानी मीडिया ने बताया होर्मुज़ स्ट्रेट से तेल टैंकरों का जाना रुका

    स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़

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    इमेज कैप्शन, सीज़फ़ायर के बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़रता जहाज़

    ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से तेल टैंकरों का गुज़रना बंद हो गया है, जबकि इसराइल लेबनान पर अपने ज़मीनी अभियान शुरू होने के बाद से सबसे बड़े हमले कर रहा है.

    इस स्ट्रेट से टैंकरों को गुज़रने की अनुमति देना ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फ़ायर के लिए एक अहम शर्त है.

    लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने रिपोर्ट किया है कि आज सुबह ईरान की अनुमति से दो तेल टैंकर इस स्ट्रेट से गुज़र चुके हैं, लेकिन उसके बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से तेल टैंकरों का आवागमन रोक दिया गया है.

    इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी ने भी जहाज़ों के रुकने की ख़बर दी है, और दोनों मीडिया संस्थानों ने इसके लिए लेबनान पर इसराइल के जारी हमलों का हवाला दिया है.

    शिप-ब्रोकर एसएसवाई ने बीबीसी वेरिफ़ाई से पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में जहाज़ों को एक संदेश मिला है.

    संदेश में कहा गया है कि, “सभी जहाज़ ध्यान दें. सभी जहाज़ ध्यान दें. फ़ारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में मौजूद सभी जहाज़ ध्यान दें. यह आईआरजीसी नौसेना स्टेशन है. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुज़रना अभी बंद है और इस स्ट्रेट से गुज़रने से पहले आपको आईआरजीसी से अनुमति लेनी होगी. कोई भी जहाज़ जो समुद्र में आगे बढ़ने की कोशिश करेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा और तबाह कर दिया जाएगा.”

    एसएसआई में टैंकर रिसर्च की प्रमुख क्लेयर ग्रियरसन ने बीबीसी वेरिफ़ाई को बताया कि कंपनी को जानकारी है कि जहाज़ों के क्रू ने यह संदेश एक ऐसे रेडियो चैनल पर सुना है, जिसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री अलर्ट के लिए किया जाता है.

    सीज़फ़ायर के बाद क्या-क्या हुआ-

    - अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कहना है कि ईरान के साथ सशर्त दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद “शांति का वास्तविक मौका” है.

    - बीबीसी संवाददाता के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस में हेगसेथ का लहजा काफी आत्मविश्वास से भरा था, लेकिन उनके बयानों में विरोधाभास और स्पष्टता की कमी भी दिखी.

    - डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा और वे ज़मीन में दफ़न परमाणु सामग्री को निकालकर हटाएंगे, साथ ही यह भी जोड़ा कि यूरेनियम का संवर्धन नहीं होगा.

    - दोनों पक्षों ने जीत का दावा किया है- ईरान का कहना है कि वह स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोलेगा और इस जीत को आगे होने वाली बातचीत में भी मज़बूत करेगा.

    - इसराइल का कहना है कि उसने लेबनान में अपने ज़मीनी अभियान की शुरुआत के बाद से “सबसे बड़े हमले” किए हैं. इससे पहले, इसराइल ने कहा था कि दो सप्ताह का यह विराम लेबनान पर लागू नहीं होता, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था कि इसमें लेबनान भी शामिल है.

    - युद्धविराम की घोषणा के बाद से यूएई, कुवैत और दक्षिणी ईरान की एक तेल रिफ़ाइनरी में हमले जारी रहने की ख़बरें मिली हैं. अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के नेता का कहना है कि युद्धविराम उल्लंघन “शांति प्रक्रिया की भावना को कमज़ोर करते हैं.”

  3. कर्नाटक उपचुनाव: गारंटी योजनाओं के मुद्दे पर सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

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    इमेज कैप्शन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग की आचोलना की है (फ़ाइल फ़ोटो)

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनाव आयोग की आलोचना की है.

