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नेतन्याहू के इसराइल की सत्ता से बेदख़ल होने पर ईरान जश्न मना रहा है?
- Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
- पदनाम, ख़बरों की रिपोर्टिंग और विश्लेषण
ईरान की मीडिया ने बिन्यामिन नेतन्याहू की प्रधानमंत्री पद से विदाई पर ख़ुशी जताई है.
बीते 12 साल से इसराइल की सत्ता पर काब़िज और ईरान-विरोधी बिन्यामिन नेतन्याहू को इसराइली संसद में नयी गठबंधन सरकार के पक्ष में बहुमत होने के कारण अपना पद गंवाना पड़ा है.
अब दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी नेता नेफ़्टाली बैनेट इसराइल के नए प्रधानमंत्री हैं.
हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस बात की भी पुष्टि की है कि इसराइल के साथ उसकी दुश्मनी स्थायी है और यह किसी भी व्यक्ति विशेष या नेता से जुड़ी हुई नहीं है.
इसराइल में सत्ता परिवर्तन के बाद ईरान की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया 14 जून को विदेश मंत्रालय की ओर से जारी की गई.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबजादेह ने कहा, "हमें नहीं लगता है कि किसी व्यक्ति के आने या जाने से यरुशलम पर कब्ज़ा करने वाले शासन की नीतियां बदल जाएंगी."
उन्होंने आगे कहा कि ईरान का अहित चाहने वाले सभी जा चुके हैं और ईरान अब भी मज़बूत बना हुआ है.
फ़लस्तीन विरोध को श्रेय
समाचार चैनल IRINN समेत कई अन्य ब्रॉडकास्ट मीडिया हाउसेज़ ने फ़लीस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के हवाले से कहा कि नेतन्याहू का पतन बीते महीने इसराइल-फ़लस्तीन के बीच हुए हिंसक संघर्ष में उनकी 'जीत' का परिणाम है.
रेडियो ईरान (VIRI) ने इसराइल के प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू की विदाई के लिए फ़लस्तीन के प्रतिरोध-आंदोलन को श्रेय दिया है.
रेडियो ईरान ने नयी गठबंधन सरकार को लेकर भी टिप्पणी की है. उनके मुताबिक़, नई सरकार देश की समस्याओं को संभाल नहीं पाएगी. रेडियो ईरान का कहना है कि ख़ुद उनके अपने समर्थक भी इस बात पर भरोसा नहीं करते हैं कि नयी सरकार लंबे समय तक सत्ता में रह पाएगी.
हार्डलाइन वतन-ए-एमरुज़ अख़बार ने अपने पहले पन्ने पर नेतन्याहू की एक उल्टी तस्वीर प्रकाशित की है और उसे कैप्शन दिया है- "फ़ॉल ऑफ़ द क्लाउन."
सरकार द्वारा संचालित सरकारी अख़बर ने लिखा है, "नेतन्याहू पंक्ति के अंतिम छोर पर पहुंच गए है."
वहीं मध्यमार्गी अख़बार जोनहुरी ये इस्लामी ने लिखा है, "नेतन्याहू का 12 साल का आपराधिक शासन समाप्त हो गया."
ईरान में जश्न
नेतन्याहू ने सत्ता परिवर्तन के दिन यानी 13 जून को कहा था कि ईरान 'जश्न मना रहा है' क्योंकि इसराइल में अब एक 'कमज़ोर सरकार' है.
नेतन्याहू के इस बयान को ईरान के कई अख़बारों और न्यूज़ वेबसाइट्स ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित किया है.
हमशहरी ऑनलाइन न्यूज़ वेबसाइट ने इस बयान के हवाले से अपनी एक ख़बर के लिए शीर्षक दिया- "नेतन्याहू: ईरानी आज जश्न मना रहे हैं"
ईरान की समाचार एजेंसियों ने नेतन्याहू के शासन के अंत के बाद इसराइल में कई जगहों पर मनाए गए जश्न-समारोहों को बड़े स्तर पर कवर किया है.
अर्ध-सरकारी न्यूज़ एजेंसी आईएसएनए के अनुसार, "हज़ारों इसराइलियों ने तेल-अवीव और अल-क़ुद्स की सड़कों पर नेतन्याहू की विदाई का जश्न मनाया."
न्यूज़ वेबसाइट्स से इतर सोशल मीडिया पर भी इस ख़बर की काफी चर्चा रही. कई लोगों ने नेतन्याहू के जाने पर खुशी ज़ाहिर करते हुए पोस्ट शेयर की.
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक यूज़र ने लिखा, "मारे गए (क़ुद्स फ़ोर्स) कमांडर क़ासिम सुलेमानी का बदला अभी बाकी है लेकिन पहले के दो हाइना (लकड़बग्घा) धाराशायी हो गए. (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू)"
एक अन्य यूज़र ने लिखा है, "दाएश (इस्लामिक स्टेट ग्रुप) चला गया. इराक़ के तानाशाह सद्दाम हुसैन चले गये. ट्रंप चले गये. नेतन्याहू भी चले गये लेकिन जो चीज़ अब भी खड़ी है वो है क्रांति और क्रांतिकारी विचारधारा."
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