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पाकिस्तान के हित के लिए सेना की सहमति से लिए जाते हैं सारे फ़ैसले: इमरान ख़ान - पाक उर्दू प्रेस रिव्यू
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते जनरल आसिम बाजवा के इस्तीफ़े, सेना के साथ सरकार के संबंधों पर प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के बयान और कोरोना वायरस संक्रमण के अलावा भारी बारिश से होने वाली तबाही से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में रहीं.
सबसे पहले बात बारिश से मची तबाही की.
पाकिस्तान के कई शहरों में तूफ़ानी बारिश के कारण पिछले 24 घंटों में 48 लोगों की मौत की ख़बर है. पाकिस्तान के कई इलाक़ों में क़रीब दो हफ़्ते से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है.
अख़बार जंग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में छत गिर जाने, मकान धँस जाने, करंट लगने और पानी में बह जाने से देश भर में 48 लोगों की मौत हो चुकी है. जगह-जगह पानी जमा हुआ है, बिजली कट गई है, मोबाइल सेवा भी बाधित है.
ख़ैबर पख़्तूख़्वान प्रांत में सबसे ज़्यादा 23 लोगों की मौत हुई है. सेना राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है.
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य पंजाब और पूर्वी सिंध में भारी बारिश की आशंका है.
कराची के लिए 1100 अरब रुपये के पैकेज की घोषणा
पाकिस्तान में बारिश के कारण सबसे ज़्यादा तबाही कराची में हुई है. अख़बार जंग के मुताबिक़, कराची शहर में तो बारिश का पिछले 100 साल का रिकॉर्ड टूट गया. सिंध प्रांत के 20 ज़िलों को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया गया है.
लेकिन अब वहाँ हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.
अख़बार जंग के अनुसार, शनिवार को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कराची का दौरा किया और 1100 अरब रुपये के पैकेज की घोषणा की.
इमरान ख़ान ने पहले ही कहा था कि उनकी सरकार कराची के लिए एक दूरगामी प्रोग्राम बना रही है और वो अगले कुछ दिनों में ख़ुद कराची का दौरा करेंगे.
कराची में सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह और गवर्नर इमरान इस्माइल के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि इस पैसे से पूरे कराची का विकास होगा.
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने कराची विकास पैकेज का स्वागत करते हुए कहा कि ये एक अच्छी शुरुआत है लेकिन प्रधानमंत्री को पूरे सिंध प्रांत के लिए राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए.
दोहरी नागरिकता वाले पाकिस्तानियों को चुनाव लड़ने की इजाज़त
पाकिस्तान ने एक अहम फ़ैसला करते हुए दोहरी नागरिकता वाले पाकिस्तानियों को चुनाव लड़ने की इजाज़त दे दी है. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार इमरान ख़ान की कैबिनेट ने इस बिल की मंज़ूरी दे दी है और अब संविधान संशोधन बिल संसद में पेश किया जाएगा.
प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के संसदीय मामलों के सलाहकार बाबर एवान ने कहा कि तमाम पार्टियां दोहरी नागरिकता लेकर विदेश में रहने वाले पाकिस्तानियों को वोट देने के अधिकार की सिर्फ़ बातें करती थीं, लेकिन इमरान ख़ान की सरकार ने अपना वादा पूरा कर लिया है.
पाकिस्तान का क़ानून अपने नागरिकों को दूसरे देश की नागरिकता लेने की इजाज़त देता है लेकिन उन्हें पाकिस्तान में चुनाव लड़ने की इजाज़त नहीं है. अब इस बिल के पास हो जाने के बाद दोहरी नागरिकता वाले पाकिस्तानी चुनाव लड़ सकते हैं.
अगर वो चुनाव हार जाते हैं तो उनकी दोहरी नागरिकता बरक़रार रहेगी, लेकिन अगर वो पाकिस्तान में चुनाव जीत जाते हैं तो शपथ लेने से पहले उन्हें दोहरी नागरिकता छोड़नी होगी.
फ़ौज से न कोई मतभेद है और न ही होने के आसार हैं: इमरान
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा है कि सेना से उनका न तो कोई मतभेद है और ना ही भविष्य में मतभेद होने के कोई आसार हैं. उन्होंने ये बात लेफ़्टिनेंट जनरल आसिम बाजवा (रिटायर्ड) के इस्तीफ़े को अस्वीकार करने के बाद कही.