    दरअसल चुनाव आयोग ने दावणगेरे और बागलकोट ज़िलों में राज्य की गारंटी योजनाओं की जानकारी मांगी है, जहां गुरुवार को उपचुनाव के लिए मतदान होना है.

    एक बयान में सिद्धारमैया ने कहा, "मैं साफ कहना चाहता हूं कि हमारी गारंटी योजनाएं उपचुनाव के समय की घोषणाएं नहीं हैं. ये हमारी सरकार के चल रहे कार्यक्रम हैं, जिन्हें 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों से किए गए वादों के तहत लागू किया गया है."

    साल 2023 में कांग्रेस पार्टी ने पांच गारंटी योजनाएं घोषित की थीं. इनमें बीपीएल कार्ड धारकों को 5 किलो चावल, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, परिवार की महिला मुखिया को 2000 रुपये, बेरोज़गार युवाओं को डिग्री या डिप्लोमा के बाद, पहले दो साल तक 3000 रुपये और सभी को 200 यूनिट मुफ्त बिजली शामिल थी.

    सीएम सिद्धारमैया ने कहा, "लेकिन चिंता की बात चुनाव आयोग का चुनिंदा रवैया है. महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव से ठीक पहले नकद ट्रांसफर योजनाएं शुरू की गईं या तेज़ की गईं, जिनसे मतदाताओं को सीधे आर्थिक लाभ मिला. ये सब दर्ज उदाहरण हैं. फिर भी आयोग चुप रहा और बिना जांच के इन्हें आगे बढ़ने दिया."

    उन्होंने कहा, "यह निष्पक्षता नहीं है, यह मिली-भगत है. जब बीजेपी या एनडीए सरकारें ऐसा करती हैं, तो आयोग नज़रअंदाज़ करता है. लेकिन जब कर्नाटक अपने वादे पूरे करता है, तो वही आयोग बहुत सक्रिय हो जाता है. यह दोहरा रवैया साफ पक्षपात दिखाता है. कर्नाटक की गारंटी योजनाओं को निशाना बनाना सिर्फ राजनीतिक नहीं है, यह ग़रीबों, महिलाओं और कर्नाटक के ख़िलाफ़ है."

    उन्होंने कहा कि गारंटी योजनाओं के तहत पैसे तय नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों को नियमित रूप से दिए जा रहे हैं.

  4. पाकिस्तानी पीएम बोले- सीज़फ़ायर के उल्लंघन की आ रही है ख़बरें, संयम बरतने की गुज़ारिश

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, “संघर्ष क्षेत्र में कुछ जगहों पर युद्धविराम के उल्लंघन की ख़बरें मिली हैं, जो शांति प्रक्रिया की भावना को कमज़ोर करती हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "मैं सभी पक्षों से ईमानदारी से अपील करता हूं कि वे संयम बरतें और शर्तों के मुताबिक दो हफ़्ते के युद्धविराम का सम्मान करें, ताकि कूटनीति, इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रमुख भूमिका निभा सके.”

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं.

  5. पश्चिमी देशों ने लेबनान में भी सीज़फ़ायर का सम्मान करने की अपील की

    लेबनान

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    इमेज कैप्शन, इसराइली बमबारी के बाद लेबनान का एक इलाक़ा

    पश्चिमी देशों के एक समूह ने ईरान में जल्द से जल्द स्थायी शांति बहाल करने की अपील की है और सभी पक्षों से दो हफ़्ते के युद्धविराम का पालन करने का आग्रह किया है, जिसमें लेबनान भी शामिल है.

    इस बयान पर ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा, डेनमार्क, नीदरलैंड्स, स्पेन, यूरोपीय आयोग और यूरोपीय परिषद के नेताओं ने साइन किए हैं.

    इन देशों ने दो सप्ताह के सीज़फ़ायर का स्वागत किया और इस महत्वपूर्ण समझौते को संभव बनाने के लिए पाकिस्तान और मध्यस्थों को धन्यवाद दिया.

