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इस्तांबुल: मेयर के चुनाव में अर्दोआन को एक बार फिर हार का झटका
इस्तांबुल के मेयर पद के लिए दोबारा हुए चुनाव में सत्तारूढ़ एके पार्टी को बड़ा झटका मिला है.
प्रमुख विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार एक्रेम इमामोग्लू ने 54 प्रतिशत वोटों के साथ जीत हासिल की है. इमामोग्लू ने मार्च में भी मेयर के चुनाव में जीत हासिल कर सबको चौंकाया था, लेकिन अनियमितताओं के आरोप के बाद चुनाव को ख़ारिज कर दिया गया था.
दोबारा मेयर के चुनाव में ये जीत काफ़ी अहम मानी जा रही है. राष्ट्रपति रैचेप तैयप अर्दोआन ने कुछ वक़्त पहले चुनावी कैंपेन के दौरान ख़ुद कहा था कि 'जो कोई भी इस्तांबुल जीतेगा वह तुर्की जीतेगा.'
राष्ट्रपति अर्दोआन ने विजेता इमामोग्लू को जीत की बधाई दी है.
सीएचपी विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार इमामोग्लू ने अपनी जीत पर ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए इसका सारा श्रेय उन लोगों को दिया है जो लोकतंत्र पर यक़ीन करते हैं. उन्होंने कहा कि यह शहर और देश के लिए नई शुरुआत है.
इस्तांबुल तुर्की की आर्थिक और सांस्कृतिक राजधानी है. यहां पर डेढ़ करोड़ लोग रहते हैं. यह तुर्की की जीडीपी में 31 फीसदी योगदान देता है. अर्दोआन ने भी साल 1994 में तुर्की के मेयर के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी.
अर्दोआन के लिए झटका
अर्दोआन ने साल 2001 में एकेपी का गठन किया था और राष्ट्रपति बनने से पहले 2003 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे.
यह चुनाव परिणाम राष्ट्रपति अर्दोआन के भविष्य को गहरे रूप से प्रभावित कर सकता है. पत्रकार और लेखक मुरत येत्किन कहते हैं, "अर्दोआन इस हार से वाक़ई बहुत चिंतित होंगे. वो जीत के लिए हर दांव चल रहे हैं. वो जिस भी अंतर से हारें, ये पिछले 25 साल से उनके राजनीतिक उभार को रोक सकता है."
इमामोग्लू ने इन चुनावों में शहरी ग़रीबी को मुद्दा बनाया था.
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह इस्तांबुल के लिए सिर्फ़ मेयर का चुनाव नहीं था. यह लोकतंत्र में सुधार की शुरुआत का दिन है.
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