ऐसा देश जहां कोरोना वायरस महामारी के दौर में भी जंग जारी है

बंदूक थामे सैनिक

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    • Author, एनगाला किलियान चिमतोम
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

कैमरून के एक बड़े अलगाववादी समूह ने 29 मार्च को संघर्ष विराम करने का ऐलान कर दिया. इस ख़बर को सुनते ही कैमरूनी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट बिएट्रिस तितांजी खुशी से उछल पड़ीं.

युद्ध विराम का ऐलान इस केंद्रीय अफ्रीकी देश में कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के मक़सद से किया गया था. लेकिन, लड़ाई लगातार जारी है और इसने तितांजी की उम्मीदों को तोड़ दिया है.

डॉ. तितांजी ने बीबीसी को बताया, "ये डराने वाले हालात हैं. हज़ारों लोग जंगलों में फंसे हुए हैं."

वो कहती हैं, "हम उन्हें कोविड-19 के बारे में कैसे बताएं?"

यूएन चीफ़ की अपील के बाद एक गुट ने युद्ध विराम का ऐलान किया.

यूएन चीफ़ एटोनियो गुटेरेज़ के पूरी दुनिया में युद्ध रोकने की अपील के बाद सदर्न कैमरून्स डिफेंस फोर्सेज (एससीडीएफ़) ने एकतरफ़ा संघर्ष विराम का ऐलान किया था.

उन्होंने कहा था, "वायरस का आतंक दिखाता है कि युद्ध एक मूर्खता है."

गुटेरेज़ ने कहा था, 'यह वक्त है जबकि सशस्त्र संघर्षों को लॉकडाउन में डाल दिया जाए और एकसाथ मिलकर हमारी ज़िंदगियों की असली लड़ाई लड़ी जाए."

कैमरून

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इमेज कैप्शन, कैमरून अभी भी औपनिवेशिक काल के आधार पर बंटा है

हालांकि, कैमरून के दूसरे अलगाववादी समूहों ने इस अपील को नज़रअंदाज़ कर दिया. कैमरून में कम से कम 15 ऐसे अलगाववादी संगठन हैं.

सबसे बड़े समूहों में से एक एंबाज़ोनिया गवर्निंग काउंसिल ने कहा है कि एकतरफ़ा संघर्ष विराम से सरकारी सैन्य बल बिना विरोध के इसके नियंत्रण वाले इलाक़ों में दाख़िल हो जाएंगे.

भूख और बीमारी

हथियार पर धार लगाता कैमरून का एक व्यक्ति

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फ्रैंच बोलने वाली राष्ट्रपति पॉल बिया की अगुवाई वाली कैमरून की सरकार ने भी शांति का ऐलान नहीं किया है. साथ ही उन्होंने वायरस को फैलने से रोकने के लिए मानवीय मदद लाने वाली फ़्लाइट्स पर रोक लगाने के साथ राहत कार्यों में लगे लोगों को भी निराश कर दिया है.

कमर्शियल फ़्लाइट्स पर पहले से रोक लगी हुई है.

डॉ. तितांजी एक एकेडमिक हैं जो कि एक ग़ैर-सरकारी संगठन विमेन्स गिल्ड फॉर एंपावरमेंट एंड डिवेलपमेंट की अगुवाई करती हैं. यह संगठन कैमरून में शांति की मुहिम को आगे बढ़ा रहा है.

तितांजी कहती हैं, "अगर हमारे पास लोगों तक पहुंचने का ज़रिया ही नहीं होगा, अगर हम उन्हें खाना और दवाइयां नहीं दे पाएंगे तो तमाम लोगों को मुश्किलों से गुज़रना पड़ेगा. ये लोग भूख और बीमारी से मर जाएंगे."

एक जटिल इतिहास का गवाह रहा है कैमरून

जला हुआ घर

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इमेज कैप्शन, बहुत से लोगों की संपत्तियां जला दी गई हैं

एक जटिल उपनिवेश इतिहास के बाद कैमरून में अंग्रेज़ी और फ्रेंच दोनों आधिकारिक भाषाएं हैं. लेकिन, असलियत में फ्रांसीसी बोलने वालों की तादाद अंग्रेज़ी बोलने वालों से ज़्यादा है और उनका दबदबा है. इस वजह से अंग्रेज़ी बोलने वाले भेदभाव की शिकायत करते हैं.

