प्रयागराज में एक मज़ार पर लहराए गए भगवा झंडे, पुलिस क्या बोली?, सैयद मोज़िज इमाम, बीबीसी संवाददाता
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इमेज कैप्शन, प्रयागराज में एक मज़ार पर भगवा झंडा लहराया गया
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रविवार को एक मज़ार पर धार्मिक नारे लगाते हुए भगवा झंडा लहराए जाने की ख़बर है.
घटना सिकंदरा इलाके की बताई जा रही है. रविवार को 20 से ज़्यादा युवक बाइक रैली निकालते हुए सैयद सालार मसूद ग़ाज़ी की मज़ार पर पहुंचे थे.
इस दौरान तीन युवक मज़ार के मुख्य द्वार पर चढ़ गए और भगवा झंडा लहराने लगे.
पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच की जा रही है और अराजक तत्वों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी.
डीसीपी गंगानगर, कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा, “6 अप्रैल को थाना बहरिया में स्थित सिकंदरा में एक दरगाह, जिसमें पांच मज़ारें हैं, जहां अधिकांश हिंदू समुदाय और कुछ मुस्लिम समुदाय के श्रद्धालु जाते हैं, वहां पर कुछ युवकों ने धार्मिक झंडा लहराकर नारेबाज़ी की, जिन्हें मौक़े पर मौजूद पुलिस ने रोक दिया और वहां से हटा दिया.”
उन्होंने बताया, “इस मामले में जांच कर क़ानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है. इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित पुलिस कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है.”
श्रीलंका की वर्ल्ड कप विजेता टीम ने की पीएम मोदी से मुलाक़ात, जयसूर्या ने मांगी ये मदद
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इमेज कैप्शन, साल 1996 में क्रिकेट विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के सदस्यों से पीएम मोदी की मुलाक़ात
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने श्रीलंका दौरे में कोलंबो में साल 1996 की विश्व विजेता श्रीलंकाई क्रिकेट टीम से मुलाक़ात की.
उन्होंने साल 1983 में भारत की क्रिकेट विश्व कप में जीत और श्रीलंकाई टीम की 1996 में विश्व कप जीत का ज़िक्र किया और कहा कि किस तरह इन उपलब्धियों ने क्रिकेट जगत को बदल दिया.
यह मुलाक़ात शनिवार को पीएम मोदी के श्रीलंका दौरे के दूसरे दिन हुई थी.
रविवार को इस मुलाक़ात से जुड़ा एक वीडियो क्लिप एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, "साल 1996 में विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के सदस्यों के साथ एक शानदार बातचीत. ज़रूर देखें..."
श्रीलंकाई पुरुष क्रिकेट टीम के कोच सनथ जयसूर्या ने हाल के वित्तीय संकट में श्रीलंका को भारत से मिले समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया.
जयसूर्या ने पीएम मोदी से अपील की कि क्या श्रीलंका के जाफना में इंटरनेशनल क्रिकेट की मेज़बानी के लिए एक क्रिकेट ग्राउंड बनाने में भारत मदद कर सकता है?
पीएम मोदी ने जयसूर्या की सराहना करते हुए कहा कि भारत ‘नेबरहुड फ़र्स्ट’ नीति के लिए प्रतिबद्ध है.
पड़ोसी देशों पर आने वाले संकट के प्रति भारत की त्वरित प्रतिक्रिया को लेकर उन्होंने हाल ही में म्यांमार में आए भूकंप का उदाहरण दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों से उबरने में श्रीलंका की सहायता करना भारत अपनी ज़िम्मेदारी समझता है.
उन्होंने जाफना के लिए जयसूर्या की चिंता की सराहना करते हुए वहां इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों की मेज़बानी के महत्व पर ज़ोर दिया.
पीएम मोदी ने आश्वासन दिया कि उनकी टीम जयसूर्या के सुझाव पर ध्यान देगी.
ट्रंप के टैरिफ़ पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं दुनिया भर के देश?
