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लिसिप्रिया ने मोदी के बाद कांग्रेस और थरूर को दिया जवाब
महिला दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने कांग्रेस पार्टी को भी जवाब दिया है.
दरअसल 8 साल की लिसिप्रिया ने प्रधानमंत्री मोदी के महिला दिवस के मौक़े पर उन्हें सम्मानित करने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट किया था, "महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रधानमंत्री मोदी के दिखावटी प्रेम और पाखंड को बहादुर पर्यावरण कार्यकर्ता लिसिप्रिया कंगुजम ने जवाब दे दिया है. प्रधानमंत्री के प्रस्ताव को ठुकराकर उन्होंने बता दिया है कि उनकी बात को सुनना किसी ट्विटर अभियान से कहीं ज़्यादा महत्व रखता है."
इसके जवाब में लिसिप्रिया ने ट्वीट किया, "ठीक है कांग्रेस पार्टी, आपको मेरे प्रति सहानुभूति है. अब मुद्दे की बात पर आते हैं. राज्य सभा और लोकसभा में आपके कितने सांसद मेरी मांगों को उठाने वाले हैं? मैं नहीं चाहती कि आप भी मेरे नाम का इस्तेमाल अपने ट्विटर अभियान में करें. मेरी आवाज़ सुन कौन रहा है?"
लिसिप्रिया को जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, "प्रिय लिसिप्रिया, आपकी आवाज़ भी हमारी ही आवाज़ है. मैं तीन सालों से शुद्ध हवा नीति की मांग करते हुए वायु प्रदूषण के मुद्दे पर राउंडटेबल बैठक बुला रहा हूं. 2019 चुनावों से पहले भी कांग्रेस पार्टी ने पर्यावरण के मुद्दे पर लंबी चर्चा की थी. हमारा रुख़ हमारे मेनिफ़ेस्टों में साफ़ है. हम करेंगे."
थरूर को अपना जवाब देते हुए लिसिप्रिया ने लिखा, "मैं आपके शीघ्र उत्तर की सराहना करती हूं, लेकिन आप मेरे सवाल को किसी वायु नीति आदि का हवाला देकर टाल रहे हैं. आपकी जानकारी के लिए, मेरी तीन प्रमुख मांगे हैं. ये इस प्रकार हैं- भारत में जलवायु परिवर्तन क़ानून पारित किया जाए (वायु प्रदूषण इसी के तहत आ जाएगा), 2. भारत की सभी स्कूली शिक्षा में जलवायु परिवर्तन को विषय के तौर पर शामिल किया जाए. 3. भारत में सभी बच्चों के लिए परीक्षा पास करने के लिए दस पेड़ लगाना अनिवार्य हो."
लिसिप्रिया को जवाब देते हुए थरूर ने कहा, "आपकी मांगों का हम ख़ुशी से समर्थन करते हैं. लेकिन कांग्रेस अभी विपक्ष में है. लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं मौक़ा मिलते ही आपकी तीनों मांगों को संसद में उठाउंगा."
लिसिप्रिया भारत के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से ताल्लुक़ रखती हैं और पर्यावरण के मुद्दे पर काफ़ी सक्रिय हैं.
उन्हें साल 2019 में अंतरराष्ट्रीय बाल शांति पुरस्कार से नवाज़ा गया था.
भारत सरकार ने ट्विटर पर 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनज़र कुछ ऐसी भारतीय महिलाओं के नामों का ज़िक्र किया है जो अलग-अलग मुद्दों पर काम करती हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने लिसिप्रिया के नाम का भी ज़िक्र किया था जिस पर जवाब देते हुए उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, "प्रिय नरेंद्र मोदी जी. अगर आप मेरी आवाज़ नहीं सुनेंगे तो कृपया मुझे सेलिब्रेट मत कीजिए. अपनी पहल #SheInspiresUs के तहत मुझे कई प्रेरणादायी महिलाओं में शामिल करने के लिए शुक्रिया. कई बार सोचने के बाद मैंने यह सम्मान ठुकराने का फ़ैसला किया है. जय हिंद!"
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