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पाकिस्तान: कराची बारिश से बेहाल, 30 साल का रिकॉर्ड टूटा
- Author, मोहम्मद ज़ुबैर ख़ान
- पदनाम, पत्रकार
"कल रात और आज दिन में बारिश के पानी में फंसी क़रीब पचास मोटरसाइकिलों और गाड़ियों को स्टार्ट करके चलने में मदद की है. इसमें दो महिला कार सवार भी शामिल थीं. सोल्जर बाज़ार और गार्डन के इलाक़े में कमर तक पानी बह रहा है. लोगों की हालत बहुत ख़राब है."
ये कहना है पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में अर्बन फिल्डिंग में फंसे लोगों की मदद करने वाले हसन रज़ा का.
हसन रज़ा स्क्वैश टेप बनाने और मार्केटिंग का काम करते हैं. कराची के मौजूदा हालात के अलावा भी वो अक्सर ऐसे लोगों की मदद करते पाए जाते हैं जिनकी गाड़ियां ख़राब हो जाती हैं.
हसन रज़ा ने गाड़ियों को ठीक करने काम सीखा तो नहीं है, लेकिन चूंकि उनके पास गाड़ी है और वह अपने अनुभव के आधार पर जो कुछ जानते हैं, उससे वह कठिन परिस्थितियों से निकालने के लिए दूसरों की मदद करते हैं. कभी तकनीकी ख़राबी ठीक करके, कभी धक्का देकर, तो कभी खींचकर पानी से निकाल कर.
हसन रज़ा कहते हैं, ''मैंने यह काम सीखा नहीं है. बस कुछ समय पहले मैंने देखा कि ल्यारी एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में गाड़ियां ख़राब हो जाती हैं. जहां लोगों को मुश्किल से ही कोई मदद मिल पाती है. जब मैंने उनकी कार स्टार्ट करने में उनकी मदद करने की कोशिश की, तो धीरे-धीरे सीखता चला गया.
"आप कह सकते हैं कि यह एक ख़ुदा की दी हुई क्षमता है जो शायद लोगों की मदद करने के कारण मिल गई है."
मदद की ज़रूरत
उन्होंने कहा कि पानी में फंसी हुई गाड़ियों की वजह से लोगों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. इससे दुर्घटनाएं भी होती हैं. जब से बरसात का मौसम शुरू हुआ है. "ज़्यादातर मैं रात को अपनी गाड़ी लेकर बाहर निकल जाता हूं. '
हसन रज़ा कहते हैं कि उनकी ज़्यादातर यात्रा गार्डन, सोल्जर बाज़ार, नुमाइश, गौरा मंदिर, लायंस एरिया और बहादुराबाद के इलाक़ों में होती हैं. "जहां भी किसी को मदद की ज़रूरत होती है, मैं मदद करने की पेशकश करता हूं. हाल ही में चार दिनों से हो रही बारिश के दौरान कई लोगों की मदद की है.
उन्होंने कहा कि सोल्जर बाज़ार और उसके बादाम गली जैसे विभिन्न इलाक़ों में पानी घरों के अंदर घुस गया है. क़ुर्बानी के जानवरों को भी नुक़सान पहुंचा है. नुमाइश, गुरु मंदिर, लायंस एरिया और बहादुराबाद ज़्यादा प्रभावित नहीं हुए, लेकिन सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को परेशानी हो रही है.
कराची प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और सिंध सरकार ने तो अभी तक लोगों के जान-माल के नुक़सान पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि, ईधी फ़ाउंडेशन के मुताबिक़, कल रात से अब तक बारिश में छह लोगों की जान चली गई है.
सामाजिक कार्य करने वाले संगठन क्या कहते हैं?
ईधी फ़ाउंडेशन के प्रमुख फ़ैसल ईधी के अनुसार, हाल ही में हुई बारिश के दौरान मलेर नदी से दो शव निकाले गए हैं. कराची के अलग-अलग हिस्सों में करंट लगने और अन्य कारणों से चार और लोगों की मौत हो गई है. उनके शवों को ईधी एम्बुलेंस से उनके परिवारों तक पहुंचाया गया है.