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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने 2 अप्रैल को कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया था
दुनिया भर के नेता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ़ का जवाब कैसे दिया जाए.
अभी तक, चीन और कनाडा जैसे कुछ ही देशों ने अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई की घोषणा की है. वहीं, कई दूसरे देश ट्रंप से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं.
एबीसी न्यूज़ के मुताबिक़ व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट ने कहा है कि टैरिफ़ की घोषणा के बाद से 50 से अधिक देशों ने व्यापार वार्ता शुरू करने के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है.
इस बीच, ताइवान और इंडोनेशिया ने कहा है कि वे अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई नहीं करेंगे.
बता दें कि ट्रंप ने ताइवान की चीजों पर 32% शुल्क लगाया है. वहीं ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग ने घोषणा की है कि वो अमेरिका पर जवाबी शुल्क नहीं लगाएंगे.
उन्होंने अपने निवास पर अधिकारियों की एक बैठक में कहा कि ताइवान व्यापार बाधाओं को हटाएगा, धीरे-धीरे अमेरिका में अपने निवेश को बढ़ाएगा और अमेरिका के साथ औद्योगिक सहयोग को 'गहरा' करेगा.
इंडोनेशिया की सरकार ने भी कहा है कि वह ट्रंप के टैरिफ़ के खिलाफ जवाबी कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि इसका समाधान खोजने के लिए बातचीत जारी रखी जाएगी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि उनकी सरकार ब्रिटिश अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए कदम उठाने को तैयार है.
वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू टैरिफ़ पर बात करने के लिए ट्रंप से मुलाक़ात करने जा रहे हैं.
तमिलनाडु के नेताओं पर पीएम मोदी का तंज- "कम से कम तमिल भाषा में सिग्नेचर तो करो"
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इमेज कैप्शन, रामेश्वरम में पीएम मोदी
तमिलनाडु में रविवार को नए पंबन रेलवे ब्रिज का उद्घाटन करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना नाम लिए राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिल भाषा और परंपरा दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचे, इसके लिए सरकार लगातार कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, "मैं तो कभी-कभी हैरान हो जाता हूं. तमिलनाडु के कुछ नेताओं की चिट्ठियां जब मेरे पास आती हैं, कभी भी कोई नेता तमिल भाषा में सिग्नेचर नहीं करता है. अरे, तमिल का गौरव हो. मैं सबसे कहूंगा, कम से कम तमिल भाषा में सिग्नेचर तो करो."
पीएम ने कहा, "देश में कई राज्यों ने मातृभाषा में डॉक्टरी की शिक्षा आरंभ की है. मैं भी तमिलनाडु सरकार से आग्रह करूंगा कि वो तमिल भाषा में डॉक्टरी के कोर्स चालू करें, ताकि गरीब मां के बेटे-बेटी भी डॉक्टर बन सकें."
पीएम मोदी की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में प्रस्तावित तीन भाषाओं की नीति को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है.
सीएम स्टालिन का आरोप है कि ये नीति क्षेत्रीय भाषाओं पर हिंदी भाषा को थोपने की कोशिश है.
एम.ए. बेबी बने सीपीआईएम के नये महासचिव, पोलित ब्यूरो में प्रकाश करात और वृंदा करात नहीं
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इमेज कैप्शन, सीपीआईएम की केंद्रीय समिति ने एम.ए. बेबी को महासचिव चुना है.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम ने केरल के नेता एम.ए. बेबी को पार्टी का नया महासचिव चुना है.
पिछले साल सीताराम येचुरी के निधन के बाद सीपीआईएम के महासचिव का पद खाली हो गया था.
2 अप्रैल से शुरू हुए सीपीआईएम के 24वें सम्मेलन में केंद्रीय समिति का चुनाव किया गया. 85 सदस्यीय केंद्रीय समिति में एक स्थान ख़ाली है. यानी इसमें फ़िलहाल 84 लोगों के नाम हैं.
पार्टी ने कहा है कि केंद्रीय समिति की 20 फ़ीसदी सदस्य महिलाएँ हैं.
