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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को ख़ारिज किया है जिनमें पांच अमेरिकी टैंकर प्लेन को भारी नुक़सान होने की बात सामने आई थी.
इफ़्तेख़ार अली, रौनक भैड़ा
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों को ख़ारिज किया है जिनमें पांच अमेरिकी टैंकर प्लेन को भारी नुक़सान होने की बात सामने आई थी.
ट्रंप ने दावा किया, "फिर से 'फ़ेक न्यूज़ मीडिया' ने जानबूझकर गलत हेडलाइन लगाई है."
रिपोर्टों में दावा था कि अमेरिकी प्लेन सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर थे.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "बेस पर कुछ दिन पहले हमला हुआ था, लेकिन प्लेन न तो गिराए गए और न ही नष्ट हुए. पांच में से चार को लगभग कोई नुक़सान नहीं हुआ और वे फिर से काम में लग गए हैं."
उन्होंने आगे लिखा, "एक प्लेन को थोड़ा ज़्यादा नुक़सान हुआ, लेकिन वह भी जल्द ही उड़ान भरेगा. कोई भी प्लेन नष्ट नहीं हुआ."
डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को 'हर हाल में' खोलने की भी बात कही है. उन्होंने कई देशों को अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है. उन्होंने चीन, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का भी नाम लिया.

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसराइल से कहा है कि वह लेबनान के साथ सीधे बातचीत करे. साथ ही पेरिस में युद्धविराम की बातचीत कराने का प्रस्ताव दिया है.
मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन, प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम और संसद के स्पीकर नबीह बेरी से बात की है. उन्होंने कहा कि "लेबनान को अराजकता में जाने से रोकने के लिए हर संभव क़दम उठाना ज़रूरी है."
मैक्रों ने ईरान समर्थित संगठन हिज़्बुल्लाह से अपील करते हुए कहा कि वह हालात को और न बिगाड़े. साथ ही उन्होंने इसराइल से 'तेज़ बमबारी' और 'बड़े पैमाने पर हमले' रोकने के लिए कहा.
उन्होंने कहा, "लेबनान की सरकार ने इसराइल के साथ सीधे बातचीत करने की इच्छा जताई है. इसराइल को इस मौके का फ़ायदा उठाना चाहिए, बातचीत शुरू करनी चाहिए और युद्धविराम लाना चाहिए. एक स्थायी हल ढूंढना चाहिए और लेबनान की सरकार को अपने वादों को निभाने का मौका देना चाहिए, ताकि लेबनान की संप्रभुता बनी रहे."
मैक्रों ने कहा, "फ्रांस इन बातचीत में मदद करने और इन्हें पेरिस में आयोजित करने के लिए तैयार है."

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पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच जारी सैन्य संघर्ष पर भारत ने बयान जारी किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के अफ़ग़ानिस्तान पर किए गए हमलों की निंदा की है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "भारत पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा करता है, जिनसे अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन पर कई आम लोगों की मौत हुई और इमारतें तबाह हुईं."

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बयान में लिखा है, "यह पाकिस्तान की ओर से एक और हमला है, जो एक संप्रभु अफ़ग़ानिस्तान के विचार के ख़िलाफ़ है. भारत दोहराता है कि अफ़ग़ानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरी तरह से सम्मान होना चाहिए."
इससे पहले चीन ने भी बयान जारी करते हुए दोनों देशों से बातचीत के ज़रिए मामला सुलझाने की अपील की थी.
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान प्रशासन के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी से फ़ोन पर बातचीत भी की.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका 'हर हाल में' स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खोलेगा. उन्होंने कई देशों को अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "हमने पहले ही ईरान की 100% सैन्य ताक़त ख़त्म कर दी है, लेकिन उनके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, माइन गिराना या पास से मिसाइल दाग़ना आसान है, चाहे वे कितने भी बुरी तरह हार चुके हों."
उन्होंने लिखा, "उम्मीद है कि चीन, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और दूसरे देश जहाज़ भेजेंगे ताकि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को ऐसे देश से ख़तरा न हो, जो पूरी तरह ख़त्म हो चुका है."
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुज़रता है. लेकिन यहां से गुज़रने वाले जहाज़ों पर हमला हो रहा है, लिहाज़ा दुनिया भर में दिक़्क़तें पैदा हो गई हैं.
हालांकि, भारत सरकार ने बताया है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से दो जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी, एलपीजी लेकर गुज़र चुके हैं.

