असम सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर बांग्लादेश के ‘आतंकी संगठनों’ से जुड़े 'कट्टरपंथी और जिहादी साहित्य' के पब्लिकेशन, सर्कुलेशन रखने और डिजिटल ट्रांसमिशन पर प्रतिबंध लगा दिया है.
इस अधिसूचना में बांग्लादेश के प्रतिबंधित 'आतंकी संगठन जेएमबी' यानी 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश', 'अंसारुल्लाह बांग्ला टीम' (एबीटी), 'अंसार-अल-इस्लाम' (एआई) समर्थक संगठनों से जुड़े कंटेंट के बारे में ज़िक्र किया गया है.
राज्य सरकार ने इन संगठनों के अलावा इसी तरह के दूसरे बैन संगठनों पर भी प्रतिबंध लगाया है.
राज्य सरकार ने यह कदम असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (कानून-व्यवस्था) की सिफारिशों और ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट की टिप्पणियों के बाद उठाया है.
सरकार ने इंटेलिजेंस रिपोर्ट, असम पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच का हवाला दिया है. इसमें दावा किया गया है कि 'प्रिंट और डिजिटल दोनों फॉर्मेट में एक्सट्रीमिस्ट मटेरियल का लगातार सर्कुलेशन हो रहा है.'
असम के गृह और राजनीतिक विभाग ने बुधवार को जारी किए गए अपने आदेश में कहा है, "ऐसी सामग्री पर प्रतिबंध रहेगा जो हिंसक जिहाद को बढ़ावा देती है और जिससे कट्टरता को बढ़ावा मिलता है."
इसमें कहा गया है, “इसके साथ ही विचारों को बढ़ावा देने वाली और भर्ती के लिए गाइडेंस देने वाले प्रकाशन पर रोक रहेगी. इस तरह के 'कट्टरपंथी- जिहादी प्रकाशन' हिंसा को भड़काने का काम करते हैं और भारत की संप्रभुता और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं.”
लिहाजा नोटिफिकेशन के तहत, इन मटेरियल के किसी भी तरह के पब्लिकेशन, प्रिंटिंग, बिक्री, एग्ज़िबिशन, कब्ज़े या स्टोरेज, फिजिकल या डिजिटल, पर तुरंत रोक लगा दी गई है.