इस केंद्रीय समिति ने एम.ए. बेबी को महासचिव चुना है. इसके अलावा, नव निर्वाचित केंद्रीय समिति ने 18 सदस्यों के पोलित ब्यूरो का चुनाव किया.
पोलित ब्यूरो के सदस्यों में प्रकाश करात, वृंदा करात और माणिक सरकार के नाम नहीं हैं. इनके नाम विशेष आमंत्रित सदस्यों में हैं.
वरिष्ठ सीपीआईएम नेता प्रकाश करात ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "पार्टी कांग्रेस ने भविष्य के लिए हमारी राजनीतिक लाइन, पार्टी को आगे ले जाने के लिए आवश्यक संगठनात्मक कदमों की रूपरेखा तैयार कर ली है. उसी आधार पर एक नया नेतृत्व, नई केंद्रीय समिति, पोलित ब्यूरो और नए महासचिव एम.ए. बेबी का चुनाव हुआ है."
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने ख़त्म किया आमरण अनशन, कहा- आंदोलन जारी रहेगा, बीबीसी पंजाबी टीम
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इमेज कैप्शन, जगजीत सिंह डल्लेवाल ने पिछले साल 26 नवंबर से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था.
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपनी भूख हड़ताल ख़त्म करने का ऐलान किया है. डल्लेवाल किसानों की मांग को लेकर पिछले साल नवंबर से ही अनशन पर थे.
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार को घोषणा की कि वह अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह नए सिरे से किसान आंदोलन का नेतृत्व करना जारी रखेंगे.
यह घोषणा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब ज़िले के सरहिंद में आयोजित 'किसान महापंचायत' के दौरान की गई. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने विरोध प्रदर्शन को लेकर समर्थन जुटाने के लिए यह किसान महापंचायत बुलाई थी.
जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसानों की सभा को संबोधित करते हुए कहा, "आप (किसानों) सभी ने मुझसे आमरण अनशन समाप्त करने को कहा है. इस आंदोलन में साथ देने के लिए मैं आपका आभारी हूं. मैं आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूं. मैं आपके आदेश को स्वीकार करता हूं."
धोनी पर पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी की तीखी टिप्पणी- दो सीज़न पहले ही संन्यास ले लेना चाहिए था
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इमेज कैप्शन, आईपीएल 2025 में धोनी के अब तक के प्रदर्शन से उनके कई फ़ैन्स नाख़ुश हैं.
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने महेंद्र सिंह धोनी के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मौजूदा प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी की है.
उन्होंने कहा कि चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के इस दिग्गज़ को आईपीएल से दो सीज़न पहले ही संन्यास ले लेना चाहिए था.
मनोज तिवारी ने क्रिकबज़ से एक बातचीत में कहा, "मुझे माफ़ कीजिएगा अगर मैं थोड़ा सख़्त हो रहा हूं. उन्हें (धोनी को) 2023 आईपीएल के बाद संन्यास ले लेना चाहिए था, वह उनका सबसे अच्छा समय था."
तिवारी ने कहा, "कहीं न कहीं, मुझे लगता है कि क्रिकेट से उन्होंने (धोनी ने) जो भी प्रसिद्धि, नाम और सम्मान कमाया है, वह पिछले दो सालों में उनके खेलने के तरीके से खत्म होता जा रहा है."
उन्होंने कहा, "धोनी के फ़ैन्स उन्हें इस तरह से देख नहीं पा रहे हैं. देखिए, चेन्नई के फ़ैन्स कैसी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, सड़कों पर निकल रहे हैं और इंटरव्यू दे रहे हैं."
धोनी ने दिल्ली कैपिटल्स के ख़िलाफ़ मैच में 26 गेंदों पर 30 रन बनाए थे. इसके अलावा वो जिस क्रम पर बल्लेबाज़ी करने उतर रहे हैं, उसे लेकर भी कई फैंस सवाल पूछ रहे हैं.
गुजरात में कांग्रेस के अधिवेशन से पहले सचिन पायलट 'पार्टी में बदलाव' पर क्या बोले?