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फ़लस्तीन के सशस्त्र संगठन हमास ने ईरान से खाड़ी देशों पर हमलों को रोकने की अपील की है. साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका-इसराइल के हमलों के ख़िलाफ़ ईरान को अपना बचाव करने का अधिकार है.
ईरान समर्थित हमास ने शनिवार को कहा, "हम ईरानी भाइयों से पड़ोसी देशों को निशाना न बनाने की अपील करते हैं. इलाक़े के सभी देशों को भाईचारे के रिश्ते बचाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए."
ईरान ने अब तक हमास के बयान पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है.
लेकिन ईरानी अधिकारियों ने पहले ही कह दिया था कि उनके जवाबी हमले 'अमेरिकी ठिकानों' पर होते हैं जो खाड़ी देशों की ज़मीन पर हैं, न कि पड़ोसी देशों पर.
हमास ने सभी देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी अपील की कि वे 'युद्ध को तुरंत रोकने' के लिए काम करें.

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'राज्य की सरकार ने इस रैली को रोकने के लिए सारे हथियार निकाल लिए.'
पीएम मोदी ने शनिवार को सभा संबोधित करते हुए कहा, "आज इस सभा को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल की निर्मम सरकार ने अपने सारे हथियार निकाल लिए."
उन्होंने कहा, "आप लोगों को आने से रोकने के लिए उन्होंने पुल बंद कर दिए, गाड़ियां रोक दीं, ट्रैफ़िक जाम कर दिया, बीजेपी के झंडे उखाड़ दिए और पोस्टर फाड़ दिए. लेकिन निर्मम सरकार, साफ-साफ देख लो, आप आज के जनसैलाब को रोक नहीं पाई हो."
दरअसल, इससे पहले कोलकाता में रैली स्थल से 5 किलोमीटर दूर टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी. बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि उन पर अचानक से पत्थरबाज़ी हुई थी.
दूसरी तरफ़, टीएमसी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार में मंत्री शशि पांजा पर पत्थरबाज़ी हुई. टीएमसी ने एक्स हैंडल पर लिखा, "कोलकाता में डर और अव्यवस्था फैलाने की ऐसी कोशिशें अस्वीकार्य हैं. बंगाल के लोग साफ देख रहे हैं कि बीजेपी का 'परिवर्तन' कैसा दिखता है."

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अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जंग का 15वां दिन है. अमेरिका ने इस बार ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट करने की कोशिश की है. अमेरिका ने दावा किया कि ईरान के खार्ग द्वीप पर 90 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है.
अमेरिका का दावा है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर 90 से ज़्यादा सैन्य ठिकानों को रातभर की बमबारी में तबाह कर दिया गया. यह अहम द्वीप उत्तरी खाड़ी में है और ईरान के क़रीब 90% तेल निर्यात का केंद्र भी है.
दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि उसके तेल ढांचे को कोई नुक़सान नहीं हुआ और न ही किसी की मौत हुई है.
इसराइल का कहना है कि इस हमले ने ईरान की सरकार को 'कड़ा झटका' दिया है. साथ ही इसराइल के रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ संघर्ष अब 'निर्णायक दौर' में प्रवेश कर रहा है.
इसी बीच यूएई के फ़ुजैरा बंदरगाह पर काले धुएं के बड़े ग़ुबार उठते देखे गए हैं. यह जगह मध्य पूर्व की सबसे बड़ी ऑयल फ़ैसिलिटीज़ में से एक है. यहां पर जहाज़ों को फ़्यूल दिया जाता है.

