'ऑपरेशन सिंदूर' पर चल रही विशेष बहस के दौरान राज्यसभा में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधा.
अमित शाह ने कहा, "चिदंबरम ने कहा कि यह नहीं कहा जा सकता कि ऑपरेशन सिंदूर निर्णायक था."
उन्होंने कहा, "चिदंबरम साहब यहां हैं नहीं, मगर मैं उनको जवाब देना चाहूंगा. चिदंबरम साहब, 1965 की लड़ाई निर्णायक थी क्या? तो फिर आतंकवाद क्यों फैला? 1971 की लड़ाई निर्णायक थी क्या? तो फिर आतंकवाद क्यों फैला?
अमित शाह ने कहा, "जब तक दुश्मन या तो डर नहीं जाता या सुधर नहीं जाता, कभी निर्णायक अंत नहीं आएगा."
अमित शाह ने कहा, "इतने सालों में उन्हें डराने की कोई प्रकिया ही नहीं हुई,क्यों डरेंगे वो? नरेंद्र मोदी ने जवाब दिया. सर्जिकल स्ट्राइक की, एयर स्ट्राइक की और फिर 'ऑपरेशन सिंदूर'. ख़ौफ़ पैदा हो गया है."
अमित शाह ने कहा, "मुंबई हमले को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा ये तो आरएसएस ने कराया है."
अमित शाह ने कहा, "हिंदू आतंक का शिगूफ़ा किसने छोड़ा? मैं दुनिया के सामने देश की जनता के सामने गर्व से कहता हूं कि हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता."
इससे पहले पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा था, "अगर आप मुझसे पूछें कि क्या ऑपरेशन सिंदूर मजबूत था? तो मेरा जवाब हां है. क्या यह सफल रहा? हां. लेकिन क्या यह निर्णायक था? तो मैं कहूंगा कि इसका जवाब समय बताएगा."
चिदंबरम ने अपने भाषण में सेना की सराहना करते हुए कहा कि सेना ने जिस तरह से स्थिति को संभाला, वह प्रशंसनीय है. पूर्व गृहमंत्री ने सरकार से पूछा कि अगर ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा, तो फिर पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम पर सहमति क्यों जताई गई?
चिदंबरम ने विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, "दुनिया ने आतंकवाद की निंदा की, लेकिन किसी ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया."