
मुंबई पर साल 2008 में हुए चरमपंथी हमलों के सिलसिले में लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध सदस्य डेविड हेडली को अमरीका की एक अदालत ने गुरुवार को क्लिक करें 35 साल की सजा सुनाई है.
डेविड कोलमेन हेडली का एक नाम दाऊद सैयद गिलानी भी है जो पाकिस्तान मूल का शिकागो स्थित अमरीकी कारोबारी है.
हेडली का जन्म वॉशिंगटन डीसी में हुआ था जहां उसके पिता सैयद सलीम गिलानी वॉयस ऑफ अमरीका के लिए काम करते थे.
सैयद सलीम गिलानी और उनकी पत्नी सेरिल हेडली की शादी टूटने के बाद गिलानी अपने बेटे डेविड और बेटी के साथ पाकिस्तान लौट गए थे.
पाकिस्तान के कैडेट कॉलेज से पढ़ाई
पाकिस्तान में डेविड हेडली ने कैडेट कॉलेज में पढाई की जहां बच्चों को सेना में भर्ती होने के लिए तैयार किया जाता है.
वर्ष 1977 में डेविड की मां पाकिस्तान आईं और उसे अपने साथ लेकर अमरीका चलीं गईं.
सेरिल हेडली फ़िलाडेल्फ़िया में खैबर पास नामक एक पब चलाती थीं. वर्ष 2008 में उनका निधन हो गया था.
वहीं हेडली भी फ़िलाडेल्फ़िया में ही एक वीडियो स्टोर चलाता था. वर्ष 1988 में उन्हें पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी का दोषी पाया गया था.
अमरीका के लिए खुफिया मदद

भारत अमरीका से मांग करता रहा है कि डेविड हेडली को उसके हवाले कर दिया जाए
हेडली की गिरफ़्तारी के बाद उनके पाकिस्तान में मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों से संबंधों का और ब्योरा मिला पर उन्हें दो साल से भी कम समय के लिए जेल की सज़ा मिली.
इसके बाद वे अमरीका के लिए खुफिया जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान गए. साल 2006 में दाऊद सैयद गिलानी की जगह उन्होंने अपना नाम डेविड हेडली कर लिया ताकि वे अमरीका और अन्य देशों की सीमाएं आसानी से पार कर सकें.
हेडली ने अपने परिवार को शिकागो में ही बसाया जहां उसने तहव्वुर हुसैन राणा की आव्रजन एजेंसी के लिए काम करने का दावा किया.
राणा पाकिस्तान के कैडेट कॉलेज में हेडली के साथ पढ़ा था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता दानियाल गिलानी, हेडली के सौतेले भाई हैं.
मुंबई हमले का ब्यौरा
दो साल पहले अमरीकी अदालत में अपना अपराध कबूल करते हुए डेविड हेडली ने मुंबई हमले का पूरा ब्यौरा दिया है.
तब हेडली ने बताया कि वर्ष 2005 में लश्करे तैयबा के तीन सदस्यों के निर्देश के अनुसार उन्होंने भारत जाकर अपनी योजनाओं के लिए जानकारी जुटानी शुरू की थी.
वर्ष 2006 की शुरुआत में उन्होंने लश्कर के दो सदस्यों के साथ भारत में अपनी गतिविधियों को छुपाने के लिए मुंबई में एक आप्रवासन कार्यालय खोलने की योजना बनाई थी.
तब हेडली ने बताया कि था उन्होंने सितंबर, 2006, फ़रवरी और सितंबर 2007 और अप्रैल-जुलाई 2008 में भारत के पांच दौरे किए थे. साथ ही हर दौरे में उन्होंने अलग-अलग जगहों के वीडियो भी बनाए थे.
ये वो ही जगहें थीं जो आगे चलकर चरमपंथी हमलों का निशाना बनाया जा सकता था. इनमें नवंबर, 2008 के मुंबई हमलों के इलाक़े भी शामिल थे.
डेविड हेडली को इस मामले में अमरीका में ही गिरफ्तार किया गया था.








