You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सोशल मीडिया पर कैसे फैल रहा है महिलाओं की न्यूड तस्वीरों का बिजनेस?
- Author, मोनिका प्लाहा और पैनोरामा टीम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
सोशल मीडिया पर महिलाओं को गुमनाम लोगों की ओर से ब्लैकमेल करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. उनकी निजी जानकारियां, तस्वीरें सोशल मीडिया साइट रेडिट पर साझा की जा रही हैं. बीबीसी ने एक ऐसे ही एक ग्रुप चलाने वाले व्यक्ति का खुलासा किया है.
"पांच पाउंड में इसकी न्यूड तस्वीर, मुझे मेसैज करो"
"मेरे पास कुछ अश्लील वीडिओ भी हैं"
"हम इसके साथ क्या करने वाले हैं "
मैं जैसे-जैसे स्क्रॉल करती गई है, मुझे बहुत ख़राब महसूस होने लगा.
वहां हज़ारों तस्वीरें थीं. महिलाओं की नग्न और कम कपड़ों की हज़ारों तस्वीरें, लिस्ट जो ख़त्म ही नहीं हो रही थी. तस्वीरों के नीचे पुरुषों के अश्लील कमेंट जिनमें रेप की धमकियां शामिल थीं. इनमें से ज़्यादातर चीज़ों को मैं यहां लिख भी नहीं सकती.
एक दोस्त की मदद से मैं यहां तक पहुंच पाई थी. उनकी एक तस्वीर को इंस्टाग्राम से उठाकर रेडिट पर डाला गया था. ये एक नग्न तस्वीर नहीं थी लेकिन इसपर भी कई अश्लील कमेंट किए गए थे. वो खुद के लिए और दूसरी महिलाओं के लिए चिंतित थीं.
जब मुझे इस मार्केटप्लेस का पता चला, तो मैंने पाया कि सैंकड़ों प्रोफ़ाइल यहां मौजूद हैं जिसे शेयर किया जा रहा है और बेचा जा रहा है. इन सभी को बिना महिलाओं की इजाज़त के यहां पोस्ट किया गया है.
रिवेंज पोर्न की दुनिया
ऐसा लग रहा था कि रिवेंज पोर्न की नई दुनिया शुरू हो गई है, जहां निजी जानकारियां बिना अनुमति के साझा की जा रही हैं. आमतौर पर ऐसा पूर्व पार्टनर करते हैं. तस्वीरों का साथ फ़ोन नंबर समेत दूसरी जानकारियां भी लोग आपस में शेयर कर रहे हैं.
मुझे लगा कि मैं इंटरनेट के किसी अंधेरे कोने में आ गई हूं, लेकिन ये सभी सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म पर हो रहा है. रेडिट खुद को 'इंटरनेट का पहला पन्ना' कहता है. हर दिन 5 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. इसके यूज़र्स फ़ोरम चला सकते हैं जिन्हें सबरेडिट्स कहते हैं. ये कई मुद्दों पर बनाए जा सकते हैं. ज़्यादातर सबरेडिट नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन रेडिट पर अश्लीलता फैलाना का इतिहास भी रहा है.
साल 2014 में कई सेलिब्रिटी की निजी तस्वीरें रेडिट पर शेयर की गई थीं. इसके तीन साल बाद कंपनी ने डीप फ़ेक का इस्तेमाल करने वाले कुछ ग्रुप को बंद किया था.
मैं यह समझना चाहती थी कि महिलाओं की अंतरंग तस्वीरें अभी भी रेडिट पर कैसे साझा की जा रही थीं. फिर मैंने पता लगाना चाहा कि इसके पीछे कौन है. मुझे समझ में आ रहा था कि रेडिट का प्रतिबंध काम नहीं कर रहा था. हमें पूरे ब्रिटेन में दर्जनों सबरेडिट मिले.
मैंने पहले दक्षिण एशियाई महिलाओं के बारे में समझना चाहा. अधिकांश अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू और पंजाबी में टिप्पणियां एक ही समुदाय के पुरुष कर रहे थे. कुछ महिलाओं की सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोइंग थी, इसलिए मैं उन्हें पहचान गई. कुछ को मैं व्यक्तिगत रूप से जानती थी.
हज़ारों न्यूड फोटो
वहां 15,000 से अधिक तस्वीरें थी. हमने उनमें से एक हज़ार का सैंपल लिया. इसमें 150 अलग-अलग महिलाओं की अश्लील तस्वीरें मिलीं. साथ ही थीं अमानवीय यौन टिप्पणियां. मुझे यकीन था कि ये सब बिना महिलाओं की इजाज़त हो रहा है.
