रूस यूक्रेन संकट: दुनिया में किस देश के पास कितने परमाणु हथियार हैं

उत्तर कोरिया की मिसाइल

इमेज स्रोत, Getty Images

यूक्रेन पर जारी संकट के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सेना को अपनी प्रतिरोधी शक्तियों को "स्पेशल अलर्ट" पर रखने का आदेश दिया है जिनमें परमाणु हथियार भी शामिल हैं. पुतिन ने अपने रक्षा प्रमुखों से कहा कि पश्चिम के आक्रामक बयानों की वजह से ऐसा करना ज़रूरी हो गया है.

वैसे, उनकी इस घोषणा का मतलब ये कतई नहीं है कि रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करना चाहता है. मगर उनके इस एलान ने दुनिया में परमाणु हथियारों की चर्चा छेड़ दी है.

हालाँकि, शीत युद्ध के दौर के बाद से परमाणु हथियारों के भंडार में बहुत कमी आई है, मगर अभी भी दुनिया में सैकड़ों परमाणु हथियार हैं जिन्हें बहुत कम समय के भीतर दाग़ा जा सकता है.

क्या होते हैं परमाणु हथियार

ये बेहद शक्तिशाली विस्फोटक या बम हैं.

इन बमों को ताक़त या तो परमाणु के नाभिकीय या न्यूक्लियर कणों को तोड़ने या फिर उन्हें जोड़ने से मिलती है जिसे विज्ञान की भाषा में संलयन (fusion) या विखंडन (fission) कहा जाता है.

परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से बड़ी मात्रा में रेडिएशन या विकिरण निलकता है और इसलिए इनका असर धमाके बाद बहुत लंबे समय तक रहता है.

ये भी पढ़ेंः-

परमाणु धमाके की तस्वीर

इमेज स्रोत, Getty Images

क्या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हुआ है

दुनिया में अब तक दो बार परमाणु बमों से हमला किया गया है जिनसे भयंकर नुक़सान हुआ.

आज से 77 साल पहले ये दोनों हमले अमेरिका ने किए थे जब उसने जापान के दो शहरों पर परमाणु बम गिराए.

6 अगस्त अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर 9 अगस्त को नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे.

ऐसा माना जाता है कि हिरोशिमा में 80,000 और नागासाकी में 70,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी.

मिसाइल

इमेज स्रोत, Alamy

किन देशों के पास है परमाणु हथियार

दुनिया में अभी नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं.

ये देश हैं - अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ़्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इसराइल और उत्तर कोरिया.

ये भी पढ़ेंः-

कितनी संख्या है इनकी

वैसे परमाणु हथियारों के बारे में कोई भी देश खुलकर नहीं बनाता मगर ऐसा समझा जाता है कि परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सेना के पास 9,000 से ज़्यादा परमाणु हथियार हैं.

स्वीडन स्थित संस्था थिंक टैक 'स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट' (सिप्री) ने पिछले वर्ष अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि 2020 के आरंभ में इन नौ देशों के पास लगभग 13,400 परमाणु हथियार थे जिनमें से 3,720 उनकी सेनाओं के पास तैनात थे.

सिप्री के अनुसार इनमें से लगभग 1800 हथियार हाई अलर्ट पर रहते हैं यानी उन्हें कम समय के भीतर दाग़ा जा सकता है.

इन हथियारों में अधिकांश अमेरिका और रूस के पास हैं. सिप्री की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के पास 2020 तक अमेरिका के पास 5,800 और रूस के पास 6,375 परमाणु हथियार थे.

हिरोशिमा

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर पहली बार कोई परमाणु बम हमला हुआ था

भारत के पास कितने परमाणु हथियार हैं?

सिप्री की रिपोर्ट के अनुसार परमाणु हथियारों के मामले में भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान उससे कहीं आगे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार 2021 तक भारत के पास जहाँ 150 परमाणु हथियार थे, वहीं पाकिस्तान के पास 160 और चीन के पास 320 परमाणु हथियार थे.

परमाणु शक्ति संपन्न देश

इन्हीं नौ देशों के पास परमाणु हथियार क्यों हैं

1970 में 190 देशों के बीच परमाणु हथियारों की संख्या सीमित करने के लिए एक संधि लागू हुई जिसका नाम है परमाणु अप्रसार संधि या एनपीटी.

अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ़्रांस और चीन भी इसमें शामिल हैं. मगर भारत, पाकिस्तान और इसराइल ने इसपर कभी हस्ताक्षर नहीं किया और उत्तर कोरिया 2003 में इससे अलग हो गया.

इस संधि के तहत केवल पाँच देशों को परमाणु हथियार संपन्न देश माना गया जिन्होंने संधि के अस्तित्व में आने के लिए तय किए गए वर्ष 1967 से पहले ही परमाणु हथियारों का परीक्षण कर लिया था.

ये देश थे - अमेरिका, रूस, फ़्रांस, ब्रिटेन और चीन.

बीजिंग में एक सैन्य परेड

इमेज स्रोत, Getty Images

संधि में कहा गया कि ये देश हमेशा के लिए अपने हथियारों का संग्रह नहीं रख सकते यानी उन्हें इन्हें कम करते जाना होगा.

साथ ही इन देशों के अलावा जितने भी देश हैं उनपर परमाणु हथियारों के बनाने पर रोक भी लगा दी गई.

इस संधि के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने अपने हथियारों की संख्या में कटौती की.

मगर बताया जाता है कि फ़्रांस और इसराइल के हथियारों की संख्या लगभग जस की तस रही.

वहीं भारत, पाकिस्तान, चीन और उत्तर कोरिया के बारे में फ़ेडरेशन ऑफ़ अमेरिकन सांइस्टिस्ट्स ने कहा कि ये देश अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाते जा रहे हैं.

ISOWTY

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)