देश के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी इलाक़े अंग्रेज़ी बोलने वालों का गढ़ हैं. इन इलाक़ों में कोर्ट्स और स्कूलों में फ्रेंच भाषा के बढ़ते इस्तेमाल के चलते 2017 में हिंसा फैल गई. इसके चलते अब तक 3,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

इस युद्ध के चलते करीब 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं. इनमें से कई लोग जंगलों में भाग गए हैं. जहां इन्होंने अपनी झोपड़ियां और गांव बसा लिए हैं.

कैमरून अभी भी औपनिवेशिक तर्ज़ पर बंटा हुआ है. इसे 1884 में जर्मनी ने अपनी कॉलोनी बनाया.

ब्रिटिश और फ्रांसीसी सेनाओं ने जर्मनों को 1916 में यहां से खदेड़ दिया.

कैमरून का गांव

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कैमरून को तीन साल बाद विभाजित कर दिया गया. 80 फीसदी हिस्सा फ्रांसीसियों और 20 फीसदी ब्रिटिश लोगों के हाथ आया.

फ्रेंच लोगों वाले कैमरून ने 1960 में आज़ादी हासिल कर ली.

जनमत संग्रह के बाद सदर्न (ब्रिटिश) कैमरून ने कैमरून से खुद को जोड़ लिया. जबकि उत्तरी कैमरून ने अंग्रेज़ी बोलने वाले नाइजीरिया में खुद को शामिल कर लिया.

जंग के चलते पहले से ही लॉकडाउन जैसे हालात

यूएन चिल्ड्रेन्स एजेंसी यूनिसेफ़ का अनुमान है कि युद्ध के चलते उत्तरी-पश्चिमी और दक्षिणी-पश्चिमी इलाकों में मौजूद 7,421 स्वास्थ्य इकाइयों में से 255 या 34 फीसदी या तो काम नहीं कर रही हैं या फिर आंशिक रूप से काम कर रही हैं.

इसकी वजह से कोविड-19 फैलने के बाद लोगों के इलाज को लेकर चिंता पैदा हो गई है.

कैमरून में अब तक कोरोना के 2,200 केस सामने आए हैं. मार्च से अब तक यहां 100 से ज़्यादा मौतें कोरोना के चलते हो चुकी हैं. यह आंकड़ा सेंट्रल अफ्रीका में सबसे ज़्यादा है.

युद्ध में जली हुईं गाड़ियां

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हालांकि, नॉर्थ-वेस्ट और साउथ-वेस्ट में कम केस देखने को मिले हैं. इसकी वजह शायद कम टेस्टिंग या फिर युद्ध के चलते यहां आवाजाही पर बड़ी पाबंदियों का लागू होना है. कई शहरी और ग्रामीण इलाके कोरोना वायरस से काफ़ी पहले से ही लॉकडाउन में डाल दिए गए थे.

ज़्यादातर नागरिकों की तरह से ही सैनिक भी मास्क पहने और हैंड सैनिटाइज़र इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, विद्रोही शायद ही कोई प्रोटेक्टिव उपायों के साथ दिखाई दे रहे हैं.

पिछले महीने के आखिर में करीब 300 सरकारी सैन्य बलों ने अलगाववादियों के खिलाफ छह दिन का ऑपरेशन शुरू किया था. मिलिटरी ने कहा था कि उन्होंने 15 लड़ाकों को मार गिराया और उनके दो मिलिटरी कैंप तबाह कर दिए.

सुरक्षा बल अभी भी तीन सरकारी अफ़सरों की तलाश कर रहे हैं जिन्हें अलगाववादियों ने उत्तरी-पश्चिमी हिस्से के बोयो में पिछले महीने पकड़ लिया था.

लगातार जारी युद्ध पर तितांजी कहती हैं, "मुश्किल में पड़े लोगों तक मदद पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है. हमें इस वक्त युद्ध की ज़रूरत नहीं है. कोविड-19 का कहर जारी है और लोग मारे जा रहे हैं."

