कीनिया में तीन हज़ार गधे छुट्टी पर...!

गदहा

यह घटना कीनिया की रिफ्ट वैली में घटी है जहाँ तकरीबन 3,000 गधों ने अपने मालिकों को छोड़ दिया है.

उनका इरादा हर साल पड़ने वाले सूखे के मद्देनजर 'मोटा होना' और साथी के साथ सहवास करने का भी है.

कम से कम कीनिया के अख़बार 'स्टार' की एक रिपोर्ट से तो ऐसा ही लगता है.

<link type="page"><caption> दोस्त बना गधा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2011/05/110516_american_donkey_skj.shtml" platform="highweb"/></link>

इस अखबार ने खबर दी है कि ये जानवर जुलाई और दिसंबर के दरम्यां "सालाना छुट्टी" पर जा रहे हैं.

अखबार ने स्थानीय अधिकारी विलियम मोइले के हवाले से बताया है कि आठ इलाकों के गधों ने अपने मालिकों की बात सुनने से इनकार कर दिया है.

आदतें

अखबार के मुताबिक इन गधों का इरादा सूखे के मौसम के लौटने से ठीक पहले मैदानी इलाकों की तरफ जाकर अपने खाने-पीने का ठीक से ख्याल रखने का है और वे अपने साथी के साथ सहवास भी करना चाहते हैं.

<link type="page"><caption> आसमान में लटका गधा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/07/100720_donkey_stunt_dps.shtml" platform="highweb"/></link>

विलियम मोइले कहते हैं, "मैं यहाँ पला बढ़ा हूँ और पिछले 40 सालों से किसी ने भी इन गधों की आदतों को लेकर सवाल नहीं खड़ा किया है. हमारे लिए ये साधारण सी बात है कि बोझ उठाने वाले ये जानवर आराम करें."

इस इलाके के कुछ बुजुर्गों का कहना है कि उनके गधे केवल कुओं और नदियों से पानी ढोने के इस्तेमाल में लाए जाते हैं और जब वे ऐसे कामों में नहीं लगे होते हैं तो वे गायब हो जाते हैं.

अखबार के मुताबिक इस पर मोइले कहते हैं, "गधे अपने वक्त के बारे में जानते हैं और यही वजह है कि कोई उनकी ओर देखने की जरूरत नहीं महसूस करता."

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