ग़ज़ा में इसराइली हमले में हमास नेता याह्या सिनवार की मौत के दावों के बीच हमास ने क्या कहा?
हमास से जुड़ी वेबसाइट ने फ़लस्तीनी नागरिकों के लिए एक चेतावनी जारी कर याह्या सिनवार की जानकारी मिलने का इंतज़ार करने के लिए कहा है.
सारांश
क्या हमास नेता याह्या सिनवार मारे गए: इसराइली सेना ने कहा- जाँच कर रहे हैं.
उत्तरी ग़ज़ा में इसराइली हवाई हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत की ख़बर.
बहराइच हिंसा के मामले में यूपी पुलिस का दावा- दो अभियुक्त मुठभेड़ में घायल हुए.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी
बिहार: सिवान और सारण में ज़हरीली शराब से अब तक 24 मौतें, नीतीश कुमार ने मामले की समीक्षा की.
नायब सिंह सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में ली हरियाणा के सीएम पद की शपथ.
सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा.
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ग़ज़ा में इसराइली हमले में हमास नेता याह्या सिनवार की मौत के दावों के बीच हमास ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, याह्या सिनवार (फ़ाइल फोटो)
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ हमास से
जुड़ी वेबसाइट पर एक चेतावनी जारी कर याह्या सिनवार की जानकारी मिलने का इंतज़ार
करने के लिए कहा गया है.
रॉयटर्स के मुताबिक़ हमास से जुड़ी वेबसाइट ‘अल-मज्द’ ने फ़लस्तीनियों
से अधिक जानकारी के लिए इंतजार करने का आग्रह किया है.
इस वेबसाइट में आमतौर पर सुरक्षा मुद्दों से जुड़ी जानकारियां प्रकाशित
होती हैं.
वेबसाइट के मुताबिक़, सिनवार के बारे में
जानकारी के लिए फ़लस्तीनी लोग हमास की सूचना का इंतजार करें, न कि इसराइली मीडिया की
ख़बरों पर भरोसा करें.
वेबसाइट ने कहा, “इसराइली मीडिया का
उद्देश्य उनकी हौसले को तोड़ना है.”
इससे पहले इसराइली सेना (आईडीएफ़) ने कहा था
कि ग़ज़ा में एक हमले में हमास के नेता याह्या सिनवार भी मारे गए हैं या नहीं, इसकी जाँच की जा
रही है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी ने इसराइल के एक सुरक्षा
अधिकारी के हवाले से कहा है कि हमले में मारा गया व्यक्ति याह्या सिनवार हैं या
नहीं, इस बात की पुष्टि करने के लिए डीएनए टेस्ट किया जा रहा है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी होने पर भारत ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना इसी साल जून में भारत आई थीं, तब उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की थी
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़
गिरफ़्तारी वारंट जारी होने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें कुछ रिपोर्ट्स के ज़रिए इसकी जानकारी मिली है.
उन्होंने कहा, “हमने हाल ही में
कुछ रिपोर्ट्स देखी है, लेकिन हम इस पर कुछ नहीं कह सकते.”
शेख़ हसीना के भारत में रहने को लेकर रणधीर
जायसवाल ने कहा, “सुरक्षा की
दृष्टि से वो एक शॉर्ट नोटिस पर भारत आई थीं. तब से वो यहीं रह रही हैं.”
गुरुवार को बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है. शेख़ हसीना पर जुलाई-अगस्त के दौरान देश हुए अपराधों में संलिप्त होने का आरोप है.
दो अलग-अलग याचिकाओं के संदर्भ में शेख़ हसीना और ओबैदुल क़ादर समेत कुल 46 लोगों के ख़िलाफ़ इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्राइब्यूनल (आईसीटी) ने गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया है. उन्हें 18 नवंबर से पहले ट्राइब्यूनल के सामने पेश होने का आदेश दिया गया है.
बीते पांच अगस्त को छात्र आंदोलन और विरोध की वजह से शेख़ हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और वो देश छोड़कर भारत आ गई थीं. तब से वो भारत में रह रही हैं.
भारत-कनाडा विवाद पर कांग्रेस बोली- पक्ष और विपक्ष को एक आवाज़ में बात करनी होगी
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इमेज कैप्शन, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत-कनाडा
विवाद पर कांग्रेस ने कहा है कि विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों
में पक्ष और विपक्ष को एक आवाज़ में बात करनी होगी.