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इमेज कैप्शन, सचिन पायलट ने कहा है कि गुजरात में होने जा रहा कांग्रेस का अधिवेशन अहम है.
गुजरात के अहमदाबाद में 8-9 अप्रैल को कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन होने जा रहा है. इससे पहले कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रविवार को कहा कि पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव की प्रक्रिया चल रही है.
पायलट ने कहा कि युवा नेता उन्हें सौंपी गई ज़िम्मेदारियों को निभा रहे हैं. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जवाबदेही के साथ-साथ विचारधारा को मजबूत करना आगे बढ़ने का नारा होगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में पायलट ने कहा कि गुजरात में होने जा रहा कांग्रेस का अधिवेशन अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है, जब गुजरात में पार्टी को मजबूत करने और वहां अपना पिछला गौरव हासिल करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी भले ही लोकसभा चुनावों के बाद कुछ राज्यों में चुनाव हार गई हो, लेकिन पार्टी ने लड़ने के लिए दृढ़ विश्वास या जोश नहीं खोया है.
वहीं, अधिवेशन में हिस्सा लेने के लिए अहमदाबाद पहुंचे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "आने वाले दिनों में बहुत कुछ बदलेगा. मौसम बदलेगा, फ़िज़ा बदलेगी और (गुजरात में) सरकार भी बदलेगी."
एलन मस्क ने अमेरिका और यूरोप के बीच 'ज़ीरो टैरिफ़' की वकालत की
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इमेज कैप्शन, एलन मस्क ने कहा कि यूरोप और अमेरिका के बीच लोगों को आवागमन में अधिक छूट मिलनी चाहिए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी एलन
मस्क ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका और यूरोप के बीच ‘ज़ीरो टैरिफ़’ की स्थिति बनेगी.
शनिवार को इटली के उप प्रधानमंत्री मतेओ
सल्विनी के साथ लाइव चर्चा के दौरान मस्क ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि इस पर सहमति बनेगी कि यूरोप और
अमेरिका दोनों को ज़ीरो टैरिफ़ की ओर बढ़ना चाहिए, जिससे यूरोप और अमेरिका के बीच
मुक्त व्यापार हो सके.”
उन्होंने कहा, “यूरोप और उत्तर अमेरिका के बीच लोगों को आवागमन में
अधिक छूट मिलनी चाहिए. यह निश्चित रूप से राष्ट्रपति को मेरी सलाह रही है.”
टैरिफ़ के अलावा एलन
मस्क ने यूरोप की 'दमनकारी' नीतियों की भी
आलोचना की. उन्होंने कहा कि इन नीतियों ने नया व्यवसाय शुरू करने के लिए यूरोप को
एक ख़राब जगह बना दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल
को दुनिया भर के कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाया था.
ट्रंप के इस क़दम का असर दुनिया भर के शेयर
बाज़ारों में देखने को मिला है. इसके अलावा ट्रंप के ख़िलाफ़ प्रदर्शन भी हो रहे
हैं.
दोपहर के दो बज चुके हैं. अभी तक बीबीसी संवाददाता सुमंत सिंह आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.
अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता सुरभि गुप्ता आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगी.
बीबीसी हिंदी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें आप नीचे दिए लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरे अमेरिकी, तस्वीरों में देखिए प्रदर्शन
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के सैन डिएगो में कई महिलाएं प्रदर्शन में शामिल हुईं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के
ख़िलाफ़ हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन अमेरिका के कई शहरों में हुए.
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप के एजेंडे पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं. इनमें से कुछ के हाथों में टैरिफ़ ख़त्म करने की मांग वाले पोस्टर भी थे.
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इमेज कैप्शन, जॉर्जिया के अटलांटा में भी विरोध प्रदर्शन हुए.
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इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क के फ़िफ़्थ एवेन्यू में प्रदर्शनकारी
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इमेज कैप्शन, कई लोग वॉशिंगटन स्मारक पर इकट्ठा हुए.
