कैसे थे बोर्नियो के आदमखोर सांप?

सांप

इमेज स्रोत, Thinkstock

कई शताब्दियों पहले बोर्नियो के मूल निवासियों के एक समूह ने अपना गांव छोड़ दिया और घने जंगलों में फैल गए.

इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप पर डच उपनिवेशवादियों के तेज़ी से बढ़ रहे कब्ज़े के चलते वे अपने लिए आशियाना तलाश रहे थे.

आख़िरकार, उन्हें बोर्नियो के बीचों-बीच पहाड़ों के पास वर्षावन में एक अच्छा ठिकाना मिल गया. उन्होंने वहां घर बना लिए और खेती करने लगे.

वे बुराक नदी से मछलियां पकड़ते थे. सब कुछ ठीक था, लेकिन फिर यकायक बच्चे ग़ायब होने लगे.

एक बार में एक बच्चा गायब हो रहा था और अपने पीछे रोता-बिलखता परिवार छोड़ रहा था.

यह सिलसिला लगातार आठ दिनों तक चला. तो क्या ये जंगल के भूत का काम था, या फिर किसी खानाबदोश या किसी बड़े मांसभक्षी जैसे तेंदुए का काम था?

इसका पता लगाने के लिए गांव वालों ने एक जाल बिछाया और चारा बनाया एक और बच्चे को.

फिर क्या हुआ? पढ़ें पूरी रिपोर्ट

इमेज स्रोत, NADIA DRAKE

नदी से निकलकर जो सामने प्रकट हुआ वह विशालकाय सांप था और वो इतना बड़ा हो गया कि लोग उसे अजगर कहने लगे.

अपने छिपने की जगहों से लोगों ने देखा कि अजगर बच्चे को एक गुफा में ले गया. इसके बाद उन्होंने जंगल की मज़बूत लकड़ियों से कुल्हाड़ियां, भाले और फावड़े बनाए और अजगर के ठिकाने तक सुरंग खोदी.

जब गांववाले सुरंग के ज़रिए वहाँ पहुंचे तो उन्हें वहां भूरे रंग के दो विशालकाय अजगर मिले.

इन दो अजगरों के साथ एक छोटा अजगर भी वहां था जो रंगीन था और उसका पेट पीला था.

अपने बच्चों की हत्याओं से बेहद गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों बड़े अजगरों को दो-दो हिस्सों में काट डाला, लेकिन छोटे सांप को यह मानते हुए उन्होंने छोड़ दिया कि इस बेचारे का क्या कसूर है.

अनूठा करार

इमेज स्रोत, ALAMY

इसके साथ ही उन्होंने इस छोटे सांप के साथ एक करार भी किया जो आज भी बाध्यकारी है: न तो मनुष्य और न ही अजगर एक-दूसरे को नुक़सान पहुंचाएंगे.

इसके बाद ये लोग जंगल से कुछ दूर के गांव में आ गए, लेकिन उनका कहना है कि अजगर अब भी वहीं-कहीं हैं.

मैंने सबसे पहले ये कहानी जुलाई 2014 में तब सुनी थी जब मैं रात में अलाव के किनारे बैठा हुआ पाक रुस्नी की बातें सुन रहा था.

रुस्नी तुम्बांग तुजांग के दयाक गांव के बुज़ुर्ग थे और उनकी उम्र लगभग 54 साल थी. ज़्यादातर उन्होंने आराम से बात की थी, लेकिन जैसे ही वे कहानी के आखिर में पहुंचे, उनकी आवाज़ बहुत तेज़ और जोशीली हो गई.

वो मुझे अजगर की गुफा की आकृति, सुरंग और नदी के किनारे की बस्तियों के पास खींचकर ले गए.

सांपों की प्रजातियां

फ़ाइल फोटो

इमेज स्रोत, ALAMY

हमारा कैंप इंडोनेशिया की उत्तरी सीमा में बोर्नियो के बुराक नदी के किनारे पर था.

रुस्नी का कहना था कि अगर हम नदी के प्रवाह के विपरीत करीब डेढ़ दिन और चले तो हमें अजगरों के तबाह किए गए गांवों के अवशेष मिल जाएंगे.

सांपों में काफी विभिन्नताएं होती हैं. इस द्वीप में सांपों की 150 से अधिक प्रजातियां हो सकती हैं.

न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकन म्यूज़ियम ऑफ़ नेचुरल हिस्ट्री की सारा रुएन कहती हैं, "ऐसा लगता है कि सांपों का हर परिवार बोर्नियो में रह रहा है और इसमें कोई शक नहीं कि यहां कई ऐसी प्रजातियां हैं जिन्हें अभी खोजा नहीं जा सका है."

