You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
कोरोनाः फिर समूचे यूरोप में बढ़ने लगा वायरस से संक्रमण
क्या सर्दियां आने पर कोरोना वायरस का और भयानक रूप देखने को मिलेगा? क्या दुनिया को कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है? कोरोना वायरस की वैक्सीन कब तक आएगी और जब यह आएगी तो कितने लोगों को उपलब्ध हो सकेगी? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका कोई सटीक जवाब अभी मौजूद नहीं है.
बीते साल दिसंबर में चीन से शुरू हुई कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया को लगभग रोक सा दिया था. लगभग सात महीने के अंतराल के बाद अब जब एक बार फिर चीज़ें 'सामान्य' होने की ओर लौट रही हैं तो कोरोना वायरस की दूसरी लहर की आशंका से डर बढ़ गया है.
दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों की संख्या बढ़ी है. एहतियात बरतते हुए सरकारों ने जिन नियमों में कुछ हफ़्तों पहले ढील दी थी उन्हें एकबार फिर लागू कर दिया है.
यूरोप में संक्रमण के नए मामलों में तेज़ी आयी है, जिसके कारण नए दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रतिबंध लगाए गए हैं.
बेल्जियम के स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा है कि बेल्जियम में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जल्दी ही चिंताजनक स्थिति में पहुंच सकते हैं. सोमवार से बेल्जियम में नए प्रतिबंधों को लागू कर दिया गया है. सभी बार-रेस्त्रां को चार सप्ताह के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया गया है.
इटली ने भी रविवार को नए प्रतिबंधों की घोषणा की है. हर रोज़ आने वाले संक्रमण के नए रिकॉर्ड मामलों को देखते हुए नए और सख़्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं. इटली के प्रधानमंत्री कोंटे ने कहा है कि ये प्रतिबंध लॉकडाउन से बचने के लिए लागू किए गए हैं. यहां बाहर निकलने पर फ़ेस मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है.
फ़्रांस के नौ प्रमुख शहरों में भी संक्रमण के नए, बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्फ़्यू की घोषणा की गई है. पेरिस समेत फ़्रांस के नौ शहरों में रात्रि नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक कर्फ़्यू लागू रहेगा. अगर कोई इस दौरान बाहर निकलता है तो उसके पास इसके लिए कोई पुख़्ता कारण होना ज़रूरी होगा वरना उसे जुर्माना भरना होगा. यह नियम कम से कम चार सप्ताह के लिए लागू किए गए हैं.
चेक रिपब्लिक में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक है. पूरे महाद्वीप में कोरोना संक्रमण के नए मामलों की दर सबसे अधिक है. यहां पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा रहा है.
आयरलैंड में बुधवार की मध्य रात्रि से छह सप्ताह के लिए कोरोनो वायरस को देखते हुए सख़्त प्रतिबंध लगाये जाने हैं.
पोलैंड ने मार्च-अप्रैल में महामारी को बहुत अच्छे से संभाला था और अपने यहां इसे रोकने में कामयाबी पायी थी, जिसके लिए पोलैंड की काफी सराहना भी हुई. लेकिन बीते सप्ताह पोलैंड में प्रतिदिन संक्रमण के दस हज़ार नए मामले सामने आए.
जर्मनी में सरकार ने संक्रमण के बढ़ते नए मामलों को देखते हुए इसके प्रसार को रोकने के लिए, सार्वजनिक इमारतों में वेंटिलेशन को बेहतर बनाने के लिए 452 मिलियन पाउंड का निवेश करने का फ़ैसला किया है. देश में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और शनिवार को यहां एक दिन में रिकॉर्ड मामले दर्ज किए गए. चांसलर मर्केल ने लोगों से घरों पर ही रहने की अपील की है और इसके साथ ही बार-रेस्त्रां को जल्दी बंद करने का आदेश भी दिया गया है. बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. हाई-रिस्क वाले देशों से लौटे लोगों के कोरोना टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया है.
वेल्स ने अपने यहां कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को को देखत हुए शुक्रवार से ही दो-सप्ताह के नेशनल लॉकडाउन की घोषणा कर दी है.
स्विट्ज़रलैंड में सोमवार से सार्वजनिक इमारतों और स्थलों पर फ़ेस-मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त सार्वजनिक रूप से 15 से अधिक लोगों के जमा होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.
स्पेन में सरकार ने मैड्रिड और आसपास के इलाक़ों में 15 दिनों के आपातकाल की घोषणा की है जो शुक्रवार से लागू हो गया है. हालांकि कुछ लोग सरकार का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि जबकि संक्रमण के मामले कम हैं तो आपातकाल लगाना न्यायसंगत नहीं है.
नीदरलैंड में 14 अक्तूबर से सभी बार, रेस्त्रां और कॉफ़ी शॉप बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है. लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों में ही रहें और संभव हो तो घर से ही काम करें.
ग्रीस में किसी भी सार्वजनिक जगह पर फ़ेस मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है.
पुर्तगाल में लोगों के जमा होने को लेकर प्रतिबंधों को सख़्त कर दिया गया है. यहां पांच से अधिक लोगों के एक जगह पर जमा होने की मनाही है. इसके अलावा शादी जैसे समारोह में अधिकतम 50 लोग ही शिरकत कर सकेंगे.
यूरोप के अलावाअमरीका में भी कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में भी इज़ाफ़ा देखा गया है. शुक्रवार को अमरीका में संक्रमण के क़रीब 70 हज़ार नए मामले रिकॉर्ड किए गए जो कि जुलाई के बाद से एक दिन में दर्ज हुए सबसे अधिक केस हैं. बीते सप्ताह से अमरीका के 48 राज्यों में संक्रमण के मामलों में तेज़ी देखी गई है.
जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के जारी आंकड़ों के मुताबिक़, दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 4,03,34,098 हो गए हैं और अभी तक 11,17,470 मौतें हुई हैं.
अमरीका दुनिया का सबसे अधिक प्रभावित देश है. जहां संक्रमण के 82,10,867 मामले हैं. अमरीका में अभी तक 2,20,095 लोगों की कोविड-19 से मौत हो चुकी है.
संक्रमण के मामलों में दूसरे स्थान पर भारत है. जहां संक्रमण के मामले क़रीब 75 लाख हैं और मरने वालों की संख्या भी एक लाख 14 हज़ार से अधिक है.
तीसरे स्थान पर ब्राज़ील है. जहां कोरोना संक्रमण के 52,50,727 मामले हैं और मरने वालों की संख्या 1,54,176 है.
ये भी पढ़ें
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)