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी प्रशासन के उस आदेश को ख़ारिज कर दिया है जिसमें संभल की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ने वालों की संख्या सीमित करने की बात कही गई थी. अब इस पर एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया आई है.
असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स पर लिखा, "इलाहाबाद हाई कोर्ट का फ़ैसला स्वागत योग्य है, जिसमें संभल पुलिस के उस अजीब आदेश को ख़ारिज किया गया है जिसमें निजी जगह पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाए जाने की बात कही गई है."
"क़ानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य की ज़िम्मेदारी है, आम लोगों की नहीं. यूपी में यह एक पैटर्न बनता जा रहा है, एक मामले में मुसलमानों को घर के अंदर नमाज़ पढ़ने पर हिरासत में लिया गया. संभल में कहा जा रहा है कि निजी जगह पर 20 से ज़्यादा लोग नमाज़ नहीं पढ़ सकते. हम सिर्फ़ यही उम्मीद कर सकते हैं कि यूपी पुलिस इससे सबक़ ले."
लाइव लॉ के मुताबिक़, मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की बेंच ने कहा, "अगर एसपी और ज़िला कलेक्टर क़ानून-व्यवस्था संभाल नहीं सकते, तो उन्हें या तो इस्तीफ़ा देना चाहिए या फिर ट्रांसफ़र ले लेना चाहिए."

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भारत सरकार ने बताया है कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से दो जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी, एलपीजी लेकर गुज़र चुके हैं. ये जहाज़ 16 और 17 मार्च को भारत के बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे.
शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "पर्शियन गल्फ़ क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में उनके साथ कोई नकारात्मक घटना नहीं हुई है. होर्मुज़ स्ट्रेट के पर्शियन गल्फ़ में 24 भारतीय झंडे वाले जहाज़ मौजूद थे."
उन्होंने बताया, "इनमें से दो जहाज़ शिवालिक और नंदा देवी आज सुबह होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र गए हैं और भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाज़ों में क़रीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है."
राजेश कुमार सिन्हा ने कहा, "ये जहाज़ मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर पहुंचेंगे. मुंद्रा में 16 मार्च और कांडला में 17 मार्च को इनके पहुंचने की उम्मीद है."
उन्होंने बताया, "इसके बाद अब पर्शियन गल्फ़ में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़ बचे हैं, जिनमें कुल 611 नाविक हैं. हम इनकी परिस्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं."

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चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान प्रशासन के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी से फ़ोन पर बातचीत की है. चीन ने अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे विवाद को बातचीत से सुलझाने के लिए कहा है.
भारत में चीनी राजदूत शू फ़ेहॉन्ग ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "वांग ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच की समस्याएं सिर्फ़ बातचीत और सलाह-मशवरा से ही हल हो सकती हैं."
"ताक़त का इस्तेमाल करने से हालात और उलझेंगे और टकराव बढ़ेगा, जिससे किसी भी पक्ष को फ़ायदा नहीं होगा और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता को ख़तरा होगा."
शू फ़ेहॉन्ग ने आगे लिखा, "चीन ने कहा कि वह अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मेल-जोल बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए प्रयास जारी रखने को तैयार है."
गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफ़ग़ान तालिबान के बीच बीते कुछ समय से विवाद चल रहा है, दोनों एक-दूसरे पर सैन्य कार्रवाई भी कर चुके हैं.

