आंबेडकर मुद्दे पर छिड़ा घमासान 'धक्का-मुक्की' तक पहुंचा, कांग्रेस और बीजेपी ने क्या कहा?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'आंबेडकर वाले' बयान पर संसद में छिड़ा घमासान गुरुवार को और बढ़ गया.

सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी की और सांसदों के बीच कथित धक्का-मुक्की के आरोप भी लगाए गए. इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीजेपी के दो सांसदों प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को 'गंभीर रूप से घायल' कर दिया है.

प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत से बात की है. बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने बताया कि उनकी पार्टी के सांसद हिमांग जोशी ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

जबकि राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका में भारतीय कारोबारी गौतम अदानी पर हुए केस के बारे में चर्चा से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी ये सब कर रही है.

इससे पहले राहुल गांधी ने रिजिजू के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि आज संसद में घुसने के समय प्रवेश द्वार के सामने बीजेपी के सांसद उनका रास्ता रोकने की कोशिश कर रहे थे.

राहुल गांधी के मुताबिक़ बीजेपी सांसदों ने उनके और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ धक्का-मुक्की की. इसी वजह से वहां हंगामा हुआ.

किरेन रिजिजू ने इस हंगामे पर आरोप लगाया, ''आख़िर राहुल गांधी को किस कानून के तहत दूसरे सांसदों पर शारीरिक हमला करने का हक़ मिला है. क्या आपने दूसरे सांसदों को पीटने के लिए कराटे, कुंग-फ़ू सीखी है.''

उन्होंने कहा,'' संसद कोई कुश्ती का अखाड़ा नहीं है. ये शारीरिक ताक़त दिखाने का मैदान नहीं है. मैं अपने घायल साथियों को देखने अस्पताल जा रहा हूं. राहुल गांधी को माफ़ी मांगनी चाहिए.''

बीजेपी सांसद प्रताप सांरगी ने क्या कहा

ओडिशा के बालासोर से बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी ने घटना के बारे में दावा किया, '' मैं सीढ़ियों पर था. उस समय राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का मारा और वो मुझ पर गिर पड़े और मुझे चोट लग गई.''

समाचार एजेंसी एएनआई के एक वीडियो में सारंगी व्हीलचेयर पर बैठे दिख रहे हैं. उनके सिर को लोग रुमाल से ढंकते दिख रहे हैं और उन्हें वहां से ले जाया जा रहा है.''

बाद में दोनों सांसदों को अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में कई बीजेपी सांसद उन्हें देखने पहुंचे.

वहीं बीजेपी के कुछ सांसद राहुल गांधी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे और उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया.

राहुल गांधी ने बीजेपी के आरोपों पर क्या कहा

राहुल गांधी ने प्रताप सारंगी के दावों का जवाब दिया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा,''सच तो ये है कि आज जब संसद में घुस रहा था तो बीजेपी के सांसदों का एक ग्रुप मेरा रास्ता रोकने की कोशिश कर रहा था. मल्लिकार्जुन खड़गे को भी धक्का दिया गया. इसी वजह से वहां हंगामा हुआ.''

राहुल गांधी ने कहा, ''उन्होंने मुझे धक्का दिया. मुझे धमकी दी. लेकिन इससे हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ता. धक्का-मुक्की से हमें डर नहीं लगता. ये संसद है और हमें इसके अंदर जाने का पूरा अधिकार है.''

इसके बाद राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "पार्लियामेंट से कुछ दिन पहले अदानी जी का यूएस में केस आया और पूरे टाइम बीजेपी ने उस पर डिबेट रोकने की कोशिश की. बीजेपी की बेसिक कोशिश यही थी कि इस पर चर्चा न हो.''

''उसके बाद अमित शाह जी का बयान आता है. हम पहले से कह रहे हैं कि बीजेपी-आरएसएस की सोच संविधान विरोधी और एंटी आंबेडकर है. ये लोग आंबेडकर जी को सोच को मिटाना चाहते हैं.''

उन्होंने कहा, '' गृह मंत्री ने सीधे तौर पर दिखा दिया कि इनकी मानसिकता क्या है. हमने इस मुद्दे पर (आंबेडकर पर टिप्पणी को लेकर) कहा कि बीजेपी को माफी मांगनी चाहिए. लेकिन उन्होंने वो नहीं किया. आज फिर से उन्होंने ध्यान हटाने की नई कोशिश शुरू की है.''

