अफ़ग़ानिस्तान-भारत की दोस्ती का बांध

मोदी के दौरे के पहले हेरात में उनके स्वागत की तैयारियां.

सलमा बांध

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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी सूबे हेरात में भारत के ज़रिये बनाया गया बांध. प्रधानमंत्री मोदी यात्रा के दौरान इसका उद्घाटन कर रहे हैं. भारत युद्ध से लंबे समय तक ग्रस्ति रहे देश के पुनर्निर्माण में मदद कर रहा है.
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इमेज कैप्शन, यह बांध 30 करोड़ डॉलर (क़रीब 2040 करोड़ रुपये) की लागत से बनाया गया है. इसे बनाने में दोनों देशो के क़रीब 1500 इंजीनियरों ने हिस्सा लिया. साल की शुरुआत में अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने सलमा बांध का नाम अफ़ग़ान इंडिया फ्रेंडशिप डैम कर दिया था.
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इमेज कैप्शन, अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय दूतावास के मुताबिक़ इस बांध के जलाशय की लंबाई 20 किलोमीटर और चौड़ाई तीन किलोमीटर है. इसकी क्षमता 64 करोड़ क्यूबिक मीटर है. इसकी क्षमता 42 मेगावाट बिजली उत्पादन की है.
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इमेज कैप्शन, बांध के रास्ते में मोदी और अफ़ग़ानिस्तानी राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी की तस्वीरों वाले बिलबोर्ड.
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इमेज कैप्शन, मोदी ने अफ़ग़ानिस्तान की संसद का उद्घाटन किया था. इसमें भी भारत का सहयोग.
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इमेज कैप्शन, दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, जगह-जगह सुरक्षा चौकियां लगाई गई हैं.
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इमेज कैप्शन, बांध का और भारत के साथ रिश्ते की अफ़ग़ानिस्तान के लिए कितनी अहमियत है ये इस बात से पता चलता है कि शुक्रवार को राष्ट्रपति ग़नी खुद बांध की सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लेने पहुंचे.
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इमेज कैप्शन, 2001 में जब तालिबान की सरकार का पतन हुआ तब भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में सहयोग की नए सिरे से शुरुआत की. 2002 में भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में दो अरब डॉलर के सहयोग की घोषणा की थी.