कांग्रेस
नेता पवन खेड़ा ने कहा, “किसी भी देश ने आजतक इतनी
ज़ुर्रत या हिम्मत नहीं की थी कि भारत पर इस तरह के गंभीर आरोप लगाए, भारत सरकार
पर इतने गंभीर आरोप लगाए, ये पहली बार हुआ है.”
उन्होंने
कहा, “यह अप्रत्याशित है और हम
इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. क्योंकि विदेश नीति हो या राष्ट्रीय सुरक्षा से
जुड़े हुए मामले हों, पक्ष और विपक्ष को भारत की तरह एक आवाज़ में बात करनी होगी."
"उस एक आवाज़ में बात करने के लिए आवश्यक है कि भारत सरकार नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा
और नेता प्रतिपक्ष लोकसभा को विश्वास में लें और उन्हें पूरी ब्रीफिंग दें, ताकि
हम उनकी आवाज़ में अपनी आवाज़ मिला सकें.”
बाबा सिद्दीकी की मौत पर हो रही राजनीति को लेकर उनके बेटे जीशान ने क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, बाबा सिद्दीकी और उनके बेटे जीशान शिद्दीकी (फ़ाइल फ़ोटो)
एनसीपी नेता बाबा सिद्दीक़ी की हत्या के बाद उनके बेटे ज़ीशान सिद्दीक़ी ने कहा है कि उनकी मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
ज़ीशान सिद्दीक़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है. ज़ीशान फिलहाल महाराष्ट्र में कांग्रेस के विधायक हैं.
उन्होंने लिखा है, "मेरे पिता ने ग़रीब-मासूम लोगों की ज़िंदगी और घरों को बचाते हुए अपनी जान गंवाई. आज मेरा परिवार पूरी तरह टूट चुका है लेकिन उनकी मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. और इसे व्यर्थ भी नहीं जाने देना चाहिए."
ज़ीशान ने लिखा है कि उन्हें और उनके परिवार को न्याय चाहिए.
बाबा सिद्दीक़ी की बीते शनिवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के मुताबिक शूटरों ने बाबा सिद्दीकी पर कई राउंड फायरिंग की, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
बाबा सिद्दीक़ी कांग्रेस छोड़कर अजित पवार के गुट वाली एनसीपी में शामिल हुए थे.
हमास नेता याह्या सिनवार की मौत की पुष्टि के लिए इसराइल कर रहा है डीएनए टेस्ट
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इमेज कैप्शन, हमासे के नेता याह्या सिनवार (फ़ाइल फ़ोटो)
इसराइली सेना (आईडीएफ़) का कहना है कि ग़ज़ा में एक हमले में हमास के नेता याह्या सिनवार भी मारे गए हैं या नहीं, इसकी जाँच की जा
रही है.
इसराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है, “हमारे दुश्मन कहीं भी नहीं छुप सकते. हम उन्हें ढूंढकर
मार गिराएंगे.”
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ इसराइल
की सुरक्षा कैबिनेट ने बताया है कि सिनवार की 'संभवतः मौत हो गई है'.
इसराइल के दो अधिकारियों ने रॉयटर्स को
बताया कि इसराइल की सुरक्षा कैबिनेट के सदस्यों को जानकारी दी गई है कि हमास नेता
याह्या सिनवार की मौत की पूरी संभावना है.
वहीं इसराइल के कुछ अज्ञात अधिकारियों ने
कथित तौर पर इसराइली मीडिया ‘चैनल 12’ को बताया है कि सिनवार को मार दिया गया है.
वहीं समाचार एजेंसी एएफ़पी ने इसराइल के एक सुरक्षा
अधिकारी के हवाले से कहा है कि हमले में मारे एक व्यक्ति याह्या सिनवार हैं या
नहीं, इस बात की पुष्टि करने के लिए डीएनए टेस्ट किया जा रहा है.
इसराइल के पास सिनवार के डीएनए और अन्य बायोमेट्रिक डेटा मौजूद होंगे, जो जेल में बिताने के दौरान रिकॉर्ड में
रखे गए होंगे.
हरियाणा के नतीजों से महाराष्ट्र चुनाव पर असर होगा या नहीं, शरद पवार ने दिया ये जवाब
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इमेज कैप्शन, शरद पवार (फाइल फोटो)
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद
पवार ने कहा है कि हरियाणा के चुनावों के नतीजों का असर अगले महीने होने वाले
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों पर नहीं पड़ेगा.
हरियाणा में
कांग्रेस की हार के बाद इंडिया गठबंधन की महाराष्ट्र चुनाव को लेकर रणनीति पर पूछे
गए सवालों का जवाब देते हुए पवार ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी की सरकार थी, जिसकी वजह
से वह सत्ता में दोबारा आने में कामयाब रही.