वक़्फ़ संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएगी आरजेडी
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इमेज कैप्शन, राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा है कि आरजेडी सोमवार को याचिका दायर करेगी. (फ़ाइल फ़ोटो)
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम के बाद अब
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) भी वक़्फ़ संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
दरअसल, वक़्फ़ संशोधन विधेयक राष्ट्रपति से मंज़ूरी के बाद अब क़ानून की शक्ल ले चुका है.
आरजेडी सांसद मनोज झा ने बताया कि उनकी पार्टी सोमवार को याचिका दायर करेगी.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय
जनता दल की ओर से पहली याचिका कल दायर होगी. आरजेडी के अंदर अलग-अलग समाज और समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग भी सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं.
मनोज झा ने कहा, “इसके (वक़्फ़ संशोधन क़ानून) मूल चरित्र में संविधान का हनन है, सौहार्द को ख़त्म
करने की साजिश है. तो अगर संविधान ख़त्म. सौहार्द ख़त्म तो बचा क्या? शून्य.”
“हमें
यकीन है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय हमेशा की तरह जो लोगों के अंदर निराशा का भाव
है, उसको एड्रेस करेगा.”
वक़्फ़ संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंज़ूरी
मिलने पर मनोज झा ने कहा कि ये एक रूटीन है. राष्ट्रपति ने वो किया, जो एक
प्रक्रिया का हिस्सा होता है.
उन्होंने कहा, “हम वो कर रहे हैं, जो हमारा अधिकार है. मैं ये बार-बार कह
रहा हूं कि संसद से पास किए गए बिल न्यायालय तो छोड़िए, सरकार को स्वयं भी वापस लेने
पड़े हैं. क्या हम भूल गए किसान क़ानूनों का क्या हुआ?”
“जन दबाव सबसे बड़ा दबाव होता है, लोक शक्ति सबसे बड़ी
शक्ति होती है.”
इससे पहले वक़्फ़
संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ तीन
विपक्षी पार्टियों के नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं.
कांग्रेस के किशनगंज से
सांसद मोहम्मद जावेद, आम आदमी पार्टी के
विधायक अमानतुल्लाह ख़ान और एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट
का रुख़ किया है.
इसराइल में दो सांसदों को एंट्री नहीं मिलने पर ब्रिटेन ने जताई कड़ी आपत्ति, रथ कमरफ़र्ड, बीबीसी न्यूज़
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इमेज कैप्शन, अब्तिसम मोहम्मद और युआन यांग शनिवार को अपने दो सहयोगियों के साथ इसराइल के लिए रवाना हुईं थीं.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने इसराइल
में लेबर पार्टी के दो सांसदों को एंट्री नहीं दिए जाने की आलोचना की है.
उन्होंने इसराइल के इस क़दम को “अस्वीकार्य, प्रतिकूल और घोर चिंताजनक” बताया है. लैमी
ने बताया कि विदेश मंत्रालय दोनों सांसदों के संपर्क में है.
इसराइली मीडिया के
मुताबिक़, इसराइली जनसंख्या एवं आप्रवासन प्राधिकरण ने कहा है कि अब्तिसम मोहम्मद
और युआन यांग को एंट्री देने से मना कर दिया गया, क्योंकि
उनका इरादा इसराइल के ख़िलाफ़ "नफ़रती बयानबाजी" करने का था.
डेविड लैमी ने कहा, “मैंने इसराइली सरकार के
अपने समकक्ष से स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह ब्रिटेन के सांसदों के साथ सही बर्ताव नहीं है.”
युआन यांग अर्ली एंड वूडली
से सांसद हैं, जबकि अब्तिसम मोहम्मद शेफ़ील्ड सेंट्रल से सांसद हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक़,
दोनों सांसद अपने दो सहयोगियों के साथ लंदन के ल्यूटन एयरपोर्ट से इसराइल के लिए रवाना
हुईं.
टाइम्स ऑफ़ इसराइल के
मुताबिक़, जनसंख्या अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री मोशे अर्बेल ने पूछताछ के बाद
चारों लोगों को एंट्री देने से इनकार कर दिया.