सवाल और जवाब

कोरोना वायरस के बारे में सब कुछ

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस क्या है?लीड्स के कैटलिन सेसबसे ज्यादा पूछे जाने वाले

    कोरोना वायरस एक संक्रामक बीमारी है जिसका पता दिसंबर 2019 में चीन में चला. इसका संक्षिप्त नाम कोविड-19 है

    सैकड़ों तरह के कोरोना वायरस होते हैं. इनमें से ज्यादातर सुअरों, ऊंटों, चमगादड़ों और बिल्लियों समेत अन्य जानवरों में पाए जाते हैं. लेकिन कोविड-19 जैसे कम ही वायरस हैं जो मनुष्यों को प्रभावित करते हैं

    कुछ कोरोना वायरस मामूली से हल्की बीमारियां पैदा करते हैं. इनमें सामान्य जुकाम शामिल है. कोविड-19 उन वायरसों में शामिल है जिनकी वजह से निमोनिया जैसी ज्यादा गंभीर बीमारियां पैदा होती हैं.

    ज्यादातर संक्रमित लोगों में बुखार, हाथों-पैरों में दर्द और कफ़ जैसे हल्के लक्षण दिखाई देते हैं. ये लोग बिना किसी खास इलाज के ठीक हो जाते हैं.

    कोरोना वायरस के अहम लक्षणः ज्यादा तेज बुखार, कफ़, सांस लेने में तकलीफ़

    लेकिन, कुछ उम्रदराज़ लोगों और पहले से ह्दय रोग, डायबिटीज़ या कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ रहे लोगों में इससे गंभीर रूप से बीमार होने का ख़तरा रहता है.

  • एक बार आप कोरोना से उबर गए तो क्या आपको फिर से यह नहीं हो सकता?बाइसेस्टर से डेनिस मिशेलसबसे ज्यादा पूछे गए सवाल

    जब लोग एक संक्रमण से उबर जाते हैं तो उनके शरीर में इस बात की समझ पैदा हो जाती है कि अगर उन्हें यह दोबारा हुआ तो इससे कैसे लड़ाई लड़नी है.

    यह इम्युनिटी हमेशा नहीं रहती है या पूरी तरह से प्रभावी नहीं होती है. बाद में इसमें कमी आ सकती है.

    ऐसा माना जा रहा है कि अगर आप एक बार कोरोना वायरस से रिकवर हो चुके हैं तो आपकी इम्युनिटी बढ़ जाएगी. हालांकि, यह नहीं पता कि यह इम्युनिटी कब तक चलेगी.

    यह नया वायरस उन सात कोरोना वायरस में से एक है जो मनुष्यों को संक्रमित करते हैं.
  • कोरोना वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?जिलियन गिब्स

    वैज्ञानिकों का कहना है कि औसतन पांच दिनों में लक्षण दिखाई देने लगते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में इससे पहले भी लक्षण दिख सकते हैं.

    कोविड-19 के कुछ लक्षणों में तेज बुख़ार, कफ़ और सांस लेने में दिक्कत होना शामिल है.

    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि इसका इनक्यूबेशन पीरियड 14 दिन तक का हो सकता है. लेकिन कुछ शोधार्थियों का कहना है कि यह 24 दिन तक जा सकता है.

    इनक्यूबेशन पीरियड को जानना और समझना बेहद जरूरी है. इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों को वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर तरीके लाने में मदद मिलती है.

  • क्या कोरोना वायरस फ़्लू से ज्यादा संक्रमणकारी है?सिडनी से मेरी फिट्ज़पैट्रिक

    दोनों वायरस बेहद संक्रामक हैं.

    ऐसा माना जाता है कि कोरोना वायरस से पीड़ित एक शख्स औसतन दो या तीन और लोगों को संक्रमित करता है. जबकि फ़्लू वाला व्यक्ति एक और शख्स को इससे संक्रमित करता है.

    फ़्लू और कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं.

    • बार-बार अपने हाथ साबुन और पानी से धोएं
    • जब तक आपके हाथ साफ न हों अपने चेहरे को छूने से बचें
    • खांसते और छींकते समय टिश्यू का इस्तेमाल करें और उसे तुरंत सीधे डस्टबिन में डाल दें.
  • आप कितने दिनों से बीमार हैं?मेडस्टोन से नीता

    हर पांच में से चार लोगों में कोविड-19 फ़्लू की तरह की एक मामूली बीमारी होती है.

    इसके लक्षणों में बुख़ार और सूखी खांसी शामिल है. आप कुछ दिनों से बीमार होते हैं, लेकिन लक्षण दिखने के हफ्ते भर में आप ठीक हो सकते हैं.

    अगर वायरस फ़ेफ़ड़ों में ठीक से बैठ गया तो यह सांस लेने में दिक्कत और निमोनिया पैदा कर सकता है. हर सात में से एक शख्स को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

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मेरी स्वास्थ्य स्थितियां

आपके सवाल

  • अस्थमा वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस कितना ख़तरनाक है?फ़ल्किर्क से लेस्ले-एन

    अस्थमा यूके की सलाह है कि आप अपना रोज़ाना का इनहेलर लेते रहें. इससे कोरोना वायरस समेत किसी भी रेस्पिरेटरी वायरस के चलते होने वाले अस्थमा अटैक से आपको बचने में मदद मिलेगी.

    अगर आपको अपने अस्थमा के बढ़ने का डर है तो अपने साथ रिलीवर इनहेलर रखें. अगर आपका अस्थमा बिगड़ता है तो आपको कोरोना वायरस होने का ख़तरा है.

  • क्या ऐसे विकलांग लोग जिन्हें दूसरी कोई बीमारी नहीं है, उन्हें कोरोना वायरस होने का डर है?स्टॉकपोर्ट से अबीगेल आयरलैंड

    ह्दय और फ़ेफ़ड़ों की बीमारी या डायबिटीज जैसी पहले से मौजूद बीमारियों से जूझ रहे लोग और उम्रदराज़ लोगों में कोरोना वायरस ज्यादा गंभीर हो सकता है.

    ऐसे विकलांग लोग जो कि किसी दूसरी बीमारी से पीड़ित नहीं हैं और जिनको कोई रेस्पिरेटरी दिक्कत नहीं है, उनके कोरोना वायरस से कोई अतिरिक्त ख़तरा हो, इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

  • जिन्हें निमोनिया रह चुका है क्या उनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण दिखाई देते हैं?कनाडा के मोंट्रियल से मार्जे

    कम संख्या में कोविड-19 निमोनिया बन सकता है. ऐसा उन लोगों के साथ ज्यादा होता है जिन्हें पहले से फ़ेफ़ड़ों की बीमारी हो.

    लेकिन, चूंकि यह एक नया वायरस है, किसी में भी इसकी इम्युनिटी नहीं है. चाहे उन्हें पहले निमोनिया हो या सार्स जैसा दूसरा कोरोना वायरस रह चुका हो.

    कोरोना वायरस की वजह से वायरल निमोनिया हो सकता है जिसके लिए अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
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अपने आप को और दूसरों को बचाना

आपके सवाल

  • कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सरकारें इतने कड़े कदम क्यों उठा रही हैं जबकि फ़्लू इससे कहीं ज्यादा घातक जान पड़ता है?हार्लो से लोरैन स्मिथ

    शहरों को क्वारंटीन करना और लोगों को घरों पर ही रहने के लिए बोलना सख्त कदम लग सकते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो वायरस पूरी रफ्तार से फैल जाएगा.

    क्वारंटीन उपायों को लागू कराते पुलिस अफ़सर

    फ़्लू की तरह इस नए वायरस की कोई वैक्सीन नहीं है. इस वजह से उम्रदराज़ लोगों और पहले से बीमारियों के शिकार लोगों के लिए यह ज्यादा बड़ा ख़तरा हो सकता है.

  • क्या खुद को और दूसरों को वायरस से बचाने के लिए मुझे मास्क पहनना चाहिए?मैनचेस्टर से एन हार्डमैन

    पूरी दुनिया में सरकारें मास्क पहनने की सलाह में लगातार संशोधन कर रही हैं. लेकिन, डब्ल्यूएचओ ऐसे लोगों को मास्क पहनने की सलाह दे रहा है जिन्हें कोरोना वायरस के लक्षण (लगातार तेज तापमान, कफ़ या छींकें आना) दिख रहे हैं या जो कोविड-19 के कनफ़र्म या संदिग्ध लोगों की देखभाल कर रहे हैं.

    मास्क से आप खुद को और दूसरों को संक्रमण से बचाते हैं, लेकिन ऐसा तभी होगा जब इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए और इन्हें अपने हाथ बार-बार धोने और घर के बाहर कम से कम निकलने जैसे अन्य उपायों के साथ इस्तेमाल किया जाए.

