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क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने पर सऊदी अरब क्या बोला?
ईरान और सऊदी अरब के बीच की दुश्मनी, ईरान और अमरीका की दुश्मनी से अलग नहीं है. सऊदी और अमरीका में गहरे संबंध हैं जबकि ईरान के साथ दोनों देशों के रिश्ते ख़राब हैं. यमन, सीरिया और इराक़ से लेकर लेबनान तक में ईरान और सऊदी अरब आमने-सामने हैं.
इन देशों में जनरल क़ासिम सुलेमानी ही ईरानी अभियान का नेतृत्व कर रहे थे. जब शुक्रवार को अमरीका ने इराक़ के बग़दाद में जनरल क़ासिम सुलेमानी को हवाई हमले में मार दिया तो सबको इस बात का इंतज़ार था कि सऊदी अरब की प्रतिक्रिया क्या होगी.
अरबी अख़बार अशार्क़ अल-अवसात के अनुसार सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य कमांडर क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने पर संयम बरतने की अपील की है. अख़बार के अनुसार सऊदी ने कहा, ''इराक़ में जो कुछ हुआ वो बढ़ते तनाव और आतंकवादी गतिविधियों का नतीजा है. हमने पहले ही इसे लेकर चेतावनी दी थी.''
सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान को अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने फ़ोन किया था और हालात की जानकारी दी थी. रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के क़ुद्स सेना के प्रमुख जनरल सुलेमानी को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के बाद सबसे ताक़तवर माना जाता था.
जिन देशों में ईरान और सऊदी आमने-सामने थे वहां अब जनरल सुलेमानी का नहीं होना सऊदी के लिए मायने रखता है. दुबई स्थित अल अरबिया टीवी चैनल के अनुसार सऊदी अरब के किंग सलमान ने इराक़ के राष्ट्रपति बरहाम सालिह से बात की और उन्हें आश्वस्त किया कि सऊदी अरब पूरे इलाक़े में स्थिरता का पक्षधर है और तनाव कम करना चाहता है.
दोनों की बातचीत को सऊदी प्रेस एजेंसी ने भी जारी किया है. बयान के अनुसार किंग सलमान ने इराक़ के राष्ट्रपति से कहा कि सऊदी अरब के लिए इराक़ भाई की तरह है और वो तनाव कम करने के लिए हर क़दम उठाएंगे. किंग सलमान ने राष्ट्रपति सालिह से वर्तमान हालात पर भी बात की. अल-अरबिया के अनुसार सऊदी अरब की पूरे मामले पर नज़र बनी हुई है और वो इराक़ से आत्मसंयम रखने को कह रहा है.
मोहम्मद बिन-सलमान ने इराक़ी पीएम से की बात
सऊदी प्रेस एजेंसी के अनुसार सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान ने इराक़ के प्रधानमंत्री अदेल अब्देल मेहदी से बात की है.
उन्होंने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के साथ सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, ईरान के सैन्य कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी पर ड्रोन हमला करने के पहले अमरीका ने अपने सहयोगी देश सऊदी अरब से विचार-विमर्श नहीं किया था.
सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसी से इसकी पुष्टि की है. इस अधिकारी का कहना है कि तेज़ी से बदल रहे हालात को देखते हुए सऊदी अरब सभी पक्षों से सिर्फ़ यही कहना चाहता है कि वे संयम बरतें और हालात को बेक़ाबू होने से रोक लें, वरना मध्य-पूर्व को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
क़ासिम सुलेमानी की हत्या के बाद जिस तेज़ी से मध्य-पूर्व में हालत नाज़ुक हुए हैं और ईरान की ओर से बार-बार यह कहा जा रहा है कि वो इसका बदला लेगा, उसे देखते हुए सऊदी अरब की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं क्योंकि किसी भी तरह के टकराव की स्थिति में उसका नुक़सान होने की संभावनाएं काफ़ी अधिक मानी जा रही हैं.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने भी संयम बरतने की अपील की है. साथ ही किंग सलमान ने इराक़ के राष्ट्रपति बरहाम सालेह से फ़ोन पर बातचीत करते हुए उनसे अनुरोध किया है कि हालात को सामान्य करने के सभी प्रयास किये जाएं.
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अपील
एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रिंस सलमान ने अपने छोटे भाई और सऊदी अरब के उप-रक्षामंत्री ख़ालिद बिन सलमान से अगले कुछ दिनों के लिए वॉशिंगटन और लंदन के दौरे पर जाने को कहा है और दोनों देशों से संयम बरतने की गुज़ारिश की है.
सऊदी अरब के एक स्थानीय अख़बार ने अनाम सूत्रों के हवाले से लिखा है कि प्रिंस सलमान जल्द ही अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अमरीका के रक्षा अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात, दोनों देश अमरीका के सहयोगी हैं और यही वजह है कि ईरान की ओर से संभावित बदले की कोई भी कार्रवाई इनकी परेशानी का कारण बन सकती है.
बीते कुछ महीनों में जो बड़े हमले हुए थे जिनके लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया गया, उन्होंने भी अमरीका और सऊदी अरब को काफ़ी चिंतित किया था और दोनों देश यह सोचने पर मजबूर हो गए थे कि उनका जवाब दें भी या नहीं. लेकिन सुलेमानी को मारकर अमरीका ने एक बड़ा क़दम आगे बढ़ाया है जिससे इस क्षेत्र में तनाव अभूतपूर्व तरीक़े से बढ़ गया है.
राजनीतिक विश्लेषक यह चेतावनी देते रहे हैं कि ईरान समर्थक समूह इतनी क्षमता रखते हैं कि वे खाड़ी के देशों में स्थित अमरीकी ठिकानों पर सिलसिलेवार हमले कर सकें. साथ ही ये समूह सामरिक जलमार्ग 'हॉरमुज़ जलडमरूमध्य' को निशाना बना सकते हैं या ईरान इसे बंद करने के प्रयास कर सकता है.
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