कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम के बाद अब
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) भी वक़्फ़ संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
दरअसल, वक़्फ़ संशोधन विधेयक राष्ट्रपति से मंज़ूरी के बाद अब क़ानून की शक्ल ले चुका है.
आरजेडी सांसद मनोज झा ने बताया कि उनकी पार्टी सोमवार को याचिका दायर करेगी.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय
जनता दल की ओर से पहली याचिका कल दायर होगी. आरजेडी के अंदर अलग-अलग समाज और समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं.
मनोज झा ने कहा, “इसके (वक़्फ़ संशोधन क़ानून) मूल चरित्र में संविधान का हनन है, सौहार्द को ख़त्म
करने की साजिश है. तो अगर संविधान ख़त्म. सौहार्द ख़त्म तो बचा क्या? शून्य.”
“हमें
यकीन है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय हमेशा की तरह जो लोगों के अंदर निराशा का भाव
है, उसको एड्रेस करेगा.”
वक़्फ़ संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंज़ूरी
मिलने पर मनोज झा ने कहा कि ये एक रूटीन है. राष्ट्रपति ने वो किया, जो एक
प्रक्रिया का हिस्सा होता है.
उन्होंने कहा, “हम वो कर रहे हैं, जो हमारा अधिकार है. मैं ये बार-बार कह
रहा हूं कि संसद से पास किए गए बिल न्यायालय तो छोड़िए, सरकार को स्वयं भी वापस लेने
पड़े हैं. क्या हम भूल गए किसान क़ानूनों का क्या हुआ?”
“जन दबाव सबसे बड़ा दबाव होता है, लोक शक्ति सबसे बड़ी
शक्ति होती है.”
इससे पहले वक़्फ़
संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ तीन
विपक्षी पार्टियों के नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं.
कांग्रेस के किशनगंज से
सांसद मोहम्मद जावेद, आम आदमी पार्टी के
विधायक अमानतुल्लाह ख़ान और एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट
का रुख़ किया है.