उन्होंने कहा, "लेकिन आप जम्मू-कश्मीर के नतीजों को देखिए. मुझे नहीं लगता हरियाणा के चुनावों
के नतीजों का असर महाराष्ट्र के चुनावों पर पड़ेगा. जहां तक जम्मू-कश्मीर की बात है,
वैश्विक समुदाय उस पर ज्यादा ध्यान देते है और देश के लिए जम्मू-कश्मीर चुनाव के नतीजे ज्यादा मायने रखते हैं."
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर चुनाव 20 नवंबर को होंगे और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे.
पाँच अक्तूबर को हुए
हरियाणा चुनावों में 90 सीटों की विधानसभा पर 48 सीटों पर जीत दर्ज करके बीजेपी ने
तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाई है. वहीं कांग्रेस ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है.
अगर इसराइल ने हमला किया तो...ईरान सेना के कमांडर इन चीफ़ ने अब क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, एक अक्तूबर को ईरान ने इसराइल पर 200 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था.
ईरान के इस्लामिक
रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के कमांडर-इन-चीफ, मेजर- जनरल हुसैनी सलामी ने कहा है कि अगर इसराइल ने ईरानी ठिकानों पर हमला किया तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा.
पिछले महीने लेबनान
में इसराइली हवाई हमले में मारे गए आईआरजीसी जनरल को अंतिम विदाई देने पहुंचे सलामी ने कहा, “अगर आप गलती
करते हैं और हमारे ठिकानों पर हमले करते हैं, चाहे वह अपने इलाके में हो या ईरान के,
हम आप पर दोबारा से हवाई हमले करेंगे.”
एक अक्तूबर को ईरान ने इसराइल
पर 200 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था.
हालांकि, इसराइल ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में नष्ट करने का दावा किया था और
उस समय, इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने
कहा था कि ईरान ने “बड़ी गलती” की है और “इसके लिए ईरान को कीमत चुकानी पड़ेगी”.
वहीं, सीरिया की
सरकारी मीडिया ने यह रिपोर्ट किया है कि इसराइल ने रात–भर लताकिया के तटीय शहर में
हवाई हमले किए हैं और इस हमले में दो नागरिक घायल हो गए. साथ ही शहर के दक्षिण-पूर्वी इलाके
के पास कुछ संपत्तियों को नुकसान हुआ है.
सीरिया में मानवाधिकार को लेकर काम करने वाली ब्रितानी संस्था ने कहा है कि इसराइल ने शहर में हथियारों
के जखीरे पर ही हमला किया है.
वहीं इसराइली सेना
ने अभी तक इन हवाई हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं दी है.
बहरीन ने इंडोनेशिया में फुटबॉल मैच खेलने से किया इनकार, वजह क्या है?
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इमेज कैप्शन, बहरीन और इंडोनेशिया के बीच फ़ुटबाल मैच का दृश्य
बहरीन की नेशनल फुटबॉल टीम ने कहा है कि वो इंडोनेशिया में होने जा रहे वर्ल्ड
कप क्वॉलिफाइंग मैच में नहीं खेलेगी.
बहरीन ने कहा है कि टीम की सुरक्षा की ख़ातिर
ये फ़ैसला लिया गया है.
बहरीन फ़ुटबॉल एसोसिएशन (बीएफ़ए) के अनुसार, बीते सप्ताह दोनों देशों की
टीमों के बीच खेला गया मुक़ाबला 2-2 से ड्रॉ रहा और ये विवादों में घिर गया.
इसके बाद से खाड़ी
देश यानी बहरीन के खिलाड़ियों को ऑनलाइन मौत की धमकियां मिल रही हैं.
दोनों टीमों के बीच मैच अगले साल मार्च महीने में जकार्ता में होना है लेकिन
बीएफ़ए ने फ़ीफ़ा से कहा है कि वो मैच के वेन्यू को इंडोनेशिया से कहीं बाहर ले
जाए.
हालांकि, इंडोनेशियन फुटबॉल एसोसिएशन या फ़ीफ़ा ने अभी तक इस पर कोई बयान नहीं दिया है.
बीते सप्ताह उस समय विवाद खड़ा हुआ था जब बहरीन की टीम ने इंडोनेशिया के
ख़िलाफ़ एक गोल मैच ख़त्म होने के तय समय के पूरे तीन मिनट बाद दागा. इस गोल की
वजह से इंडोनेशियाई खिलाड़ियों और स्टाफ़ के बीच गुस्सा दिखा.