    फ़ेस मास्क पहनने की सलाह को लेकर अलग-अलग चिंताएं हैं. कुछ देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके यहां स्वास्थकर्मियों के लिए इनकी कमी न पड़ जाए, जबकि दूसरे देशों की चिंता यह है कि मास्क पहने से लोगों में अपने सुरक्षित होने की झूठी तसल्ली न पैदा हो जाए. अगर आप मास्क पहन रहे हैं तो आपके अपने चेहरे को छूने के आसार भी बढ़ जाते हैं.

    यह सुनिश्चित कीजिए कि आप अपने इलाके में अनिवार्य नियमों से वाकिफ़ हों. जैसे कि कुछ जगहों पर अगर आप घर से बाहर जाे रहे हैं तो आपको मास्क पहनना जरूरी है. भारत, अर्जेंटीना, चीन, इटली और मोरक्को जैसे देशों के कई हिस्सों में यह अनिवार्य है.

  • अगर मैं ऐसे शख्स के साथ रह रहा हूं जो सेल्फ-आइसोलेशन में है तो मुझे क्या करना चाहिए?लंदन से ग्राहम राइट

    अगर आप किसी ऐसे शख्स के साथ रह रहे हैं जो कि सेल्फ-आइसोलेशन में है तो आपको उससे न्यूनतम संपर्क रखना चाहिए और अगर मुमकिन हो तो एक कमरे में साथ न रहें.

    सेल्फ-आइसोलेशन में रह रहे शख्स को एक हवादार कमरे में रहना चाहिए जिसमें एक खिड़की हो जिसे खोला जा सके. ऐसे शख्स को घर के दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए.

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मैं और मेरा परिवार

आपके सवाल

  • मैं पांच महीने की गर्भवती महिला हूं. अगर मैं संक्रमित हो जाती हूं तो मेरे बच्चे पर इसका क्या असर होगा?बीबीसी वेबसाइट के एक पाठक का सवाल

    गर्भवती महिलाओं पर कोविड-19 के असर को समझने के लिए वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं, लेकिन अभी बारे में बेहद सीमित जानकारी मौजूद है.

    यह नहीं पता कि वायरस से संक्रमित कोई गर्भवती महिला प्रेग्नेंसी या डिलीवरी के दौरान इसे अपने भ्रूण या बच्चे को पास कर सकती है. लेकिन अभी तक यह वायरस एमनियोटिक फ्लूइड या ब्रेस्टमिल्क में नहीं पाया गया है.

    गर्भवती महिलाओंं के बारे में अभी ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि वे आम लोगों के मुकाबले गंभीर रूप से बीमार होने के ज्यादा जोखिम में हैं. हालांकि, अपने शरीर और इम्यून सिस्टम में बदलाव होने के चलते गर्भवती महिलाएं कुछ रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस से बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं.

  • मैं अपने पांच महीने के बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हूं. अगर मैं कोरोना से संक्रमित हो जाती हूं तो मुझे क्या करना चाहिए?मीव मैकगोल्डरिक

    अपने ब्रेस्ट मिल्क के जरिए माएं अपने बच्चों को संक्रमण से बचाव मुहैया करा सकती हैं.

    अगर आपका शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज़ पैदा कर रहा है तो इन्हें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पास किया जा सकता है.

    ब्रेस्टफीड कराने वाली माओं को भी जोखिम से बचने के लिए दूसरों की तरह से ही सलाह का पालन करना चाहिए. अपने चेहरे को छींकते या खांसते वक्त ढक लें. इस्तेमाल किए गए टिश्यू को फेंक दें और हाथों को बार-बार धोएं. अपनी आंखों, नाक या चेहरे को बिना धोए हाथों से न छुएं.

  • बच्चों के लिए क्या जोखिम है?लंदन से लुइस

    चीन और दूसरे देशों के आंकड़ों के मुताबिक, आमतौर पर बच्चे कोरोना वायरस से अपेक्षाकृत अप्रभावित दिखे हैं.

    ऐसा शायद इस वजह है क्योंकि वे संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं या उनमें कोई लक्षण नहीं दिखते हैं या उनमें सर्दी जैसे मामूली लक्षण दिखते हैं.

    हालांकि, पहले से अस्थमा जैसी फ़ेफ़ड़ों की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

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