महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कंपनी पर भूमि लेनदेन मामले में अनियमितता के आरोप लगे हैं. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे 'ज़मीन चोरी' कहा है.
राहुल गांधी ने कहा, "महाराष्ट्र में 1800 करोड़ रुपये की सरकारी ज़मीन, जो दलितों के लिए आरक्षित थी, सिर्फ़ 300 करोड़ रुपये में मंत्री जी के बेटे की कंपनी को बेच दी गई. ऊपर से स्टांप ड्यूटी भी हटा दी गई. मतलब एक तो लूट, और उस पर क़ानूनी मुहर में भी छूट!"
"ये है 'ज़मीन चोरी', उस सरकार की जो खुद 'वोट चोरी' से बनी है. उन्हें पता है, चाहे जितना भी लूटें, वोट चोरी कर फिर सत्ता में लौट आएंगे."
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी बहुत कुछ कहती है.
राहुल गांधी ने उनसे पूछा, "क्या आप इसलिए खामोश हैं, क्योंकि आपकी सरकार उन्हीं लुटेरों पर टिकी है जो दलितों और वंचितों का हक़ हड़पते हैं?"
बीबीसी मराठी न्यूज़ के मुताबिक़, पार्थ पवार की कंपनी पर भूमि लेनदेन मामले में सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुंभार और अंजलि दमानिया ने कई सवाल उठाए थे.
दमानिया ने कहा कि इस जमीन की कीमत 1804 करोड़ रुपये है. उन्होंने स्टांप ड्यूटी माफ़ किए जाने का मुद्दा भी उठाया है.
इस पर अजित पवार ने कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने कभी भी ग़लत काम का समर्थन नहीं किया है.
वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी. अगर कोई अनियमितता है तो कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले में पिंपरी चिंचवाड़ के बावधन पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज किया गया है. हालांकि, अभियुक्तों में पार्थ पवार का नाम शामिल नहीं है.