अमेरिका में सभी को कोविड-19 वैक्सीन लेना नहीं होगा अनिवार्य: जो बाइडन

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन का कहना है कि कोरोना की वैक्सीन के आने के बाद भी अमेरिकी नागरिकों पर इसे लगवाने को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा.

अमेरिका के सेंटर ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल (सीडीसी) ने भी पहली बार लोगों से अपने घरों के अलावा अन्य बंद जगहों पर भी मास्क लगा कर रखने के लिए कहा है. सीडीसी का कहना है कि अमेरिका महामारी के उस चरण में है जहां वायरस बड़े स्तर पर अपने पैर पसार रहा है.

शुक्रवार को अमेरिका में कोरोना वायरस से 2500 लोगों की मौतें हुई. वहीं, 2,25,000 के क़रीब संक्रमण के नए मामले सामने आए.

अब तक देश में कोरोना संक्रमण के एक करोड़ 43 लाख मामले दर्ज किए जा चुके हैं और इस वायरस से 2,78,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई है कि ये समारोह पहले की तरह नहीं होगा और महामारी की स्थिति को देखते हुए भीड़ कम होगी.

उन्होंने कहा, "मेरे ख़याल से प्लेटफ़ॉर्म सेरेमनी होगी लेकिन पता नहीं ये कैसे संभव हो पाएगा."

वैक्सीन को लेकर बाइडन की नीति क्या है?

फ़िलहाल, क्लिनिकल ट्रायल में फ़ाइज़र कोरोना वैक्सीन के 95 फीसदी और मॉडर्ना की वैक्सीन के 94 फीसदी प्रभावशाली होने का दावा किया जा रहा है. दोनों ने अमेरिका के फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से अपनी वैक्सीन की मंजूरी माँगी है.

बुधवार को ब्रिटेन फ़ाइज़र वैक्सीन को आधिकारिक इजाज़त देने वाला पहला देश बना.

शुक्रवार को अमेरिका के उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने सीडीसी के दौरे में कहा कि कोविड वैक्सीन को डेढ़ हफ़्ते में केंद्र की इजाज़त मिल जाएगी.

डेलावेर के विलमिंगटन में जो बाइडन ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लोगों के लिए अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा.

उन्होंने कहा, "मैं राष्ट्रपति के तौर पर लोगों को सही काम के लिए बढ़ावा देने की हरसंभव कोशिश करूँगा और जब वे ऐसा करेंगे, तो ये दिखाने की कोशिश करूँगा कि ये कितना महत्वपूर्ण है."

पिउ रिसर्च सेंटर का कहना है कि फ़िलहाल 60 फ़ीसद अमेरिकी कोरोना की वैक्सीन लेने के लिए तैयार हैं. सितम्बर में 51 फ़ीसदी लोग ऐसा करना चाहते थे.

गुरुवार को बाइडन ने सीएनएन न्यूज़ चैनल से कहा कि वो सार्वजनिक तौर पर वैक्सीन लेने को तैयार हैं ताकि इससे सम्बंधित चिंताओं को दूर किया जा सके. तीन पूर्व राष्ट्रपतियों- बराक ओबामा, जॉर्ज बुश और बिल क्लिंटन ने भी कहा है कि वे सार्वजनिक तौर पर वैक्सीन लेने को तैयार हैं.

बाइडन ने फिर से अमेरिकी लोगों से अपनी अपील को दोहराया है कि लोगों को 100 दिनों तक मास्क पहनना चाहिए और ये कदम वैक्सीन के साथ मिलकर कोरोना से होने वाली मौतों को रोकेगा.

वैक्सीन पर गरमाती सियासत

बीबीसी संवाददाता एंथनी ज़र्चर का विश्लेषण

कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ अमेरिका की जंग, अब एंटी-वैक्सीन मुहिम में बदलने की कगार पर है. बाइडन ने कहा है कि वैक्सीन अनिवार्य नहीं होगी लेकिन बात अब उससे आगे बढ़ चुकी है.

अगर विज्ञान के आधार पर और पुराना क़ानूनी उदाहरण देकर ऐसा किया भी गया तो इसका विरोध बढ़ सकता है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए और समस्याएं पैदा करेगा.

