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रूसी प्रधानमंत्री मिख़ाइल मिशुस्तिन कोरोना वायरस पॉज़िटिव
रूसी प्रधानमंत्री मिख़ाइल मिशुस्तिन कोरोना वायरस पॉज़िटिव पाए गए हैं. टेस्ट पॉज़िटिव आने के बाद उन्होंने अस्पताल का रुख किया है.
रूसी टीवी चैनलों पर उन्हें वीडियो कॉल के ज़रिए इस बारे में राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन को बताते हुए देखा गया.
टीवी चैनलों पर उन्हें पुतिन से कहते सुना जा सकता है, "सम्मानित मिस्टर पुतिन, मुझे अभी-अभी पता चला है कि मेरो कोरोना वायरस का टेस्ट पॉज़िटिव आया है. मुझे ख़ुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करना चाहिए."
व्लादीमिर पुतिन ने उनके जल्दी ठीक होने की कामना की. उन्होंने कहा, "जो आपको हुआ वो किसी को भी हो सकता है, मैंने हमेशा ये कहा है. आप बहुत ही एक्टिव रहने वाले व्यक्ति हैं. आपने अब तक जो काम किया है, उसके लिए मैं आपको शुक्रिया कहना चाहता हूं."
रूसी प्रधानमंत्री का कोविड-19 टेस्ट उसी दिन पॉज़िटिव आया है जिस दिन रूस में संक्रमण के 7,008 नए मामले सामने आए. इसी के साथ रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल एक लाख मामले हो गए हैं.
मिख़ाइल मिशुस्तिन को इसी साल जनवरी में प्रधानमंत्री पद का कार्यभार सौंपा गया था और वो कोरोना वायरस पैन्डेमिक से निबटने में बहुत ही सक्रियता से लगे हुए थे.
बीबीसी की मॉस्को संवाददाता सारा रेन्सफ़ोर्ड का विश्लेषण
मिख़ाइल मिशुस्तिन रूस के पहले वरिष्ठ राजनेता हैं जो कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आए हैं.
राष्ट्रपति पुतिन को वीडियो कॉल के ज़रिए अपने पॉज़िटिव टेस्ट नतीजे के बारे में बताते वक़्त वो काफ़ी थके हुए लगे. फ़िलहाल उन्होंने सेल्फ़ आइसोलेशन में जाने और कार्यभार की ज़िम्मेदारियों से दूर रहने का फ़ैसला किया है.
व्लादीमिर पुतिन ने कहा कि उनका संक्रमित होना ये बताता है कि कोरोना वायरस किसी को भी अपना शिकार बना सकता है, वो भेदभाव नहीं करता.
मिख़ाइल मिशुस्तिन ने रूसी नागरिकों से कोरोना वायरस को गंभीरता से लेने और मई की छुट्टियों तक घरों में रहने की अपील की.
रूसी अधिकारियों को आशंका है मौसम गर्म होने पर लोग हमेशा की तरह अपने परिवार के साथ गांवों का रुख करेंगे. इसीलिए रूस में लॉकडाउन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिसबलों की संख्या बढ़ा दी गई है.
मॉस्को स्थित मुख्यालय का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में तेज़ी से बढ़त के बावजूद रूस में मौतों का आंकड़ा काफ़ी कम (1,073) है.
राष्ट्रपति पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव का कहना है कि रूस ने जिस तरह पैन्डेमिक का सामना किया उससे यह 'इटली' बनने से बच गया.हालांकि कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रपति पुतिन ने स्वीकार किया था कि रूस में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट नहीं हैं.
इधर मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबियानिन का कहना है कि शहर के बहुत से लोग अब भी वायरस की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं.उन्होंने कहा, "मैंने देखा है कि कैसे लोग पाबंदियों का उल्लंघन कर रहे हैं. ये तब है जब मुझे लगता है कि हम अभी संक्रमण के सबसे बुरे दौर से नहीं गुज़रे हैं."
सर्गेई सोबियानिन ने कहा, "अगर हमें लगेगा कि स्थिति सुधर रही है तो हम निश्चित तौर पर पाबंदियां कम कर देंगे लेकिन तब तक आपको बहादुर और धैर्यवान बने रहना होगा. ये आपके और आपकी सेहत के लिए बहुत अहम है."
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