You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
बोलीवियाः क्या हुआ ऐसा कि राष्ट्रपति को लेनी पड़ी मेक्सिको में शरण?
बोलीविया में राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा देने के बाद इवो मोरालेस ने पड़ोसी देश मेक्सिको में शरण ले ली है.
मोरालेस ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की वजह से रविवार को इस्तीफा दे दिया था.
एक ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि अपने देश बोलीविया को छोड़ते हुए उन्हें बहुत दुख हो रहा है लेकिन वे और अधिक "ताकत और ऊर्जा" के साथ वापस लौटेंगे.
उन्होंने अपनी एक तस्वीर भी ट्वीट की है जिसमें वो ज़मीन पर मच्छरदानी लगाकर लेटे दिखाई दे रहे हैं.
मेक्सिको के विदेश मंत्री मार्सेलो एबरार्ड ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि मोरालेस मेक्सिको सरकार के विमान में बोलीविया से मेक्सिको के लिए रवाना हो चुके हैं. मेक्सिको में वामपंथी झुकाव वाली सरकार है जिसने मोरालेस का समर्थन किया है.
एबरार्ड ने बोलीविया में मोरालेस के इस्तीफे के मामले में सेना के हस्तक्षेप का हवाला देते हुए इन घटनाओं को एक तरह का तख्तापलट बताया था.
इस बीच बोलीविया के सैन्य कमांडर ने सेना को पुलिस की सहायता करने का आदेश दिया है जिनकी मोरालेस के समर्थकों के साथ झड़प हुई है. इन झड़पों में लगभग 20 लोग घायल हुए हैं.
2006 में पहली बार राष्ट्रपति बनने वाले इवो मोरालेस बोलीविया के काफ़ी लोकप्रिय नेता रहे हैं जिनकी ग़रीबी से लड़ने और अर्थव्यवस्था में सुधार की नीतियों की काफ़ी प्रशंसा होती रही थी.
मोरालेस के पद छोड़ने की क्या वजह थी?
मगर अक्टूबर में हुए चुनावों में उनके चौथी बार चुनाव लड़ने को लेकर विवाद पैदा हो गया जिसकी संविधान इजाज़त नहीं देता. इसके बाद चुनाव में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की भी खबरें आईं.
राष्ट्रपति चुनाव में मिली जीत के बाद से मोरालेस पर लगातार दबाव बढ़ रहा था.
रविवार को सबसे पहले, ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (ओएएस) ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अक्टूबर को हुए चुनाव में भारी गड़बड़ियां मिली हैं और साथ ही परिणाम को रद्द करने का आह्वान किया था.
इसके जवाब में मोरालेस ने नए चुनाव कराने पर सहमति व्यक्त की. लेकिन उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी कार्लोस मेसा ने इस बात पर जोर दिया कि मोरालेस को किसी भी नए चुनाव में नहीं खड़ा होना चाहिए.
इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब सेना प्रमुख जनरल विलियम्स कलिमन ने हस्तक्षेप करते हुए मोरालेस से इस्तीफ़ा देने की अपील की.
अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए मोरालेस ने कहा कि उन्होंने यह फ़ैसला इसलिए लिया है जिससे उनके साथी अन्य सोशलिस्ट नेताओं को सताया और धमकाया नहीं जाए.उन्होंने अपने निष्कासन को एक तरह का"तख्तापलट" भी बताया है.
मोरालेस के विरोधी जहां आतिशबाजी करते हुए व राष्ट्रीय झंडे को लहराते हुए बोलीविया में जश्न मना रहे हैं वहीं उनके समर्थकों की ला पाज़ और एल ऑल्टो के शहरों में पुलिस के साथ झड़पें हुई हैं.
अर्जेंटीना और बोलीविया के लोगों ने भी उनके इस्तीफे के विरोध में सोमवार को ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर प्रदर्शन किया.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)