बीबीसी ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए इसराइली
जनसंख्या एवं आप्रवासन प्राधिकरण से संपर्क किया है.
वक़्फ़ संशोधन बिल के क़ानून बनने के बाद जगदंबिका पाल ने राहुल और प्रियंका पर क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, जगदंबिका पाल ने वक़्फ़ संशोधन क़ानून को एक सुधारवादी क़दम बताया है. (फ़ाइल फ़ोटो)
वक़्फ़ संशोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के
चेयरमैन जगदंबिका पाल ने वक़्फ़ पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका
गांधी के रुख़ की आलोचना की है.
जगदंबिका पाल ने कहा, “अगर यह असंवैधानिक क़ानून था तो देश की संसद में राहुल
गांधी को क्लॉज़ बाय क्लॉज़ कहना चाहिए था कि ये जो संशोधन हो रहा है उसका ये सेक्शन
असंवैधानिक है.”
उन्होंने कहा, “वक़्फ़ के संशोधन में राहुल
गांधी ने ना कोई सुझाव दिया, ना कोई आलोचना की और ना कोई तर्क दिया. ना कोई तर्क
प्रियंका ने दिया और ना कोई तर्क राज्यसभा में सोनिया गांधी ने दिया.”
वक़्फ़ संशोधन विधेयक को
राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने को जगदंबिका पाल ने ऐतिहासिक और सुधारवादी क़दम बताया
है.
उनका कहना है, “वक़्फ़ जो करता था, जिसे
वाकिफ़ कहते हैं. वाकिफ़ की सोच थी कि जो अपनी कमाई अल्लाह के नाम पर वक़्फ़
करते हैं, उसकी इनकम से ग़रीब, पिछड़ों, महिलाओं, बच्चों को या ज़रूरतमंदों को शिक्षा
और स्वास्थ्य में मदद मिले.”
उन्होंने कहा कि सबसे ज़्यादा संपत्ति के मामले में वक़्फ़ देश में तीसरे नंबर पर था, फिर भी उनके पास कोई यूनिवर्सिटी, मेडिकल या इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं थे. इसका फ़ायदा वक़्फ़ बोर्ड के केयरटेकर को मिलता था.
जगदंबिका पाल ने कहा, “ये अपने आप में वक़्फ़
के क़ानून में बहुत बड़ा सुधारवादी क़दम है.”
वक़्फ़ संशोधन विधेयक इसी हफ़्ते संसद के दोनों
सदनों से पास हुआ है. लोकसभा में यह विधेयक बुधवार आधी रात के बाद जबकि राज्यसभा
में गुरुवार आधी रात पारित हुआ.
शनिवार देर रात राष्ट्रपति ने इसे मंज़ूरी दे
दी है, जिसके बाद अब ये विधेयक क़ानून बन चुका है.
रामनवमी पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़, पुलिस ने की ये ख़ास तैयारी
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इमेज कैप्शन, अयोध्या के एसएसपी राजकरण नैय्यर ने बताया कि ड्रोन के ज़रिए सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रखी जा रही है.
रामनवमी पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान
में रखते हुए पुलिस ने ख़ास तैयारी की है.
अयोध्या के एसएसपी राजकरण
नैय्यर ने बताया, “रामनवमी के मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या
आए हैं. हमने क्षेत्र को विभिन्न ज़ोन और सेक्टरों में बांटा है.”
उन्होंने कहा, “इन सेक्टरों में अधिकारियों और पुलिस की टीमें तैनात हैं. इसके अलावा तकनीकी तौर पर भी यलो ज़ोन
के कंट्रोल रूम, रेड ज़ोन के कंट्रोल रूम, टी-थर्ड ड्रोन्स और अन्य ड्रोन्स के
माध्यम से नज़र रखी जा रही है.”
ड्रोन्स के बारे में
जानकारी देते हुए एसएसपी नैय्यर ने कहा, “टी-थर्ड ड्रोन्स और अन्य ड्रोन्स के ज़रिए यातायात
व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है.”
