जॉर्ज फ़्लॉयड की ज़िंदगी के आख़िरी लम्हों की चौंकाने वाली कहानी आई सामने

अमरीका में जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत का मामला एक बार फिर से चर्चा में है.

इस मामले की अदालत में सुनवाई चल रही है और कोर्ट में दाखिल किए गए दस्तावेज़ों से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है.

जॉर्ज फ़्लॉयड की हत्या के आरोपों का सामना कर रहे पुलिस अधिकारी ने जब अपने घुटने से उनकी गर्दन दबा रखी थी और वे हाँफते हुए कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे तो उन्हें चुप रहने के लिए कहा जा रहा था.

बॉडी कैम (शरीर में लगे कैमरे) फुटेज और रिकॉर्ड हुई बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक़ निहत्थे जॉर्ज फ़्लॉयड ने कराहते हुए अपनी मरहूम माँ और बच्चों का नाम लिया था.

जॉर्ज फ़्लॉयड कह रहे थे कि मिनियापोलिस का पुलिस वाला मुझे मार देगा.

इस घटना में शामिल चार पुलिस अधिकारियों में से एक के वकील ने ये दस्तावेज़ अदालत को सौंपे.

इस ट्रांसक्रिप्ट से स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि जॉर्ज फ़्लॉयड की ज़िंदगी के आख़िरी लम्हों में क्या हुआ था. मई के महीने में उनकी मौत के बाद दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के मुद्दे को लेकर नस्लवाद के ख़िलाफ़ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन आगे चलकर 'ब्लैक लाइव्स मैटर' आंदोलन में बदल गए.

दुनिया भर में इस मुद्दे पर बहस हो रही है और इस घटना को अमरीकी इतिहास के ग़ुलामी और भेदभाव के दौर के प्रतिबिंब के तौर पर देखा गया.

जॉर्ज फ़्लॉयड को हिरासत में लेने की पुलिस की कार्रवाई में शामिल चारों अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है और वे गिरफ़्तार कर लिए गए.

जॉर्ज की गर्दन को अपने घुटने से दबाने वाले पुलिस अधिकारी डेरेक शॉविन पर सेकेंड डिग्री मर्डर समेत कई अन्य आरोप लगाए गए हैं.

जबकि अन्य तीन अधिकारी थॉमस लेन, जे एलेक्ज़ेंडर क्वेंग और तोउ थाओ पर अपराध के लिए उकसाने और इसमें मदद देने का आरोप लगाया गया है.

गुरुवार को इस ट्रांसक्रिप्ट को सार्वजनिक किया गया था और थॉमस लेन के वकीलों ने उन पर लगे आरोपों को ख़ारिज करने की मांग की.

चेतावनीः कुछ पाठक इसके ब्योरे से परेशान हो सकते हैं.

ट्रांसक्रिप्ट में क्या है?

अभी तक जॉर्ज फ़्लॉयड की गिरफ़्तारी और उनकी ज़िंदगी के आख़िरी लम्हों के बारे में जो भी जानकारी उपलब्ध है, वो घटना के चश्मदीदों की ओर से डाले गए सोशल पोस्ट से सामने आई है.

कोर्ट में सौंपे गए ट्रांसक्रिप्ट से इस घटना के बारे में और विस्तार से जानकारी सामने आई है. ये ट्रांसक्रिप्ट थॉमस लेन और जे एलेक्ज़ेंडर क्वेंग के मौका-ए-वारदात पर पहुँचने के बाद की है.

उस वक़्त जॉर्ज फ़्लॉयड को एंबुलेंस में सीपीआर (मृतप्राय को जीवित करने के लिए दी जाने वाली मेडिकल हेल्प) दिया जा रहा था.

थॉमस लेन और जे एलेक्ज़ेंडर क्वेंग के शरीर में लगे बॉडी कैमरा से रिकॉर्ड किए गए फुटेज के ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि जॉर्ज फ़्लॉयड ने कम से कम 20 बार ये कहा कि वे साँस नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि मिनियापोलिस के पुलिस अधिकारियों ने उन्हें दबाकर रखा था.

