केरल के कोझिकोड तट पर सिंगापुर के झंडे वाले एक जहाज़ में लगी आग को बुझाने के लिए भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अपने जहाज़ और विमान तैनात किए हैं. ये आग "कई विस्फोटों" के कारण लगी.
कोझिकोड तट पर लगभग 20 कंटेनर गिरे हैं. अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि जहाज़ क्या ले जा रहा था और इन कंटेनरों में क्या है.
मर्चेंट शिप, वानहाई 503 में आग लगने की सूचना सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे मिली. इसके आंकलन के लिए आईसीजी के डोर्नियर विमान को तैनात किया गया है. हादसे का शिकार हुआ जहाज़ केरल तट से 130 समुद्री मील उत्तर पश्चिम में था. देर शाम अधिकारियों ने बताया कि आग अब भी बेकाबू है.
'चालक दल के चार सदस्य लापता'
22 सदस्यों वाले चालक दल के 18 सदस्य समुद्र में कूद कर रेस्क्यू नावों पर सवार हो गए थे. लेकिन चार सदस्य लापता बताए जा रहे हैं.
बाद में आईएनएस सूरत पर सवार चालक दल के सदस्य मंगलुरु बंदरगाह की ओर रवाना हो गए. इनके सोमवार देर रात मंगलुरु पहुंचने की उम्मीद है.
अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बीबीसी हिंदी को बताया कि जहाज़ कथित तौर पर पानी में बह रहा है, लेकिन यह निश्चित नहीं है कि यह केरल तट की ओर बढ़ रहा है या नहीं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भारतीय तटरक्षक बल ने कहा, "आईसीजी विमान ने घटनास्थल का आंकलन किया और एयर-ड्रॉपेबल किट को ड्रॉप किया. आईसीजी के चार जहाज़ों को रेस्क्यू के लिए भेजा गया."
नौसेना की भाषा में "एयर-ड्रॉपेबल" का मतलब लाइफ़बोट को गिराना होता है, जो पानी को छूते ही ये खुल जाते हैं.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि 'वे एर्नाकुलम और कोझिकोड ज़िला कलेक्टरों को निर्देश दें कि अगर जहाज़ के चालक दल के सदस्यों को केरल तट पर लाया जाता है तो उनके इलाज के लिए ज़रूरी तैयारी करें.'
केरल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक नोट में कहा, "जहाज़ फिलहाल डूब नहीं रहा है."
सिंगापुर के झंडे वाले जहाज़ पर क्या था?
अधिकारियों ने बताया कि जहाज़ का आखिरी बंदरगाह कोलंबो था.
जब जहाज़ के चालक दल के 18 सदस्यों को किनारे पर लाया जाएगा, आईसीजी को तभी पता चल पाएगा कि जहाज़ में क्या था.
एक अधिकारी ने बताया कि दूसरा विकल्प यह है कि शिपिंग कंपनी की ओर ये जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
केरल के तट पर ये इस तरह की दूसरी घटना है. इससे पहले 26 मई को लाइबेरियाई जहाज़ एमएससी एल्सा-3 के डूबने के कारण तेल रिसाव होने के बाद केरल सरकार ने अलर्ट जारी किया था.
एमएससी एल्सा-3 पर 643 कंटेनर थे, जिनमें से 73 खाली थे. क़रीब 13 कंटेनरों में कैल्शियम कार्बाइड था, जो एक रासायनिक पदार्थ है और एसिटिलीन गैस छोड़ता है. इस जहाज़ पर 84 टन डीज़ल और 367 टन फ़र्नेस ऑयल था.