मिसाइल हमलों के वीडियो बनाने वालों पर यूएई में कार्रवाई

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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने देश के एयर डिफ़ेंस सिस्टम की ओर से हवाई हमलों को रोकने के वीडियो क्लिप और विस्फोटों और हमलों के कथित फर्ज़ी वीडियो साझा करने के आरोप में 10 लोगों की गिरफ़्तारी के आदेश दिए हैं. यह जानकारी यूएई के सरकारी मीडिया ने दी है.
सरकारी मीडिया के मुताबिक़, इन लोगों ने हमलों से जुड़े असली वीडियो के साथ-साथ एआई से बनाए गए वीडियो और तस्वीरें भी यूएई की वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर साझा की थीं. इन्हें अब त्वरित सुनवाई के लिए भेजा गया है.
अबू धाबी पुलिस ने भी कहा है कि देश पर हुए हमलों के दौरान वीडियो बनाने और 'ग़लत जानकारी फैलाने' के आरोप में विभिन्न देशों के 45 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
इससे पहले पिछले हफ़्ते दुबई में साइबर अपराध क़ानून के तहत एक 60 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक पर भी आरोप लगाया गया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने शहर के ऊपर उड़ती ईरानी मिसाइलों का वीडियो बनाया था.
'डिटेन्ड इन दुबई' संगठन की सीईओ राधा स्टर्लिंग के मुताबिक़, हाल में हुए मिसाइल हमलों से जुड़े वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में यूएई के साइबर क्राइम क़ानून के तहत 21 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं.
इस बीच सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें भी वायरल हुई हैं, जिनमें किसी ऊंची रिहायशी इमारत, एक लग्ज़री होटल और दुबई एयरपोर्ट पर गिरे मलबे के टुकड़े दिखाई देने का दावा किया गया है.