    बयान में कहा गया है, “अब लक्ष्य यह होना चाहिए कि आने वाले दिनों में इस जंग का तेज़ और स्थायी अंत करने के लिए बातचीत की जाए. यह केवल कूटनीतिक तरीकों से ही संभव है. हम एक ठोस समझौते की दिशा में तेज़ी के लिए प्रोत्साहित करते हैं.”

    बयान में यह भी कहा गया है कि, “यह ईरान की नागरिक आबादी की सुरक्षा के लिए भी बेहद ज़रूरी है. हम सभी पक्षों से युद्धविराम लागू करने का आह्वान करते हैं, जिसमें लेबनान भी शामिल है.”

  6. दिल्ली में भारत और बांग्लादेश के विदेश मंत्री मिले, इन मुद्दों पर हुई बात

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री ख़लीलुर रहमान और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, कल यानी मंगलवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री ख़लीलुर रहमान तीन दिनों के दौरे पर भारत आए थे.

    विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज यानी बुधवार को नई दिल्ली में बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. ख़लीलुर रहमान से मुलाक़ात की.

    इस बैठक में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर भी मौजूद थे.

    जारी प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, भारत के विदेश मंत्री ने नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने और द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने की भारत की इच्छा दोहराई.

    दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने के प्रस्तावों पर विचार करने पर सहमति जताई.

    इस यात्रा के दौरान, बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाक़ात की.

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री ख़लीलुर रहमान तीन दिनों के दौरे पर भारत आए हैं.

  7. कार्टून: हाँ, स्वागत है

    कार्टून
    इमेज कैप्शन, अमेरिका ईरान के बीच सीज़फ़ायर पर आज का कार्टून.
  8. अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- 'ईरान ने युद्धविराम के लिए मांगी भीख'

    पीट हेगसेथ

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए हेगसेथ ने कहा कि, "उन्होंने इतिहास रच दिया है.”

    अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान अमेरिका के लिए 47 सालों से ख़तरा बना हुआ था, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ़ करते हुए हेगसेथ ने कहा कि 'उन्होंने इतिहास रच दिया है.'

    रक्षा मंत्री हेगसेथ ने दावा किया, “राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे संभव बनाया, ईरान ने इस युद्धविराम के लिए भीख मांगी, और हम सभी यह जानते हैं.”

    हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी ऐतिहासिक और बेहद प्रभावशाली था, और यह भी कहा कि, "अमेरिकी सेना ने ईरान की सैन्य ताक़त को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है.”

  9. अमेरिका ने कहा - ज़रूरत पड़ी तो तैयार है सेना, अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले 'ट्रंप ने दिखाई दया'

    पीट हेगसेथ

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    इमेज कैप्शन, अमेरिका के रक्षा मंत्री बोले- ट्रंप के पास कुछ ही मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की ताक़त थी

    ईरान के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान ने भारी दबाव में सीज़फ़ायर स्वीकार किया है.

    रक्षा मंत्री हेगसेथ और अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने पेंटागन में एक प्रेसवार्ता को संबोधित किया है. उसी दौरान ये बयान दिया गया है.

    उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका की शर्तें ठुकरा दी होतीं, तो अगले निशाने उनके बिजली संयंत्र, पुल और तेल व ऊर्जा से जुड़ा बुनियादी ढांचा होते.”

    उनके मुताबिक, ईरान को फिर से खड़ा होने में दशकों लग जाते, लेकिन वहां के लीडरशिप ने समझ लिया कि समझौता करना बेहतर है.

    रक्षा मंत्री ने आगे कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास कुछ ही मिनटों में ईरान की पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बनाने की ताक़त थी, लेकिन उन्होंने दया दिखाने का विकल्प चुना.”

    तैयार है सेना

    अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने युद्ध में मारे गए 13 अमेरिकी सैनिकों को याद करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की.

    केन ने आगे कहा, "हम उनमें से हरेक के प्रति आभारी हैं और उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हैं."