कई महिलाओं की तस्वीरें दूसरे सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म से ली गई थीं, वो अश्लील नहीं थीं. लेकिन उसपर टिप्पणियां बेहद अश्लील थीं.
जिस एक महिला से हमने संपर्क किया, वह कहती है कि इंस्टाग्राम पर क्रॉप टॉप में उसकी एक तस्वीर पोस्ट करने के बाद, उन्हें बलात्कार की धमकियां दी जाने लगीं.
सबरेडिट पर मौजूद पुरुष भी महिलाओं की नग्न तस्वीरें साझा कर रह थे और और बेच रहे थे. ये सेल्फी की तरह लग रही थीं जो कि सार्वजनिक इस्तेमाल के लिए नहीं थीं. ऐसे वीडियो भी थे जहां ऐसा प्रतीत होता था जैसे महिलाओं को गुप्त रूप से सेक्स के दौरान फिल्माया गया हो.
'मैं तुम्हें ढूंढ लूंगा'
एक मैसेज के थ्रेड में नग्न महिलाओं की ओरल सेक्स करते हुए तस्वीरें थीं. एक मैसेज में लिखा था, "किसी के पास कोई वीडियो है." इस मैसेज में उसके लिए कई अपशब्द भी इस्तेमाल किए गए थे.
इसपर किसी और ने लिखा, "मेरे पास पांच पाउंड में पूरा फ़ोल्डर है. कई तस्वीरों के साथ."
किसी और ने पूछा, "उसके सोशल प्रोफ़ाइल के बारे में बताएं"
आयशा (बदला हुआ नाम) को पता चला कि उनके वीडियो पिछले साल सबरेडिट पर डाले गए थे. उन्हें लगता है कि उनके पूर्व पार्टनर ने उनका वीडियो बनाया. उनका सोशल मीडिया पर कई तरह से शोषण किया गया.
वो कहती हैं कि लोग धमकियां देते थे कि अगर उनके साथ सेक्स नहीं किया तो तस्वीरें माता-पिता को भेज दी जाएंगी.
वो कहते थे, "मैं तुम्हें ढूंढ लूंगा, तुम्हारा रेप कर दूंगा."
आयशा कहती हैं, "एक पाकिस्तानी लड़की होने के नाते मेरे समुदाय में सेक्स से जुड़े काम को सहीं नहीं माना जाता."
आयशा ने इसके बाद लोगों से मिलना और घर से निकलना बंद कर दिया. उन्होंने आत्महत्या की कोशिश भी की. इसके बाद उन्हें अपने माता-पिता को बताना पड़ा कि उनके साथ क्या हो रहा है. आयशा कहती हैं कि उनके माता पिता, दोनों ही इसके बाद डिप्रेशन में चले गए.
वो कहती हैं, "मुझे शर्म आने लगी, मुझे लगा कि मेरे कारण दोनों को परेशानी हो कही है."
आयशा ने रेडिट से कई बार संपर्क किया. एक बार, एक वीडियो को तुरंत हटा दिया गया था लेकिन दूसरे को हटाने में चार महीने लग गए. बात यहीं खत्म नहीं हुई. हटाई गई सामग्री पहले ही अन्य सोशल मीडिया साइटों पर शेयर की जा चुकी थी और सबरेडिट पर फिर दिखाई दी.
आयशा को शर्मिंदा और परेशान करने वाले सबरेडिट को ज़िपोमैड नाम का शख्स चला रहा था - इसी नाम से उसे बाद में ट्रैक किया जा सका.
ज़िपोमैड को सबरेडिट के मॉडरेटर के तौर पर ये सुनिश्चित करना था कि वहां रेडिट के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है. लेकिन उसने उल्टा किया.
कलेक्टर कल्चर
उसके सबरेडिट को ट्रैक करते हुए मैंने पाया कि वो तीन नए वर्ज़न और बना चुके थे. हर बार एक नया नाम, इसमें नस्लीय टिप्पणियां भी शामिल थीं. हर सबरेडिट में एक जैसे मटेरियल थे और हज़ारो एक्टिव यूज़र्स भी.
व्यापार के लिए न्यूड तस्वीरों का इस्तेमाल इतना अधिक हो गया है कि जानकारों ने इसे एक नाम दे दिया है - कलेक्टर कल्चर.
