कश्मीर पर पाकिस्तान-चीन के संयुक्त बयान पर क्या बोले पाकिस्तानी अख़बार- पाक उर्दू प्रेस रिव्यू

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते कोरोना के अलावा पाकिस्तानी विदेश मंत्री की चीन यात्रा और नवाज़ शरीफ़ से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियों में थीं.

सबसे पहले बात पाकिस्तानी विदेश मंत्री की चीन यात्रा की. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने 20-21 अगस्त को चीन का दौरा किया. जाने से पहले कुरैशी ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा था कि वो एक बहुत ही संक्षिप्त लेकिन 'बहुत अहम' दौरे पर चीन जा रहे हैं.

उनका चीन दौरा ऐसे समय में हुआ जब कुछ ही दिन पहले एक निजी टीवी चैनल को सऊदी अरब और ओआईसी के बारे में दिए गए उनके बयान की वजह से वो सुर्ख़ियों में हैं और पाकिस्तान और सऊदी अरब के रिश्तों में आए तनाव को दूर करने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने सऊदी अरब का दौरा किया था.

ज़ाहिर है ये ख़बर पाकिस्तान के लिए इतनी अहम थी कि सारे अख़बारों ने इसे पहले पन्ने पर प्रमुखता से छापा.

पाकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात के बात शुक्रवार को एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया. संयुक्त बयान में सीपेक, आपसी सहयोग, क्षेत्रीय शांति, कोरोना और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का ज़िक्र किया गया.

ज़्यादातर अख़बारों ने इस दौरे को सीपेक यानी चीन-पाक आर्थिक कॉरिडोर के नज़रिए से देखा है. अख़बार एक्सप्रेस ने लिखा है कि सीपेक ने पाकिस्तान और चीन के भाईचारे की मिसाल पेश की है.

लेकिन अख़बार नवा-ए-वक़्त ने पाकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों की मुलाक़ात को कश्मीर के नज़रिए से जोड़कर देखा है.

अख़बार ने सुर्ख़ी लगाई है, "कश्मीर की समस्या प्रस्तावों (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) के अनुसार हल होनी चाहिए, उसे पेचीदा बनाने का विरोध करेंगे: चीन"

अख़बार के अनुसार चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि कश्मीर एक ऐसा विवाद है जिसका हल निकाला जाना चाहिए, समस्या को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार हल किया जाना चाहिए और चीन हर उस क़दम का विरोध करेगा जिससे समस्या और पेचीदा हो.

भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में कश्मीर के ज़िक्र पर नाराज़गी जताई है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा है कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का कुछ हिस्सा भारत के क्षेत्र में हैं जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से क़ब्ज़ा किया हुआ है.

भारतीय बयान में कहा गया है, "हम पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले जम्मू कश्मीर के मामले में यथास्थिति बदलने की किसी भी देश की कोशिश का कड़े शब्दों में विरोध करते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि भारत के अंदरूनी मामलों में कोई देश हस्तक्षेप नहीं करेगा."

सऊदी अरब की नाराज़गी को लेकर इमरान की आलोचना

इसके साथ ही सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रिश्तों में आई खटास को लेकर भी सरकार और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की आलोचना हो रही है. अख़बार जंग के संपादकीय पेज पर एक लेख छपा है जिसमें इमरान ख़ान की विदेश नीति की जमकर आलोचना की गई है.

सलीम साफ़ी ने लिखा है कि "जिस तरह क्रिकेट और सियासत अलग-अलग मैदान हैं, उसी तरह सियासत और गवर्नेन्स भी अलग-अलग मैदान हैं. वो कहते हैं कि इसमें कोई शक नहीं कि इमरान ख़ान एक बेहतरीन क्रिकेटर थे और उन्होंने 20-22 साल सियासत भी की है लेकिन गवर्नेन्स का उन्हें कोई अनुभव नहीं है."

"इस कमी को वो अनुभवी मंत्रियों और सलाहकारों से दूर कर सकते थे लेकिन उन्होंने अपने इर्द-गिर्द ऐसे लोगों को जमा किया जिन्हें प्रांतीय सरकार में रहने का भी अनुभव नहीं है."

सलीम साफ़ी आगे लिखते हैं कि शाह महमूद कुरैशी अनुभवी ज़रूर हैं लेकिन विदेश मंत्रालय चलाने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है. विदेश मंत्रालय तो ख़ुद प्रधानमंत्री इमरान ख़ान चला रहे हैं और बदक़िस्मती से इमरान ख़ान को कूटनीति की बारीकी समझ में नहीं आती है.

