कार्टून: हमारी भावनाएं

ईरान की मुद्रा ईरानी रियाल तेहरान के एक्सचेंज बाज़ारों में और भी गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.
इफ़्तेख़ार अली, संदीप राय


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ईरान की मुद्रा ईरानी रियाल तेहरान के एक्सचेंज बाज़ारों में और भी गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है.
एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले इसकी क़ीमत क़रीब 15 लाख रियाल हो गई है.
यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब एक अमेरिकी विमानवाहक पोत मध्य पूर्व में पहुंचा है.
यूएसएस अब्राहम लिंकन के पहुंचने से यह आशंका बढ़ गई है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी शासन के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई की अपनी धमकी पर अमल कर सकते हैं.
यह धमकी बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों को कुचलने के जवाब में दी गई थी.
अमेरिका स्थित एक ईरानी मानवाधिकार समूह का दावा है कि इन प्रदर्शनों में लगभग छह हज़ार प्रदर्शनकारियों की मौत हुई.

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जम्मू कश्मीर में भारी बर्फ़बारी के कारण कई राजमार्ग बाधित हो गए हैं.
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजे़शन ने एक्स पर जानकारी दी है कि उसने 10,500 फ़ुट की ऊंचाई पर स्थित छतेरगाला पास को जोड़ने वाली सड़क को खोलने का अभियान चलाया है.
बयान के अनुसार, बीते 40 घंटे के अभियान के बाद 38 किलोमीटर तक पांच से छह फ़ुट जमी बर्फ़ को हटाया गया.
हिमाचल प्रदेश में मनाली में पिछले कुछ दिनों से भारी बर्फ़बारी के कारण पर्यटकों के फंसे होने की ख़बर है.
उत्तराखंड में ताज़ा बर्फ़बारी से चमोली का पूरा इलाक़ा बर्फ़ से ढक गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, बनिहाल में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो जाने के बाद पर्यटकों के लिए विशेष ट्रेन चलाई गई.

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उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव को लेकर बनाए गए यूजीसी के नए नियम के विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बयान दिया है.
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “एक बात मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी का उत्पीड़न होने नहीं दिया जाएगा. भेदभाव के नाम पर इस नियम के ग़लत इस्तेमाल की किसी को इजाज़त नहीं दी जाएगी.”
उन्होंने कहा, “इसका दायित्व यूजीसी, भारत सरकार या राज्य सरकार पर होगा. जो कुछ भी होगा वो संविधान के तहत होगा.”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ये मुद्दा आया है, वो तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में व्यवस्था आई है. मैं फिर आश्वस्त करता हूं कि किसी पर भी अत्याचार या किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा.”
नए नियमों के मुताबिक, अब चाहे सरकारी कॉलेज हो या निजी यूनिवर्सिटी, हर जगह एक 'इक्विटी कमेटी बनाना ज़रूरी होगा. अगर किसी छात्र को लगता है कि उसके साथ भेदभाव हुआ है, तो वह यहां जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. कमेटी की सिफारिश पर संस्थान को उस पर तुरंत एक्शन लेना होगा.
इसे लेकर काफ़ी विरोध हो रहा है.

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ईरान की इकोनॉमिक सिक्युरिटी पुलिस के प्रमुख हुसैन रहीमी ने कहा है कि पुलिस ने स्टारलिंक के 108 उपकरण ज़ब्त किए हैं.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, पुलिस अधिकारी ने कहा, "ताज़ा मामले में, कुर्दिस्तान प्रांत में बैकपैक में छिपाए गए 51 स्टारलिंक उपकरण बरामद किए गए."
उन्होंने कहा कि स्टारलिंक उपकरणों को अब "सुरक्षा के लिए ख़तरा" माना जा रहा है और इसे रखने वालों के ख़िलाफ़ निश्चित रूप से गंभीर कार्रवाई की जाएगी.
ईरान में इंटरनेट सेवा ठप होने का सिलसिला 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है.
ऐसे में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट ईरान और विदेशों के बीच संचार के कुछ गिने-चुने साधनों में से एक बन गया है.
बीते दिसंबर के अंत में और जनवरी की शुरुआत में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या हज़ारों में बताई जा रही है.
अमेरिका स्थित ईरानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) का कहना है कि उसने पिछले तीन हफ़्तों में कम से कम 2400 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की पुष्टि की है, जिनमें 12 बच्चे भी शामिल हैं.