इंडोनेशिया फुटबॉल एसोसिएशन ने ये आरोप लगाया कि मैच के रेफ़री ओमान अहमद अल
कैफ़ ने जानबूझकर समय खत्म होने के बाद भी मैच तब तक चलने दिया, जब तक बहरीन गोल न कर
ले.
मैच के तय 90 मिनट ख़त्म होने के बाद रेफ़री आमतौर पर ये बताते हैं कि वो इसे कितने मिनट के
लिए आगे बढ़ा रहे हैं.
इस मैच में भी रेफ़री ने छह मिनट अतिरिक्त दिए, लेकिन बहरीन ने गोल 9वें मिनट पर दागा.
ब्रेकिंग न्यूज़, क्या हमास नेता याह्या सिनवार मारे गए: इसराइली सेना ने कहा- जाँच कर रहे हैं
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इमेज कैप्शन, याह्या सिनवार
इसराइली सेना का कहना है कि वो ग़ज़ा में एक हमले में हमास के नेता याह्या सिनवार भी मारे गए हैं या नहीं, इसकी जाँच की जा रही है.
एक बयान में इसराइल डिफ़ेंस फोर्सेज़ यानी आईडीएफ़ ने कहा है कि हमले में "मारे गए तीन आतंकवादियों" की पहचान करना अभी भी बाकी है.
आईडीएफ़ ने कहा, "जिस इमारत में हमने आतंकवादियों को मारा है, वहां बंधकों के होने की कोई जानकारी नहीं मिली है."
एक्स पर एक पोस्ट में आईडीएफ़ ने कहा, "ग़ज़ा में आईडीएफ़ के ऑपरेशन के दौरान तीन आतंकवादी मारे गए हैं. आईडीएफ़ इसकी जांच कर रही है कि इन तीन में से एक क्या याह्या सिनवार हैं. फिलहाल, आतंकवादियों की पहचान नहीं हुई है."
ब्रेकिंग न्यूज़, उत्तरी ग़ज़ा में इसराइली हवाई हमले में कम से कम 22 लोगों की मौत की ख़बर
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इमेज कैप्शन, 14 अक्टूबर को ग़ज़ा के एक अस्पताल पर इसराइली हमले के बाद का मंज़र
ग़ज़ा में हमास द्वारा संचालित सिविल डिफ़ेंस एजेंसी के मुताबिक़, उत्तरी ग़ज़ा में एक स्कूल की इमारत पर हुए इसराइली हवाई हमले से 22 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों घायल हैं.
इसराइली सेना का कहना है कि जबालिया की इस जगह का हमास और अन्य इस्लामी जिहाद ऑपरेटिव अपने मीटिंग प्वाइंट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे.
वहीं, हमास ने हमले की निंदा करते हुए जबालिया के स्कूल को अपने ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के दावे को ख़ारिज किया है.
एक बयान में हमास ने कहा है कि इस स्कूल को हमारे कमांड सेंटर के तौर पर इस्तेमाल करने के दावे महज़ झूठ हैं.
अब शरणार्थी कैंप में तब्दील हो चुके इस स्कूल की फुटेज में ज़मीन पर खून और जले हुए तंबू दिख रहे हैं. स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि आग को बुझाने के लिए पानी भी नहीं है.
इसराइली सेना ने इस इलाके में दो सप्ताह पहले ज़मीनी कार्रवाई शुरू की थी. इसराइली सेना का दावा है कि वो हमास लड़ाकों को दोबारा जुटने से रोक रही है. इसराइली सेना ने दर्जनों नामों की सूची जारी की है और कहा है कि ये सभी हमले के वक्त इमारत में थे.
वहीं, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि जबालिया में फंसे हज़ारों फ़लस्तीनी बेहद बुरी परिस्थितियों में हैं. उनके पास खाने की भी किल्लत है.
विदेश मंत्रालय ने कनाडा से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों के प्रत्यर्पण को लेकर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर
जायसवाल ने बिश्नोई गैंग के सदस्यों के प्रत्यर्पण को लेकर कहा कि भारत ने कनाडा से कुछ
अपराधियों के प्रत्यर्पण की मांग की है, जिनमें बिश्नोई गैंग या अन्य गैंग के सदस्य
भी शामिल हैं.
भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के
प्रत्यर्पण के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा, “प्रत्यर्पण को लेकर 26 मामले लंबित हैं. इन मामलों के
अलावा प्रोविज़नल अरेस्ट की जानकारी, जो हम लोग म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी के
तहत मांगते हैं, ऐसे कई मामले भी कनाडा में लंबित पड़े हैं.”
“जैसा कि मैंने बताया
कि पांच अपराधी, जो भगोड़े हैं, हमने मांग की है कि इनका प्रत्यर्पण होना चाहिए. इनका
नाम गुरजीत सिंह, गुरजिंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, लखवीर सिंह और अर्शदीप सिंह
गिल हैं.”
उन्होंने कहा, “इनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग या अन्य गैंग के सदस्य भी
शामिल हैं.”
रणधीर जायसवाल ने कहा, “लॉरेंस बिश्नोई गैंग और अन्य गैंग के बारे में हमने
कनाडा से कई साल पहले और हाल में भी उन्हें बाताया है, उनसे प्रोविज़नल अरेस्ट की
मांग की है. अब तक उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई गिरफ़्तारी
की है.”
"हम लोग बार-बार ये बात कहते रहे हैं जो लोग
एंटी इंडिया गतिविधियों और अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा देते हैं उनके ख़िलाफ़ सख्त
से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन उन्होंने अभी तक इस मामले में ‘फ्रीडम ऑफ़ स्पीच’ के नाम पर कोई कार्रवाई नहीं की.”
उन्होंने कहा, “इसके पीछे एक राजनीतिक मंशा भी है.”
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गिरफ़्तारी
और कौंसुलर एक्सेस के सवाल पर कहा, “जैसा कि मैंने
पहले बताया था हम लोगों ने अभी तक कौंसुलर एक्सेस मांगा नहीं है. उनकी तरफ़ से मांग
होती है फिर कौंसुलर एक्सेस दिया जाता है.”
कनाडा के सवाल पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा- आरोप लगा रहे लेकिन सबूत नहीं दे रहे
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इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फ़ाइल फ़ोटो)
भारत-कनाडा विवाद पर भारतीय विदेश मंत्रालय
ने ताज़ा बयान जारी कर कहा है कि कनाडा भारत पर गंभीर आरोप लगा रहा है, लेकिन उसने इसके सबूत नहीं दिए हैं.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर
जायसवाल ने कहा, “इस मुद्दे पर
हमने अपना रुख़ पहले ही साफ़ कर दिया है. हमने बीते दो दिनों में इस बारे में कई
प्रेस रिलीज़ जारी की हैं, जिनमें हमारा
रुख स्पष्ट है.”
रणधीर जायसवाल ने कहा, “बीते सितंबर
महीने से ही कनाडा की सरकार ने हमारे साथ ज़रा सी भी जानकारी साझा नहीं की है. कल
हमने फिर से बयान जारी किया था कि कनाडा ने गंभीर आरोप लगाए हैं लेकिन इसके समर्थन
में कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया है.”
उन्होंने कहा, “कल प्रधानमंत्री ट्रू़डो की ओर से दिया गया बयान ही उनके
आरोपों पर हमारे रुख़ के महत्व को इंगित करता है. हम स्वाभाविक तौर पर अपने
राजनयिकों पर लगे फर्ज़ी आरोपों को ख़ारिज करेंगे.”
इससे पहले बुधवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने देश के भीतर विदेशी हस्तक्षेप पर हुई पब्लिक इंक्वायरी में कहा था कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बारे में शुरुआती अनुमान गैंगवॉर का था लेकिन दक्षिण एशियाई सांसदों और समुदाय के लोगों ने कहा कि इसके पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है.
हरदीप सिंह निज्जर की पिछले साल जून में कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (फ़ाइल फ़ोटो)
पिछले कुछ समय से भारत और कनाडा के बीच संबंध लगातार ख़राब होते जा रहे हैं. दोनों देशों के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं.
इसी हफ़्ते सोमवार को भारत ने कहा था कि उसने कनाडा से भारतीय उच्चायुक्त संजय वर्मा समेत कई और राजनयिकों को वापस बुला लिया है. इसके साथ ही भारत ने कनाडा के छह राजनयिकों को देश से निष्कासित कर दिया था.
लेकिन कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने राजधानी ओटावा में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करके दावा किया था कि उनकी सरकार ने छह भारतीय राजनयिकों को देश से निष्कासित किया है.