जनरल आसिम बाजवा उनके विशेष सलाहकार हैं और चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर के चेयरमैन भी हैं. जनरल बाजवा के ख़िलाफ़ कथित भ्रष्टाचार की ख़बर छपने के बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था, लेकिन इमरान ख़ान ने उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर नहीं किया.
इमरान ख़ान का कहना था, "कुल लोगों की बड़ी ख़्वाहिश है कि फ़ौज के साथ मेरे संबंध ख़राब हो जाएं. लेकिन आज तक फ़ौज के साथ मतभेद की कोई वजह नहीं हुई, और न ही भविष्य में ऐसे कोई आसार हैं."
एक निजी चैनल को इंटरव्यू देते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि आंतरिक और विदेशी तमाम मामलों में देश के हित को ध्यान में रखते हुए सेना के साथ आपसी सहमति से सारे फ़ैसले होते हैं.
1965 की भारत के साथ जंग में पाकिस्तानी सैनिकों के योगदान को याद करने के लिए पाकिस्तान छह सितंबर को रक्षा दिवस मनाता है. इस मौक़े पर इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान इस पूरे क्षेत्र में शांति क़ायम रखना चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए.
इमरान ने कहा कि शांति की उनकी इच्छा दक्षिण एशिया की अवाम की तरक़्क़ी और ख़ुशहाली के लिए है. उन्होंने कहा कि शांति के लिए और आने वाली नस्लों के सुनहरे भविष्य के लिए मिलकर काम करने की ज़रूरत है.
कोरोना वायरस संक्रमण
पाकिस्तान में कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं. अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के सिर्फ़ 340 नए मामले सामने आए और सात लोगों की मौत हुई है.
पाकिस्तान में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 2,97,551 हो गई है, जिनमें से 2,82,277 लोग पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं. पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 6,335 लोग मारे जा चुक हैं.
एक्टिव कोरोना संक्रमितों की संख्या अब केवल 8,909 रह गई है. उनमें से 1,050 मरीज़ों का इलाज अस्पतालों में हो रहा है और अब केवल 90 मरीज़ वेंटिलेटर पर हैं. बाक़ी मरीज़ अपने घरों में रह रहे हैं.
हालात में लगातार सुधार होने के बावजूद पाकिस्तान में स्कूल-कॉलेज खोलने पर पाबंदी बरक़रार है. स्कूल खोलने की माँग लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट पहुँचे याचिकाकर्ता की अपील ठुकराते हुए अदालत ने कहा कि ये फ़ैसला सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और अदालत इसमें दख़ल नहीं दे सकती.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ पाकिस्तान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री शफ़क़त महमूद ने कहा कि हो सकता है कि 15 सितंबर से कॉलेज धीरे-धीरे खोल दिए जाएं और 30 सितंबर से प्राइमरी स्कूल भी खोल दिए जाएं, लेकिन इन सबके बारे में अंतिम फ़ैसला सात सितंबर को राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक में लिया जाएगा.
ईरान और इसराइल की चर्चा
उधर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान भी किसी ने ईरान का साथ नहीं दिया.
अख़बार जंग के अनुसार रूहानी का कहना था, "अमरीका में अगर ज़रा भी इंसानियत होती तो वो ईरान पर लगी पाबंदियाँ हटाने की पेशकश करता लेकिन उसने नई पाबंदियाँ लगा दीं और इस मुश्किल घड़ी में अमरीका के ख़िलाफ़ किसी मित्र देश ने भी ईरान का साथ नहीं दिया."
सऊदी अरब के बाद बहरीन ने भी इसराइल को अपनी वायु सीमा इस्तेमाल करने की इजाज़त दी.
अख़बार जंग के मुताबिक़, सऊदी अरब के बाद बहरीन ने भी इसराइल के विमानों को अपनी वायु सीमा से होकर जाने की इजाज़त दे दी है.
संयुक्त अरब अमीरात और इसराइल के बीच हुए समझौते के बाद सऊदी अरब ने इसराइली विमानों को अपने यहाँ से आने जाने की इजाज़त दे दी थी. अब बहरीन ने भी ऐसा ही फ़ैसला किया है.
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