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अदानी ग्रुप और ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर ने मंगलवार को भारत में विमान निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, एक संयुक्त बयान में कहा गया कि ‘दोनों कंपनियों का उद्देश्य एक "असेंबली लाइन" स्थापित करना है और वे विमान निर्माण, व्यापक विमानन आपूर्ति श्रृंखला और पायलट प्रशिक्षण में सहयोग करेंगी.’
अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के सीईओ जीत अदानी ने कहा, "यह बहुत गर्व की बात है कि अडानी डिफ़ेंस आज विश्व की अग्रणी विमान निर्माता कंपनियों में से एक, एम्ब्रेयर के साथ एक ऐतिहासिक साझेदारी कर रही है.”
“साथ मिलकर, हम भारत में एक क्षेत्रीय विमान निर्माण सुविधा और अपनी तरह का एक अनूठा विमानन पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करेंगे, एक ऐसी परियोजना जो हमारे देश में विमानन के भविष्य को नया रूप देगी. यह साझेदारी मात्र एक व्यापारिक समझौता नहीं है. यह एक साकार होती दृष्टि है.”
उन्होंने कहा, “यह आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय मिशन के अनुरूप, अपनी धरती पर विश्व स्तरीय विमानन क्षमताएं विकसित करने के भारत के दृढ़ संकल्प को दिखाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने साहसिक सुधारों और महत्वाकांक्षी पहलों को अपनाया है, जिसने बुनियादी ढांचे और उद्योग को बदल दिया है..."

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भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके़ पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में प्रतिपक्ष के नेताओं को आगे न बैठाने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रतिक्रिया दी है.
खड़गे ने कहा, “मैं सीनियर मोस्ट लीडर हूं. मेरे और राहुल गांधी जी के पास कैबिनेट रैंक है, लेकिन हमें गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी लाइन में बैठा दिया गया, जहां स्टेट मिनिस्टर और बच्चे बैठे थे.”
“इतना ही नहीं, हमने अपने सेक्रेटरीज़ को भेजकर जगह तलाश की, उनके ज़रिए पास का इंतज़ाम किया.”
खड़गे ने कहा, “सरकार ने संविधान, कांग्रेस, विपक्ष और मेरा अपमान किया है. ऐसा क्यों किया गया, मुझे इस बात का जवाब चाहिए.”
कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भी एक्स पर लिखा कि कैबिनेट रैंक होते हुए भी राहुल गांधी को तीसरी लाइन में बैठाया गया.
सोशल मीडिया पर कुछ ऐसी तस्वीरें आ रही हैं जिसमें राहुल गांधी के आगे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठे हुए हैं.
नमस्कार!
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अब से रात 10 बजे तक मैं बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.
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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नेता उमा भारती ने अविमुक्तेश्वरानंद की शंकराचार्य की उपाधि को लेकर हो रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा."
बीजेपी नेता का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से शंकराचार्य होने का सबूत मांगकर प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं और अधिकारों का उल्लंघन किया है.
उन्होंने कहा, "यह अधिकार सिर्फ़ शंकराचार्यों और विद्वत परिषद का है."
क्या है मामला?
कुछ दिन पहले गंगा में स्नान से रोकने के आरोपों के बीच मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नोटिस जारी किया है. नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया था कि वह ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की उपाधि का इस्तेमाल किस आधार पर कर रहे हैं.
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, "मौनी अमावस्या के मौके़ पर अविमुक्तेश्वरानंद अपने समर्थकों के साथ संगम में स्नान के लिए जा रहे थे और आरोप है कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया.
घटना के बाद अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने शिविर के बाहर धरना शुरू कर दिया, और मेला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से माफ़ी की मांग की.