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उत्तर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद ज़िले में शुक्रवार को एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े 75 वर्षीय बुज़ुर्ग की मौत हो गई.
फ़र्रुख़ाबाद के मोहल्ला मनिहारी में रहने वाले मुख़्तार अंसारी लाल सराय क्षेत्र में गैस एजेंसी के पीछे स्थित गोदाम से एलपीजी सिलेंडर लेने गए थे. वह सुबह घर से निकले थे और गोदाम पर लाइन में लगे थे. घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि उन्हें चक्कर आया और वह अचानक गिर पड़े.
वहां मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने की कोशिश करते हुए उन्हें सीपीआर दिया. उन्हें इलाज के लिए पास के एक निजी नर्सिंग होम भी ले जाया गया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
परिजनों ने बताया कि बुज़ुर्ग कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था. हालांकि, मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.
मृतक के भतीजे मोहम्मद वसी ने कहा, "कई घंटे लाइन में खड़े रहने से अचानक तबीयत ख़राब हो गई और गिर पड़े."
ज़िला आपूर्ति अधिकारी (डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफ़िसर) सुरेंद्र यादव ने बताया कि प्रशासन को इस घटना की जानकारी मिल गई है.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए सरकार की आलोचना की है.
उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, "गैस की लाइन में लगे एक बुज़ुर्ग की हार्ट अटैक से मृत्यु होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण समाचार है. भाजपाई सच को स्वीकार करें और सुनिश्चित करें कि भाजपा सरकार की ग़लतियां अब लोगों की जान भी ले रही हैं. ये तो हद हो गई है. भाजपा किसी का परिवार न उजाड़े."

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार को टीएमसी (तृणमूल कांग्रेस) और बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प हो गई.
यह घटना गिरीश पार्क इलाक़े में हुई, जो ब्रिगेड परेड ग्राउंड से क़रीब 5 किलोमीटर दूर है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज रैली होने वाली है.
पीटीआई के मुताबिक़, बीजेपी समर्थकों का कहना है कि जब वे रैली स्थल की ओर जा रहे थे और प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगा रहे थे, तभी कुछ जगहों से अचानक उन पर पत्थर फेंके गए.
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा का आरोप है कि उन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ईंट से हमला किया. शशि पांजा का घर गिरीश पार्क इलाक़े में ही स्थित है.
गौरतलब है की पीएम मोदी कोलकाता पहुंच गए हैं, यहां वो रैली को संबोधित करेंगे और 18,680 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.

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पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि देशभर के पंपों पर पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. साथ ही पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि तेल देते समय सुरक्षा नियमों का सख़्ती से पालन करें.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल या डीज़ल को ग़लत कंटेनर में न भरें और न ही घर पर रखें, क्योंकि इससे गंभीर सुरक्षा ख़तरे हो सकते हैं."
पेट्रोल पंपों से मंत्रालय ने कहा है, "किसी भी तरह की ग़लती या नियम तोड़ने पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी."

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मंत्रालय ने अपने बयान में तमिलनाडु के एक पेट्रोल पंप का ज़िक्र किया है, जहां 'एक कंटेनर में पेट्रोल भरा जा रहा था.' मंत्रालय के अनुसार यह ख़तरनाक हो सकता है.
अब मुझे यानी बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को इजाज़त दीजिए. अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.
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दक्षिण कोरिया की योनहाप एजेंसी के मुताबिक़, उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर की ओर लगभग 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. दक्षिण कोरिया की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ़ (जेसीएस) ने यह जानकारी दी है.
यह प्रक्षेपण ऐसे समय हुआ जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं.
जेसीएस के अनुसार, मिसाइलें उत्तर कोरिया के सुनान क्षेत्र से लगभग स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर दागी गईं. इस साल यह उत्तर कोरिया का तीसरा बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण है.
इससे पहले जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी इस प्रक्षेपण की पुष्टि की है. मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर कहा कि 'संभवतः एक बैलिस्टिक मिसाइल उत्तर कोरिया से दागी गई है.'
अभी तक उत्तर कोरिया की ओर से इस पर कोई बयान नहीं आया है.

