द्वितीय विश्वयुद्ध के ज़िंदा बम से कहां मचा हड़कंप?

बर्लिन के मुख्य रेलवे स्टेशन के पास एक ऐसे बम का पता चला है जो द्वितीय विश्वयुद्द के समय का है और तब से फटा नहीं था.
इसके बाद सड़क मार्ग बंद कर दिए गए और मुख्य रेलवे लाइन पर ट्रेनें देरी से चल रही हैं.
बम मिलने के बाद उस मार्ग से काम पर जाने वाले हज़ारों लोगों को देर हुई.
ये तय करने कि सौ किलो के इस बम को हटाया जाए या निष्क्रिय किया जाए, विशेषज्ञों को बुलाया गया है.
माना जाता है कि जर्मनी में हज़ारों ज़िंदा बम अब भी दफ़न हैं. साल 2010 में एक बम के अचानक फट जाने से तीन लोगों की मौत हो गई थी.
कहां से आया?
एक पुलिस प्रवक्ता के अनुसार हीडेस्ट्रॉसे नाम के जिस इलाके में यह बम मिला है, उसे घेरा डालकर अलग-थलग कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि अधिकारी तय करेंगे कि इस बम का क्या किया जाना है.
बर्लिन में बीबीसी के स्टीफ़न इवान्स के अनुसार मित्र देशों द्वारा गिराए गए या सोवियत तोपखाने द्वारा इस्तेमाल किए गए बमों से इस बम का दूर-दूर तक कोई रिश्ता नज़र नहीं आता.
लेकिन अगर यह फट गया तो कई सौ मीटर के क्षेत्र में नुक्सान होगा.
इवान्स के अनुसार एक दिक्कत यह भी है कि जंग लगने के कारण इन बमों को निष्क्रिय करना मुश्किल है.
पिछले साल म्यूनिख में भी एक बम फट गया था. हालांकि काफ़ी बड़ा क्षेत्र पहले ही खाली करवा लिया गया था लेकिन बड़े धमाके से आग लग गई थी और घरों को नुक्सान हुआ था.