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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चटगांव के मीरसराय में प्रस्तावित इंडियन इकोनॉमिक ज़ोन प्रोजेक्ट को रद्द करने की घोषणा की है.
इंडियन इकोनॉमिक ज़ोन की जगह अब एक रक्षा औद्योगिक पार्क बनाने का फ़ैसला किया गया है.
बीबसी बांग्ला के मुताबिक़, बांग्लादेश आर्थिक क्षेत्र प्राधिकरण (बीईजेडए) के कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी आशिक महमूद बिन हारून ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह जानकारी दी.
इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफ़ीकु़ल आलम भी मौजूद थे. यह जानकारी समाचार एजेंसी बीएसएस की ओर से दी गई है.
यह निर्णय सोमवार को ढाका के तेजगांव स्थित मुख्य सलाहकार के कार्यालय में बीईजेडए गवर्निंग बोर्ड की बैठक में लिया गया. बैठक की अध्यक्षता अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफे़सर मोहम्मद यूनुस ने की.
बीईजेडए के कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी आशिक महमूद ने बताया कि मीरसराय में भारत के प्रस्तावित इंडियन इकोनॉमिक ज़ोन के लिए बड़े पैमाने पर ज़मीन आवंटित की गई थी. चूंकि वह परियोजना रद्द हो गई, इसलिए इस ज़मीन को एक नए रक्षा औद्योगिक पार्क के रूप में इस्तेमाल करने का फ़ैसला लिया गया है.
हाल के वैश्विक संघर्षों का उदाहरण देते हुए चौधरी आशिक महमूद ने कहा कि कभी-कभी आधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी नहीं, बल्कि गोला-बारूद या टैंक के धुरों जैसे बुनियादी उपकरणों की कमी ही बड़े संकट का कारण बनती है. उन्होंने घरेलू स्तर पर ऐसे उपकरणों के उत्पादन की क्षमता विकसित करने की ज़रूरतों पर ज़ोर दिया.

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देशभर में मंगलवार को सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित है, क्योंकि यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (यूएफ़बीयू) ने पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल की.
यूएफ़बीयू नौ यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है.
यह हड़ताल 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के बेनतीजा रहने के बाद बुलाई गई.
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से कहा, "जब सरकार हमारी मांग से सहमत नहीं हुई और कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला, तो हमें मजबूरन हड़ताल करनी पड़ी."
"बैंक कर्मचारी और अधिकारी बेहद नाराज़ हैं क्योंकि केवल उनके साथ ही भेदभाव किया जा रहा है."
हड़ताल के कारण देश के ज़्यादातर सरकारी बैंकों की शाखाएं या तो पूरी तरह बंद रहीं या आंशिक रूप से खुली, क्योंकि कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल रहे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को यूरोपीय संघ के साथ फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट होने की बधाई दी है. साथ ही उन्होंने बताया है कि इससे किन लोगों को फ़ायदा मिलेगा.
पीएम मोदी ने मंगलवार को इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2026 के चौथे संस्करण का वर्चुअल उद्घाटन किया.
इस दौरान पीएम ने कहा, "कल ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है. दुनिया में लोग इसकी चर्चा 'मदर ऑफ़ ऑल डील्स' के रूप में कर रहे हैं."
"यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों के करोड़ों लोगों के लिए बहुत बड़ा अवसर लेकर आया है. यह दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है."
उन्होंने कहा, "यह समझौता ग्लोबल जीडीपी के क़रीब 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी सशक्त करता है."
प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि ईयू के साथ हुआ यह फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) समझौतों को भी कॉम्प्लिमेंट करेगा.
उन्होंने समझौता पूरा होने को लेकर भारत के नौजवानों और सभी देशवासियों को बधाई दी है.
साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वैलरी, लेदर एंड शूज़ सेक्टर्स से जुड़े साथियों को भी बधाई देता हूं."
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने कहा है कि वह अमेरिका और चीन के रिश्तों के बीच किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होंगे. यह बयान उन्होंने आठ साल बाद किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की चीन यात्रा से पहले दिया है.
पीएम स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन व्यापार, सुरक्षा और रक्षा के मामलों में अमेरिका के साथ क़रीबी रिश्ते बनाए रखेगा.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा, "चीन को नज़रअंदाज़ करना समझदारी नहीं होगी."
ब्लूमबर्ग न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की यह यात्रा ब्रिटिश कंपनियों के लिए बड़े मौक़े ला सकती है.
इस दौरे में उनके साथ ब्रिटेन के दर्जनों कारोबारी नेता भी जाने वाले हैं.
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब कुछ दिन पहले ही ब्रिटेन ने लंदन में एक बड़े नए चीनी दूतावास के निर्माण की विवादित योजना को मंज़ूरी दी है.