    उन्होंने आगे कहा, "अमेरिकी सैनिक 'युद्ध अभियान फिर से शुरू करने के आदेश पर उसी रफ़्तार के साथ तैयार हैं, जिसे हमने पिछले 38 दिनों में दिखाया है. और हम आशा करते हैं कि ऐसा नहीं होगा."

  10. बांग्लादेश ने सीज़फ़ायर का स्वागत किया, लेकिन नहीं लिया पाकिस्तान का नाम

    बांग्लादेश का झंडा

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, "बांग्लादेश युद्धविराम को संभव बनाने में शामिल सभी पक्षों के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना करता है"

    बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज़ जारी कर सीज़फ़ायर का स्वागत किया है.

    प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि, “बांग्लादेश मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के अस्थायी युद्धविराम का स्वागत करता है. बांग्लादेश इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानता है."

    "बांग्लादेश को उम्मीद है कि इससे जुड़े सभी पक्ष युद्धविराम का सम्मान करेंगे और इस अवसर का रचनात्मक उपयोग करते हुए एक स्थायी और टिकाऊ समाधान की दिशा में काम करेंगे. साथ ही, पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता बहाल करेंगे."

    बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि, "बांग्लादेश युद्धविराम को संभव बनाने में शामिल सभी पक्षों के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना करता है. बांग्लादेश दोहराता है कि सभी विवादों का समाधान संवाद और कूटनीति के ज़रिये शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है और किया जाना चाहिए."

    इस सीज़फ़ायर के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने भी इसके लिए पाकिस्तान को धन्यवाद कहा है. हालांकि बांग्लादेश ने अपने बयान में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है.

  11. डोनाल्ड ट्रंप बोले- 'ईरान की सैन्य मदद करने वाले देशों पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ लगेगा'

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान को सैन्य मदद देने वाले देशों पर टैरिफ़ लगेगा और इसमें कोई छूट नहीं दी जाएगी (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान की सैन्य मदद करने वाले देशों पर टैरिफ़ लगाने की बात कही है.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने एक्स पर लिखा, “ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करने वाले सभी देशों को, अमेरिका को बेचे जाने वाले सभी सामान पर 50 फ़ीसदी टैरिफ़ का सामना करना पड़ेगा. और यह फ़ौरन लागू होगा. इसमें कोई छूट नहीं दी जाएगी.”

  12. ईरान के राष्ट्रपति बोले- 'हम आगे भी एकजुट रहेंगे'

    मसूद पेज़ेश्कियान

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ये सीज़फ़ायर ईरान की शर्तों पर हुआ है (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने एक्स पर पोस्ट कर ईरान के लोगों से आगे भी एकजुट रहने की बात कही है.

    उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा है, “ईरान ने जिन सामान्य सिद्धांतों की मांग की थी, उसे स्वीकार करते हुए ये युद्धविराम हुआ है, जो हमारे महान नेता ख़ामेनेई के ख़ून का सबूत है और मैदान में मौजूद सभी लोगों की उपलब्धि है.”

    उन्होंने लिखा, “आज से हम आगे भी एकजुट रहेंगे, चाहे वह कूटनीति का क्षेत्र हो, रक्षा का क्षेत्र हो, सड़क हो या सेवा करने का क्षेत्र हो.”

  13. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने ईरान के राष्ट्रपति से क्या बात की है?

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर पोस्ट कर ईरान के राष्ट्रपति से बात करने की जानकारी दी है

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान से फ़ोन पर बातचीत की है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज दोपहर मेरी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के साथ एक गर्मजोशी भरी और सार्थक बातचीत हुई."

    उन्होंने लिखा, "मैंने क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए इस हफ़्ते के आख़िर में इस्लामाबाद में शांति वार्ता की मेज़बानी के पाकिस्तान के प्रस्ताव को स्वीकार करने में ईरानी नेतृत्व की समझदारी और दूरदर्शिता की सराहना की."

    पीएम शहबाज़ ने लिखा, "राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने आगे होने वाली बातचीत में ईरान की भागीदारी की पुष्टि की और पाकिस्तान की कोशिशों के लिए आभार व्यक्त किया, साथ ही पाकिस्तान की जनता के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं."

    "पाकिस्तान क्षेत्र और उससे आगे, शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने सभी मित्रों और साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है."

  14. ब्रिटेन के पीएम और ईयू कमिशन की अध्यक्ष ने अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच हुए सीज़फ़ायर का स्वागत किया

    उर्सुला वॉन डर लेन और किएर स्टार्मर

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    इमेज कैप्शन, यूरोपीय यूनियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने एक्स पर पोस्ट कर अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच हुए सीज़फ़ायर डील का स्वागत किया है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं रातोंरात हुए युद्धविराम समझौते का स्वागत करता हूं, जो क्षेत्र और दुनिया के लिए राहत का एक पल लेकर आएगा.”

    उन्होंने आगे कहा, "अपने साझेदारों के साथ मिलकर हमें इस सीज़फ़ायर को समर्थन देने और इसे बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी कोशिशें करनी चाहिए, ताकि इसे एक स्थायी समझौते में बदला जा सके और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को फिर से खोला जा सके."

    वहीं, यूरोपीय यूनियन कमिशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेन ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस डील का स्वागत किया.

    उन्होंने लिखा, “मैं अमेरिका और ईरान के बीच पिछली रात हुए दो सप्ताह के युद्धविराम का स्वागत करती हूं. इसकी बहुत ज़्यादा ज़रूरत थी, क्योंकि इससे तनाव कम होगा. मैं पाकिस्तान की मध्यस्थता के लिए उसका धन्यवाद करती हूं."

    उन्होंने आगे कहा, "अब यह बेहद ज़रूरी है कि इस संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए बातचीत जारी रहे. हम इस उद्देश्य के लिए अपने साझेदारों के साथ तालमेल जारी रखेंगे.”

  15. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण पर खेद व्यक्त किया

    मल्लिकार्जुन खड़गे

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर केरल में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए अपने भाषण पर खेद व्यक्त किया है.

    उन्होंने एक्स पर लिखा, “हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर ग़लत तरीके से पेश किया जा रहा है. फिर भी, मैं अपनी तरफ से ज़िम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं. गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा. वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था.”

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रविवार को केरल के इडुक्की ज़िले में एक चुनावी रैली में खड़गे ने कहा था कि, "राज्य (केरल) के लोग शिक्षित और समझदार हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, वहीं गुजरात और दूसरी जगहों के लोग अशिक्षित हैं."

    कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के इस बयान के बाद, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से पूछा कि क्या वे खड़गे के इस बयान से सहमत हैं.

  16. युद्धविराम के बावजूद इसराइली सेना ने लेबनान के लोगों को दी ये चेतावनी

    बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, इसराइल ने कहा था कि लेबनान पर युद्धविराम लागू नहीं होता (फ़ाइल फ़ोटो)

    इसराइली सेना ने लेबनान के दक्षिणी शहर 'टायर' में रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी जारी की है. उन्हें तुरंत घर खाली करने के लिए कहा गया है.

    इसराइली सेना ने कहा है, "लोग अपने घर तुरंत खाली करें और ज़हरानी नदी के उत्तर की ओर चले जाएं ताकि आप सुरक्षित रहें."

    बीबीसी के मध्य पूर्व संवाददाता ह्यूगो बाशेगा की रिपोर्ट के मुताबिक़, लेबनान में अब तक 12 लाख से ज़्यादा लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं, जो देश की आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा है. इसके अलावा 1,500 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    सीमा के पास बसे गांव तबाह हो गए हैं क्योंकि इसराइली सेना उस जगह को 'सुरक्षा क्षेत्र' बनाने की कोशिश कर रही है, ताकि हिज़्बुल्लाह को ख़त्म किया जा सके. इस वजह से डर है कि कुछ इलाकों पर जंग ख़त्म होने के बाद भी क़ब्ज़ा बना रह सकता है और परिवार शायद ही अपने घर लौट पाएं.