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश प्रशासन के उस आदेश को ख़ारिज कर दिया, जिसमें संभल ज़िले की एक मस्जिद में रमज़ान के दौरान नमाज़ अदा करने वाले लोगों की संख्या सीमित करने की बात कही गई थी.
लाइव लॉ के मुताबिक़, अदालत ने कहा कि क़ानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य की ज़िम्मेदारी है.
आदेश में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने कहा कि अगर पुलिस अधीक्षक और ज़िला कलेक्टर को क़ानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है और इसी वजह से वे नमाज़ियों की संख्या सीमित करना चाहते हैं, तो उन्हें या तो इस्तीफ़ा दे देना चाहिए या फिर तबादला मांग लेना चाहिए.
अदालत ने कहा कि राज्य के वकील ने दलील दी थी कि संभावित क़ानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ऐसा आदेश जारी किया गया था, लेकिन अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह ख़ारिज कर दिया.
अदालत ने यह भी कहा कि अगर स्थानीय प्रशासन यानी पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को लगता है कि वे क़ानून का राज लागू कराने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए या संभल से बाहर तबादला मांग लेना चाहिए.
लाइव लॉ के मुताबिक़, यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की गई थी, जिसे मुनज़िर ख़ान ने दायर किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें रमज़ान के महीने में गाटा संख्या 291 पर नमाज़ अदा कराने से रोका जा रहा है, जहां उनके अनुसार एक मस्जिद मौजूद है.
याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रशासन ने उस स्थान पर सिर्फ़ 20 लोगों को नमाज़ अदा करने की अनुमति दी थी, जबकि रमज़ान के दौरान वहां इससे कहीं अधिक नमाज़ियों के जुटने की उम्मीद थी.

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख़ की कड़ी आलोचना की है.
उनका कहना है कि अमेरिका अब भारत समेत दुनिया के कई देशों से रूस से तेल ख़रीदने की 'गुहार' लगा रहा है.
अराग़ची की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अस्थायी रूप से इन प्रतिबंधों में ढील दी है, ताकि भारत जैसे देश समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल ख़रीद सकें.
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने यह फै़सला इसलिए लिया क्योंकि भारत ने ज़िम्मेदार रवैया दिखाया है और पहले उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल ख़रीदना बंद कर दिया था.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अराग़ची ने लिखा, "अमेरिका महीनों तक भारत पर रूस से तेल आयात रोकने का दबाव डालता रहा. लेकिन ईरान के साथ सिर्फ़ दो हफ़्ते के संघर्ष के बाद व्हाइट हाउस अब भारत समेत दुनिया के देशों से रूसी तेल ख़रीदने की अपील कर रहा है."
ईरानी विदेश मंत्री ने यूरोपीय देशों की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान के ख़िलाफ़ 'ग़ैरक़ानूनी युद्ध' का समर्थन इस उम्मीद में किया कि इससे रूस के ख़िलाफ़ उसे अमेरिका का साथ मिलेगा.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि 'फे़क न्यूज़ मीडिया' अमेरिका की सेना की ईरान के ख़िलाफ़ कार्रवाई को सही तरीके़ से नहीं दिखा रहा.
ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में उन्होंने कहा, "फे़क न्यूज़ मीडिया यह बताने से कतराता है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ख़िलाफ़ कितना अच्छा प्रदर्शन किया है."
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "ईरान पूरी तरह हार चुका है और समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी ऐसा समझौता मुझे अभी मंज़ूर नहीं है."
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर मीडिया में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.
ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिकी हमलों में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को भारी नुक़सान पहुंचा है.

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इराक़ की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले की ख़बर सामने आई है.
रॉयटर्स के मुताबिक़, एक मिसाइल दूतावास की इमारत से टकराई, जिसके बाद वहां से धुआं उठता देखा गया. हालांकि नुक़सान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि मिसाइल अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर बने हेलिपैड पर गिरी.
वहीं एएफ़पी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दूतावास पर एक ड्रोन ने हमला किया.
यह हमला ऐसे समय हुआ जब बगदाद में हुए हमलों में ईरान समर्थित दो लड़ाकों के मारे जाने की ख़बर सामने आई थी.