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आनंदपुर इलाके़ में दो गोदामों में सोमवार को लगी आग में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
यहां काम करने वाले कम से कम 20 लोगों के परिजनों ने थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है.
कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक बरामद आठों शव बुरी तरह जल गए हैं. उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है.
इस बीच, इस घटना पर राजनीतिक विवाद भी तेज़ हो गया है.
फायर ब्रिगेड सूत्रों ने बताया कि एक नामी मोमो कंपनी के इन गोदामों में पेय पदार्थ और सूखे खाने के पैकेट रखे थे. उनमें रविवार शाम तीन बजे आग लगने की सूचना मिली थी. लेकिन फायर ब्रिगेड के क़रीब एक दर्जन इंजनों की कोशिशों के बावजूद अब तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है.
बारुईपुर के पुलिस अधीक्षक शुभेंद्र कुमार ने पत्रकारों को बताया, "फिलहाल जान-माल के नुक़सान का सही आंकड़ा बताना संभव नहीं है. इस घटना की जांच की रही है. उसके बाद ही तस्वीर साफ़ हो पाएगी."

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मौके़ का दौरा करने वाले फायर ब्रिगेड मंत्री सुजित बसु ने कहा कि यह दोनों गोदाम बड़े इलाके़ में बने थे. उनमें आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है.
उनका सवाल था कि रात के समय गोदाम में इतने लोग क्या कर रहे थे?
दूसरी ओर, बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पत्रकारों से बातचीत में इस घटना को प्रशासनिक नाकामी बताया है.
उन्होंने दावा कि उनके पूर्व मेदिनीपुर ज़िले का एक युवक भी उस गोदाम में काम करता था, लेकिन वह लापता है.
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "सरकार छुट्टी पर है. अब यह सत्ता में नहीं रहेगी."

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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, "अब वह सुरक्षा परिषद के एक निर्वाचित सदस्य, यानी पाकिस्तान के प्रतिनिधि की टिप्पणियों का जवाब दे रहे हैं, जिसका एकमात्र एजेंडा भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाना है."
पर्वतनेनी हरीश ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पिछले साल मई में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर झूठा बयान दिया.
हरीश ने कहा कि इस मामले के तथ्य बिल्कुल साफ़ हैं. अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए 'आतंकी हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों' ने 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी.
उन्होंने कहा, "इसी सुरक्षा परिषद ने इस हमले के आयोजकों, साज़िशकर्ताओं, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने की बात कही थी."
भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, "हमने वही किया. भारत की कार्रवाई संयमित, गैर-उकसावे वाली और ज़िम्मेदार थी. इसका मक़सद आतंकी ढांचे को ख़त्म करना और आतंकवादियों को निष्क्रिय करना था."
भारत के राजदूत ने कहा कि 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर और हमलों की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने सीधे 'भारतीय सेना से संपर्क कर लड़ाई रोकने की गुहार' लगाई.
उन्होंने कहा कि भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान के कई एयरबेस को नुकसान पहुंचा.
पहलगाम हमले के बाद छह-सात मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में चरमपंथी कैंपों को भारतीय सेना ने निशाना बनाया.
इस अभियान को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया गया. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष हुआ.
10 मई को संघर्ष विराम पर सहमति की घोषणा के बाद संघर्ष रुका.