छत्तीसगढ़: हसदेव में पेड़ों की कटाई के बीच पुलिस और गांववालों में टकराव की स्थिति, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता
इमेज कैप्शन, पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद हुआ है
छत्तीसगढ़ में हसदेव में पेड़ों की कटाई के
लिए पहुंची टीम के साथ गए पुलिस बल पर आरोप लगा है कि उसने विरोध कर रहे आदिवासियों पर लाठी चार्ज किया
है.
इस मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज किया है, लेकिन पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों ने
पहले पुलिस पर हमला किया.
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने ग्रामीणों को
तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया है. घटना में 8 पुलिसवाले घायल हुए
हैं और कुछ ग्रामीण भी घायल हैं.
स्थानीय आदिवासी और विरोध प्रदर्शन में
अग्रणी रामलाल ने बीबीसी को बताया, “कल रात से ही
लगभग 300 ग्रामीण परसा कोल ब्लॉक के लिए होने वाली पेड़ों की कटाई के विरोध में
एकत्रित हुए थे.”
"हम लोग पांच गांव साल्ही, फतेहपुर, घाटबर्रा के 300 से अधिक लोग कल रात से ही हमारे
जंगलों को बचाने के लिए पेड़ों की कटाई के विरोध में इकट्ठा हुए थे.”
उन्होंने कहा, “पुलिस बल सैकड़ों की संख्या में सुबह से ही यहां आई हुई
थी और पहले हम लोगों को धरना स्थल पर ही रोक दिया गया. जब हमने पेड़ों की
कटाई वाली जगह पर जाना चाहा तो पुलिस ने लाठी चार्ज किया जिससे दर्जनों
ग्रामीण घायल हुए हैं."
एक अन्य आन्दोलनकर्ता मुनेश्वर सिंह पोर्ते
ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा, "पुलिस और
सरकारें अवैध कोयला खदान के लिए लाखों पेड़ काटने पर तुली हुई हैं.”
उन्होंने कहा, “हम लोग ग्राम फतेहपुर, साल्ही और हरिहरपुर के ग्राम सभाओं की अनुमति के बगैर खोली जा रही परसा खदान के खिलाफ धरना दे रहे हैं. आज सुबह पुलिस ने हमारे साथ ज्यादती की और हम लोगों को
दौड़ा कर मारा.”
हालांकि सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने
लाठीचार्ज की बात को गलत बताते हुए कहा, "आज से परसा कोल ब्लॉक के लिए कटाई होनी थी
और इसमें ग्रामीणों के हस्तक्षेप के चलते लगभग 350 पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे.”
पुलिस अधीक्षक ने कहा, “ग्रामीणों ने आज सुबह कटाई शुरू होने के समय पुलिस पर ख़तरनाक
हथियार जैसे कि लाठी डंडे,
कुल्हाड़ी, गुलेल आदि से
पुलिस पर हमला किया जिसमें पुलिस के 8 जवान घायल हो गए हैं. जवाबी कार्रवाई में
पुलिस ने बल प्रयोग कर ग्रामीणों को तितर-बितर किया था".
पुलिस ने आगे बताया कि ग्रामीण फिलहाल भाग
गए हैं और पुलिस प्रयास कर रही है कि चोटिल लोगों को अस्पताल पहुंचाया जा सके.
रामलाल और मुनेश्वर ने बताया कि लगभग 25 लोग
इस घटना में घायल हुए हैं और फिलहाल अलग-अलग प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में उपचार
के लिए गए हैं.
पुलिस ने बताया फिलहाल कोई कानूनी मामला नहीं दर्ज किया गया है लेकिन पुलिस इस पर नज़र बनाए हुए है और घटना की जांच के बाद
आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, बहराइच हिंसा के मामले में यूपी पुलिस का दावा- दो अभियुक्त मुठभेड़ में घायल हुए
इमेज कैप्शन, बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला
बहराइच हिंसा के मामले में यूपी पुलिस ने कहा है कि दो अभियुक्तों की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई. पुलिस के मुताबिक, ये दोनों घायल हैं और फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है.
बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि अब तक पाँच अभियुक्त पकड़े गए हैं. इनमें से दो अभियुक्त मोहम्मद तालिब और मोहम्मद सरफ़राज़ की निशानदेही पर पुलिस हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को खोजने गई थी, जो नेपाल बॉर्डर के पास नामपारा क्षेत्र में छिपाकर रखा गया था.
उन्होंने कहा, "वहां पर पुलिस जब गई, तो जिस हथियार से हमला किया गया था उसे वहां लोडेड हालत में रखा गया था. उसके साथ एक और अवैध इन लोगों ने वहां छिपाया था. इनसे पुलिस पर फ़ायरिंग की गई. आत्मरक्षा में की गई जवाबी फ़ायरिंग में इन दोनों को भी गोली लगी है और ये घायल हुए हैं. इनका उपचार पुलिस द्वारा करा दिया गया है."