"चीन हो या सऊदी अरब हर फ़्रंट पर पाकिस्तानी सेना उनकी मदद के लिए आगे आती है. सेना मामले को हल करती है लेकिन अगले ही दिन इमरान ख़ान ख़ुद या उनका कोई मंत्री कोई ऐसी हरकत कर देते हैं कि मामला दोबारा बिगड़ जाता है."

"पाकिस्तान का मुक़ाबला भारत के अनुभवी और चालाक नेताओं से है और जवाब में पाकिस्तान की टीम कूटनीति की शुरुआती प्रैक्टिस कर रही है. तो जो हश्र नवाज़ शरीफ़ और ज़रदारी के नेतृत्व में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का होगा, वही इस वक़्त इमरान ख़ान के नेतृत्व में पाकिस्तान का हो रहा है."

पाकिस्तान ने दहशतगर्दों की नई सूची जारी की

अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तानी सरकार ने हाफ़िज़ सईद, मसूद अज़हर और भारतीय अंडरवर्ल्ड डॉन और 1993 के मुंबई धमाकों के मुख्य अभियुक्त दाऊद इब्राहीम समेत 88 से ज़्यादा लोगों को दहशतगर्दों की नई सूची में रखा है और उसे सार्वजनिक कर दिया गया है. इस सूची में नाम आने का मतलब है कि उनकी संपत्ति ज़ब्त कर ली जाएगी, उनके बैंक खातों को फ़्रीज़ कर दिया जाएगा और उनके विदेश यात्रा पर पाबंदी लगा दी जाएगी. लेकिन पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि 18 अगस्त को जारी ये सूची पहले से ही है और इसमें कोई नया नाम नहीं जोड़ा गया है.

नवाज़ शरीफ़ को वापस लाया जाएगा

पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री शिबली फ़राज़ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को हर हालत में पाकिस्तान वापस लाया जाएगा और उसके लिए तमाम क़ानूनी रास्ता अपनाएंगे.

नवाज़ शरीफ़ को भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तानी अदालत में दोषी क़रार दिया जा चुका है लेकिन वो अपने इलाज के लिए ब्रिटेन में रह रहे हैं.

अख़बार दुनिया के अनुसार मंत्री शिबली फ़राज़ ने कहा कि नवाज़ शरीफ़ ने अपना इलाज तो दूर एक एक्स-रे तक नहीं करवाया.

उन्होंने कहा कि नवाज़ शरीफ़ लंदन में बैठकर राजनीति कर रहें हैं, इसलिए अब वक़्त आ गया है कि उन्हें वापस लाया जाए और वो अदालत के सामने अपनी बात रखें. उन्होंने कहा कि इस मामले में ब्रिटेने को ख़त लिखा जाएगा और सरकार अदालत भी जाएगी.

कई अरब देश इसराइल से संबंध स्थापित करने के क़रीब: यूएई

अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात के विदेश राज्य मंत्री अनवर क़ुर्क़ाश ने कहा है कि कई अरब देश जल्द ही इसराइल से संबंध राजनयिक संबंध स्थापित कर लेंगे.

अख़बार के अनुसार एक अमरीकी थिंक टैंक एटलांटिक काउंसिल के ज़रिए आयोजित एक वर्चुअल सेमिनार में उन्होंने ये बात कही. उन्होंने कहा कि कई अरब देश इसराइल से बातचीत कर रहे हैं और वो समझौते के अलग-अलग फ़ेज़ में हैं.

मंत्री ने कहा कि इसराइल के साथ यूएई के संबंध बहुत गर्मजोशी से आगे बढ़ेंगे क्योंकि यूएई ने मिस्र और जॉर्डन की तरह इसराइल से कभी कोई युद्ध नहीं किया है.

उन्होंने ये भी कहा कि यूएई का कोई भी दफ़्तर इसराइल के तेल अवीव में खुलेगा, येरूशलम में नहीं.

इसराइल और संयुक्त अरब अमीरात के बीच 13 अगस्त को एक ऐतिहासिक समझौता हुआ था.

इसराइल और यूएई के समझौते के मुताबिक़ इसराइल वेस्ट बैंक के बड़े हिस्सों को मिलाने की अपनी योजना फ़िलहाल स्थगित कर देगा और दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते शुरू हो जाएंगे.

और अब बात कोरोना की

पाकिस्तान में कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं. अख़बार दुनिया के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना के 627 नए मामले सामने आए और 14 लोगों की मौत हो गई.

पाकिस्तान में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 292004 हो गई है, जिनमें से 27411 लोग पूरी तरह रिकवर हो चुके हैं. इसका मतलब है कि एक्टिव कोरोना संक्रमितों की संख्या अब केवल 111790 रह गई है और वेंटिलेटर पर रहने वालों की संख्या सिर्फ़ 141 रह गई है. पाकिस्तान में कोरोना से अब तक 6231 लोग कोरोना से मारे जा चुक हैं.

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