ऐसा ही स्थिति मास्क पहनने को लेकर भी है, जो कि वायरस को फैलने से रोकने का ऐसा तरीक़ा है जिससे लोगों की ज़िंदगियों में ज़्यादा दख़ल नहीं होता. पिछले छह महीने में इस पर भी काफ़ी राजनीति हुई है.

इन हालात में बाइडन और राज्यों के गवर्नर जनसंख्या के उस हिस्से को लक्षित करना चाहेंगे जिसे कोविड-19 को लेकर ज़्यादा ख़तरा है. जैसे नर्सिंग होम में काम करने वालों का और स्कूल जाने से पहले बच्चों का टीकाकरण के लिए कहा जा सकता है.

कोरोना की कई वैक्सीन एक साथ आने से सामान्य जीवन लौटने की उम्मीद पैदा हुई है. लेकिन, वैक्सीन को लेकर जिस तरह का विरोध देखने को मिल रहा है, उससे तो लग रहा है कि आने वाले महीनों में बाइडन सरकार के लिए इस स्वास्थ्य संकट से निपटना आसान नहीं होगा.

सीडीसी की अमेरिकियों को सलाह

सीडीसी ने लोगों को अपने घरों के अलावा बंद जगहों पर और बाहर, हर जगह मास्क पहनने की सलाह दी है. संस्था का कहना है कि इस वक़्त देश में कोरोना वायरस तेज़ी से फैल रहा है क्योंकि ठंडे मौसम के कारण लोग बंद जगहों पर ज़्यादा रह रहे हैं.

सीडीसी के मुताबिक़ आधे से ज़्यादा संक्रमण के मामले उन लोगों से हुए हैं जिनमें लक्षण नहीं थे.

संस्था का कहना है कि मास्क पहनना, उचित दूरी बनाए रखना और ग़ैर-ज़रूरी बंद जगहों और भीड़भाड़ वाली बाहरी जगहों से दूर रहने की नीति उस भविष्य तक एक पुल बनाने के लिए ज़रूरी है जिसमें वैक्सीन व्यापक तौर पर मौजूद होगी और सामान्य जीवन शुरू होगा.

गुरुवार को बाइडन ने कहा कि वे सरकारी दफ़्तरों में मास्क पहनना अनिवार्य कर देंगे.

इस बीच, कैलीफ़ोर्निया के डेमोक्रेट गवर्नर गैविन न्यूसम ने अपने राज्य के लोगों के लिए 'घर में रहने' के आदेश जारी किया है.

बुधवार को लॉस एंजलिस के मेयर एरिक गारसेटी ने पैदल या वाहन, हर तरह का सार्वजनिक परिवहन बंद करने का आदेश दिया है. उनका कहना है, "सब कुछ कैन्सल करने का वक़्त आ गया है."

अमेरिका में नौकरियों का क्या?

हाल ही में आए नौकरियों के आँकड़ों पर बाइडन ने चिंता जतायी है.

शुक्रवार को जारी हुए नवंबर के आँकड़े बताते हैं कि उम्मीद से कम 2,45,000 नयी नौकरियाँ ही पैदा हुई हैं जबकि कोरोना संक्रमण का आंकड़ा रोज़ बढ़ रहा है.

बाइडन ने कहा, "ये दिखाता है कि अर्थव्यवस्था आधुनिक इतिहास के सबसे बुरे दौर और नौकरी के संकट से गुज़र रही है."

उनका अनुमान है कि अगर संसद कोरोना से बचाव के लिए आर्थिक पैकेज नहीं जारी करती है तो भविष्य में स्थिति और बिगड़ सकती है.

अगर संसद कोरोना के लिए विशेष राहत बिल पास नहीं करती है, तो 90 लाख बेरोज़गार अमेरिकियों को क्रिसमस के बाद सरकारी लाभ नहीं मिल सकेंगे. दोनों पार्टियों के सांसद 900 अरब डॉलर के पैकेज की तैयारी कर रहे हैं जिसमें बेरोज़गारों के लिए पहले से ज़्यादा लाभ होगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)