बहराइच एसपी ने कहा, "बाकी तीन मुख्य अभियुक्त अब्दुल हमीद, उनके बेटे फ़हीम और मोहम्मद अफ़ज़ल की गिरफ़्तारी हुई है. इनसे मिली जानकारी के आधार पर और अभियुक्तों का भी हमारी टीम पता लगा रही है."
वृंदा शुक्ला ने हिंसा के दौरान मरने वाले शख्स के नाखून उखाड़े जाने सरीखे ख़बरों से जुड़े सवालों पर कहा, "पोस्टमॉर्टम के अनुसार मौत गोली लगने से हुई है. अन्य जो चीज़ें बताई जा रही हैं, वो सब भ्रामक हैं, जिनकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम से नहीं हो रही है."
इमेज कैप्शन, महसी तहसील के कई इलाक़ों में आगजनी की घटनाएं हुई थीं
क्या है बहराइच मामला?
बीते रविवार 13 अक्तूबर को बहराइच के महसी तहसील में मूर्ति विसर्जन के समय दो समुदायों के बीच विवाद हुआ था. यह विवाद डीजे में कथित भड़काऊ गाना बजाने की वजह से हुआ था.
गाना बंद नहीं करने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने डीजे का तार निकाल दिया था, जिसके बाद राम गोपाल मिश्रा नाम के शख़्स ने विरोध जताने वाले व्यक्ति के घर के ऊपर लगे हरे झंडे को निकाल कर भगवा झंडा फहराया था.
इसके बाद घर के अंदर गोली चली, जिसमें राम गोपाल की मौत हो गई थी. हालांकि, इस घटना के बाद प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन करा दिया था, जिसके बाद माना जा रहा था कि स्थिति सामान्य हो गई है.
लेकिन सोमवार तड़के क़रीब तीन बजे जब राम गोपाल मिश्रा का शव उनके गाँव आया, तो गांव के आसपास लोगों की भीड़ बढ़ने लगी. इसके बाद लोग शव को लेकर महसी तहसील आए और धरना देने लगे.
रेलवे ने रिज़र्वेशन के नियमों में किया बदलाव, अब इतने दिन पहले करा सकेंगे टिकट
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इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर
भारतीय
रेलवे ने रिज़र्वेशन के नियमों में बदलाव किया है. नए नियमों के तहत अब यात्री 120
दिन के बजाय 60 दिन पहले रिज़र्वेशन करा सकेंगे.
नए नियम एक
नवंबर 2024 से लागू होंगे. 31 अक्तूबर तक बुक की गई सभी टिकटों पर नए नियमों का
असर नहीं होगा.
हालांकि, 60
दिनों के बाद की गई बुकिंग को रद्द करने की अनुमति होगी.
ताज एक्सप्रेस
और गोमती एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें, जो कुछ दिन ही चलती हैं, इन ट्रेनों के मामले
में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इन ट्रेनों में एडवांस रिज़र्वेशन के लिए कम समय सीमा पहले से लागू है.
विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिनों की सीमा के मामले में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है.
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी
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इमेज कैप्शन, शेख़ हसीना (फ़ाइल फोटो)
बांग्लादेश की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के
ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है. शेख़ हसीना पर जुलाई-अगस्त
के दौरान देश हुए अपराधों में संलिप्त होने का आरोप है.
दो अलग-अलग
याचिकाओं के संदर्भ में शेख़ हसीना और ओबैदुल क़ादर समेत कुल 46 लोगों के ख़िलाफ़ इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्राइब्यूनल (आईसीटी) ने गिरफ़्तारी
वारंट जारी किया गया है. उन्हें 18 नवंबर से पहले ट्राइब्यूनल के सामने पेश होने का
आदेश दिया गया है.
आईसीटी ने एक
मामले में शेख़ हसीना की गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया, जबकि दूसरी याचिका के तहत
आवामी लीग के महासचिव ओबैदुल क़ादर समेत 45 लोगों के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट
जारी किया गया.
इनमें लेखक
और शिक्षाविद् प्रोफेसर जफ़र इकबाल और पूर्व न्यायाधीश
शम्सुद्दीन चौधरी माणिक भी शामिल हैं.