उन्होंने कहा कि कराची के लगभग सभी हिस्सों में सड़कों पर पानी भरा हुआ है. "ज़्यादातर जगहों पर लैंडलाइन और मोबाइल फ़ोन काम नहीं कर रहे हैं. बिजली तो है ही नहीं. स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि बिजली के विकल्प यानी जनरेटर और यूपीएस भी जवाब दे चुके हैं.
उन्होंने कहा, "इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हैं." लोग घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं. चारो तरफ़ पानी ही पानी नज़र आ रहा है. ऐसे में हमारे सहायताकर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लेकिन इसके बावजूद वो जगह जगह लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. '
कराची की कच्ची बस्तियां
फ़ैसल ईधी ने कहा कि कराची के विभिन्न हिस्सों में लोगों को मदद की सख़्त ज़रूरत है. कराची की कच्ची बस्तियां सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं. जहां पर मदद की तत्काल ज़रूरत है.
अल-ख़िदमत कराची के अध्यक्ष नवेद अली बेग के मुताबिक़ रात से सुबह तक होने वाली बारिश ने पूरे कराची को प्रभावित किया है. हमारी डिज़ास्टर मैनेजमेंट की 18 टीमें इस समय अलग-अलग क्षेत्रों में मौजूद हैं, लेकिन पीड़ितों की संख्या बहुत ज़्यादा है. लोगों के पास खाने-पीने की सहूलियत भी नहीं है यहां तक कि पीने का पानी तक नहीं है.
नवेद अली बेग ने कहा कि इस समय ऐसा लग रहा है कि कराची का यूनिवर्सिटी रोड बहुत ज़्यादा प्रभावित है. सोहराब गोठ, कोरंगी, लांढी, यूनिवर्सिटी रोड, गुलिस्तान-ए-ज़ौहर और उत्तरी नज़ीमाबाद भी बहुत ज़्यादा प्रभावित हो चुके हैं. डिफेंस और क्लिफ्टन जैसे पॉश इलाक़ों में भी पानी भरा हुआ है.
गुलशन-ए-इक़बाल कराची के रहने वाले अशर ग्रामी का कहना है कि हमारे आस पास स्थित कच्ची आबादियों में घरों में पानी घुस गया है. वहां की स्थिति बहुत ख़राब है. हमारे रिश्तेदार पूरे कराची में फ़ैले हुए हैं, हर कोई कह रहा है कि स्थिति बहुत ख़राब है.
मौसम विभाग के अनुसार, कराची में रविवार सुबह चार घंटे तक लगतार भारी बारिश हुई, जबकि शनिवार और रविवार की रात भी छह घंटे तक लगातार भारी बारिश हुई.
कराची में बारिश ने तोड़ा 30 साल का रिकॉर्ड
कराची के मौसम विभाग के चीफ़ मीटियोरोलोजिस्ट अधिकारी डॉक्टर सरदार सरफ़राज़ के मुताबिक़, मानसूनी बारिश के पहले दौर में कराची में होने वाली बारिश का 30 साल का रिकॉर्ड टूट गया है.
कराची में तीन महीने में औसतन लगभग 141 मिमी बारिश होती है, जबकि इस पहले चरण में, प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार, लगभग 150 मिमी बारिश हो चुकी है.
डॉक्टर सरदार सरफ़राज़ के मुताबिक़ शनिवार और रविवार की रात के बीच क़रीब छह घंटे तक लगातार भारी बारिश हुई थी.
कुछ देर के लिए बारिश रुकी और फिर रविवार की सुबह दोबारा क़रीब चार घंटे तक तेज़ बारिश हुई. जिसमें कुछ इलाक़ों में बहुत ज़्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है.
उन्होंने कहा कि अब शाम और कल कुछ बारिश होने की संभावना है लेकिन उन्हें ज़्यादा उम्मीद नहीं है. हालांकि, 14 जुलाई से 18 जुलाई तक फिर से भारी बारिश की संभावना है.
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