पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले के रघुनाथगंज और जंगीपुर इलाक़े में मंगलवार को वक़्फ़ क़ानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी.
ज़िले के विभिन्न स्थानों पर सोमवार से ही इस क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहा था.
लेकिन मंगलवार को जंगीपुर में यह हिंसक हो उठा. प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाइवे-12 पर ट्रैफिक रोक दिया और मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर पथराव किया.
भीड़ ने पुलिस के दो वाहनों में भी आग लगा दी. प्रदर्शनकारी वक़्फ़ क़ानून को वापस लेने की मांग कर रहे थे.
रघुनाथगंज थाने के एक पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि फिलहाल कई इलाक़ों में तनाव है.
अधिकारी का कहना था कि प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाइवे की नाकाबंदी कर दी थी. इसे हटाने के लिए मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया. इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए.
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पहले लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद लोगों ने दो वाहनों में आग लगा दी और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया.
अधिकारी का कहना था कि परिस्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस अधीक्षक आनंद राय और ज़िले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भारी तादाद में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे. इलाके में पुलिस की टुकड़ी तैनात कर दी गई है.
स्थानीय पत्रकार सुप्रतिम महतो ने बताया, "प्रदर्शन के कारण नेशनल हाइवे पर वाहनों का लंबा जाम लग गया था. पुलिस भीड़ को हटाने का प्रयास कर रही थी. इस दौरान ही पथराव किया गया. बाद में शाम सात बजे हाइवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हुई."
इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन से फोन पर बात की और उनको मौके पर पहुंचने का निर्देश दिया.
विधायक ने पत्रकारों को बताया कि परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए वो बुधवार को स्थानीय लोगों के साथ बैठक करेंगे.
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने परिस्थिति पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बलों से मदद लेने का सुझाव दिया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं मुर्शिदाबाद के ज़िलाशासक (डीएम) और राज्य के मुख्य सचिव से राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्रालय की मदद से इलाक़े में केंद्रीय बलों को तैनात करने का अनुरोध करता हूं."