अयोध्या में सरयू नदी के
घाट पर और रामनवमी मेला क्षेत्र में भी सुरक्षा की तैयारी की गई है.
रामनवमी मेला के ज़ोनल
इंचार्ज शमशेर बहादुर सिंह ने कहा, “बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही यहां पर स्नान कर
रहे हैं. घाट को हमने चार सेक्टरों में बांटा है.”
उन्होंने बताया, “सारे पुलिसकर्मी सुबह से सतर्क और मुस्तैद हैं. बहुत आराम से श्रद्धालु यहां पर स्नान कर रहे
हैं.”
इसराइल ने ग़ज़ा में 15 मेडिकल स्टाफ़ के मारे जाने पर अपनी ग़लती मानी
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इमेज कैप्शन, इसराइल ने यह भी स्वीकार कर लिया है कि उसके सैनिकों ने जिन पर गोलीबारी की, वे निहत्थे थे
इसराइली सेना ने स्वीकार कर लिया है कि 23 मार्च को
दक्षिणी ग़ज़ा में 15 आपातकालीन कर्मचारियों की हत्या के मामले में
उसके सैनिकों से ग़लती हुई थी.
उस दिन रफ़ाह के नज़दीक फ़लस्तीनी रेड क्रीसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) के एंबुलेंसों के क़ाफ़िले, संयुक्त राष्ट्र की एक कार और ग़ज़ा सिविल
डिफ़ेंस के एक दमकल ट्रक पर गोलीबारी की गई थी.
इसराइल ने दावा किया था
कि उसकी सेना ने इसलिए हमला किया क्योंकि क़ाफ़िला बिना हेडलाइट या फ़्लैशिंग लाइट के
अंधेरे में ‘संदिग्ध रूप
से’ आगे बढ़ रहा
था.
मारे गए मेडिकल स्टाफ़ में से एक ने हमले के वक़्त मोबाइल से वीडियो बनाया था. इस फ़ुटेज से पता चला कि घायल लोगों की मदद के लिए
बुलाए जाने पर वाहनों की लाइटें जल रही थीं.
इसराइल डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ (आईडीएफ़) का कहना है
कि इनमें से कम से कम छह मेडिकल स्टाफ़ हमास से जुड़े हुए थे. हालांकि, इसराइल ने
अभी तक कोई सबूत नहीं दिया है.
इसराइल ने यह माना है कि जब उसके सैनिकों ने
गोलीबारी की तब वे निहत्थे थे.
आईडीएफ़ के एक अधिकारी ने शनिवार शाम को पत्रकारों
को जानकारी देते हुए बताया कि सैनिकों ने पहले एक कार पर गोलीबारी की थी, जिसमें
तीन हमास सदस्य सवार थे.
जब इनकी मदद के लिए एंबुलेंस पहुंचीं तो हवा से
निगरानी कर रहे मॉनिटर्स ने ज़मीन पर मौजूद सैनिकों को यह जानकारी दी कि क़ाफ़िला “संदेहास्पद
तरीके़ से आगे बढ़ रहा है.”
जब एंबुलेंस हमास की कार के पास रुकी, तो इसराइली
सैनिकों ने सोचा कि वे ख़तरे में हैं और उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी. जबकि इस
बात का कोई सबूत नहीं था कि आपातकालीन टीम के किसी भी सदस्य के पास हथियार थे.
इसराइल ने यह स्वीकार किया है कि उसने इससे पहले
जो जानकारी दी थी वह ग़लत थी. इसराइल ने कहा था कि बिना लाइट के वाहन वहां पहुंचे
थे.
भारत को संयुक्त राष्ट्र में मिली ये नई ज़िम्मेदारी
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संयुक्त राष्ट्र में विशेषज्ञों के अंतरराष्ट्रीय
कार्य समूह इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स ऑफ़ अकाउंटिंग एंड रिपोर्टिंग (आईएसएआर) में
भारत को सर्वसम्मति से चुना गया है.
इसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन ने
दी. भारत को 2025-27
के कार्यकाल के लिए चुना गया है.
आईएसएआर के लिए भारत को चुने जाने के बाद भारतीय
मिशन ने कहा, “भारत
वैश्विक लेखांकन मानकों के विकास के लिए अपना योगदान देना जारी रखेगा.”
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क्या है आईएसएआर?
संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईएसएआर लेखांकन और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में काम करती है.
यह नीति-निर्माताओं, नियामकों, मानक-निर्धारकों और एंटरप्राइज़ अकाउंटिंग एवं रिपोर्टिंग के क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों का एक वैश्विक मंच है.
अमेरिका में ट्रंप के ख़िलाफ़ बड़ा प्रदर्शन, लोगों की क्या है मांग?
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड
ट्रंप के ख़िलाफ़ देश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. राष्ट्रपति का कार्यभार
संभालने के बाद यह पहली दफ़ा है जब अमेरिकी लोगों ने ट्रंप का विरोध किया है.
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इमेज कैप्शन, ये प्रदर्शन अमेरिका के सभी 50 राज्यों में क़रीब 1200 जगहों पर हो रहे हैं. इन विरोध प्रदर्शनों को “हैंड्स ऑफ़” नाम दिया गया है. इसका मतलब है कि ट्रंप लोगों के मामलों में दख़ल ना दें.
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इमेज कैप्शन, प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक और आर्थिक मामलों समेत कई मुद्दों को लेकर ट्रंप के एजेंडे पर नाराज़गी जताई. दुनिया भर के कई देशों पर ट्रंप के टैरिफ़ लगाने की घोषणा के बाद अमेरिका से बाहर भी कई सभाएं आयोजित हुईं. इनमें लंदन, पेरिस और बर्लिन जैसे शहर शामिल हैं.
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इमेज कैप्शन, अमेरिका के बॉस्टन में कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अमेरिकी यूनिवर्सिटी के छात्रों पर आप्रवासन से जुड़े छापों की वजह से प्रदर्शन कर रहे हैं. हाल ही में अमेरिकी यूनिवर्सिटी के कुछ विदेशी छात्रों को गिरफ़्तार किया गया था और उन पर निर्वासन की कार्रवाई हुई.
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इमेज कैप्शन, वॉशिंगटन डीसी में हजारों प्रदर्शनकारी डेमोक्रेटिक सांसदों के भाषण सुनने के लिए जुटे. इन भाषणों में ट्रंप प्रशासन से जुड़े धनी व्यक्तियों पर कई टिप्पणियां हुईं. इनमें सबसे प्रमुख नाम एलन मस्क का है, जो राष्ट्रपति के सलाहकार के रूप में काम कर रहे हैं और सरकार के ख़र्च और कार्यबल में कटौती से जुड़े प्रयासों की भी अगुवाई कर रहे हैं.
वक़्फ़ संशोधन पर संजय राउत बोले- हमारे लिए वो फ़ाइल बंद हुई
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इमेज कैप्शन, इंडिया गठबंधन के दलों ने वक़्फ़ बिल का संसद में विरोध किया था. (फ़ाइल फ़ोटो)
वक़्फ़ संशोधन विधेयक (अब क़ानून) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने
के सवाल पर शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने कहा है कि उनकी पार्टी के लिए ये
फ़ाइल बंद हो गई है.
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान संजय
राउत से पूछा गया कि क्या अन्य विपक्षी पार्टियों की तरह शिवसेना (उद्धव गुट) भी
सुप्रीम कोर्ट जाएगी?
इस सवाल पर संजय राउत ने कहा, “नहीं, हमने हमारा काम कर दिया है. हमको जो कहना,
जो बोलना था और जो भी निर्णय लेना था हमने लिया है. अब हमारे लिए ये फ़ाइल बंद हो
गई है.”
वक़्फ़ संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ तीन विपक्षी दलों-
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
राष्ट्रपति ने इस विधेयक को शनिवार देर रात मंज़ूरी दे दी. अब यह क़ानून बन चुका है.