गुरुवार को ट्राइब्यूनल
के अध्यक्ष मो. गुलाम मुर्तजा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश जारी किया. बाद
में, ट्राइब्यूनल
के मुख्य सरकारी वकील ताजुल इस्लाम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी.
इंटरनेशनल
क्रिमिनल ट्राइब्यूनल, वही ट्राइब्यूनल है जिसमें साल 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान मानवीय अपराधों
की सुनवाई की गई थी.
बीते पांच
अगस्त को छात्र आंदोलन और विरोध की वजह से शेख़ हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे
दिया था और वो देश छोड़कर भारत आ गई थीं. तब से वो भारत में रह रही हैं.
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर क्या बोले अखिलेश यादव
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इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद
अखिलेश यादव ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और यूपी में होने वाले उपचुनावों में सीट
बंटवारे को लेकर पार्टी की स्थिति को स्पष्ट कर दिया है.
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश ने बयान दिया, “मैं कल महाराष्ट्र जा रहा
हूं. वहां पर हमारी कोशिश शरद पवार और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और इंडिया गठबंधन के
साथ शामिल होने की है.”
उन्होंने कहा, “हमने सीटें मांगी हैं. हमें उम्मीद
है कि पिछली बार हमारे दो विधायक बने थे, तो इस बार हमें ज़्यादा सीटें
मिलेंगी और हम इंडिया गठबंधन के साथ पूरी मज़बूती के साथ खड़े रहेंगे.”
यूपी के उपचुनावों में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे
के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इसका फ़ैसला भी जल्द हो जाएगा.
महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है.
महाराष्ट्र में एक ही चरण में चुनाव होने हैं. मतदान 20 नवंबर को होगा और नतीजा
23 नवंबर को आएगा.
बिहार: सिवान और सारण में ज़हरीली शराब से अब तक 24 मौतें, नीतीश कुमार ने मामले की समीक्षा की
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इमेज कैप्शन, बिहार के सीएम नीतीश कुमार (फ़ाइल फ़ोटो)
बिहार के सिवान और सारण ज़िले में ज़हरीली शराब की वजह से 24 लोगों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले में चल रही उच्चस्तरीय जांच की समीक्षा की है.
मौतों के बारे में जानकारी देते हुए
बिहार के डीजीपी आलोक राज ने बताया, “ज़हरीली
शराब पीने के कारण अब तक 24 मौतों की पुष्टि हुई है. सिवान ज़िले में 20 लोगों की
मौत हुई है, जबकि सारण ज़िले में चार लोगों की मौत हुई है.”
“सारण ज़िले का मसरख
क्षेत्र और सिवान का भगवानपुर बाज़ार क्षेत्र मुख्य तौर पर प्रभावित हुआ है. राज्य
सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और बिहार पुलिस सख़्त कार्रवाई करने
के लिए तत्पर है.”
डीजीपी ने
कहा, “घटना की जानकारी मिलने
पर बिहार पुलिस के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया. साथ ही संदिग्ध
व्यक्तियों के पूछताछ कर उन्हें हिरासत में लिया गया है.”
“इसके अलावा पटना से मद्य
निषेध विभाग के अधिकारी भी प्रभावित क्षेत्र जा रहे हैं. उन्हें निर्देश दिया गया
है कि पूरी घटना की जांच करें. कहां से शराब की आपूर्ति हो रही है, कौन-कौन
माफ़िया इसमें शामिल हैं, सबके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.”
उन्होंने
बताया, “अभी 9-10 लोगों को
हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. पूछताछ
में कुछ शराब माफियाओं के नाम सामने आए हैं, जिनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की
जाएगी.”
वहीं समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मद्द निषेध, उत्पादन एवं निबंधन विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि वे घटनास्थल पर जाएं, पूरी स्थिति की जानकारी लें और सभी बिंदुओं की सघन
जांच करें.
इसके साथ ही सीएम ने एडीजी (प्रोहिबिशन) की पूरी टीम को घटनास्थल पर जाकर सघन जांच करने और पूरे मामले में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करने का
निर्देश भी दिया है.
सीएम ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को यह निर्देश दिया है कि वे पूरे मामले की
निगरानी करें और जो भी दोषी हों उनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई करें.
नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों से शराब का सेवन ना
करने की अपील भी की. बिहार के सिवान और सारण ज़िले में बुधवार को ज़हरीली
शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हुई थी और कई लोगों को अस्पताल में
भर्ती भी होना पड़ा था.
बिहार में सीएम नीतीश कुमार ने साल 2016 में ही शराबबंदी क़ानून को लागू किया
था.
नमस्कार
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