उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कुट्टू का आटा खाने से फ़ूड पॉइज़निंग के मामले सामने आए हैं. जानकारी के मुताबिक़ कुट्टू का आटा खाने के बाद करीब 200 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई.
सभी मरीज़ों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर पोस्ट कर इस घटना की जानकारी दी है.
मुख्यमंत्री ने जानकरी दी कि देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल जाकर उन्होंने फ़ूड पॉइज़निंग से बीमार हुए लोगों का हाल जाना.
उन्होंने आगे लिखा, "जांच में यह स्पष्ट हुआ कि खराब कुट्टू के आटे के सेवन से फ़ूड पॉइज़निंग की घटना हुई. इस पर संबंधित एजेंसी को सील करने और जिन दुकानों में यह आटा वितरित किया गया था, वहां से इसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं."
"स्वास्थ्य सचिव को भी घटना के कारणों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए."
घटना के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें शहर भर में सक्रिय हो गई हैं. संदिग्ध खाद्य उत्पादों के सैंपल इकट्ठा कर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं.
मरीज़ों से मिलने दून मेडिकल कॉलेज पहुंचे, स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने कहा, “मुझे बताया गया है कि यहाँ करीब 110 मरीज़ एडमिट हुए थे, जिनमें से 51 मरीज़ों को डिस्चार्ज कर दिया गया है.”
“बाकी बचे 61 मरीज़ों से मैंने बात भी की है. वह सभी अब ख़तरे से बाहर हैं.इसके अलावा क़रीब 78 मरीज़ कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती हैं. वहाँ भी सभी लोग खतरे के बाहर बताए जा रहे हैं.”
अस्पताल में भर्ती मरीज़ों का कहना है कि उन्होंने नवरात्रि व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने पकवान खाए थे, जिसके कुछ समय बाद ही उन्हें उल्टी, दस्त, पेट दर्द और चक्कर आने जैसी दिक्कतें होने लगीं.
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया, “हमें सूचना मिली थी कि दून मेडिकल कॉलेज और राजकीय ज़िला अस्पताल कोरोनेशन में काफ़ी लोग ऐसे आ रहे हैं, जिनको पेट दर्द और उल्टी की शिकायत है.”
"जाँच करने पर पता चला कि व्रत के दौरान लोगों ने जो कुट्टू के आटे का सेवन किया था. उसके बाद से कुछ लोगों की रात में और कुछ लोगों की सुबह-सुबह तबीयत खराब हो गई.”
“यह सूचना मिलते ही तुरंत सभी विभागों से संपर्क किया गया और लगभग दो घंटे के अंदर ही पुलिस ने 22 दुकानों/स्टोरों को चिन्हित कर उन पर रेड कर सील कर दिया गया, जहाँ से लोगों ने कुट्टू का आटा खरीदा था.”