    गौरतलब है कि सीज़फ़ायर के एलान के बाद इसराइल ने कहा था कि वह युद्धविराम का समर्थन करता है, लेकिन यह 'लेबनान पर लागू नहीं होता'.

    जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा था कि 'लेबनान में भी युद्धविराम' लागू होगा.

  17. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भेड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

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  18. अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम पर भारत ने दी पहली प्रतिक्रिया

    एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, भारत ने उम्मीद जताई है कि पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति बनी रहेगी (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने सीज़फ़ायर का स्वागत किया है.

    भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा, "हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह पश्चिम एशिया में लंबे समय तक शांति लाएगा. जैसा कि हम पहले भी कहते आए हैं, तनाव कम करना, बातचीत और कूटनीति ज़रूरी हैं ताकि इस संघर्ष का जल्दी अंत हो सके."

    जारी किए गए बयान में कहा गया है,"यह संघर्ष पहले ही लोगों को बहुत तकलीफ़ दे चुका है और दुनिया की ऊर्जा सप्लाई और व्यापार नेटवर्क को बिगाड़ चुका है. हम उम्मीद करते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज़ों की आवाजाही और वैश्विक व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा."

    गौरतलब है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान ने दो हफ़्तों के लिए युद्धविराम का एलान किया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने दोनों देशों का शुक्रिया अदा किया.

  19. अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम होने के बाद भारत में विपक्षी नेताओं ने क्या कहा?

    प्रियंका चतुर्वेदी, जयराम रमेश और उमर अब्दुल्लाह

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    इमेज कैप्शन, युद्धविराम के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्तों के लिए युद्धविराम हो गया है, जिसे इसराइल ने भी स्वीकार किया है. इस युद्धविराम के लिए भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान ने मध्यस्थता की है.

    सीज़फ़ायर के एलान के बाद भारत में विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई हैं. कांग्रेस ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं.

    कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "पाकिस्तान ने जो भूमिका निभाई और सीज़फायर करवाया, उससे मोदी जी की पर्सनल स्टाइल वाली डिप्लोमेसी को बड़ा झटका लगा है."

    "28 फरवरी ईरान के शासन के शीर्ष नेतृत्व की टारगेटेड किलिंग के साथ शुरू हुआ था. यह घटनाएँ प्रधानमंत्री मोदी की बहुचर्चित इसराइल यात्रा पूरी होने के ठीक दो दिन बाद शुरू हुई थीं.इस यात्रा ने भारत की वैश्विक साख और प्रतिष्ठा को कम किया."

    उन्होंने लिखा, "विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को दलाल कहकर खारिज किया था. लेकिन अब स्वयंभू विश्वगुरु पूरी तरह एक्सपोज़ हो चुके हैं उनका स्वयं घोषित 56 इंच का सीना सिमटकर रह गया है."

    शिवसेना-यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा, "भारत को अमेरिका और ईरान के बीच किसी बातचीत की मेज़ पर क्यों होना चाहिए था? आलोचना समझ नहीं आती, क्योंकि यह हमारी लड़ाई नहीं थी. पाकिस्तान के लिए यह ऐसा है जैसे कोई कछुआ जो पैसे लेकर कहे कि वह संकट सुलझा देगा, जैसा कि भारत के विदेश मंत्री ने सर्वदलीय बैठक में अच्छे तरीके से बताया."

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने एक्स पर लिखा लिखा, "युद्धविराम से होर्मुज़ स्ट्रेट फिर से खुल गया, वही होर्मुज़ स्ट्रेट जो युद्ध शुरू होने से पहले सबके लिए खुला और आसानी से इस्तेमाल करने लायक था. तो आखिर इस 39 दिन के युद्ध से अमेरिका ने क्या हासिल किया?"

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