लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है.
शुक्रवार को भी डॉ. भीमराव आंबेडकर पर गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी और लोकसभा अध्यक्ष ओम
बिरला के सदस्यों को संसद के किसी भी द्वार पर प्रदर्शन न करने के निर्देश को लेकर
विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच रस्साकशी देखने को मिली.
जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया.
लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा, “ये (केंद्र) सरकार डरती
है. ये सरकार अदानी की चर्चा से डरती है. डॉ. आंबेडकर पर इनकी असल भावना निकल आई
है. हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं और ये इसी बात से डर रहे हैं. डॉ. आंबेडकर का इस
तरह से अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा.”
राहुल गांधी पर दर्ज हुई एफ़आईआर पर प्रियंका गांधी ने कहा, “यह सरकार की बेचैनी को
दिखाता है. राहुल इस तरह की हरकत कभी नहीं कर सकते हैं.”
इससे पहले राहुल गांधी पर संसद में धक्का-मुक्की के आरोपों और अमित शाह के डॉ. भीमराव आंबेडकर पर दी गई टिप्पणी का विवाद शुक्रवार को भी जारी रहा.
शुक्रवार को सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टियों, दोनों के ही सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग को दोहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया.
वहीं बीजेपी के विधायकों ने भी राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए विरोध प्रदर्शन किया. गुरुवार को बीजेपी
विधायक प्रताप सारंगी ने राहुल गांधी पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाया था.
बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने कहा, "राहुल गांधी का कल का व्यवहार, जैसा उन्होंने एक महिला
के साथ ग़लत व्यवहार किया है और वो सदन में धक्का देकर घुसना चाहते थे वो ग़लत है.
उनको अनुशासन में रहना चाहिए और कल के अपने व्यवहार के लिए माफ़ी मांगनी
चाहिए."
कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी अमित शाह के इस्तीफ़े की मांग की. उन्होंने कहा, “सब जानते हैं कि कल संसद में क्या
हुआ. हमारी मांग साफ़ है कि डॉ. आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के लिए अमित शाह माफ़ी
मांगें और गृह मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दें.”
समाजवादी पार्टी ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. पार्टी की सांसद डिंपल
यादव ने कहा, “हम चाहते हैं कि बीजेपी
के सांसद मांफ़ी मांगें. उन्होंने ना केवल देश के लोकतंत्र का अपमान किया है बल्कि
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर का भी अपमान किया है जो कि देश के हर व्यक्ति के आदर्श
हैं.”