ब्रेग्ज़िट: समय से पहले चुनाव के विरोध में उतरे विपक्षी दल

ब्रिटेन की विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की समय से पहले चुनाव करवाने की मांग का विरोध करने का फ़ैसला किया है.

बोरिस जॉनसन अक्टूबर में होने वाले यूरोपीय संघ के सम्मेलन से पहले आम चुनाव करवाना चाहते हैं मगर विपक्षी दलों के बीच सहमति बनी है कि वे किसी भी हाल में इसका समर्थन नहीं करेंगे.

लेबर, लिबरल डेमोक्रैट्स और प्लाइड कुमरी का कहना है कि उनके सांसद सोमवार को होने वाले मतदान से या तो ग़ैरगाज़िर रहेंगे या फिर समय से पहले चुनाव करवाने के सरकार के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वोट डालेंगे.

मगर प्रधानमंत्री बोरिस जॉसन ने कहा है कि पार्टियां ऐसा करके "बड़ी राजनीतिक ग़लती" कर रही हैं.

इस बीच, हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स ने 'नो-डील ब्रेग्ज़िट' को रोकने वाले बिल को पारित कर दिया है.

यह क़ानून ब्रिटेन को बिना समझौता किए यूरोपीय संघ से बाहर होने से रोकेगा.

अगर ब्रिटेन और ईयू के बीच 19 अक्टूबर तक कोई समझौता नहीं हुआ तो इस क़ानून के कारण प्रधानमंत्री को यूरोपीय संघ से ब्रेग्ज़िट की समयसीमा 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की अपील करनी होगी.

क्या चाहते हैं ब्रितानी प्रधानमंत्री

बोरिस जॉनसन चाहते हैं कि 17 और 18 अक्टूबर को होने वाले यूरोपीय संघ के सम्मेलन से पहले 15 अक्टूबर को ही चुनाव करवा लिए जाएं.

उनका मानना है कि समय से पहले अचानक करवाए जाने वाले चुनाव से सरकार को अक्टूबर के आख़िर तक ब्रेग्ज़िट करवाने की दिशा में बढ़ने में मदद मिलेगी.

मगर विपक्षी सांसदों, जिनमें कंज़र्वेटिव पार्टी के कुछ बाग़ी भी हैं, ने पहले ही समय से पहले चुनाव करवाने की सरकार की एक कोशिश नाकाम कर दी थी.

इन सांसदों का कहना है कि जॉनसन बिना समझौते के ही ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से बाहर निकालने पर तुले हुए हैं.

पिछले हफ़्ते प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रेग्ज़िट को लेकर संसद में कई बार हार का मुंह देखना पड़ा.

उनकी पार्टी के 21 सांसद बाग़ी होने के कारण निकाल दिए गए हैं जबकि उनके छोटे भाई जो जॉनसन ने सरकार से इस्तीफ़ा दे दिया है.

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