फ़ाइल फोटो

इमेज स्रोत, ALAMY

कुछ ज़मीन के नीचे रहते हैं, तो कुछ जंगल में सूखी पत्तियों के बीच. कुछ पेड़ों की चोटियों पर एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर उड़ते हैं तो कुछ गुफाओं या पानी में रहना पसंद करते हैं. कई सांप मनुष्यों की बनाई जगहों छतों आदि पर भी रहते हैं.

वे पहली बार 10 से 15 करोड़ साल पहले देखे गए थे. उनका तेज़ी से विकास हुआ. उन्होंने अपने ज़हर से दूसरे जानवरों को मारने के अलग-अलग तरीके सीख लिए.

ज़हर

बोर्नियो में सांपों के विशेषज्ञ रॉबर्ट स्ट्युबिंग कहते हैं, "अधिकांश सांपों में ज़हर होता है. यहां तक कि उनमें भी जिन्हें हानिकारक नहीं माना जाता है."

सांप के ज़हर में शिकार में भ्रम पैदा करने के लिए एक प्रोटीन होता है जो शिकार को उसके पास लाने के लिए एक साथ काम करते हैं. जैसे कि किंग कोबरा का ज़हर 100 से अधिक प्रकार का होता है.

फ़ाइल फोटो

इमेज स्रोत, ALAMY

तो छोटे बच्चों को मारने में कौन से सांप सक्षम थे. ये सांप सबसे ज़्यादा संदेह के घेरे में हैं.

  • लाल सिर वाला करैत: दिखने में सुंदर, लेकिन घातक. इसका शरीर चमकदार और काला होता है. सिर और पूंछ चटक लाल. करैत का ज़हर शिकार के नर्वस सिस्टम पर हमला करता है. शिकार के लिए सांस लेना या हिलना-डुलना भी नामुमकिन हो जाता है.
  • ब्लू कोरल: बोर्नियो के कुछ कोरल सांपों में असामान्य रूप से ज़हर की बड़ी ग्रंथि होती है. लेकिन ये अजगर के आसपास भी नहीं हैं. वे ज़मीन पर पड़ी पत्तियों में खुद को छिपा सकते हैं और अधिकतर दूसरे सांपों को खाकर अपना गुज़ारा करते हैं.
  • किंग कोबरा: जीवित सांपों में यह सबसे ज़हरीला है. यह ज़मीन से ऊपर अपना फन फैला सकता है और अक्सर आपको लगेगा कि यह आपकी आंखों में देख रहा है.
  • सुमात्रन पिट वाइपर: इनके सिर पर गर्मी की पहचान करने वाले पिट लगे होते हैं. ये पेड़ या झाड़ियों में दुबके होते हैं. वे सुस्त होते हैं, लेकिन बहुत तेज़ी से हमला करते हैं.
फ़ाइल फोटो

इमेज स्रोत, ALAMY

यदि इनमें से किसी के भी ड्रेगन होने की संभावना नहीं है तो फिर वह है क्या?

  • पायथन: बोर्नियो का पायथन इसका सबसे बड़ा दावेदार है. धरती पर मौजूद सांपों में ये सबसे बड़ा है. ज़हर पर यकीन करने के बजाय इनका भरोसा शिकार को निगलने पर होता है. पायथन अपने अगले शिकार के लिए एक साल लंबा इंतज़ार कर सकता है.

पड़ताल कहां तक

फ़ाइल फोटो

इमेज स्रोत, ALAMY

लेकिन समस्या यह है कि जो अजगर हर रोज एक बच्चा खाते थे वह पायथन तो नहीं हो सकते. क्योंकि एक अध्ययन के अनुसार पायथन औसतन एक महीने या चार हफ्तों में भोजन करता है. पायथन रोज़ नहीं खाता.

यह भी संभव है कि कहानी में बताए गए अजगर कई सांपों की विशेषताओं पर आधारित हों. तेलुक नागा में भी एक अजगर देखा गया है. नाग दायक भाषा में अजगर के लिए इस्तेमाल होता है और यह संस्कृत में सांप का नाम है.

फ़ाइल फोटो

इमेज स्रोत, ADAM THOMPSON

इमेज कैप्शन, इंडोनेशिया में बोर्नियो की 150 से अधिक प्रजातियां हैं

रुस्नी और अन्य ग्रामीण कहते हैं कि वे अब भी पानी के आसपास अजगरों को देखते हैं.

रुस्नी कहते हैं, "अजगर काले और चमकीले होते हैं और तेल के ड्रम जितने बड़े होते हैं, लेकिन वे एक जगह पर लंबे समय नहीं रहते. वे अपनी इच्छा से दिखते और ग़ायब होते रहते हैं."

<bold>अंग्रेज़ी में <link type="page"><caption> मूल लेख</caption><url href="http://www.bbc.com/earth/story/20141113-mystery-of-the-man-eating-snakes" platform="highweb"/></link> पढ़ने के लिए <link type="page"><caption> बीबीसी अर्थ</caption><url href="www.bbc.com/earth" platform="highweb"/></link> पर जाएं</bold>.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi%20" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi%20" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>