राहुल गांधी ने कहा,'' हम आंबेडकर जी की प्रतिमा से संसद भवन के प्रवेश द्वार की ओर जा रहे थे. लेकिन बीजेपी के सांसदों ने लकड़ियां लिए हमें बीच में रोकने की कोशिश की.''

उन्होंने कहा,'' गृह मंत्री को इस्तीफ़ा देना चाहिए. मुख्य मुद्दा यही है कि अदानी जी पर ये लोग चर्चा नहीं चाहते हैं.''

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,'' संसद में जब संविधान की चर्चा आई, उस वक़्त शाह जी (अमित शाह) को कहां से समझ आया और किसने उन्हें ज्ञान दिया मुझे मालूम नहीं, लेकिन उन्होंने भगवान की व्याख्या भी अलग कर दी, आंबेडकर का मज़ाक भी उड़ाया.''

खड़गे बोले, ''हम बाबा साहब आंबेडकर की मूर्ति से निकले और शांतिपूर्ण तरीके से लाइन में आ रहे थे. लेकिन उनको क्या सूझा मुझे मालूम नहीं है. हम चलते हुए आ रहे थे, वो लोग मकर द्वार पर आकर हमें रोकने के लिए वहां पर बैठ गए. पार्लियामेंट का टाइम भी था, पाँच मिनट बचे थे इसलिए हम अंदर जाना चाहते थे. उन्होंने अपनी ताकत दिखाने के लिए वहां इतने पुरुष एमपी खड़े कर दिए थे. हमारी महिला सांसद भी हमारे साथ थीं.''

खड़गे ने कहा,'' मैं किसी को धक्का देने की स्थिति में नहीं हूं. लेकिन मुझे उन लोगों ने धक्का दिया. मैं अपना बैलेंस नहीं संभाल सका और नीचे बैठ गया. उन लोगों ने धक्का-मुक्की की. अब हम पर आरोप लगा रहे हैं.''

उन्होंने कहा, ''बीजेपी के लोग बैठे-बैठे हमारा मज़ाक बना रहे थे, चिढ़ा रहे थे. हम ये बात बर्दाश्त नहीं करेंगे. ऐसे में देशव्यापी आंदोलन होगा.''

इससे पहले खड़गे ने लोकसभा के स्पीकर को लिखी चिट्ठी में अपने साथ धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया था.

इस घटना के बाद दोनों ओर के महिला सांसदों ने विरोधी पार्टी के पुरुष सांसदों पर आरोप लगाए.

पहले नगालैंड से बीजेपी की महिला सांसद फान्गोन कोन्याक ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उनके साथ दुर्व्यवहार कर रहे थे. इसके बाद कांग्रेस की महिला सांसदों ने बीजेपी के पुरुष सांसदों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने की ओर मार्च किया.

अमित शाह ने आंबेडकर पर क्या कहा था

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद में संविधान स्वीकार करने के 75 साल पूरे होने पर आयोजित बहस का समापन करते हुए भीमराव आंबेडकर से जुड़ी टिप्पणी की थी.

उन्होंने कहा था, "अभी एक फ़ैशन हो गया है.. आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर. इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता."

संसद में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संविधान पर चर्चा के दौरान एक लंबे भाषण के इस छोटे से अंश को लेकर ऐसा हंगामा हुआ कि संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

इस बयान में आंबेडकर का अपमान देख रहे हमलावर विपक्ष को जवाब देने के लिए अमित शाह ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस की.

अमित शाह ने कहा, "जिन्होंने जीवन भर बाबा साहेब का अपमान किया, उनके सिद्धांतों को दरकिनार किया, सत्ता में रहते हुए बाबा साहेब को भारत रत्न नहीं मिलने दिया, आरक्षण के सिद्धांतों की धज्जियां उड़ाईं, वे लोग आज बाबा साहेब के नाम पर भ्रांति फैलाना चाहते हैं."

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की.

खड़गे ने कहा, "बाबा साहेब का अपमान किया है, संविधान का अपमान किया है, उनकी आरएसएस की विचारधारा दर्शाती है कि वो स्वयं बाबा साहेब के संविधान का सम्मान नहीं करना चाहते हैं. समूचा विपक्ष अमित शाह का इस्तीफ़ा मांगता है."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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