क्लेयर मैग्लिन, डरहम विश्वविद्यालय में प्रोफ़ेसर हैं. उनके मुताबिक, "ये किसी एक गंदे दिमाग के व्यक्ति का काम नहीं है. ऐसे कई हैं. हज़ारों हज़ार लोग." प्रोफ़ेसर मैकग्लिन का कहना है कि ऐसे व्यापार ऐप के साथ-साथ वेबसाइटों में छोटे, निजी चैट समूहों में होते हैं, जहाँ दसियों हज़ार पुरुष इकट्ठा होते हैं.
वह कहती हैं ऐसी तस्वीरों के बड़ा संग्रह करने वालों को पहचान भी मिलती है. और इन तस्वीरों और वीडियो को हटाना मुश्किल है. आयशा ने पाया कि डिलीट किए गए वीडियो फिर किसी और ग्रुप से पोस्ट कर दिए जाते हैं.
कंपनी कर रही है पर्याप्त कोशिश?
रेडिट से अपनी तस्वीरें हटाने की कोशिश करने वाली सात महिलाओं ने मुझे बताया कि उन्हें नहीं लगा कि कंपनी मदद करने के लिए पर्याप्त कदम उठा रही है. चार ने कहा कि इस तरह की अश्लील सामग्रियां रेडिट ने कभी नहीं हटाई और कुछ को सामग्री हटाए जाने के लिए आठ महीने तक इंतजार करना पड़ा था.
रेडिट ने हमें बताया है कि उसने पिछले साल 88,000 से अधिक गैर-सहमति वाली यौन तस्वीरों को हटाया और कहा कि वे इस मुद्दे को "बेहद गंभीरता से" लेते हैं.
इसके लिए वो ऑटोमैटिक उपकरणों का उपयोग करते है और बिना अनुमति के प्रकाशित तस्वीरों को खोजने और हटाने के लिए कर्मचारियों की एक टीम है. उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से कार्रवाई करते हैं, जिसके तहत कई ग्रुप को बैन भी किया गया है.
कंपनी ने क्या कहा?
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम जानते हैं कि हमें ऐसी सामग्रियों को खोजने, पहचानने और उसपर एक्शन लेने के लिए और काम करना होगा, जल्दी करना होगा और बेहतर तरीके से करना होगा. हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कैसे हमारी टीम और टूल इसके लिए बेहतर तरीके से काम कर सकेगी."
जब जॉर्जिया को अपनी अश्लील तस्वीरों के ऑनलाइन मौजूद होने के बारे में पता चला, उन्होंने पुलिस में शिकायत की. उन्हें पता था कि इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है. वो कहती हैं, "मुझे पता भी नहीं है कि कितने लोगों ने अभी तक इन्हें देख लिया होगा. इसे और लोगों तक पहुंचने से रोका भी नहीं जा सकता. इस समय भी पता नहीं कितने लोग देख रहे होंगे.
उनके पूर्व पार्टनर ने तस्वीरें शेयर करने की बात भी मानी. जॉर्जिया के मुताबिक उनके पूर्व पार्टनर ने कहा कि "वो उन्हें शर्मिंदा नहीं करना चाहते थे."
कानून में कमियों के कारण वो बच गए.
बीबीसी पैनेरोमा ने सबरेडिट चलाने वाले हिमेश सिंघाड़िया से संपर्क किया जिसके बाद उन्होंने सबरेडिट को डिलीट कर दिया. एक बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने "दक्षिण एशियाई महिलाओं की सराहना" के लिए ग्रुप बनाया था. उनका कहना था कि इससे जुड़े लोगों की संख्या इनकी अधिक थी कि सभी को मॉडरेट करना मुश्किल है. उनका कहना है कि उन्होंने खुद कभी अश्लील सामाग्री नहीं शेयर की. एक बयान जारी कर उन्होंने कहा, "ज़िपोमैड अपने उठाए गए कदमों से दुखी है, ये उनकी असली शख्सियत का हिस्सा नहीं है."
रेडिट ने कई दूसरी ऐसी ही सामग्रियां हटाई हैं जिसके बारे में हमने उनसे शिकायत की थी.
इसका मतलब है कि हज़ारों महिलाओं की तस्वीरें हटाई गई हैं. लेकिन इससे बहुत राहत नहीं मिलेगी. टेक कंपनियों और कानून बनाने वालों को महिलाओं की मदद के लिए और ठोस कदम उठाने होंगे.
और जैसा कि ज़ॉर्जिया अपने पूर्व पार्टनर के बारे में कहती हैं, "मैं उन्हें सज़ा नहीं देना चाहती, मैं चाहती हूं वो दोबारा ऐसा न करें."
ये भी पढ़ें:
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)