एक स्टोर के बाहर पुलिस वालों ने उन्हें रोका था. जॉर्ज फ़्लॉयड पर ये आरोप था कि उन्होंने सिगरेट ख़रीदने के लिए कथित रूप से 20 डॉलर का जाली नोट इस्तेमाल किया था.

इसके बाद हथकड़ी से बंधे जॉर्ज फ़्लॉयड को पुलिस की कार के पास ज़मीन पर धकेल दिया गया. डेरेक शॉविन के घुटने के नीचे जॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन थी और वे कह रहे थे कि "मैं साँस नहीं ले पा रहा हूँ. तुम मुझे मार ही दोगे."

पास खड़े एक व्यक्ति ने उस घटना को रिकॉर्ड किया था, उसके फुटेज के मुताबिक़ डेरेक शॉविन ने जॉर्ज फ़्लॉयड की गर्दन को तकरीबन आठ मिनट तक दबा कर रखा था. डेरेक तब ये कह रहे थे, "तो चुप करो, चिल्लाना बंद करो. बोलने में ढेर सारा ऑक्सीजन ख़र्च हो जाता है."

ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक़ गिरफ़्तारी की शुरुआत के समय जॉर्ज फ़्लॉयड पुलिस को सहयोग देते हुए दिख रहे थे. उनकी कार की तरफ़ बढ़ रहे पुलिस अधिकारियों से वे बार-बार माफ़ी मांग रहे थे.

थॉमस लेन ने जॉर्ज फ़्लॉयड को गाड़ी से निकलने का आदेश देने से पहले अपना हाथ दिखाने के लिए कम से कम 10 बार कहा.

हाथ दिखाने के आदेश पर जवाब देते हुए जॉर्ज फ़्लॉयड कहते हैं, "मैन, आई गॉट, आई गॉट शॉट द सेम वे, मिस्टर ऑफिसर बिफोर."

ये स्पष्ट नहीं है कि जॉर्ज फ्लायड ने ये बात किस सिलसिले में कही.

कुछ समय बाद थॉमस लेन कहते हैं, "ये क्यों छिप रहा है और अपने हाथ नहीं दिखा रहा है और ये अजीबोगरीब हरकतें क्या हैं?"

इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने जॉर्ज फ़्लॉयड को हथकड़ी पहनाई और उन्हें पुलिस की कार की पिछली सीट पर बिठाने की कोशिश की.

जब ये हो रहा था तो जॉर्ज व्यथित हो गए, वे बार-बार गुहार लगा रहे थे कि वो क्लास्ट्रोफोबिया से पीड़ित हैं.

थॉमस लेन पूछते हैं, "क्या तुमने कुछ ले रखी है...", तो जॉर्ज जवाब देते हैं, "मैं डरा हुआ हूँ."

एक दूसरे दस्तावेज़ के मुताबिक़ थॉमस लेन ने जाँच अधिकारियों को बताया कि कार में जॉर्ज फ़्लॉयड ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी थी.

इसके बाद अधिकारियों ने जॉर्ज फ़्लॉयड को कार से बाहर निकाला. ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक़ जॉर्ज फ़्लॉयड ने दर्जनों बार माँ कहकर पुकारा.

जॉर्ज ने कहा, "मैं इस आदमी पर भरोसा नहीं कर सकता. माँ, मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ. प्यार करता हूँ. मेरे बच्चों से कहना कि मैं उन्हें बहुत प्यार करता हूँ. मैं मर रहा हूँ."

जब जॉर्ज फ़्लॉयड ने ये कहा कि मुझे साँस लेने में दिक्कत हो रही है, थॉमस लेन ने डेरेक शॉविन से पूछा, "क्या हमें इसे उसकी तरफ़ घुमा देना चाहिए?"

डेरेक ने जवाब दिया, "ये ऐसे ही रहेगा."

