अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार
को व्हाइट हाउस में जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह से मुलाक़ात की. इस मौके पर
उन्होंने दोहराया कि ग़ज़ा पट्टी को 'अमेरिका अपने नियंत्रण' में लेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने चार
फ़रवरी को ग़ज़ा पट्टी पर अमेरिकी नियंत्रण का प्रस्ताव रखा था. इससे पहले, ट्रंप ने यह भी कहा था कि फ़लस्तीनियों
को मिस्र और जॉर्डन में स्थायी रूप से 'बसाया' जाए.
हालांकि, जॉर्डन समेत उस
इलाक़े में मौजूद अन्य देशों ने ट्रंप के सुझाव पर आपत्ति दर्ज कराई थी. ट्रंप द्वारा दिए गए इस प्रस्ताव के बाद ट्रंप और
जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह की यह पहली मुलाक़ात थी.
मध्य पूर्व में जॉर्डन, अमेरिका का प्रमुख
सहयोगी है. वह लाखों फ़लस्तीनियों को अपने यहां लेने के ट्रंप के प्रस्ताव को पहले
ही ठुकरा चुका है.
किंग अब्दुल्लाह ने ट्रंप से हुई मुलाक़ात के बाद कहा, “जॉर्डन इस मत को लेकर अटल है कि
वो
फ़लस्तीनियों के विस्थापन के ख़िलाफ़ है.”
मगर, ओवल ऑफ़िस में जॉर्डन के किंग अब्दुल्लाह के
पास बैठे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संकेत दिया कि वो अपना इरादा
नहीं बदलेंगे.
हालांकि, फ़लस्तीनियों को अपने यहां लेने के सवाल पर जॉर्डन किंग अब्दुल्लाह ने कहा
कि ऐसा फ़ैसला लिया जाना चाहिए जो ‘सभी के लिए सर्वश्रेष्ठ’
हो.
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि जब हम
बातचीत ख़त्म करेंगे, तो हमारे पास एक स्थान होगा, जहां वो लोग (फ़लस्तीनी) बहुत ख़ुशी और बहुत
सुरक्षा के साथ रह सकेंगे.”