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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने अगले महीने होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार का विरोध किया है.
उनका कहना है कि पाकिस्तान को मैच का बहिष्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि काली पट्टी बांधकर खेलना चाहिए, ताकि विरोध दर्ज कराया जा सके.
अपने यूट्यूब चैनल बासित अली शो पर बासित अली ने कहा, "पाकिस्तान को बहिष्कार नहीं करना चाहिए, बल्कि काली आर्मबैंड पहनकर भारत के ख़िलाफ़ मैच खेलना चाहिए."
उन्होंने कहा कि क्रिकेट अब सिर्फ़ 'जेंटलमैन का खेल' नहीं रहा, बल्कि यह तेज़ी से 'राजनीतिक' होता जा रहा है.
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बहिष्कार करना ही है तो टी20 वर्ल्ड कप के बड़े मैच का इंतज़ार क्यों किया जाए.
बासित अली ने कहा, "अगर बहिष्कार करना है तो 15 फ़रवरी के भारत-पाकिस्तान मैच का इंतज़ार क्यों? 1 फ़रवरी को होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप के भारत-पाकिस्तान मैच में ही कर दीजिए."
बासित अली ने यह भी कहा कि उनके कुछ भारतीय दोस्तों ने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान को सीनियर टूर्नामेंट के बजाय अंडर-19 वर्ल्ड कप में पहले कदम उठाना चाहिए.
उनका कहना है कि बांग्लादेश को वर्ल्ड कप से बाहर करने के फ़ैसले ने क्रिकेट को नुक़सान पहुंचाया है.
बासित ने कहा, "उन फ़ैसलों के साइड इफेक्ट अब दिख रहे हैं और आगे भी लंबे समय तक दिखेंगे."

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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ़ ने बांग्लादेश को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के रुख़ पर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने कहा कि न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, नेपाल, नीदरलैंड्स, आयरलैंड, नामीबिया, ज़िम्बाब्वे, श्रीलंका और अफ़ग़ानिस्तान, इन 10 देशों की संयुक्त क्रिकेट व्यूअरशिप लगभग उतनी ही है, जितनी अकेले बांग्लादेश की है.
मोहम्मद यूसुफ़ ने दावा किया कि 10 देशों की कुल व्यूअरशिप '178 मिलियन' है, जबकि सिर्फ़ बांग्लादेश की व्यूअरशिप '176 मिलियन' है.
उन्होंने कहा, "दुनियाभर के दर्शकों पर टिके इस खेल (क्रिकेट) में अगर बांग्लादेश की सुरक्षा से जुड़ी जायज़ चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया जाता है, तो यह खेल के प्रबंधन और उसके नियमों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है."
मोहम्मद यूसुफ़ ने कहा, "जब फै़सलों में चयनात्मक रवैया अपनाया जाता है, तो निष्पक्षता ख़त्म हो जाती है. क्रिकेट को प्रभाव के आधार पर नहीं, बल्कि सिद्धांतों के आधार पर चलाया जाना चाहिए."

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से आने वाले सामान पर टैरिफ़ बढ़ाकर 25 फ़ीसदी करने का एलान किया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि दक्षिण कोरिया पिछले साल हुए व्यापार समझौते पर 'ठीक से अमल नहीं' कर रहा है.
सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि कारों, लकड़ी के सामान, दवाइयों और अन्य उत्पादों पर लगने वाला टैरिफ़ 15 फ़ीसदी से बढ़ाकर 25 फ़ीसदी किया जाएगा. उन्होंने इसे 'रेसिप्रोकल टैरिफ़' बताया.
अगर कोई देश अमेरिकी सामानों पर ज़्यादा आयात शुल्क लगाता है, तो अमेरिका भी उस देश से आने वाली चीज़ों पर ज़्यादा आयात शुल्क यानी टैरिफ़ लगाएगा. इसी को 'रेसिप्रोकल टैरिफ़' कहते हैं.
ट्रंप का कहना है कि दक्षिण कोरिया की संसद ने इस समझौते को मंज़ूरी देने में देरी की है, जबकि अमेरिका ने समझौते के तहत अपने टैरिफ़ तेज़ी से कम किए हैं.
वहीं, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उसे टैरिफ़ बढ़ाने के फै़सले की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है.
साथ ही दक्षिण कोरिया ने इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ तत्काल बातचीत की मांग की है.
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