डेरेक शॉविन के वकीलों ने सार्वजनिक किए गए इन दस्तावेज़ों पर कोई टिप्पणी नहीं की.

ये ट्रांसक्रिप्ट अब क्यों जारी किए गए हैं?

ये ट्रांसक्रिप्ट थॉमस लेन को क़ानूनी मदद पहुँचाने के इरादे से की जा रही कोशिशों के तहत जारी किए गए हैं. थॉमस लेन जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के दिन ड्यूटी पर थे.

थॉमस लेन के वकील अर्ल ग्रे का कहना है कि इस मुक़दमे में उनके क्लाइंट के ख़िलाफ़ ट्रायल चलाना ग़ैरवाजिब है.

कोर्ट में जमा किए गए दस्तावेज़ों में थॉमस लेन से मिनेसोटा के ब्यूरो ऑफ़ क्रिमिनल एप्रिहेंसन के जाँचकर्ताओं की पूछताछ की ट्रांसक्रिप्ट भी शामिल है.

इस इंटरव्यू में थॉमस लेन ने जॉर्ज फ़्लॉयड के साथ अपनी शुरुआती मुठभेड़ के अहम क्षणों का जिक्र किया है.

थॉमस लेन का कहना है कि उन्होंने अपनी गन निकालकर जॉर्ज फ़्लॉयड को ये आदेश दिया कि वो अपने हाथ दिखाए. तब वे जॉर्ज की कार की तरफ़ बढ़ रहे थे और उन्होंने देखा कि जॉर्ज अपने हाथ सीट के नीचे रखे हुए थे.

कार के भीतर की तस्वीरें ये बता रही हैं कि जॉर्ज गिरफ्तारी से पहले अपनी सीट पर बैठे हुए थे और 20 डॉलर के दो मुड़े-तुड़े नोट दिखा रहे थे.

जे एलेक्ज़ेंडर क्वेंग का कहना है कि जॉर्ज के हाथ में जो नोट था, वो जाली था.

इस पूछताछ के आख़िर में एक जाँच अधिकारी ने थॉमस लेन से पूछा कि क्या उन्हें ये लगता है कि उनकी या डेरेक शॉविन की जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत में कोई भूमिका थी.

इस पर जे एलेक्ज़ेंडर क्वेंग ने कहा, "मुझे इस पर आपत्ति है. तुम इस सवाल का जवाब नहीं देने जा रहे हो."

जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद क्या हुआ?

इस घटना और वहाँ खड़े लोगों ने जो वीडिया शूट किए थे, उससे अमरीकी समाज में नस्लीय आधार पर भेदभाव के जख्मों को एक बार फिर उघेड़ कर रख दिया.

बहुत से लोगों का ये कहना है कि जॉर्ज फ़्लॉयड की मौत के बाद उपजा ग़ुस्सा अमरीका की आर्थिक और सामाजिक भेदभाव से उपजी हताशा को दिखलाता है.

अमरीका के कई शहरों में इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए और ये सिलसिला अभी भी रुका नहीं है. विरोध प्रदर्शनों की आवाज़ें अमरीका के बाहर दुनिया के दूसरे देशों में भी सुनी गईं.

पुलिस बलों, सरकारों और कारोबारियों ने नस्लीय ग़ैरबराबरी की बात मानी और सुधारों का वादा किया.

अमरीका और दूसरे देशों में ग़ुलामी का प्रतीक रहीं प्रतिमाओं का फिर से मूल्यांकन किया गया. कुछ गिरा दी गईं तो कुछ को सरकारों ने हटा लिया.

जॉर्ज फ़्लॉयड से पहले भी अमरीका में काले लोगों के ख़िलाफ़ नस्लीय हिंसा की घटनाएँ होती रही हैं. इनमें फर्ग्यूसन में माइकल ब्राउन, न्यूयॉर्क में एरिक गार्नर जैसे हाई-प्रोफाइल मामले रहे हैं.

हाल के सालों में इन्हीं घटनाओं ने अमरीका के ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन को मज़बूती दी है.

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